हिंदुत्व के हदय पर आघात – भाजपा सरकार में मंदिर में तोड़फोड़

भाजपा राज में तोड़े जा रहे है मंदिर – हिन्दू संगठनो ने किया विरोध 

जयपुर | सीतापुरा इंडिया गेट सांगानेर स्थित महायोगी गुरु गोरखनाथ जी के मन्दिर में जे डी ए { JDA } ने तोड़फोड़ कर हिंदुत्व के सीने पर आघात पहुंचाया है
आज जो सरकार मंदिर और गाय के नाम पर राजनेतिक रोटियां सेक रही

है क्या उस सरकार को ये सब नहीं दिखता है
या ये सब जातिवाद का ही एक चेहरा है क्योंकि इस मंदिर में बरसों से एक नीची जाती के रामसिंह बैरवा जो कि अनुसूचित जाति { sc }  में आते है पूजा पाठ करते है जब उन्हें मन्दिर के पीछे बनी दुकानों के मालिक जो कि जाति से ब्राह्मण है ने इन्हें हटाकर अपना पण्डित पुजारी रखने को कहा जब नहीं माने तो डराया धमकाया पुजारी रामसिंह बैरवा की गाड़ी में तोड़फोड़ करवाई, पैसे लेकर मन्दिर छोड़ने का प्रलोभन दिया ओर जब भी नहीं मानने पर करीब 30 असामाजिक तत्वों को बुलाकर जे डी ए { JDA }  की कार्यवाही में शामिल करवाकर मन्दिर को साजिश के तहत तुड़वा दिया |

जब कि इस मन्दिर का मामला कोर्ट में लंबित है

दलित पुजारी –  गोरतलब है उपरोक्त मंदिर बाबा गोरखनाथ का है जिसे में लम्बे अर्स से दलित समाज के रामसिंह बैरवा पूजा पाठ करते है जिस को लेकर पड़ोस में रहने वाले ऊँची जाती के लोग विरोध करते है और कई बार मंदिर पुजारी  रामसिंह बैरवा  पर जान लेवा हमला भी हो चुका है अभी कुछ समय पहले पुजारी के वाहन में अज्ञात लोगो ने थोड -फोड़ कर दी थी जिसकी शिकायत पुजारी ने स्थानीय पुलिस में भी की थी |

ख़ास नजर – जिस तरह से भाजपा सरकार में मंदिरों में तोड़ फोड़ की जा रही है उससे जनता में भारी नाराजगी है जिसका खामियाज़ा आगामी विधानसभा चुनावो में भाजपा को मिल सकता है , गोरतलब है उपरोक्त मंदिर बाबा गोरखनाथ का है जिसे में लम्बे अर्स से दलित समाज के रामसिंह बैरवा पूजा पाठ करते है जिसको लेकर भी ख़ास समाज के लोगो द्वारा कई बार भारी विरोध किया गया था |

ताजमहल भारतीय संस्कृति पर कलंक- संगीत सोम

दुनियाभर में प्यार के प्रतिक के रूप में सुविख्यात प्रसिद्ध पर्यटन स्थल  – ताजमहल  को उत्तर प्रदेश के पर्यटन विभाग से जुड़ी एक बुकलेट में जगह नहीं दिए जाने  के कारण विवाद बढता जा रहा है और अब राज्य में सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विवादास्पद विधायक संगीत सोम ने ताजमहल को ‘भारतीय संस्कृति पर कलंक’ बताते हुए कहा है कि ताजमहल का निर्माण ‘गद्दारों’ ने किया था |

संगीत सोम ने कहा, “बहुत से लोग इस बात से चिंतित हैं कि ताजमहल को यूपी टूरिज़्म बुकलेट में से ऐतिहासिक स्थानों की सूची से हटा दिया गया है  किस इतिहास की बात कर रहे हैं हम – जिस शख्स (शाहजहां) ने ताजमहल बनवाया था, उसने अपने पिता को कैद कर लिया था – वह हिन्दुओं का कत्लेआम करना चाहता था- अगर यही इतिहास है, तो यह बहुत दुःखद है, और हम इतिहास बदल डालेंगे ” मैं आपको गारंटी देता हूं ” संगीत सोम ने मुगल बादशाहों बाबर, औरंगज़ेब और अकबर को ‘गद्दार’ कहा, और दावा किया कि उनके नाम इतिहास से मिटा दिए जाएंगे |

बीजेपी के ही  सांसद अंशुल वर्मा ने भी इसी विचार से सहमति जताते हुए कहा, “ताजमहल पर्यटन स्थल है इसे

भारतीय संस्कृति से न जोड़ें… सोम ने जो कुछ भी कहा, उसमें कुछ भी विवादास्पद नहीं है – इसका राजनीतिकरण न करें |

ज्ञात हो –   संगीत सोम उन राजनेताओं  शामिल थे . जिन पर वर्ष 2013 में मुज़फ्फरनगर में दंगे भड़काने का आरोप लगाया गया था. मुज़फ्फरनगर दंगों में 60 से ज़्यादा लोगों की जान गई थी, और हज़ारों लोगों को पलायन करना पड़ा था. संगीत सोम को अपने भड़काऊ भाषणों के लिए जाना जाता है |

इसी महीने की शुरुआत में टूरिज़्म ब्रोशर में से 17वीं सदी में संगमरमर से बनाए गए ताजमहल  को हटा दिए जाने पर काफी विवाद हुआ था बहुत-से लोगों ने राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार पर जानबूझकर इस स्मारक की अनदेखी करने का आरोप लगाया था, जिसे मुगल बादशाह शाहजहां ने बनवाया था.

