राजस्थान पर्यटन विभाग को दो राष्ट्रीय पुरस्कार –

जयपुर, 27 सितम्बर।  पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए राजस्थान सरकार के पर्यटन विभाग को दो राष्ट्रीय  पुरस्कारो से सम्मानित किया है।

अंतरराष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में पर्यटन मंत्रालय द्वारा वर्ष 2015-16 के राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार वितरण के लिए आयोजित  समारोह में राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद और केन्द्रीय पर्यटन राज्य मंत्री श्री के जे अल्फोन्स से राजस्थान की पर्यटन मंत्री श्रीमती कृष्णेन्द्र कौर दीपा और अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री निहाल चंद गोयल ने ये पुरस्कार ग्रहण किये। राजस्थान के पर्यटन विभाग को पर्यटन फिल्म्स श्रेणी में पर्यटन फिल्म प्रमोशन के लिए और बेस्ट स्टेट श्रेणी में पर्यटन के सवार्ंगीण विकास के लिए देश भर में दूसरे स्थान का पुरस्कार प्रदान किया गया।

 पुरस्कार समारोह के बाद पर्यटन राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णेन्द्र कौर ने बताया कि राजस्थान पर्यटन के विश्व मानचित्र पर सिरमौर बन उभर रहा है। प्रदेश की मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे की दूरदर्शी सोच के फ्लस्वरूप चलाये जा रहे पर्यटन ग्लोबल मी

डिया कैम्पेन के लिए बनाई गई पर्यटन फिल्में और प्रचार अभियान की टैग लाइन जाने क्या दिख जाये को अपार लोकप्रियता मिली है।

उन्होंने  बताया कि राज्य में पर्यटन की आधारभूत सुविधाओ के विकास के लिए  भागीरथी प्रयास किये जा रहे है, जिसमें केन्द्र सरकार की ओर से भी विशेष मदद प्राप्त हो रही है । हाल ही प्रदेश के ऎतिहासिक दुर्ग, किलों, वन्य अभयारण्यों और अन्य पर्यटन स्थलों के पुनरूधार एवं इन स्थलों पर पर्यटकों के लिए आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए बड़ी केंद्रीय सहायता की मंजूरी हुई है।
 इस मौके पर राजस्थान की प्रमुख आवासीय आयुक्त श्रीमती शुभ्रा सिंह, पर्यटन निदेशक  श्री प्रदीप बोरट और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

 राजस्थान को तीन अन्य श्रेणियों में भी मिले पुरस्कार- 

राजस्थान को तीन अन्य श्रेणियों में भी पुरस्कार मिले। बेस्ट होटल फाइव स्टार डीलक्स केटेगरी में उदयपुर की द ओबेराय उदय विलास, ग्रांड केटेगरी में फतह प्रकाश पैलेस,  उदयपुर और बेसिक केटेगरी में सामोद हवेली, गंगापोल, जयपुर को भी पुरस्कृत किया गया

राजस्थान को मिलेगी विश्वस्तर पर नई पहचान, अगस्त में होगा राजधानी में ‘फेस्टिवल ऑफ एजुकेशन’

राजस्थान को एजुकेशन हब कहा जाता हैं। प्रदेश के कई क्षेत्रों को शिक्षा जगत में विशिष्ट कार्य करने पर विशेष पहचान मिली हैं। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे 2017 में रिसर्जेंट राजस्थान व ग्राम की तर्ज पर ही जयपुर फेस्टिवल ऑफ एजुकेशन का आयोजन करने जा रही हैं। इस आयोजन से राजस्थान के शिक्षक वर्ग, छात्र वर्ग व शिक्षा जगत में राजस्थान को विश्वस्तर पर नई पहचान मिलेगी।

एज्युकेशन फेस्टिवल को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाने पर दिया जा रहा है जोर

5 से 6 अगस्त को राजधानी के जयपुर एग्जिबिशन एंड कन्वेंशन सेन्टर (JECC) में एज्युकेशन फेस्टिवल आ

योजित होने जा रहा है। फेस्टिवल की तैयारियों को लेकर बुधवार को शासन सचिवालय में मुख्य सचिव ओपी मीणा की अध्यक्षता में फेस्टिवल की तैयारियों की समीक्षा की। इस समीक्षा बैठक में माध्यमिक शिक्षा विभाग और उच्च शिक्षा विभाग के आला अधिकारी भी मौजूद रहे। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने एज्युकेशन फेस्टिवल को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाने पर जोर दिया।

विश्वभर के विशेषज्ञों का होगा जमावड़ा

इस फेस्टिवल का आयोजन राजस्थान को एज्युकेशन हब बनाने के लिहाज किया जा रहा है। फेस्ट का नाम ‘फेस्टिवल ऑफ एजुकेशन’ (Festival of education) रखा गया है। इस एज्युकेशन फेस्टिवल में स्कूल शिक्षा के साथ ही उच्च शिक्षा को शामिल किया गया है। फेस्टिवल के दौरान छात्र और अध्यापक विश्वभर से आए शिक्षा विशेषज्ञों (Teaching Experts) से चर्चा करेंगे। इस मौके पर आयोजित सेमिनार में इस दौरान अध्‍यापन और लर्निंग एक्‍सपीरियंस में सुधार करने पर भी चर्चा की जाएगी।

दुबई के साथ मिलकर राज्य सरकार कर रही है आयोजन

बता दें कि यह राजस्थान सरकार यह आयोजन दुबई बेस्ड ‘जेम्‍स एजुकेशन’ (Gems education) के साथ मिलकर करने जा रही है। इस खास आयोजन का नाम होगा, ‘एंटरटेनिंग एंड इनफोर्मेटिव एक्‍स्‍ट्रावेगांजा’. जिसके लोगो को राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने 20 दिसंबर 2016 को दिल्‍ली में लॉन्‍च किया था। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस दौरान कहा था कि राजस्थान

की सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम किया है जिसके चलते निजी स्‍कूलों की तुलना में सरकारी स्‍कूलों में ज्यादा बच्चों की तादाद बढी है। जयपुर में होने वाले इस एजुकेशन फेस्टिवल में टीचिंग एंड लर्निंग सेशन, मास्‍टर क्‍लासेज, कॉन्सर्ट, एग्जिबिशंस और टैलेंट कॉम्‍पटीशिंस आयोजित किए जाएंगे।

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