सचिन पायलट के शक्ति प्रदर्शन ” महापंचायत ” से अशोक गहलोत आउट

हेमराज बैरवा ( चाकसू ) 
सचिन पायलट आख़िर क्यों कर रहें हैं शक्ति प्रदर्शन – राजस्थान में कांग्रेस पार्टी के बैनर के तले पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट किसान महापंचायत के नाम पर अपना शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं खास तौर पर देखा जाए तो इनके कोटखावदा गाँव  में जो महापंचायत हुई है उसमें बड़े-बड़े होर्डिंग कटआउटस लगे थे जिसमें एक तरफ सचिन पायलट और तो दूसरी तरफ राहुल गांधी  के फोटो लगें थे |
अशोक गहलोत जो कि राजस्थान के मुख्यमंत्री हैं लगभग उन्हें अदृश्य रखा गया कार्यक्रम में  मुख्य बैनर ,पोस्टर से भी लगभग वह नारारद रहें |
 मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सभी नेताओं में छोटा सा स्थान मिला जबकि बैनर में एक तरफ राहुल गांधी एक तरफ सचिन पायलट बड़े-बड़े फोटो में साफ दिखाई दे रहे हैं आखिर कांग्रेस की यह नीति क्या साबित कर रही है क्या सचिन पायलट कांग्रेस में रहते हुयें  कांग्रेस को विभाजित कर रहे हैं |
किसान महापंचायत के चाकसू विधानसभा में हुए कार्यक्रम में सचिन पायलट उनके ख़ेमे के विधायक वेद प्रकाश सोलंकी भरतपुर से विधायक विश्वेंद्र सिंह प्रशांत बैरवा मंच पर आसीन थे अब यह साफ नजर आ रहा है कि आगामी राजस्थान विधानसभा चुनाव में सचिन पायलट कोई बड़ा खेल खेलने जा रहे हैं उनका भी पार्टी में समय-समय पर अपमान होता रहा है |
कांग्रेस पार्टी को जो लगग राजस्थान में सिमट चुकी थी सचिन ने मेहनत करके 99 में लेकर आए और सरकार बनाई और अब  102 के विधायक है तो सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच 2018 के चुनाव में मुख्यमंत्री बनने के लिए लंबा संघर्ष चला था रोड से लेकर सोनिया गांधी राहुल गांधी प्रियंका गांधी तक गुहार लगाई थी उसके बाद सचिन पायलट अपने समर्थक विधायकों के साथ एक रिसोर्ट में जाकर बैठ गए थे और सरकार का तख्तापलट करने की कोशिश करे थे उसके बाद आलाकमान से बात होने के बाद सचिन पायलट राहुल गांधी पार्टी में शामिल हो चुके हैं इस पूरे घटनाक्रम के बीच में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उन्हें पार्टी के अध्यक्ष पद से भी हटा दिया था उप  मुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया था लेकिन सचिन पायलट को देखकर लगता है कि मुख्यमंत्री बनने के चक्कर में है जनाधार तैयार करने में लग रहे हैं या कांग्रेस पार्टी उन्हें मौका देगी या वे नए विकल्प तलाश कर मुख्यमंत्री बनेंगे सभी समीकरण कांग्रेस के लिए चिंताजनक है |