Home Ministry grants permission for opening of 3000 CBSE affiliated schools as assessment centres across India to evaluate CBSE Board exams answers sheets 

The permission will help us to quickly evaluate 1.5 crore answer sheets – Shri Ramesh Pokhriyal ‘Nishank’

Home Ministry today granted permission for opening of 3000 CBSE affiliated schools as assessment centres across India to facilitate evaluation of answer sheets of CBSE Board exams. Union Minister for HRD Shri Ramesh Pokhriyal ‘Nishank’ expressed his gratitude towards the  Ministry of  Home Affairs for giving the permission. He said that 3000 CBSE  affiliated schools have been identified as assessment centers across India and special permission will be granted to these schools for the limited purpose of evaluation.

Dr Ramesh Pokhriyal Nishank

@DrRPNishank

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3000 @cbseindia29 affiliated schools across India have been identified as assessment centers. Special permission will be granted to these schools for the limited purpose of evaluation.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेआखिर तोड़ी चुप्पी –

बाबा साहेब ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को, लोकतांत्रिक बने रहने का रास्ता दिखाया था- मोदी

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश के संविधान निर्माता डॉ भीमराव आंबेडकर जी की 127 वीं जयंती की पूर्व संध्या देश को ” डॉक्टर आंबेडकर नेशनल मेमोरियल के तौर पर एक अनमोल उपहार दिया |

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की –

आज बाबा साहेब की स्मृति में बने इस नेशनल मेमोरियल को राष्ट्र को समर्पित करते हुए, मैं खुद को भाग्यशाली महसूस कर रहा हूं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आखिरकार कठुआ और उन्नाव गैंगरेप मामले में चुप्पी तोड़ दी है. गैंगरेप की दोनों घटनाओँ पर पीएम मोदी ने कहा कि ऐसी घटनाओँ से पूरा देश शर्मसार है. बेटियों को न्याय मिलकर रहेगा. न्याय दिलाना हमारी जिम्मेदारी है.

पीएम मोदी नई दिल्ली में डॉ. अम्बेडकर राष्ट्रीय स्मारक के लोकार्पण के अवसर पर बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि जिस तरह की घटनाएं हमने बीते दिनों में देखीं हैं, वो सामाजिक न्याय की अवधारणा को चुनौती देती हैं. पिछले 2 दिनो से जो घटनायें चर्चा में हैं वो निश्चित रूप से किसी भी सभ्य समाज के लिये शर्मनाक हैं. एक समाज के रूप में, एक देश के रूप में हम सब इसके लिए शर्मसार हैं|

खास नज़र –

  • इस स्मारक को एक किताब की शक्ल में तैयार किया गया है। जो की  हमारे देश का वो संविधान, जिसके शिल्पकार डॉक्टर आंबेडकर थे।

  • म्यूजियम को पूर्ण रूप से आधुनिक तकनीक व् डॉ बाबा साहब के जीवन के अहम पड़ावों को दिखाया गया है

-बाबा साहेब ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को, लोकतांत्रिक बने रहने का रास्ता दिखाया था।

 

 

 

 

 

 

स्टार खिलाड़ी हार्दिक पांड्या जा सकते है जेल – संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी

मुसीबत में फंसे भारतीय टीम का ये खिलाड़ी, राजस्थान में मामला दर्ज –

जोधपुर। क्रिकेट के मैदान में आतिशी पारी से दर्शको दिल में जगह बनाने के साथ-साथ विपक्षी गेंदबाजों के साथ पसीने छुड़ा देने के लिए जाने जाते है। लेकिन क्रिकेट के इस खिलाड़ी के लिए राजस्थान से बुरी खबर है राजस्थान में जोधपुर की एक अदालत ने भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी हार्दिक पांड्या के खिलाफ संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी के प्रकरण में मामला दर्ज करने के आदेश दिये हैं।

जानकारी के अनुसार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण जोधपुर महानगर न्यायालय के न्यायाधीश मधु सूदन शर्मा ने परिवादी अधिवक्ता डी आर मेघवाल के परिवाद पर कल यह आदेश दिये। न्यायालय ने इस मामले में दंड संहिता की धारा 156 (3) के तहत मामले की जांच करने के आदेश दिये।