राज्य की पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने इस विवाद के बाद सफाई देते हुए कहा था, “ताजमहल हमारी सांस्कृतिक विरासत है, और दुनिया के सबसे मशहूर पर्यटन स्थलों में शुमार किया जाता है.

रीता बहुगुणा जोशी ने यह भी कहा था, “सांस्कृतिक धरोहर का संपूर्ण विकास तथा वहां बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है यह बुकलेट राज्य में बीजेपी सरकार के छह माह पूरे होने के मौके पर जारी की गई थी, तथा इसमें राज्य की प्रमुख पर्यटन स्थलों का उल्लेख किया गया था. इसमें गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर का भी ज़िक्र था, जिसके प्रमुख मुख्यमंत्री स्वयं हैं |

जून में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कहा था कि मुगल बादशाह शाहजहां द्वारा बनवाया गया प्यार का स्मारक भारतीय संस्कृति का परिचायक नहीं है राज्य के एक अन्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने ताजमहल के बुकलेट में नहीं होने को ‘मिसकम्युनिकेशन’ की संज्ञा दी थी  |

 

आज़ादी के बाद के हर दंगे में RSS का हाथ – सीताराम येचुरी

दूसरी ओर सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को एक फ़ेसपोस्ट के ज़रिये घेरा है उन्होंने कहा है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के केरल के बारे में दिए बयान हिंदी कहावत “उल्टा चोर कोतवाल को डांटे” की तरह हैं |

उन्होंने कहा कि आंकड़ों के मुताबिक़ केरल चुनाव में भाजपा की हार के बाद से ही भाजपा/आरएसएस सीपीएम कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ हिंसा कर रहे हैं |

उन्होंने कहा कि हर जुडिशल इन्क्वारी में ये सामने आया है कि देश कीआरएसएस और उसके राजनीतिक दलों भाजपा और उसके पहले जनसंघ, का हाथ रहा है यही इनका इतिहास और ट्रैक रिकॉर्ड है |

येचुरी ने कहा कि अमित शाह को चाहिए कि भाजपा-शासित राज्यों के उन लोगों का दौरा करें जो उनकी पार्टी की वजह से परेशान हुए हैं, उन्हें केरल में क्लेश डालने की कोई ज़रुरत नहीं है |

 

बीजेपी सरकार में बेटियों पर लाठीचार्ज –

    “बनारस हिन्दू  विश्विधालय  में   बेटियों पर  लाठी चार्ज  “

वाराणसी: बनारस हिन्दू  विश्विधालय  में शनिवार रात छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज के मामले में मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ ने जांच के आदेश दे दिए हैं  इस मामले में पुलिस ने करीब 1100 से अधिक अज्ञात छात्रों के खिलाफ केस  दर्ज कर लिया है |  साथ ही  लंका थाने के एसओ राजीव सिंह को लाइन हाज़िर कर दिया है. भेलूपुर इलाके के सीओ निवेश कटियार और एक एडिशनल सिटी मजिस्ट्रेट को हटाया गया है. इस बीच कई छात्राएं बीएचयू और वाराणसी के दूसरे कॉलेजों से जाने लगी हैं, हालांकि दशहरे की छु

ट्टी भी होने ही वाली थीं, लेकिन इससे पहले ही छात्राएं जा रही हैं.

पहले छुट्टी 28 सितंबर से 2 अक्टूबर तक होने वाली थी, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सोमवार से छुट्टी का ऐलान कर दिया है. इस बीच रविवार को भी कैंपस में गहमागहमी रही, छात्रों ने शांति मार्च निकाने की कोशिश की, पुलिस ने रोक दिया. वहीं यूनिवर्सिटी के शिक्षकों ने शांति बहाली के लिए जुलूस निकाला. इधर- समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल आज छात्राओं से मिलने बीएचयू जा रहा है. रविवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर भी वाराणसी पहुंचते थे लेकिन छात्राओं से मिलने से पहले ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया था | 

एक नज़र-

पिछले 3 दिनों से बनारस हिन्दू विश्विधालय कैंपस में तनाव भरा माहौल है. कैंपस के अंदर एक लड़की के साथ छेड़खानी होने के बाद कुछ छात्राओं ने  इसका विरोध करते हुए अनशन बैठ गईं और अपनी कुछ मांगें कुलपति के सामने रखी थी , शनिवार देर रात पुलिस के द्वारा लाठी चार्ज किया गया जिसमें कई छात्रों को चोट आई है  दरअसल मामला यह है कि गुरुवार की शाम 7 बजे के करीब जब एक छात्रा अपने हॉस्टल की ओर जा रही थी तब कुछ लड़कों ने उस के साथ छेड़खानी की,छात्रा ने मदद के लिए गुहार लगाई लेकिन कोई मदद करने के लिए नहीं आया, छात्रा का कहना था कि थोड़ी ही दूर में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने छात्रा को इस छेड़खानी से बचाने के लिए कुछ नहीं किया. इस घटना के थोड़ी देर बाद कुछ छात्राएं गर्ल्स हॉस्टल में धरने पर बैठ गईं. अगले दिन इन छात्राओं ने लंका गेट के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया पिछले तीन दिनों से छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी था. शनिवार रात को जब वे कुलपति से मिलने के लिए निकलीं तब उनके ऊपर लाठी चार्ज हुआ |

 

यूपी में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाना पहली प्राथमिकता है -योगी आदित्यनाथ

यूपी | मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने शपथ लेने के बाद पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा की यूपी की कानून व्यवस्था को  बेहतर बनाने के लिए सरकार की पहली प्राथमिकता होगी | भष्टाचार  और ख़राब कानून व्यवस्था से यूपी की जनता में भय का माहौल है   अब बीजेपी सरकार की पहली प्राथमिकता लोक कल्याण के कार्यो की होगी |

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