सावित्री बाई फुले को स्मरण करते हुए महिला शिक्षा, सुरक्षा व अधिकार पर चर्चा कर महिलाओं को किया सम्मानित

भारत की पहली महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुले
Remembering Savitri Bai Phule and discussing women’s education, security and rights,

women were honored

जयपुर |  लेबर ऐजुकेशन एंड डवलपमेंट सोसाइटी की ओर से भारत की पहली महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुले की याद करते हुए महिला शिक्षा व सुरक्षा पर एक परिचर्चा के रूप मे किया गया।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए हेमलता कंसोटिया ने बताया कि कार्यक्रम में विशेष तौर पर एकल महिला के बच्चो की शिक्षा, महिलाओं के  अधिकार -सम्मान पर चर्चा करते हुए इन महिलाओं को मिलने वाले लाभ की जानकारी दी गई साथ ही एकल महिलाओं के हौसले को सलाम करते हुए सावित्री  बाई फुले सम्मान भी दिया गया।  कार्यक्रम में विशेष सहयोग राजस्थान निर्माण मजदूर पंचायत संगठन, राजस्थान नागरिक मंच ने दिया।
कार्यक्रम में विशेष वक्ताओं   में जयपुर एकल महिला मंच से हेमलता कांसोटिया, मधु अनीता बड़गुर्जर, राजस्थान निर्माण मजदूर पंचायत संगठन से मोहन लाल पारीक , मुस्तफाक कुरैशी, हाजी मुराद खान, मांगीलाल, बद्री लाल, राजेंद्र सिंह, राजेश कँवर, शर्मिला, रुखमेया, सम्रग सेवा संघ से सवाई सिंह, राजस्थान नागरिक मंच से बसंत हरियाणा, अनिल गोस्वामी आई क्रिएट से रंजू  हेमा चावला बाल श्रम मुक्त जयपुर से शारदा ने अपनी बात महिला शिक्षा पर रखते हुए सविधान के विभिन्न मौलिक अधिकार ( शिक्षा का अधिकार, महिला सुरक्षा अधिकार , हिन्दू  विवाह अधिनियम, बाल श्रम कानून , बाल  शोषण पर कानून की धारा  बताते हुए कैसे सुरक्षित हो सकते है, जानकारी दी गयी साथ ही महिला सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की |
जयपुर एकल महिला मंच की महिला साथियो के द्वारा एकल महिला की विशेष समस्या पेंशन, पालनहार योजना का लागू होने में आने वाली समस्याओ पर चर्चा की गयी इस मंच के द्वारा एकल महिलाओ को चार श्रेणी में  देखा गया विधवा, तलाक शुदा, बिना तलाक के अलग रहना , अविहाहित, अक्सर तलाक शुदा और विधवा महिलाओ को पेंशन और अन्य योजना  लाभ मिल पाता है लकिन अन्य दो श्रेणी की महिलाओ के दस्तावेज न होने पर पहचान और लाभ नहीं मिल पाता  है इसके लिए सरकार से नीति  और कानून स्तर पर कार्य करने की जरूरत है कार्यक्रम के दौरान एक केस एकल महिला को  सम्पति से बेदखल होने का सामने आया ऐसे कई केस है  ये कार्यक्रम भारत की पहली महिला शिक्षिका  सावित्री बाई फूले को समर्पित रहा।
सावित्री बाई फुले सम्मान पत्र समाज में महिला अधिकारों के लिए कार्यरत सगठन की महिला नेत्री  रुख्मणि देवी, लाड बाई, सूजी देवी, रेहाना, अन्नू, नाजरा,, नाजमीन ,इशरत, नगीना, ललिता देवी, शबनम, सीमा ,नीतू,आदि  को सावित्री बाई फुले सम्मान पत्र दिया गया, साथ ही महिलाओं द्वारा एक नारा ईजाद किया गया ‘महिला शिक्षित -सगठित -आर्थिक सशक्तिकरण ‘