छुआछूत खत्म करने के उदेश्य से – भारत की नई संसद भवन में लगेगा -2000 किलों वजनी पीतल का सिक्का – मार्टिन मकवाना 

एक देश – एक राष्ट – भीम रुदन कार्यक्रम 
एक देश एक राष्ट्र  “भीम रुदन”  राष्ट्रीय अभियान का राजस्थान में लॉन्चिंग
जयपुर | अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कार्यकर्ता मार्टिन मकवाना ने भारत से छुआछूत जातिवाद ख़त्म करने और भारत के संविधान में वर्णित मूल्यों को भारत सरकार सहित देश की जनता तक प्रभावी रूप से व्यवहारिक जीवन में लाने के उदेश्य से आजादी के 100 साल होने तक भारत से छुआछूत ख़त्म हो , इस उदेश्य से  जयपुर में ” भीम रुदन कार्यक्रम ” में राजस्थान के सामाजिक कार्यकर्त्ताओं को संबोधित किया |
मार्टिन मकवाना का कहना हैं की आज भारत देश को आजाद हुयें 74 वर्ष हो चुके हैं और सन  20 47  में देश  की आज़ादी को  100 साल पुरें हो जायेगें | इतने लम्बे समय के अंतराल बाद भी देश में अमानवीय छुआछूत – जातिवाद आज चरम पर हैं जो की शर्मसार करने वाली हैं |
अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कार्यकर्ता मार्टिन मकवाना
20 हजार करोड़ की लागत से बनेगा – भारत का नया संसद भवन 
केंद  सरकार द्वारा सेन्ट्रल विस्टा परियोजन के अंतर्गत 20 हजार करोड़ रुपयें की लागत से नया संसद भवन का निर्माण किया जा रहा हैं इसके साथ ही मानवाधिकार कार्यकर्त्ता मार्टिन मकवाना पुरे भारत देश से 1 रुपया और पीतल मांग रहें हैं मार्टिन का  कहना हैं की देश की नई संसद भवन में दुनिया का सबसे बड़ा 2000 किलो वजनी पीतल का सिक्का राष्टपति महोदय के माध्यम लगवाया जायेगा |
क्या ख़ास हैं 2000 किलो पीतल सिक्कें में – 
नई संसद भवन में जो पीतल का सिक्का लगाया जा रहा हैं एक तो यह दुनिया का सबसे बड़ा पीतल का सिक्का होगा , इसके साथ ही जो 2000 किलों ( पीतल  भंगार ) जनता द्वारा एकत्रित कर इस कार्य को किया जा रहा हैं जो की जन सहभागिता हैं इसके साथ ही भारत देश में जितने भी महापुरुष हुयें हैं जिन्होंने सामाजिक क्रांति के अग्रदूत रहें हैं जिनका सपना समता मूलक समाज का रहा हैं उनके चित्र अंकित होगें – जैसे  महात्मा बुद्ध ,  कबीर , रविदास , ज्योतिबा फुले , सावत्री बाई फुले , पेरियार ,  डॉ अम्बेडकर , बिरसा मुंडा आदी |
इस अवसर पर राजस्थान से 100 से अधिक सामाजिक कार्यकर्त्ता उपस्थित रहें |

 संवैधानिक अधिकार संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर मुख्यमंत्री को दिया ज्ञापन – 

