दो दिन से आक्रमक दिख रहें हैं राहुल गाँधी , राजस्थान में जाट बाहुल्य क्षेत्रो में किसान रेली – मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ,सचिन पायलेट रहे इर्दगिर्द – 

किसान महापंचायता – जाट लेंड 
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी ने आज राजस्थान में किसान महापंचायत को संबोधित किया उन्होंने किसान आंदोलन के पक्ष में अपने विचार रहें और केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया इसके साथ ही जिसकी सभी राजनीतिक चाणक्य जो कयास लगा रहें थें वेसा कुछ सामने नज़र नहीं आया मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलेट राहुल गाँधी के इर्दगिर्द ही नजर आयें अब परदे के पीछे क्या सियासत रही इसका अनुमान आगामी समय में लग सकता हैं क्योकि सचिन पायलेट अभी आलाकमान के निर्देश अनुसार कार्य कर रहें हैं और जमीनी स्तर पर कांग्रेस पार्टी के पक्ष में कार्य कर रहें जिसका परिणाम आगामी घटनाक्रमों में दिख सकता हैं |
राहुल गाँधी के भाषण के मुख्य अंश –
मोदी सरकार का तीन काले कृषि कानून लाने के पीछे, उनका लक्ष्य व सोच समझाने के लिये आज राजस्थान में किसान महापंचायत में आया हूॅं।

 राहुल गॉंधी ने उक्त विचार आज राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की पीलीबंगा तथा श्रीगंगानगर जिले की पदमपुर में आयोजित किसान महापंचायतों में उपस्थित किसानों को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान का सबसे बड़ा व्यापार सेल फोन, हवाई जहाज या ट्रांसपोर्ट का नहीं है, बल्कि सबसे बड़ा व्यापार कृषि है जो देश का ही नहीं बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा व्यापार है क्योंकि कृषि से करोड़ों लोगों को भोजन मिलता है। इस व्यापार को कोई एक व्यक्ति नहीं चलाता है बल्कि देश की 40 प्रतिशत आबादी इस व्यापार की भागीदार है और करोड़ों लोग मिलकर इसे चलाते हैं। उन्होंने क

राहुल गाँधी – राजस्थान , किसान महापंचायत

हा कि कृषि व्यापार 40 लाख करोड़ रूपये का है जिससे किसान, मजदूर, व्यापारी, छोटे दुकानदार, आड़तिये आदि रोजगार प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य रहा है कि यह व्यापार किसी एक व्यक्ति के हाथ में ना जाये बल्कि देश की 40 प्रतिशत आबादी की भागीदारी बनी रहे। उन्होंने कहा कि इसीलिए कांग्रेस आज किसानों की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार देश में अमूल कम्पनी लाई, यह किसानों की ही कम्पनी थी जो आज पूरे देश में लोगों को दूध उपलब्ध करवाती है। उन्होंने कहा कि इन तीन कृषि कानूनों के कारण देश की कृषि सिर्फ एक व्यक्ति की मोनोपोली बन जायेगी। उन्होंने कहा कि काले कानूनों के माध्यम से मोदी सरकार ने देश के लोगों को भूख, बेरोजगारी और आत्महत्या के विकल्प दिये हैं।

