सफाई कर्मियों का शोषण अब बरदाश्त नहीं : धीरेन्द्र प्रताप

” पूर्वांचल सेना का “सफाई कर्मचारी अधिकार आंदोलन” शुरू  

  मांगे पूरी करने के अल्टीमेटम के साथ 3 दिन का कार्य बहिष्कार “

1 अगस्त 2018 ,पूर्वांचल सेना द्वारा “सफाई कर्मचारी अधिकार आंदोलन” का आगाज किया गया I आज नगर निगम गोरखपुर परिसर में हजारो की संख्या में जुटे ठेका सफाईकर्मि व् पूर्वांचल सैनिको ने, नगर निगम द्वारा ठेका सफाई कर्मचारियों का पंजीकरण,  नगर निगम सफाई कर्मचारियों का सरकार द्वारा निर्धारित वेतन किसी बिचौलियों के माध्यम से ना करसीधे सफाई कर्मियों के बैंक अकाउंट में भेजने,सफाई कर्मियों को सफाई के दौरान प्रयोग होने वाले सुरक्षा स्वास्थ्य, उपकरणों को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने, सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य की नियमित जांच की व्यवस्था और सफाई कर्मचारियों के लिए नगर निगम में समस्या समाधान, सूचना हेतु स्थल आवंटित कराये जाने की मांगों के अल्टीमेटम के साथ तीन दिन का कार्य बहिष्कार किया गया I पूर्वांचल सेना के आह्वान पर जुटे ठेका सफाईकर्मियों ने “सफाईकर्मियों को पंजीकृत करो”, “सफाईकर्मियों का वेतन सीधे अकाउंट में भेजो”, “ठेकेदारी ख़तम करो”, “सफाईकर्मियों का शोषण बंद करो”, “पूर्वांचल सेना जिंदाबाद” के गगनभेदी नारे लगाये I   सुबह 10.00 बजे से शुरू हुए आन्दोलन क्रम में 12.30 बजे पहुचे जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को आंदोलनकारियो द्वारा ज्ञापन सौपा गया I

आन्दोलन संयोजक नियुक्त किये गए पूर्वांचल सेना के जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र वाल्मीकि ने ज्ञापन लेने पहुचे प्रशाशन के लोगो को ज्ञापन पढ़कर सुनाया और मांगों से अवगत करवाया I

आन्दोलन का नेतृत्व कर रहे पूर्वांचल सेना के अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप ने उपस्थित जन समूह, मिडिया , निगम अधिकारियो को संबोधित करते हुए कहा की नगर निगम में केवल 700 सफाई  कर्मचारी स्थाई नियुक्त हैं, बाकी के लगभग 1700 कर्मचारी पिछले 15-20 वर्षो से ठेके पर काम करते हुए शहर की गंदगी साफ करते हैं, ठेकादार का नियंत्रण होने के कारन इनको न्यूनतम वेतन भी इन्हें पूरा नहीं मिल पाता है I उन्होंने कहा की ठेकेदारों द्वारा सफाई कर्मियों से कम लेने का कोई नियमित समय निर्धारित नहीं है और ना ही जानलेवा गंदे-जहरीली गैस युक्त जगहों, शीशे ,नुकीले धातुओं, बजबजाती नालियों- गटरों आदि’ के बीच काम करने के लिए उपयोग होने वाले ‘मास्क, लॉन्ग बूट, हैंड ग्लब्स, हेलमेट जैसे सुरक्षा उपकण नहीं प्रदान किया जाता I उन्होंने बताया की कार्य के दौरान यदि किसी सफाई कर्मी के साथ कोई दुर्घटना, बीमारी, इन्फेक्शन इत्यादि हो जाता है तो वह उसके लिए स्वयं जिम्मेदार होता है I ठेकेदार या नगर निगम के द्वारा किसी प्रकार का कोईसहयोग नहीं दिया जाता है जो की सीधे सीधे मजदुर अधिकार , मानव अधिकार का हनन, संविधान की अवमानना और देश की श्रम शक्तिका अपमान है जिसको किसी भी हाल में बरदाश्त नहीं किया जायेगा I उन्होंने कहा की प्रदेश सरकार/नगर निगम द्वारा सफाई कर्मियों को बीन विश्वास में लिए मनमाने और शोषणपूर्ण तरीके से, एक 1 अगस्त से ठेके पर काम करने वाले सफाई कर्मचारियों के काम करने की प्रणाली/ ठीका इत्यादि में परिवर्तन किया गया है जिसकी कोई जानकारी सफाई कर्मियों को नहीं दी गई है सफाईकर्मियों यह तक पता नहीं है उनका भुगतान कौन करेगा, कितना करेगा, वह किसके अंडर में काम करेंगे, कहां काम करेंगे, कितने घंटे काम करेंगे , जो की सफाई कर्मियों को अँधेरे में रखते हुए उनके साथ धोखा है I

