राजस्थान : तीन विधानसभाओं के लिए मतदान कल, निर्वाचन विभाग सख्त – जानें ख़ास

प्रदेश की तीन विधानसभाओं के लिए मतदान कल  स्वतंत्र-निष्पक्ष-शांतिपूर्ण के साथ ‘सुरक्षित‘ मतदान की सभी तैयारियां पूर्ण
प्रत्येक केंद्र पर थर्मल स्कैनर से मापा जाएगा तापमान  बिना मास्क मतदान केंद्र में प्रवेश नहीं
मतदाताओं को मतदान के लिए दिए जाएंगे ग्लव्स
सभी मतदान केंद्रों को किया गया सेनेटाइज   सोशल डिस्टेंसिंग के साथ होगा मतदान
जयपुर, 16 अप्रेल। प्रदेश की सहाड़ा, सुजानगढ़ और राजसमंद विधानसभाओं में स्वतंत्र-निष्पक्ष-शांतिपूर्ण के साथ ‘सुरक्षित‘ चुनाव के लिए निर्वाचन विभाग ने सभी जरूरी तैयारियां पूर्ण कर ली है। तीनों विधानसभाओं के लिए 17 अप्रेल को प्रातः 7 से 6 बजे तक कोविड संबंधी सभी दिशा-निर्देशों की कड़ी पालना के साथ मतदान करवाया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी  प्रवीण गुप्ता ने बताया कि सभी मतदान केंद्रों को हाइपोक्लोराइट से सेनेटाइज करवा दिया गया है। मतदान केंद्र में प्रवेश से पहले सभी मतदाताओं का तापमान थर्मल स्कैनर से मापा जाएगा। किसी भी मतदान केंद्र पर बिना मास्क के प्रवेश नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मतदाताओं को मतदान से पहले ग्लव्ज भी उपलब्ध कराएं जाएंगे, ताकि किसी भी प्रकार के संक्रमण का प्रसार ना हो सके। उन्होंने बताया कि मतदान के लिए सभी मतदान केंद्रों पर गोले बनाए गए हैं, जहां मतदाता सोशल डिस्टेंसिंग के साथ अपनी बारी का इंतजार करेंगे। उन्होंने बताया स्थानीय प्रशासन कोविड संबंधी सभी दिशा-निर्देशों की पालना के साथ मतदान करवाएंगे।
27 उम्मीदवारों के भाग्य का होगा फैसला
 तीनों विधानसभाओं में प्राप्त नामांकनों की संवीक्षा और नाम वापसी के बाद 27 उम्मीदवार चुनावी समर में रह गए थे। मतदाता मतदान दिवस पर सहाड़ा (भीलवाड़ा) से 8, सुजानगढ़ (चूरू) से 9 और राजसमंद (राजसमंद) से 10 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। उन्होंने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदान केंद्रों पर आधारभूत सुविधाएं मसलन छाया, पानी, रैंप आदि की व्यवस्था भी सुचारू करने के निर्देश दिए हैं।
राजस्थान विधानसभा
7 लाख से ज्यादा मतदाता कर सकेंगे मतदान
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राजसमंद जिले की राजसंमद, भीलवाड़ा जिले की सहाड़ा और चूरू जिले की सुजानगढ़ विधानसभाओं में 1145 मतदान केंद्रों पर कुल 7 लाख 45 हजार 758 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि सुजानगढ़ में 2 लाख 75 हजार 940, राजसमंद में 2 लाख 22 हजार 531 और सहाड़ा में 2 लाख 47 हजार 287 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे।
100 मतदान केंद्रों पर होगी वेबकास्टिंग
 गुप्ता ने बताया कि तीनों विधानसभाओं में कुल 1145 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें से 100 संवेदनशील मतदान केंद्रों पर वेब कैमरों के जरिए नजर रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि भीलवाड़ा जिले की सहाड़ा विधानसभा के 39, राजसमंद के 35 और चुरू जिले के सुजानगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 26 मतदान केंद्रों पर इस तकनीक के जरिए निगरानी की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र-निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए 7578 पुलिस कार्मिकों को तैनात किया गया है। सभी विधानसभा क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था मजबूत रहेगी।
कोरोना संक्रमितों के लिए अंतिम घंटों में मतदान की व्यवस्था
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राज्य में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आयोग ने मतदान के अंतिम घंटों यानी कि सायं 5 से 6 बजे के मध्य कोरोना संक्रमित, कोरोना संदिग्ध और क्वारंटीन में रह रहे मतदाताओं को उनकी सहमति पर पूरे प्रोटोकॉल के साथ मतदान करवाने की व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि मतदान केन्द्रों पर कोरोना संक्रमितों के लिए अलग से प्रतीक्षा कक्ष बनाया जाएगा और आने वाले प्रत्येक संक्रमित मतदाता को पीपीई किट भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