 राहुल गॉधी ने कहा कि इन तीनों काले कानूनों में से पहला कानून ऐसा है कि कृषि का क्षेत्र एक व्यक्ति के हाथ में चला जायेगा और उसकी मोनोपोली हो जायेगी। देश में मण्डियां समाप्त हो जायेंगी, इस कानून के माध्यम से सरकार लोगों से कृषि के क्षेत्र से प्राप्त रोजगार
को छीनना चाहती है, लेकिन यह बात मीडिया के द्वारा नहीं बताई जायेगी क्योंकि मीडिया पर उन लोगों का कब्जा है जो देश के उन 40 प्रतिशत लोग जिसमें छोटे दुकान, व्यापारी, किसान और मजदूर शामिल हैं उनका रोजगार छीनना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी बड़ा व्यापारी
पूरे देश में किसानों से पूरा अनाज खरीदना चाहे तो उसकी कोई सीमा नहीं रही बल्कि एक ही व्यक्ति देश का पूरा खाद्यान्न खरीद सकेगा जिस कारण से हमारे देश में किसानों की मण्डियां समाप्त हो जायेंगी। उन्होंने किसान महापंचायत को सम्बोधित करते हुए कहा कि दूसरे कृषि कानून के प्रावधानों के अनुसार कोई भी व्यापारी और उद्योगपति कितनी भी सब्जी, अनाज, फल अपने पास रख सकता है उसकी सीमा समाप्त कर दी गई है, जिसका तात्पर्य यह है कि कोई भी एक बड़ा व्यापारी देश के समस्त अनाज को अपने पास स्टोर कर सकेगा और इनके मूल्यों को कन्ट्रोल करेगा। आज अनाज मण्डियों में यदि किसान की उपज बिकती है तो कोई जमाखोरी नहीं कर सकता, किन्तु यदि यह कानून लागू कर दिया गया तो जमाखोरी की कोई सीमा नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि किसान यदि अपनी उपज बेचने जायेगा तो उसे मण्डियां नहीं मिलेगी, उसे छोटे व्यापारियों की बजाए अरबपति व उद्योगपतियों के सामने अपनी फसल बेचने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि तीसरे कानून के अनुसार जब उद्योगपतियों के सामने किसान अपनी उपज बेचने के लिए जायेगा तो उसे अपनी उपज के दाम के लिये व अन्य अधिकारों की रक्षा के लिये न्यायालय नहीं जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इन कानूनों के
माध्यम से देश की 40 प्रतिशत आबादी का रोजगार दो या तीन बड़े उद्योगपतियों के हाथ में चला जायेगा। एक ही कम्पनी देश का अनाज, फल, सब्जी बेचेगी जिससे पूरे देश में जो छोटे व्यापारी हैं, दुकानदार हैं, अनाज, मूंगफली, चना इत्यादि बेचकर अपना पेट पालते हैं उन छोटे
व्यापारियों का काम धंधा समाप्त हो जायेगा तथा वे बेरोजगार हो जायेंगे। उन्होंने कहा कि इन कानूनों के माध्यम से सिर्फ किसान ही नहीं बल्कि देश की 40 प्रतिशत आबादी के रोजगार पर आक्रमण किया गया है। किसान जागरूक है जिसे यह बात पहले समझ में आ गई और वह
आन्दोलन के माध्यम से इन कानूनों के खिलाफ खड़ा होकर अन्य लोगों को रोशनी दिखा रहा है।
 राहुल गॉंधी ने कहा कि मोदी जी के कहते हैं कि ये कानून किसानों के लिये बनाये हैं, तो फिर उन्हें यह जवाब देना चाहिए कि क्यों आज पूरे देश का किसान परेशान है? क्यों किसान आज दिल्ली की बॉर्डर पर लाखों की संख्या में बैठे हैं और क्यों 200 से अधिक किसान
इस आन्दोलन में अपनी जान गवा चुके हैं |

राजस्थान – कांग्रेस सरकार का संकट टला – कांग्रेस का बहुमत पारित – सचिन पायलट का दर्द झलका 

#विधानसभा सत्र 

 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने व्यंग्य बानों से भाजपा के दिग्गज नेताओं पर  कसीदे पढ़ें – शायरी पढ़ी –

 ” तू इधर उधर की न बात कर ये बता कि क़ाफ़िला क्यूँ लुटा

          मुझे रहज़नों से गिला नहीं तिरी रहबरी का सवाल है  “

का इशारा राजेन्द्र राठोड पर करते हुयें तंज कसा इसके साथ ही केंद्र सरकार  व्  भाजपा के गुलाब चंद कटारिया व् सतीश पूनिया को आड़े हाथ लिया और लोकतंत्र के मायने समझायें –

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जयपुर | राजस्थान में चल रहें सियासत उठापटक अब खत्म – कांग्रेस सरकार का बहुमत सदन में पारित हो गया अशोक  गहलोत आज चिंता मुक्त नज़र आयें . सरकार की और से संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने प्रस्ताव पेश किया , प्रस्ताव पेश कर शांति धारीवाल ने कहा की केंद्र सरकार के इशारे पर मध्य प्रदेश ,गोवा  में चुनी हुई सरकार को गिराया गया हैं धन बल और लोकतंत्र के बदोलत मिली ताकत का केंद्र सरकार गलत इस्तेमाल कर रही हैं लेकिन राजस्थान में भाजपा का षडयंत्र कामयाम नहीं होने वाला हैं  |

 

