स्टार खिलाड़ी हार्दिक पांड्या जा सकते है जेल – संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी

मुसीबत में फंसे भारतीय टीम का ये खिलाड़ी, राजस्थान में मामला दर्ज –

जोधपुर। क्रिकेट के मैदान में आतिशी पारी से दर्शको दिल में जगह बनाने के साथ-साथ विपक्षी गेंदबाजों के साथ पसीने छुड़ा देने के लिए जाने जाते है। लेकिन क्रिकेट के इस खिलाड़ी के लिए राजस्थान से बुरी खबर है राजस्थान में जोधपुर की एक अदालत ने भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी हार्दिक पांड्या के खिलाफ संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी के प्रकरण में मामला दर्ज करने के आदेश दिये हैं।

जानकारी के अनुसार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण जोधपुर महानगर न्यायालय के न्यायाधीश मधु सूदन शर्मा ने परिवादी अधिवक्ता डी आर मेघवाल के परिवाद पर कल यह आदेश दिये। न्यायालय ने इस मामले में दंड संहिता की धारा 156 (3) के तहत मामले की जांच करने के आदेश दिये।

परिवादी ने जानकारी देते हुए बताया कि ने बताया कि व्हाटसअप पर पांड्या द्बारा डा. अम्बडेकर के बारे में कौन है अम्बेडकर, जिसने दोगला कानून एवं संविधान बनाया तथा आरक्षण नाम की बीमारी फैलाई टिप्पणी करने का मामला सामने आने के बाद उन्होंने जोधपुर के लूणी थाने में मुकदमा दर्ज करने का निवेदन किया। लेकिन पुलिस ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। परिवादी ने बताया कि उसने इस संबध में उन्होने आयुक्त से भी शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाही नहीं की।इसके बाद गत 30 जनवरी को न्यायालय में इस्तगासा पेश कर मामले की जांच कराने का निवेदन किया गया। आपको बता दें कि हार्दिक पंड्या को भारतीय टीम में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है। आपको बता दें कि आईपीएल में हार्दिक मुबंई इंडियन की तरफ से खेलते है।

मुख्यमंत्री राजे को याद आया – दलित समाज

 दलितों की तरक्की से बदलेगी प्रदेश की तस्वीर: मुख्यमंत्री

7 अक्टूबर, 2017 | जयपुर
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने शुक्रवार को ‘मुख्यमंत्री जनसंवाद’ कार्यक्रम की शुरुआत दलित समाज से की। सबसे पहले उन्होंने दलित समाज के साथ बैठक की। उन्होंने दलित समाज के लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि दलितों की तरक्की से प्रदेश की तस्वीर बदलेगी। इस सोच के आधार पर हमारी सरकार काम कर रही है। बाबा साहेब अम्बेडकर के सपनों को साकार करते हुए हमारी सरकार निरन्तर दलित उत्थान में लगी हुई है।

रैगर, मेघवाल, खटीक एवं अन्य दलित समाज के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक 36 की 36 कौमों और सब मज़हबों का विकास नहीं होगा तब तक प्रदेश आगे नहीं बढ़ सकता। दलित समाज ने हमेशा देश का गौरव बढ़ाया है। आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर राष्टपति रामनाथ कोविंद तथा प्रदेश की सबसे बड़ी पंचायत विधानसभा में दलित समाज के कैलाश मेघवाल अध्यक्ष के रूप में पदस्थापित हैं। यह दलित समाज के लिए गर्व की बात है। दलित समाज भी हमारे परिवार का अभिन्न अंग है

ज्ञात हो : राजस्थान दलितों के हत्याचार के मामले में  प्रथम स्थान पर है |