उन्होंने कहा की आज शाशन –प्रशाशन को ज्ञापन देकर 3 दिन का समय दिया गया है , चार अगस्त तक यदि मानगो पर विचार कर पूरा नहीं किया गया तो अनिश्चितकालीन कार्य का बहिष्कार किया जायेगा I

आज “सफाई कर्मचारी अधिकार आंदोलन” आगाज के प्रथम दिन लालमन निषाद, बृजेश कुमार, धरमजी, प्रेम कुमार, डब्लू, मोहन कुमार, अनिल कुमार भारती, विमलेश कुमार, राकेश कुमार, शमशेर अली, सोनू, अनूप कुमार गुप्ता, दिलीप, प्रदीप कुमार, मुकेश, सरफराज, नूर मोहम्मद, रफीक, संजय, बंटी, अख्तर अली, राजेश, रमेश, अनवर अली, सुभानअल्लाह अंसारी, दीनानाथ, संजू, दीनानाथ सोनकर, राधेश्याम, लक्की साहनी, इमरान वारिस, जितेंद्र गणेश, राजकमल, रामानंद, गुलाची देवी, सरिता देवी, संगीता देवी, मंजू देवी, कलावती देवी, सोनमती देवी, धनराज देवी, बिरला देवी, अमित कुमार, सिंघानिया, सोनू सिद्धार्थ, सनी निषाद, इंद्र प्रकाश निगम,  सोमनाथ भारती,  कुणाल कुमार, राधेश्याम निषाद, मंजेश कुमार, प्रणव श्रीवास्तव, सुधीर मोदनवाल, प्रशांत कुमार, सुधीराम रावत, कमलेश गगहा समेत हजारों की संख्या में सफाई कर्मी व पूर्वांचल सैनिक उपस्थित रहे I

बिहार सरकार के खिलाफ देशव्यापी विरोध -प्रदर्शन – पूर्वांचल सेना द्वारा

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बालिका संरक्षण गृह में मासूम बालिकाओ  के साथ हुए दुराचार, बर्बरता के मामले में बिहार सरकार द्वारा की जा रही लापरवाही, एवं घटना में शामिल अपराधियों के खिलाफ ठोस कार्यवाही ना करते हुए मामले की लीपापोती में जुटे बिहार सरकार के खिलाफ देशव्यापी विरोध -प्रदर्शन के क्रम में गोरखपुर में भी पूर्वांचल सेना, पूर्वांचल नियुध्द अकादमी, दिशा छात्र संगठन, लालदेव ताइक्वांडो अकादमी, मेरा रंग, स्त्री मुक्ति लीग, मूलनिवासी मजदूर संघ आदि संगठनों ने नगर निगम स्तिथित रानी लक्ष्मीबाई पार्क में धरना देकर विरोध-प्रदर्शन करते हुए नीतीश सरकार से इस्तीफे की मांग की ।
मुजफ्फरपुर में बच्चों के साथ हुए बर्बरता का आक्रोश इतना ज्यादा था की भारी बारिश के दौरान भी प्रदर्शनकारी पार्क में डटे रहें और बिहार सरकारऔर रेपिस्टों के खिलाफ नारेबाजी करते रहे ।

 

सुबह 10:00 बजे से शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन के बाद उपस्थित लोगो ने दोपहर 1.00 बजे से नार निगम से पदयात्रा निकालकर जिला अधिकारी पहुंचे जहां उन्होंने, जिलाधिकारी के माध्यम से बिहार सरकार को ज्ञापन भेजकर, मुजफ्फरपुर के बालिका संरक्षण गृह में रह रही 42 में से 29 बच्चियों के साथ दुष्कर्म के घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस्तीफा देने , इस घटना की सीबीआई जांच हाईकोर्ट के देखरेख में कराने और इस जांच को मुजफ्फरनगर तक केंद्रित ना रखकर राज्य के प्रत्येक जिले में चल रहे बालिका संरक्षण