सचिन पायलट का कुर्सी को लेकर दर्द झलका – 

आज सदन में सचिन पायलट को बहुत बुरा लगा जब उनकी कुर्सी पहली लाइन से अंतिम छौर पर लगी मिली , सचिन में अपने व्यक्तव्य में कहा – आज जब में सदन में आया तो देखा मेरी कुर्सी अंतिम छौर में लगी हैं जब में सरकार में सुरक्षित था तब में पहली पंक्ति में बैठता था लेकिन आज में यह सदन में कहना चाहता हूँ आज मेरी कुर्सी विपक्ष के पास बॉर्डर पर लगा दी गई हैं लेकिन में कहना चाहता हूँ बॉर्डर पर उसी सिपाही को भेजा जाता हैं जो बहादुर हो और में कहना चाहता हूँ की में कांग्रेस पार्टी का वो बहादुर सिपाही हूँ जो कवच – भाले के साथ बॉर्डर पर तेनात हूँ , हमे और हमारे साथी विधायको को जो कहना था वह हम उचित स्थान पर कहे चुके हैं बाकी समय सभी सवालों का जवाब देगा

 

राजस्थान विधानसभा की आगें की कारवाही अब 21 अगस्त तक स्थगित |

 

 

सियासत के खेल में सचिन पायलट पड़े – अकेले  अब क्या हैं समीकरण – जानें ख़ास पहलू 

सचिन पायलेट के पास अब क्या रास्ते बाकी हैं और वह किस और जायेंगे –  जाने सभी पहलु एक नज़र में 

जयपुर | राजस्थान में सत्ता का खेल कांग्रेस पार्टी में चल रहा हैं लेकिन जादूगर अशोक गहलोत के आगे युवा सचिन फेल हो गयें आखिर जोश पर अनुभव भारी पड़ गया |

सचिन पायलेट के उपमुख्यमंत्री व् संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पद से छुट्टी होने के बाद सचिन हाशियें  पर चले गयें हैं उनके 30 विधायक साथ होने वाले बयान बचकाना साबित हो रहा हैं कुछ हमदर्द साथी विधायक जो उनके साथ थे वह भी सीधे सीधे निशाने पर आ गयें और कांग्रेस पार्टी ने उन्हें अनुशासनहीनता के कारण बाहर का रास्ता दिखा दिया हैं |

सचिन पायलेट अब क्या कर सकते हैं – 

प्रगतिशील कांग्रेस पार्टी की स्थापना – राजनीति गलियारों में चर्चा हैं की सचिन एक नया संगठन या पार्टी बना कर अपना वजूद आत्म सम्मान की लड़ाई लड़ सकते हैं  लेकिन राह आसन नहीं हैं |

 भाजपा का दामन – 

जैसे चर्चा सामने आ रही थी की सचिन अपने विश्वनीय विधायकों को साथ लेकर भाजपा का दामन थाम सकते हैं लेकिन बीते दो दिन के घटना क्रम देखने के बाद लगता नहीं हैं की सचिन भाजपा के खेमे में जायेगें – लेकिन घटनाक्रम को देखते हुयें अब भाजपा भी उन्हें साथ लेने में कोई रुचि नहीं रखेगी |

कांग्रेस में रह कर ही विरोधी स्वर – 

यह सचिन पायलेट के पास सबसे सुरक्षित पहलु / रास्ता हैं इससे सचिन पायलेट यह साबित कर पायेगे की पार्टी में उनकी व् युवा शक्ति की आवाज़ नहीं सुनी गई जिससे वह नाराज हो गयें लेकिन पार्टी नहीं छोडी तो लोगों की सहानुभूति उन्हें मिल जायेगी और देर सवेर वह कांग्रेस में अपनी जमीनी पकड़ वापस बना लेगे वैसे भी सचिन पायलेट को पार्टी ने बहुत कुछ दिया हैं |

अभी संवेधानिक / कानूनी पहलु की जानकारी ले रहे हैं – 

सुनने में आया है की सचिन पायलेट इस वक्त कानून के जानकारों से कानूनी पहलुओं पर राय ले रहें हैं उसके बाद ही कुछ निर्णय ले पायगे |