परिवादी ने जानकारी देते हुए बताया कि ने बताया कि व्हाटसअप पर पांड्या द्बारा डा. अम्बडेकर के बारे में कौन है अम्बेडकर, जिसने दोगला कानून एवं संविधान बनाया तथा आरक्षण नाम की बीमारी फैलाई टिप्पणी करने का मामला सामने आने के बाद उन्होंने जोधपुर के लूणी थाने में मुकदमा दर्ज करने का निवेदन किया। लेकिन पुलिस ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। परिवादी ने बताया कि उसने इस संबध में उन्होने आयुक्त से भी शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाही नहीं की।इसके बाद गत 30 जनवरी को न्यायालय में इस्तगासा पेश कर मामले की जांच कराने का निवेदन किया गया। आपको बता दें कि हार्दिक पंड्या को भारतीय टीम में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है। आपको बता दें कि आईपीएल में हार्दिक मुबंई इंडियन की तरफ से खेलते है।

सबसे युवा और पहली एमबीबीएस सरपंच बनी शहनाज

इंटरनेट डेस्क। राजस्थान के भरतपुर जिले के गरहाजन गांव की कमां पंचायत से शहनाज खान सबसे युवा और पहली एमबीबीएस सरपंच बनी। आपको बता दें शहनाज ने 24 वर्ष की उम्र में इस पद पर जीत दर्ज की। पंचायत चुनाव में शहनाज ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी को 195 मतों से हराकर ये गौरव प्राप्त किया। आपको बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में गरहाजन गांव में होने वाले चुनाव रद्द कर दिए गए थे क्योंकि मौजूदा सरपंच शहनाज के दादा पर चुनाव के दौरान झूठे शैक्षणिक योग्यता प्रमाणपत्र देने का आरोप लगा था। गौरतलब है कि राजस्थान में सरपंच का चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार का कम से कम दसंवीं पास होना जरुरी होता है।

शाहनाज के परिवार का राजनीति से ताल्लुक काफी पुराना है उनके दादा 55 साल से गांव के सरपंच है वहीं उनके पिता गांव के मुखिया है। जीत के बाद शहनाज का कहना है कि मैं बहुत खुश हूं कि मुझे अपने लोगों की सेवा करने का मौका मिला है। शहनाज का कहना है कि उनकी प्राथमिकता लड़कियों की पढ़ाई और स्वच्छता होंगी। वह लड़कियों के लिए उदारहण पेश करना चाहती हैं। शहनाज कहती है कि यह उन पेरेंट्स के लिए उदारहण होगा जो अपनी बेटियों की पढ़ाई को नजरअंदाज कर देते हैं। आपको बता दें कि शहनाज मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश के तीर्थांकर महावीर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर रहीं है। जहां वह अपने कॉलेज के अंतिम वर्ष में पढ़ाई कर रहीं है।

केजरीवाल का माफ़ी मांगने का सिलसिला लगातार जारी

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा मानहानि के मामलों में माफ़ी मांगने का सिलसिला लगातार ज़ारी है।इसके लिए वह अपनी पार्टी के नेताओं के निशाने पर आ गए हैं। सोशल मीडिया में उनकी सिलसिलेवार माफियों का मजाक भी बनाया जा रहा है। ताजा मामला भाजपा नेता और केन्दीय मंत्री नितिन गडकरी से माफ़ी मांगे का है। गडकरी को दिए अपने माफीनामे में केजरीवाल ने लिखा है, ‘मुझे अपने उस बयान के लिए बेहद दुःख है, मैं इस दुःख को प्रमाणित नहीं कर सकता पर जानता हूँ कि इससे आप को दुख पहुंचा है।

मैं अफसोस जाहिर करता हूं। हम इस घटना को पीछे छोड़ दें और अदालती कार्यवाही को बंद करें। हमें अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल परस्पर सम्मान की भावना के साथ देश के लोगों की सेवा के लिए करना चाहिए।बताते चलें कि गडकरी ने अपना नाम केजरीवाल द्वारा ‘भ्रष्ट राजनेताओं’ की सूची में डालने के बाद 2014 मे उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। केजरीवाल पर एक के बाद एक कई राजनेताओं ने मानहानि का मामला दर्ज किया है, जिसमें वित्त मंत्री अरुण जेटली व दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित भी शामिल हैं।

