प्रियंका गांधी का राजनीति में प्रवेश – मिली यह ज़िम्मेदारी – जानें ख़ास मायने

प्रियंका गांधी कांग्रेस पार्टी की महासचिव नियुक्त –

दिल्ली | कांग्रेस पार्टी ने आज लोकसभा चुनावों से पूर्व एक बड़ा दावं चल दिया है आख़िर राजनेतिक गलियारों में लम्बे समय से यह मांग भी उठ रही थी जिस पर आज अधिकारिक रूप से मुहर लग गई है अर्थार्त सोनिया गांधी की बेटी व् कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की बहन “प्रियंका गांधी “को आज कांग्रेस पार्टी का महासचिव नियुक्त कर दिया गया है | प्रियंका का अधिकारिक रूप से राजनीति में प्रवेश कांग्रेस पार्टी को एक सकारात्मक उर्जा व् मजबूती प्रदान करेगा वही आगामी लोकसभा के लिए प्रियंका को पू

र्वी उत्तर प्रदेश की ज़िम्मेदारी मिली है सूत्रों के अनुसार प्रियंका फरवरी के पहले सप्ताह में अपनी ज़िम्मेदारी संभाल सकती है इससे पहले प्रियंका अपनी माँ सो

निया गांधी व् भाई राहुल के लिए प्रचार -प्रसार करती नज़र आती थी अब वह मुख्य रूप से कांग्रेस पार्टी के लिए काम करती नज़र आयेगी |

क्या मायने है ख़ास –

लोकसभा चुनावों से पूर्व प्रियंका का राजनीति में अधिकारिक रूप से आना कई मायने रखता है जिसमे सबसे बड़ा कारण कांग्रेस की मजबूती व् मोदी सरकार की चुनोती है इसके साथ ही यूपी में सपा बसपा गटबंधन भी मुख्य वजह है | हालिमे में पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा को हार मिली है तो कांग्रेस  राजस्थान ,मध्यप्रदेश व् छतीसगढ़ में सरकार बनाने में कामया

ब हुई है जिससे कांग्रेस में सकारात्मक उर्जा है वही भाजपा से जनता ने दुरी बना ली है वही नोट्बंदी व् gst ने मोदी सरकार को फ़ेल साबित कर दिया ,इसके साथ ही यूपी गटबंधन सपा बसपा द्वारा कांग्रेस को 2 सीटें देने के कारण भी कांग्रेस अपना खोया वजूद पाने के लिए अपना तुर्क का पत्ता ” प्रियंका गांधी  ” को यूपी में ज़िमेदारी देदी है क्योकि दिल्ली का रास्ता राजनीति में यूपी होकर ही जाता है |

राहुल गांधी का बदला अंदाज , रेफाल मुद्दे पर घिर सकते है –

दिल्ली | आज का दिन संसद के मानसून सत्र में कुछ रोचक व् फ़िल्मी सा रहा | जहाँ भाजपा अविश्वास का सामने करने जा रही है तो दूसरी और कांग्रेस के राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर बरसे , राफेल से लेकर नोट्बंदी तक भाजपा सरकार और मोदी पर तीखे वार किये |

प्रधानमंत्री मोदी से गले मिले राहुल गांधी –  

आज का दिन संसद में रोचक रहा जिसका कारण राहुल गांधी अपने तीखे भाषण के बाद प्रधानमंत्री मोदी के पास जाकर गले मिले , इस द्रश्य को देख एक बार तो मोदी जी भी सकते में आ गए जिसके तुरंत बाद मोदी जी ने राहुल गांधी को दुबारा बुलाकर पीट थपथपाई ,इस द्रश्य को देखर सत्र में मौजूद सभी लोग हेरत

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में आ गए |

राफेल मुद्दे पर भाजपा के निशाने पर राहुल –

राफेल मुद्दे पर राहुल गांधी ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन  और मोदी पर निशाना साधा या यह कहे की राफेल मुद्दे पर धांधली की संभावना बताया , राहुल ने कहा की उन्होंने फ़्रांस के राष्टपति से राफेल हेलिकॉप्टर रेट पर बात की थी जिस पर फ़्रांस के राष्टपति ने कहा की भारत के साथ कोई गुप्त डील सायन नहीं हुई है |

फ़्रांस सरकार ने किया राहुल गांधी के बयान को ख़ारिज

जब राहुल गांधी सत्र को संबोधित कर रहे थे तो फ़्रांस सरकार से राहुल के रेफाल डील के मुद्दे पर किसी भी बात होने से मना कर दिया है | फ़्रांस ने कहा है की राहुल गांधी के बयान को वह ख़ारिज करते है भारत और फ़्रांस के बीच रेफाल डील में कोई भी पहलु छुपा नहीं है |

 

बसपा सुप्रीमो ने किया – जय प्रकाश को आउट

बसपा सुप्रीमो ने आज पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जय प्रकाश सिंह को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया ,जेपी को पार्टी से निकालते हुए मायावती ने कहा कि उन्होंने न सिर्फ पार्टी की विचारधारा के खिलाफ बयानबाजी की, बल्कि विरोधी पार्टी के नेताओं पर व्यक्तिगत टिप्पणियां भी कीं जो की गलत है |

क्या मोहरा बने है – जय प्रकाश को कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गाँधी के खिलाफ बयान बाजी करना महंगा पड़ा है क्योकि जेपी ने राहुल गाँधी के विदेशी अर्थात सोनिया गांधी के जैसा होना बताया उन्होंने कहा की अगर राहुल गाँधी अपने पिता राजीव गाँधी नक्शे कदम पर चलते तो शायद राजनीती में कामयाब हो जाते , लेकिन राहुल गाँधी उनकी माँ सोनिया पर गए है इसलिए वह कभी भी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते | जबकि वर्तमान में बसपा और कांग्रेस में राजस्थान ,छतीसगढ़  में गठबंधन की संभावना है |

ति -उत्साहित – 

हाली में लखनऊ में 16 जुलाई को बसपा के सीनियर कार्यकर्ताओं की मीटिंग थी ,जिसमे जय प्रकाश काफी उत्साहित नज़र आ रहे थे अपने भाषणों में मायावती को 2019 का प्रधानमंत्री का दावेदार बताया साथ ही विरोधियों पर जमकर बरसे थे साथ ही मायावती को साक्षात् देवी के समान बताया था |

बसपा के संस्थापक स्वर्गीय कांशीराम को मायावती भी मान्यवर कांशीराम कहकर संबोधित करती हैं. लेकिन जेपी सिंह लखनऊ मीटिंग के दौरान बार-बार कांशीराम कहकर ही अपना भाषण देते रहे. इसके अलावा उन्होंने ब्राह्मणों से लेकर ठाकुर, मुसलमान, गाय और राम मंदिर जैसे मुद्दों पर भी बयान दिया.

मायावती की शरण में आएं मुस्लिम, ब्राह्मण –

जेपी सिंह ने कहा कि देश में जब महावीर का युग आया था तो ब्राह्मण संकट में थे, तब बुद्ध की शरण में जाकर ब्राह्मण बच पाए थे. अब वक्त है कि ब्राह्मण मायावती की शरण में आ जाएं. इतना ही नहीं, जेपी सिंह ने मुसलमानों को लेकर कहा कि जब जय श्रीराम का नारा लगता है तो मुस्लिम समाज थर-थर कांपता है. उन्होंने आगे कहा कि हम मुस्लिम समाज को वचन देते हैं बहनजी की शरण में आ जाए आंच नहीं आने देंगे |

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