भाजपा के साथ मिलकर पार्टी को गिराना – 

सचिन भाजपा का दामन ना थाम कर बाहरी रूप से समर्थन दे कर कांग्रेस को मुद्दों पर घेरने की कोशिश कर सकते हैं या कहें सचिन अपने सभी विधायको का इस्तीफा दिला कर भाजपा पार्टी भी इस्तीफा दिलाकर बड़ा खेल कर सकती हैं जिससे बाद संभव है राष्टपति शासन लग जायें लेकिन यह राह बहुत कठिन है जब तक अमित शाह इस खेल में सामने नहीं आते तब तक यह संभव नहीं हैं |

वर्तमान स्थिति में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सानिध्य में सुरक्षित है सरकार  

कांग्रेस पार्टी इस वक्त मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में सुरक्षित नज़र आ रही हैं क्योकि कांग्रेस पार्टी ने बहुमत के आकड़े पर है और गहलोत ने राज्यपाल से मुलाकात भी कर ली हैं फ्लोर टेस्ट होता है तो भी कांग्रेस सरकार को कोई दिक्कत नहीं होगी |

नोट – राजनीति में पल -पल में घटना क्रम बदलता हैं और यहाँ कोई दोस्त दुश्मन नहीं होता सब परिस्थितियां और लाभ निर्णय लेता हैं इस लियें कुछ भी संभव हो सकता हैं 

कांग्रेस पार्टी अब युवाओं को देगी अधिक मौका – संगठन में फेरबदल तय

राजस्थान में फेरबदल की तैयारी , प्रदेश के नेताओं से रायशुमारी शुरू

नई दिल्ली | अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही कांग्रेस पार्टी अपने संगठन में बड़ा फेरबदल कर सकती हैं इस के साथ ही राहुल गाँधी को फिर से पार्टी का राष्टीय अध्यक्ष बनाने की कोशिश पार्टी के वरिष्ट कांग्रेस जनों द्वारा की जा रही हैं |

राजस्थान असम और बिहार पर हैं ख़ास नजर –

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत .
साभार

राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व कांग्रेस पार्टी सुरक्षित हैं क्योंकि राज्यसभा चुनाव में राजस्थान में सरकार बदलने की बाते सामने आई थी जिस के मध्यनजर मुख्यमंत्री ने लगभग 10 दिनों ने विधायको की बाडेबंदी की थी , लेकिन राज्यसभा चुनाव के परिणाम वही रहे जो तय माने जा रहें थे 2 कांग्रेस व् 1 भाजपा | कांग्रेस संगठन के महासचिव केसी वेणुगोपाल व् नीरज दांगी कांग्रेस से विजय रहें तो भाजपा से राजेन्द्र गहलोत |

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को मिल सकती हैं नई ज़िम्मेदारी 

आगामी समय में बिहार ,असम में विधानसभा के चुनाव प्रस्तावित हैं और राजस्थान में भी संगठन में फेरबदल की आवश्यकता हैं इसके मध्य नजर राजस्थान से नव निर्वाचित सांसद व् संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को संगठन को मजबूत करने की ज़िम्मेदारी मिल सकती हैं जिसमे खासतौर पर युवाओं को नई ज़िम्मेदारी व् पद मिल सकता हैं |

राजस्थान को मिल सकता हैं नया प्रदेशाध्यक्ष 

सूत्रों के अनुसार कांग्रेस पार्टी राजस्थान में नया प्रदेश अध्यक्ष बना सकती हैं चुकी सचिन  पायलेट राजस्थान के उप मुख्यमंत्री हैं और उनके पास कई महत्वपूर्ण मंत्रलाय है जिसके चलते वह संगठन निर्माण में अधिक समय नहीं दे पा रहें हैं जिसको लेकर संगठन में बड़े विभिन्न समाज के नेताओं से राय – मशुहरा लिया जा रहा हैं |

अशोक गहलोत व् सचिन में कई बार देखने को मिला हैं मनमुटाव – 

सचिन पायलेट व् अशोक गहलोत

वैसे तो राजस्थान में सरकार बनने व् मुख्यमंत्री पद को लेकर लम्बी खींचतान चली थी जिसे सभी ने देखा था लेकिन पिछले 2 साल में दोनों ही नेताओं ने सुझबुझ का परिचय दिया हैं लेकिन उनके समर्थको में व् निर्दलीय विधायको के समर्थन के पीछे जो वादे कियें गयें थें अब उनको जमीनी स्थर पर अमल करने का समय आ गया है यह जब ही संभव हैं जब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समर्थन का प्रदेश अध्यक्ष बने वैसे सचिन पायलेट को प्रदेश अध्यक्ष बने 6 साल से अधिक हो गया हैं |

