सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा मानवता की सुरक्षा है – डिक्की अध्यक्ष डॉ. सत्य प्रकाश वर्मा

COVID-19 

राजस्थान – सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा के लियें राजस्थान सरकार के साथ  DICCI की नई पहल –

जयपुर | COVID-19 वैश्विक महामारी भारत सहित पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. इस वैश्विक महामरी में कार्यरत वाल्मीकि समाज व् सफाई कर्मचारी दिन – रात ” कोरोना योद्धा ” के रूप में देश सेवा कार्यरत है. काम सीवर की सफाई का हो या कोरोना मरीजों से भरे अस्पतालों की, वाल्मीकि समाज एवं सफाई कर्मियों की उपयोगिता सबसे अधिक होती है किन्तु सुरक्षा उपकरण प्रदान करने की दृष्टि से प्राथमिकता सबसे कम. ऐसे में, दलित इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राज्यभर में पीपीई किट, मास्क और ग्लव्स एवं राज्य सरकार को स्थानीय जिला प्रशासन के माध्यम से भेंट करने की पहल की है |

इस राज्यव्यापी अभियान की शुरूवात जयपुर से डिक्की के अध्यक्ष डॉ. सत्य प्रकाश वर्मा द्वारा जयपुर जिला कलेक्टर श्री जोगाराम को 5000 मास्क्स और 500 ग्लव्स भेंट करते हुए की गई.

उनकी पहल पर इसी श्रंखला में डिक्की के उदयपुर समन्वयक भारत बंशीवाल ने उदयपुर संभागीय आयुक्त श्री विकास सीतारामजी भाले को 5000 मास्क्स और 500 ग्लव्स भेंट किये. राजसमंद कलेक्टर श्री अरविन्द कुमार पोसवाल को भी 5000 मास्क्स और 500 ग्लव्स भेंट किये. इस अवसर पर उनके साथ भारत बंशीवाल, लोकेश चन्देल, ओम बंसीवाल, तिलकेश पुरोहित, चेतन बंसीवाल आदि भी उपस्थित रहे.

राजसमंद जिला कलेक्टर – अरविन्द पोसवाल और dicci टीम
उदयपुर – संभागीय आयुक्त और dicci टीम

देश के सबसे अधिक प्रभावित राज्य महाराष्ट्र के पुणे में डिक्की के संस्थापक अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. मिलिंद कांबले के मागर्दर्शन में डिक्की द्वारा कैप्टिव किचन स्थापित कर अब तक पिछले 60 दिनों में 138084 लाख फूड पैकेट और 17024 राशन किट के माध्यम से 206900 जिंदगियों को लाभ पहुंचाए जाने के बारे में जानकारी दी.

डॉ. वर्मा ने बताया कि एक व्यापारिक संगठन होने के नाते राजस्थान में डिक्की द्वारा अनुसूचित जाति-जनजाति के प्रवासी और स्थानीय मजदूरों, बेरोजगार युवाओं का डेटाबेस तैयार किया जा रहा है ताकि उन्हें प्रदेश में ही उनकी योग्यता एवं कुशलता के आधार पर रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार के अवसर भी उपलब्ध करवाए जा सकें. कोविद के बाद की आर्थिक चुनौतियों से सुक्ष्म और लघु उद्यमियों के कुशलतापूर्वक निपटने, नए उद्यम की संभावनाओं एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर और सुदृढ़ बनाने के लिए डिक्की एक रिपोर्ट तैयार कर रही है जिसे जल्द ही चर्चा के लिए राज्य सरकार के साथ साझा किया जाएगा. युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बनाने के संकल्प पर डिक्की निरंतर कार्य कर रही है |