गृह के जांच कराने की मांग की ।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बालिकाओं के साथ हुए दुराचार बर्बरता के इस अमानवीय कृत्य के मामले में अपराधियों पर कोई ठोस कार्रवाई ना होना दोषियों में बिहार सरकार के मंत्री का नाम आना और पूरे मामले में सरकार का ढुलमुल रवैया यह साबित करता है की बलात्कार के दोषियों को शाशन सत्ता संरक्षण मिल रहा है । देश की बेटियों के मान सम्मान व इस तरह के कुकृत्य की पनरावृति को रोकने के लिए इन दोषियों पर कार्यवाही होना अति आवश्यक है जो कि नीतीश कुमार के सरकार में बने रहते संभव नहीं है ।
विरोध प्रदर्शन के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए पूर्वांचल सेना के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि बलात्कार जितना बड़ा अपराध है उतना ही बड़ा अपराध बलात्कारियों को संरक्षण देना है । आज एनडीए सरकार द्वारा बेटी बचाओ का नारा जुमला बनकर रह गया है जिसका परिणाम है कि देश में महिलाओं

के प्रति हिंसा और दुष्कर्म की बाढ़ आ गई है, इसी क्रम में सरकारी संरक्षण में चल रहे बालिका संरक्षण गृह को बालिका दुष्कर्म गृह बना दिया है । उन्होंने कहा कि इसके दूरगामी दुष्परिणाम होंगे सरकार द्वारा 29 मासूम बच्चों के दुष्कर्म के मामले में की जा रही है लापरवाही आम जनता का सरकारी देखरेख में चल रहे संस्थाओं से विश्वास उठ जाएगा । लोग सरकारी आवासीय संस्थाओं में अपनी बच्चियों को भेजना बंद कर देंगे जो की बच्चियों के शिक्षा उनके विकास के लिए ठीक नहीं है । इस जघन्य कृत्य के मामले में सरकार को आरोपियों पर कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए थी जो कि नहीं हो रही है, इससे पूरे देश में गलत मैसेज जा रहा है और बलात्कारियों का मनोबल बढ़ रहा है जिसको हम कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे । उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषियों को फांसी दिलाने तक हम हर स्तर का आंदोलन करेंगे ।

दिशा छात्र संगठन के राजू कुमार ने कहा यदि बच्चियों के साथ नया नहीं मिलता है और दुष्कर्म के आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं होती है तो हम उग्र आंदोलन करेंगे ।

वरिष्ठ पत्रकार मनोज सिंह ने कहा कि पूरे देश को एकजुट होकर इस मामले के खिलाफ लड़ना होगा । देश और दुनिया में भारत का नाम बदनाम हो रहा है बलात्कार की बढ़ती घटनाएं और उस पर सरकारी संरक्षण देश को महिलाओं के लिए असुरक्षित बनाता जा रहा है । उन्होंने कहा कि हमारे देश की महिलाओं को सम्मान दिलाने के लिए , उनके सम्मानित जीवन को सुनिश्चित करने के लिए ऐसे मामलों पर पूरे देश को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी ।

विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्वांचल सेना के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र वाल्मीकि ने किया ।
इस अवसर पर श्रीमती शालिनी सिंह, अंजलि ,माया ,मनोरमा, कुमारी दिव्या, कुमारी सुनीता, छात्र नेता सोनू सिद्धार्थ, इंद्रेश यादव, अमित कुमार सिंघानिया, भास्कर चौधरी ,पवन कुमार, प्रशांत कुमार, रणविजय कपूर, सुधिराम रावत, परमात्मा कुमार, ताइक्वांडो प्रशिक्षक लालदेव यादव , धीरज गुप्ता ,सनी कुमार निषाद , योगेंद्र प्रताप, सर्वेश, राजन निषाद ,अमित प्रजापति, विजय यदुवंशी , कुणाल कुमार, अंकित कुमार ,अखिलेश प्रजापति, साहिल कुमार ,रविंद्र कुमार , राहुल चौरसिया,राधेश्याम निषाद, सुधीर विश्वकर्मा, सुधाकर, परमात्मा कुमार, अविनाश प्रताप, अविनाश गुप्ता, देवेंद्र आर्य, दीपक ,राजू ,राकेश यादव, योगेंद्र प्रताप, अजय कुमार भारती, राजकुमार, इंद्र प्रकाश मंजेश कुमार, पंकज कुमार समेत तमाम तमाम लोग उपस्थित रहे।

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