निगम व् पंचायत चुनाव – 

आगामी समय में शहरों में नगर – निगम व् गांवों में पंचायत के चुनाव होने हैं इस को लेकर भी पार्टी थोड़ी चिंतित है कहा जा रहा हैं की टिकट वितरण व् अपने खेमे को मजबूत करने के लियें अंदुरनी रस्सा कस्सी हो सकती हैं वही संगठन को मजबूत करने के लियें अशोक गहलोत व् सचिन पायलेट दोनों के पास समय नहीं हैं ऐसे में भाजपा भी बड़ा खेल कर सकती हैं इन तमाम मुद्दों को देखते हुयें कांग्रेस राजस्थान में संगठन की पकड़ को मजबूत बनाने में अंदुरनी तौर पर लगी हैं |

गजेन्द्र सिंह शेखावत बन सकते है भाजपा के नए प्रदेशाध्यक्ष !

राजस्थान के भाजपा अध्यक्ष पद से अशोक परनामी के इस्तीफे के बाद नए अध्यक्ष को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थी।

सूत्र बताते हैं कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने राजस्थान में बीजेपी की कमान गजेन्द्र सिंह शेखावत को सौंपने का फैसला कर सकती है। शेखावत जोधपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से 16वीं लोकसभा में भाजपा सांसद हैं और केंद्र में नवनियुक्त राज्य कृषि मंत्री हैं।

शेखावत को प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने की अधिकारिक घोषणा से पहले ही भाजपा के कई विधायक और नेताओं ने उन्हें बधाई देने का सिलसिला शुरू कर दिया। फेसबुक और व्हाट्सअप पर बधाई वाले मैसेज खूब वायरल हो रहे हैं।

राहुल गांधी पहले अमेठी की चिंता कर लेंः BJP

नई दिल्ली। वाराणसी से वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हारने की भविष्यवाणी संबंधी राहुल गांधी की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए भाजपा ने आज कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष को अमेठी की चिंता कर लेनी चाहिए और पहले वे वहां हमारी वरिष्ठ नेता स्मृति ईरानी का मुकाबला करके तो दिखायें। भाजपा ने दलितों के मुद्दे पर राहुल गांधी के उपवास को ‘मीडिया इवेंट’ करार दिया । पार्टी ने दावा किया कि भाजपा के दलित सांसदों में कोई असंतोष नहीं है ।

 

भाजपा के वरिष्ठ राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा, राहुल गांधी पहले अमेठी की चिंता कर लें। पहले वह हमारी वरिष्ठ नेता स्मृति ईरानी से मुकाबला करके तो दिखायें, फिर प्रधानमंत्री की बात करें। और अगर फिर भी चाहें, तो वाराणसी से ही चुनाव लड़ लें। उन्होंने कहा कि जितने दल चाहें एकत्र हो लें, देश की जनता मोदीजी के साथ है। लोगों का आर्शीवाद मोदीजी को प्राप्त है । उल्लेखनीय है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को कहा था कि एकजुट विपक्ष के आगे 2019 जीतना तो दूर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद अपनी वाराणसी सीट भी गंवा देंगे।

विपक्षी एकता में अपना विश्वास जाहिर करते हुए राहुल ने कहा था कि भाजपा के लिए 2019 में लोकसभा चुनाव जीतना दूर की कौड़ी है और कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी अगर मोदी के खिलाफ एकजुट रहीं तो वह खुद वाराणसी में हार सकते हैं।दलित मुद्दे पर महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पर कांग्रेस अध्यक्ष के उपवास के बारे में एक प्रश्न के उत्तर में शाहनवाज हुसैन ने कहा, इसको तो उपवास नहीं कहते हैं। भला 2 घंटे का कहीं उपवास होता है। महात्मा गांधी ने देश के लिये 20-20 दिनों का उपवास रखा था। महात्मा गांधी की समाधि पर नाश्ता करके दो घंटे का उपवास वास्तव में उनका उपहास है।भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का अपमान करने वाली कांग्रेस को दलित भाई बहनों से माफी मांगनी चाहिए कि पिछले 60 वर्षों में इस पार्टी ने दलितों के लिये कुछ नहीं किया और अब कांग्रेस पार्टी और उसके नेता दलितों के मुद्दे पर सिर्फ राजनीति कर रहे हैं।

