राजस्थान उपचुनाव: चुनाव आयोग की ये नई शुरुआत, EVM पर होगी उम्मीदवारों की भी फोटो

राजस्थान। लोकतंत्र के चुनावी इतिहास में पहली बार ईवीएम पर उम्मीदवारों के नाम और चुनाव चिह्न के साथ उनका फोटो भी छपा होगा। चुनाव आयोग की ये नई शुरुआत राजस्थान के अलवर और अजमेर लोकसभा सीट पर 29 जनवरी को हो रहे उपचुनाव से होगी। चुनाव आयोग के मुताबिक लोकसभा चुनावों में पहली बार फोटो युक्त प्रत्याशी सूचना पत्र ईवीएम पर होगा। पहले ईवीएम फिर नोटा, फिर vvpat और अब उम्मीदवार की तस्वीर भी।

आयोग का कहना है कि बड़ी तादाद में गांव के लोगों, बुजुर्ग मतदाताओं की शिकायत थी कि एक ही नाम के कई उम्मीदवारों के चुनाव मैदान में होने की वजह से अक्सर गलतफहमी हो जाती है। ऐसे में मतदाता न केवल ज्यादा वक्त लेता है, बल्कि कई बार तो अपनी पसन्द के उम्मीदवार की बजाय उसके हमनाम को वोट दे आता है। लिहाजा चुनाव आयोग ने ये असमंजस भी दूर कर दिया है।

आयोग के अधिकारियों के मुताबिक अब ईवीएम पर चिपके प्रत्याशियों की जानकारी वाले पर्चे पर उम्मीदवार का नाम उसकी तस्वीर और किनारे की तरफ चुनाव चिह्न छपा होगा। उम्मीदवार की ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर 2×2.5 सेंटीमीटर आकार की फोटो होगी। NOTA के कॉलम में तस्वीर की जगह तो होगी, लेकिन तस्वीर नहीं होगी. बस NOTA का चिह्न अंकित होगा।

राजस्थान लोकसभा उपचुनाव: पहली बार होने जा रहा है यह प्रयोग

जयपुर। राजस्थान में होने वाले लोकसभा और विधानसभा उप चुनावों में इस बार ईवीएम मतपत्र पर प्रत्याशियों के नाम के साथ उनकी फोटो भी लगी होगी। देश में किसी भी लोकसभा चुनाव में पहली बार ऐसा प्रयोग किया जा रहा है।मुख्य निर्वाचन अधिकारी अश्विनी भगत ने बताया कि एक ही लोकसभा एवं विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में एक ही नाम के दो प्रत्याशी होने की स्थिति में मतदाताओं की भ्रांति दूर करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने यह व्यवस्था दी थी। इसके तहत मतपत्र पर चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशी की 2 गुणा 2.5 सेमी आकार की फोटो भी लगी होगी।

 


नई व्यवस्था के तहत ईवीएम मतपत्र पर अब प्रत्याशी का नाम, फोटो और अंत में चुनाव चिन्ह दर्शाया जाएगा। नोटा में फोटो की जगह स्थान खाली रखा जाएगा तथा नोटा का चिन्ह भी अंकित होगा।भगत ने बताया कि सेवा नियोजित मतदाताओं को भेजे जाने वाले मतपत्रों में भी फोटो अंकित होगी लेकिन उन मतपत्रों में सबसे पहले प्रत्याशी का अंग्रेजी और हिंदी में नाम, फिर चुनाव चिन्ह और आखिर में फोटो अंकित होगी। उल्लेखनीय है कि इन उप चुनावों में 11 हजार 580 सेवा नियोजित मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि आयोग के निर्देशों के अनुसार इस बार से नामांकन पत्रों पर भी प्रत्याशियों के फोटो लगाए गए हैं।

उन्होंने बताया हालांकि प्रदेश के धौलपुर विधानसभा उपचुनाव में यह प्रयोग किया जा चुका है लेकिन लोकसभा के किसी भी चुनाव में यह प्रयोग पहली बार किया जाएगा। गौरतलब है कि प्रदेश के अलवर और अजमेर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र और भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ विधानसभा में आगामी 29 जनवरी को चुनाव करवाए जाएंगे।तीनों सीटों पर 39 लाख से ज्यादा मतदाता कर सकेंगे मतदान अजमेर, अलवर और मांडलगढ़ में इस बार 39 लाख 2 हजार 168 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे। इनमें से अलवर जिले में 18 लाख 27 हजार 936, अजमेर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में कुल 18 लाख 42 हजार 992 और भीलवाड़ा के मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 2 लाख 31 हजार 240 कुल मतदाता हैं। इनके लिए विभाग ने अलवर में 1979, अजमेर में 1907 और मांडलगढ़ में 280 मतदान केंद्र बनाए हैं। इसी तरह कुल 28 सहायक मतदान केंद्र भी बनाए गए हैं ताकि मतदाता को चुनाव के दौरान किसी भी अव्यवस्था का सामना नहीं करना पड़े।

राजस्थान उपचुनाव: कांग्रेस पार्टी को मिला बेरोजगार संघ का समर्थन

अलवर। राजस्थान में मांडलगढ़ विधानसभा और अलवर एवं अजमेर लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी को बेरोजगार संघ ने समर्थन दिया है।अलवर में आज बेरोजगार संघ के प्रदेशाध्यक्ष और निर्दलीय प्रत्यासी उपेन यादव ने पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के साथ साझा प्रेस कांफ्रेंस कर कांग्रेस पार्टी को उपचुनाव में समर्थन देने तथा अपना नामांकन वापस लेने की घोषणा की है। बेरोजगार युवाओं की ओर से तीनों उपचुनाव में अपने प्रत्यासी मैदान में उतारे थे जो आज कांग्रेस के समर्थन में अपना नामांकन वापस लेंगे।

यादव ने बताया कि युवाओं से बात कर उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी को समर्थन दिया है। कांग्रेस पार्टी बेरोजगार के लिए आंदोलन करेगी और उनके हक की लड़ाई लड़ेगी। केवल उपचुनावों के लिए बेरोजगार संघ ने तीनों सीट पर समर्थन दिया है। उन्होंने बताया कि बेरोजगार संघ के प्रत्यासियों ने अलवर, अजमेर तथा मांडलगढ़ सीट के लिए नामांकन पत्र भरा था। अलवर सीट से उपेन यादव जबकि अजमेर से हरीश त्रिपाठी एवं मांडलगढ़ से सीमा पारीक नामांकन वापस लेंगे।

प्रेस कांफेंस में पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राजेन्द्र राठौड़ द्वारा राजपूत समाज को लेकर दिए बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि राजपूत समाज द्वारा कांग्रेस पार्टी को सर्मथन देने से भाजपा बौखला गई है। इसलिए इस तरह अनर्गल बयान बाजी कर रही है। अलवर लोकसभा सीट के लिए उन्होंने खुद ने डाक्टर कर्ण सिंह को टिकट का देने का प्रस्ताव रखा था। इसलिए टिकट काटने जैसी कोई बात नहीं है। उप चुनाव में कांग्रेस पार्टी तीनो सीट पर चुनाव जीतेगी।कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष टीकाराम जुली ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है। भाजपा के इशारे पर लोगो को पुलिस के जरिये पाबंद किया जा रहा है और लोगो को नाजायज परेशान किया जा रहा है। इसकी शिकायत कांग्रेस पार्टी चुनाव आयोग से करेगी।

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