निर्वाचन से जुड़ी समस्या के लिए करें नियंत्रण कक्ष में फोन
 गुप्ता ने बताया कि मतदान दिवस पर मतदाता निर्वाचन संबंधी किसी भी समस्या के लिए जिला और राज्य स्तर पर स्थापित नियंत्रण कक्ष में फोन कर मदद प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सुजानगढ़ विधानसभा के मतदाता 01568-220094, सहाडा विधानसभा के मतदाता 01481-220041, 220043 नंबर और राजसमंद के मतदाता 02952-2222585 पर फोन कर सकते हैं। राज्य स्तर पर स्थापित नियंत्रण कक्ष पर मतदाता 0141-2227550 नंबर पर फोन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि मतदाता किसी भी समस्या के लिए 1950 हैल्प लाइन नंबर पर भी संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत सी-विजिल एप द्वारा भी की जा सकती है।
वोटर हैल्पलाइन एप से ढूंढे अपना नाम, लें मतदान केंद्र की जानकारी
 गुप्ता ने बताया कि मतदान से पूर्व मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में नाम, भाग संख्या, क्रमांक संख्या देखने, मतदान केंद्र सहित कई तरह की जानकारी प्राप्त करने के लिए ‘वोटर हेल्पलाइन‘ एप का इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्मित इस एप को कोई भी मतदाता एंड्रायड फोन पर प्ले स्टोर से वोटर हेल्पलाइन एप को डाउनलोड कर सकता है।
दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधा
गुप्ता ने बताया कि जिन बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं ने पोस्टल बैलेट के विकल्प का चयन नहीं किया है और उनके सुलभ मतदान के लिए आयोग ने तीसरी पंक्ति की भी व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि मतदान केन्द्रों पर दिव्यांगजनों की मदद के लिए 925 व्हील चेयर की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर स्काउट गाइड, एनएसएस और एनसीसी के वोलेंटियर लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास रहेगा कि हर दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।
11 वैकल्पिक दस्तावेजों से भी हो सकेगा मतदान
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदान के लिए प्रत्येक मतदाता भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्वाचक फोटो पहचान पत्र अपने साथ जरूर लाएं। इनके अभाव में 11 अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों में से किसी एक को दिखाकर भी मतदाता अपना वोट डाल सकते हैं। ये दस्तावेज निम्न हैं- आधारकार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेन्स, आयकर पहचान पत्र (पीएएन), मनरेगा जॉब कार्ड, सांसदों, विधानसभा सदस्यों को जारी किए गए सरकारी पहचान पत्र, राज्य या केन्द्र सरकार राज्य पब्लिक लिमिटेड कंपनी, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, श्रम मंत्रालय द्वारा जारी फोटोयुक्त स्वास्थ्य बीमा योजना स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज जैसे कि भूतपूर्व सैनिक पेंशन बुक,  पेंशन अदायगी आदेश, भूतपूर्व सैनिक विधवा या आश्रित प्रमाण पत्र, वृद्धावस्था पेंशन आदेश या विधवा पेंशन आदेश (निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने की तिथि से पूर्व जारी), सक्षम अधिकारी द्वारा जारी फोटोयुक्त छात्र प्रमाण पत्र (निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने की तिथि से पूर्व जारी), सक्षम अधिकारी द्वारा जारी फोटोयुक्त शारीरिक विकलांगता प्रमाण पत्र (निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने की तिथि से पूर्व जारी), सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक या सहकारी बैंक या डाकघरों द्वारा जारी की गई फोटोयुक्त पासबुक (निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने की तिथि से पूर्व जारी)।