समुदाय को लेकर अलवर विधायक का बयान से हुई राजनीति गर्म

अलवर। राज्य के अलवर शहर से विधायक बनवारी लाल सिंघल एक समुदाय विशेष को लेकर अपने दिए बयान से विवादों में घिरते नजर आ रहें है। बनवारी के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। उनके बयान को लेकर जहां राजनीति गर्म हो गई है तो वहीं उनके बयान से पार्टी हक्क बक्क है।

मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर वायरल विडियों के अनुसार एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए विधायक बनवारी लाल ने कहा कि समुदाय विशेष के लोग अपराध में लिप्त हैं। जिस वजह से मैं उनसे वोट नहीं मांगता और न मुझे उनके वोट की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वैसे भी समुदाय विशेष के लोग बीजेपी को वोट नहीं देते।

बनवारी का कहना है कि मैं उनसे वोट मांगूगा तो वे अपराध में मुझसे मदद मांगने आ जाएंगे। इतना ही नहीं भाजपा विधायक ने अपने इस बयान में पुलिस को भी नहीं छोड़ा। विधायक ने कहा कि कहीं न कहीं पुलिस भी समुदाय विशेष की मदद करती है। इस बार विधायक जी लव जिहाद के बारे में भी अपनी टिप्पणी करने से नहीं चूके। विधायक ने समुदाय विशेष पर आरोप लगाते हुए कहा उनके युवक फेक आईडी बना हिंदू लड़किय़ों को अपने जाल में फंसाते हैं। और इसके बाद वे उनका जीवन बर्बाद कर देते हैं।

हार्दिक किसी भी राष्ट्रीय पार्टी की ग्रहण नहीं करेगें सदस्यता

उज्जैन। गुजरात के पाटीदार एवं किसान आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने कहा है कि वे किसी भी राष्ट्रीय पार्टी की सदस्यता ग्रहण नहीं करेगें। वह उनके आंदोलन में सहयोग करने वाली पार्टी का साथ देंगे। पटेल मध्यप्रदेश के अपने 2 दिवसीय दौरे पर अपने निर्धारित समय से लगभग दो घंटे देरी से यहां पहुंचे।उन्होंने यहां एक होटल में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि वह अभी अलग अलग क्षेत्रों का दौरा कर अनुभव ले रहे हैं। किसान के साथ जनता की समस्यायें सुन रहें है और समस्याओं के समाधान के लिए आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो पार्टी के नेता उनसे सम्पर्क करते हैं, वह उनके साथ हैं।

 

लेकिन जब तक किसानों और जनता की समस्याओं का समाधान नहीं निकलता, तब तक वह किसी भी पार्टी की सदस्यता ग्रहण नहीं करेगें। एक प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राहुल गांधी ने उनसे सम्पर्क किया। इसलिए वे उनका सहयोग कर रहे है, लेकिन बीजेपी के नाम लिए बगैर कहा कि इस पार्टी ने उनसे सम्पर्क नहीं किया है।मध्यप्रदेश के होने वालें विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का समर्थन करने के प्रश्न के उत्तर में कहा कि ज्योतिदित्य सिंधिया युवा है, कम उम्र के है, इसलिये उनका समर्थन करता हूं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्वियज सिंह से भी काफी अच्छे संबंध हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश में दस साल तक सरकार चलाई है।

वह भी अनुभवी है। इसके साथ ही उन्होंने कमलनाथ को भी अच्छा बताया। जब उनसे पत्रकारों ने पूछा कि क्या विधानसभा में पाटीदार को टिकिट दिलाकर कोई समझौता करेगें। इसके जवाब में उन्होने कहा कि अच्छे कार्यकर्ता के लिए सिफारिश करेगें। कार्यकर्ता को टिकिट देना या नहीं देना पार्टी का काम है। मै सहयोग जरुर करुंगा। उनका मध्यप्रदेश से पुराना रिश्ता रहा है।

देश के अगले PM के चयन में दलितों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी: नितिन राउत