Delegation of Constitutional Rights Organization gave memorandum to Chief Minister on International Human Rights Day –
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर विशेष कार्यक्रम  –
जयपुर |  संवैधानिक अधिकार संगठन के कार्यकर्ताओं ने 26 नवंबर से 10 दिसम्बर तक संविधान पखवाड़े का आयोजन किया था जिसका आज अंतिम दिन था | 26 नवंबर 2020 से राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में जमीनी स्तर पर आम जनता , युवा वर्ग , महिलाओं को संविधान की प्रस्तावना में वर्णित मूल्यों की जानकारी और संविधान के प्रति समझ बढ़ाने का काम जागरूकता कैम्प के माध्यम से किया गया हैं जिसमे हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से स्लम एरिया बगराना बस्ती , प्रेम नगर , लाल कुंडा बस्ती मालवीय नगर , इंद्रा बाजार, मंडी खटीकान , पुरानी बस्ती आदी जगहों पर कोरोना की गाइड लाइन की पालना करते हुयें जन जागृति का काम किया हैं |
मुख्यमंत्री को विश्व मानवाधिकार दिवस पर आज संगठन से जुड़े वरिष्ट लोगों ने प्रमुख मांगो के साथ मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन देकर  निम्न मांगों की मांग की – 
एडवोकेट चंदा लाल बैरवा ( सहायक निर्देशक दलित अधिकार केंद जयपुर ) ने कहा –  माननीय मुख्यमंत्री महोदय आज अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस हैं आप राज्य के मुख्यमंत्री हैं तो आप की यह जिम्मेदारी बनती हैं कि राजस्थान में वंचित वर्ग ,दलित, शोषित पीड़ित ,आदिवासी , महिलाओं के मौलिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो ,
गौरतलब हैं कि  मानव अधिकार सार्वभौमिक हैं जब एक बच्चा माँ के पेट पलता हैं जब से ही उसके मानवाधिकार उसे मिलते हैं सभी देशों में लगभग मानवाधिकार समान रहते हैं और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की होती हैं अतः सभी मानवों के अधिकार हक्क उसे मिलने चाहियें |
हस्ताक्षर जागरूकता अभियान – बायें से सुनील प्रजापति , एडवोकेट चंदा लाल जी बैरवा , शाहिस्ता खान ,राकेश वाल्मीकि , शुभम सोखरिया
राकेश वाल्मीकि प्रदेश संयोजक ( राजस्थान वाल्मीकि विकास मंच ) – आज यह गर्व की बात हैं कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी देशों ,गांवों में आज विश्व मानवाधिकार दिवस मनाया जा रहा हैं एक व्यक्ति को अपने मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक व सचेत रखना चाहियें और अपनी गरिमा व मान सम्मान के साथ कभी भी कोई समझौता नहीं करना चाहियें और अपने अधिकारों हक्क के लियें संघर्ष करना चाहियें |
सुनील प्रजापति ( जिला अध्यक्ष DSP DAL) – आज अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस हैं आज के दिन ही वर्ष के 365 दिन हमें हमारे सभी भाई बहनों , जनता को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना चाहिए जिससे जनता , युवा अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति सचेत रहें |
शाहिस्ता खान – ( संवैधानिक अधिकार संगठन ) ने कहा – आज हम राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी के यहां ज्ञापन दिया हैं जिस में हमने मांग की हैं कि आज विश्व मानवाधिकार दिवस हैं और राजस्थान में अभी जिला प्रमुख , पार्षद , सरपंच के चुनाव संपन्न हुयें हैं जिसमे महिला जनप्रतिनिधि भी अधिक विजेता रही हैं लेकिन आज भी राजस्थान में महिला जन प्रतिनिधि के नाम पर उनके पति , ससुर आदी रिश्तेदार मीटिंग बैठके उनके नाम से करते नज़र आते हैं जो गैर संवैधानिक हैं जिन्हें सरपंच पति के नाम से जाना जाता हैं आज वास्तविकता में महिलाओं को उनके अधिकार मिले यह राज्य सरकारें सुनिश्चित करें |
पवन देव – संवैधानिक अधिकार संगठन 
आज अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर हमारे साथियों ने सीवरेज मैनहॉल में कार्यरत सफाईकर्मियों के अधिकारियों के लियें संघर्ष कर रहें हैं भारत सरकार ने 2013 में हाथ से मैला ढोने की प्रथा को रोकने के लियें ms and th act 2013 बना रखा हैं लेकिन दलित समाज के सफाईकर्मी आज भी ठेकेदारो के दबाब व प्रलोभन में सीवरेज लाइन में कार्य करने के लियें उतर जाते हैं जिससे उनकी जहरीली गैस के कारण दम घुटने से मौत हो जाती हैं इस कुप्रथा को रोकने के लियें संविधान पखवाड़े के तहत वाल्मीकि कॉलोनी व अन्य स्थानों पर लोगों को जागरूक किया हैं और राजस्थान के मुख्यमंत्री जी से इस कुप्रथा को खत्म व रोकथाम के लियें अपील की हैं भारत के संविधान ने भारत के सभी छोटे बड़े सभी नागरिकों को सम्मान जनक जीवन जीने का अधिकार दे रखा हैं जिसकी पालन करना राज्य सरकारों की जिम्मेदारी हैं उस दिशा में सकारात्मक काम हो –
शुभम सोंखरिया – आज विश्व मानवाधिकार दिवस पर सबसे अधिक शिक्षा विभागों को काम करने की आवश्यकता हैं क्योंकि शिक्षा उस शेरनी के दूध के समान हैं जो पियेगा वो दहाड़ेंगा अतः सभी बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित हो |
पवन देव – संवेधानिक अधिकार संगठन