कांग्रेस पार्टी को सता रहा है हार का डर –

राजस्थान में आगामी दिनों में लोकसभा सीटो के लिए तीन जगह उप चुनाव होने है जिसको लेकर कांग्रेस और बीजेपी पूरी तरफ मुस्तेद है लेकिन शायद  हार के डर से कांग्रेस के दो सीटो से दिग्गज नेताओ के पीछे हटने से – कुछ और ही मायने सामने आ रहे है |

जी हाँ हम बात कर रहे है कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष और दिग्गज नेता सचिन पायलेट और अलवर में अपनी ख़ास जगह रखने वाले जिन्हें कांग्रेस के आलाकमान का आशीर्वाद प्राप्त है –  भँवर जितेन्द्र

अब इन आरोपों को दरकिनार नहीं किया जा सकता की जहाँ पर लोकसभा के उप चुनाव होने है

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वहां यह दिग्गज नेता ख़ास स्थान रखते है लेकिन अब यह नेतागण अपनी जगह अन्य लोगो के नाम पर सहमती दे रहे है  इसका क्या कारण हो सकता है –  यह इशारा काफी है समझने हेतु –

बीजेपी – बीजेपी के प्रदेश प्रभारी अविनाश राय ने बयान दिया है की कांग्रेस के बड़े नेताओ के उपचुनाव से हाथ खीचना बीजेपी की पहली जीत है  जो उपचुनाव में बीजेपी की जीत सुनिश्चित करती है

गोरतलब है – की अलवर से कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा उपचुनाव हेतु अपने प्रत्याशी के रूप में डॉ ,करन सिंह को मैदान में उतारा है तो बीजेपी बाबा बालक नाथ को मैदान में उतार सकती है और उप  चुनाव जीत सकती है क्योकि उपरोक्त सीट पर यादव जाती का वोट बेंक ज्यादा है और इसी जाती कार्ड को खेलते हुए कांग्रेस ने पहले ही यादव जाती के डॉ करन सिंह को मैदान में उतार दिया है |

क्यों मजबूत हो सकते है बाबा बालक नाथ बीजेपी प्रत्याशी के रूप में – बाबा बालक नाथ पूर्व दिवंगत सांसद चाँद नाथ के शिष्य के रुप में जाने जाते है दूसरा बाबा बालक नाथ यादव जाती के ही है तीसरा बाबा बालक नाथ …..बाबा है जो की बीजेपी की ख़ास पसंद  भगवा और हिन्दू एजेंडा का प्रदर्शित करता है | 

 

स्टोरी : { जयपुर } : पवन देव 

{ politico24x7.com/news team } 

धौलपुर उपचुनाव 2018 कि जीत का आगाज है- सचिन पायलेट

धौलपुर में विधानसभा उपचुनाव के कांग्रेस प्रत्याशी श्री बनवारी लाल शर्मा जी का नामांकन दाखिल कराने एवं समर्थन में आयोजित चुनावी सभा में प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेतागण सहित राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्री सचिन पायलट जी ने शिरकत की। चुनावी सभा को सम्बोधित करते हुए श्री पायलट जी ने कहा कि,”धौलपुर उपचुनाव बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि भाजपा सरकार के तीन साल के कार्यकाल पर जनता की प्रतिक्रिया स्पष्ट हो जाएगी। 8 मार्च को मुख्यमंत्री जी ने बजट पेश करते समय धौलपुर जिले के लिए तमाम घोषणाएं की। उपचुनाव से ठीक पहले इस तरह से ज़िले के लिए घोषणाएं करना, सिर्फ जनता को प्रभावित कर गुमराह करने जैसा है। आज राज्य में क़ानून व्यवस्था चरमरा गई है, किसान परेशान है, निवेश नहीं है, युवा बेरोज़गार है, महंगाई पर कोई नियंत्रण नहीं है, सरकारी विद्यालयों को एकीकरण और समानीकरण के नाम पर बंद कर दिया गया है, राज्य की भाजपा सरकार का हर रोज़ एक घोटाला सामने आ रहा है। मुख्यमंत्री जी ने पिछले चुनाव में जो जनता से बड़े बड़े वादे किये थे, उनको भाजपा सरकार पूरा करने में बिलकुल विफ़ल रही है। जनता कि सेवा करना ही कांग्रेस पार्टी की प्राथमिकता है और जनता के हक की लड़ाई लड़ने के लिए कांग्रेस का हर जन सदैव तत्पर रहता है।मुझे पूरा विश्वास है कि कांग्रेस पार्टी को जनता का आशीर्वाद जरूर मिलेगा और धौलपुर का यह उपचुनाव हम भारी मतों से जीतेंगे।