नई दिल्ली। कांग्रेस के अनुसूचित जाति (एससी) विभाग के नव नियुक्त अध्यक्ष नितिन राउत ने कहा है कि केंद्र की राजग सरकार से नाराज दलित समुदाय के लोग देश के अगले प्रधानमंत्री के चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और इस पद के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का समर्थन करेंगे।राउत ने कहा कि एक बेहतर भविष्य के लिए दलित युवा अपने समुदाय का प्रतिनिधित्व कर रहे लोगों सहित अन्य गैर भाजपा/राजग नेताओं की तुलना में राहुल की ओर आकर्षित होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए होगा कि अन्य नेताओं की अपेक्षा राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने की संभावना मजबूत है।

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री रह चुके राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार ने दलितों के मसीहा डॉ भीम राव अंबेडकर को जितना सम्मान दिया है उतना किसी अन्य सरकार ने नही दिया। उन्होंने मोदी और भाजपा पर अरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह के बयान दलित समुदाय के वोटों पर नजर रखते हुए जारी किए जाते हैं।राउत ने पीटीआई भाषा से कहा कि दलित , विशेषकर युवा वर्ग राजग सरकार से नाराज है। उन्हें शिक्षा और रोजगार के अवसरों से वंचित किया जा रहा है जो पहले कभी नहीं हुआ, जब कांग्रेस सत्ता में थी। उन्होंने कहा कि देश के अगले प्रधानमंत्री के चयन में दलितों की यह नाराजगी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनावों के लिए उनका विभाग दलितों को एकत्र कर कांग्रेस के नेतृत्व के तहत लाने का प्रयास करेगा, ताकि प्रधानमंत्री पद के लिए राहुल का मार्ग प्रशस्त किया जा सके। राउत ने कहा कि पूरे देश में 84 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। बीजेपी ने 2014 के आम चुनाव में इनमें से अधिकतर सीटों पर जीत हासिल की थी। इन चुनावों में कांग्रेस को 3 चार सीटें ही मिली थी। कांग्रेस नेता ने कहा कि हम अधिक से अधिक सीटों पर जीत हासिल करने की कोशिश करेंगे।

राजस्थान सरकार की नई योजना

किशनगढ़। राजस्थान वित्त निगम की ओर से वर्तमान वित्तीय वर्ष में युवाओं को स्वयं का उद्योग प्रारंभ करने के लिए पौने छह करोड़ का ऋण स्वीकृत किया गया है। इससे सात युवा लाभांवित हुए है। युवाओं को ये राशि वित्त निगम की युवा उद्यमिता प्रोत्साहन योजना के तहत दी गई हैं।

इस योजना के तहत मिला युवाओं को करोड़ों रुपए का ऋण

 

राजस्थान वित्त निगम की ओर से युवा उद्यमिता प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 7 युवाओं को ऋण दिया गया है। इस योजना के अंतर्गत 5.72 करोड़ रुपए का ऋण दिया गया है। इससे युवाओं ने नए उद्योग प्रारंभ किए है। इस योजना में ब्याज दर केवल मात्र 7.5 प्रतिशत वार्षिक की दर से देय है। इसमे आईटीआई, डिप्लोमा या स्नातक योग्यता वाले और 45 वर्ष तक की आयु के युवा ऋण ले सकते है। पंद्रह करोड़ तक के ऋण पर ब्याज दर साढ़े सात प्रतिशत एवं 15 करोड़ से अधिक के स्वीकृत ऋण पर निगम की सामान्य ऋण योजना में लागू ब्याज दर देना होगा। वहीं पुनर्भगतान अवधि अधिकतम 7 वर्ष रहेगी। इसके लिए आवेदनकरी को जमीन की व्यवस्था पहले से करके रखनी होगी।

बेरोजगारों को मिलेगा रोजगार

 

प्रचार एवं बजट की कमी क्षेत्र में उद्यमिता को प्रोत्साहन और रोजगार बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक युवाओं को ऋण आंवटित किए जाने की आवश्यकता है। इससे युवाओं में उद्यमिता का विकास होगा और अधिक बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा। इसका क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा। इसके लिए बजट बढ़ाया जाना चाहिए। क्षेत्र के मात्र सात युवाओं को वर्तमान वित्तीय वर्ष में ऋण मिलना प्रचार प्रसार की कमी दर्शाता है। इसके लिए प्रक्रिया को भी सरल बनाया जाना चाहिए। युवा उद्यमिता प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत वर्तमान वित्तीय वर्ष में 7 युवाओं को पांच करोड़ 72 लाख रुपए का ऋण स्वीकृत किया गया है।