माफ़ी मुख्यमत्री बनते जा रहे केजरीवाल

गौर तलब है कि पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से माफी मांगने के कुछ दिनों बाद ही अब अरविंद केजरीवाल ने पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल के बेटे अमित सिब्बल और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से माफी मांगी है। अपने इस कदम को सही ठहराने के लिए उन्होंने ट्वीटर हैंडल पर ‘आप एक्सप्रेस’ का एक ट्वीट रीट्वीट किया है। पार्टी का मुखपत्र कहे जाने वाले आप एक्सप्रेस ने अखबार एक आर्टिकल अपलोड किया है जिसमें लिखा है “अदालत या जनता की अदालत, केजरीवाल ने चुना दूसरा विकल्प।” पार्टी का मुखपत्र कहे जाने वाले आप एक्सप्रेस ने एक अन्य ट्वीट में कहा है कि केजरीवाल का यह कदम, “दो कदम पीछे जाकर दिल्ली को चार कदम आगे ले जाने की चाहत है  गौरतलब है कि बीते सप्ताह केजरीवाल ने शिरोमणि अकाली दल नेता बिक्रम मजीठिया पर बिना साक्ष्यों के मादक पदार्थो के व्यापार में शामिल होने के आरोपों पर उनसे लिखित मांफी मांग ली थी। इस माफीनामे से नाराज आप की पंजाब इकाई के प्रमुख भगवंत मान ने त्यागपत्र दे दिया था ।

बजट सत्र आज भी चढ़ सकता है हंगामे की भेट

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ कल लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव हंगामे के कारण पेश नहीं हो पाया है। आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग पर एनडीए से अलग हुई तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) और वाईएसआर कांग्रेस ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया, हालांकि थोड़ी ही देर बाद दोनों दलों ने सदन में हंगामा करना शुरू कर दिया। दोनों दलों के सांसद हंगामा करते हुए लोकसभआ स्पीकर के पास पहुंच गए, जिसकी वजह से लोकसभा को स्थगित करना पड़ा। जिसके चलते विपक्षी दलों का लाया गये अविश्वास प्रस्ताव को मंजूरी नही मिल पाई।

दूसरी ओर अविश्वास प्रस्ताव से बेपरवाह दिख रही सरकार ने विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र प्रसाद ने कहा, एक तरफ तो वह अविश्वास प्रस्ताव ला रहे हैं। लेकिन दूसरी तरफ वह संसद में हंगामा कर रहे हैं ताकि प्रस्ताव को चर्चा के लिए स्वीकार नहीं किया जा सके। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कहा कि सरकार अविश्वास प्रस्ताव समेत सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। हालांकि विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर अविश्वास प्रस्ताव की राह में रोड़ा डालने का आरोप लगाया है।

केंद्र सरकार के खिलाफ पेश होने वाले पहले अविश्वास प्रस्ताव को कांग्रेस पार्टी ने समर्थन दिया है। वहीं एनडीए की सहयोगी शिव सेना ने बीजेपी को झटका देते हुए अविश्वास प्रस्ताव से दूरी बना ली है। शिव सेना ने कहा कि वह इस अविश्वास प्रस्ताव पर सरकार और विपक्षी दल, दोनों में से किसी के साथ खड़़ी नहीं होगी।

उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने छात्राओं के लिए की ये घोषणा

जयपुर। उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने बालिकाओं के शैक्षिक उत्थान में भागीदारी के लिए एक अनूठी पहल शुरू की है। उच्च शिक्षा मंत्री ने घोषणा की है कि राजसमन्द विधानसभा क्षेत्र की स्कूलों में बोर्ड परीक्षाओं में स्कूल स्तर पर प्रथम रहने वाली छात्राओं को वे अपनी ओर से एक-एक हजार रुपए का नकद पुरस्कार देंगी। एसी 60 से अधिक स्कूलें हैं जिनमें अव्वल आने वाली छात्राओं को माहेश्वरी की ओर से प्रोत्साहन स्वरूप नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने यह घोषणा सोमवार को राजसमन्द जिला मुख्यालय पर राजनगर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित लैपटॉप वितरण समारोह में की।

उच्च शिक्षा मंत्री ने इस अवसर पर 29 मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरित किए। इनमें 21 छात्राएं तथा 8 छात्र हैं। समारोह में नगर परिषद सभापति सुरेश पालीवाल, समाजसेवी महेन्द्र टेलर, महेश आचार्य, पार्षद उत्तम कावडिय़ा एवं हिम्मत मेहता सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी तथा उनके अभिभावक उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री ने राजस्थान में शैक्षिक विकास की विभिन्न योजनाओं के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी और कहा कि अच्छे प्रतिशत हासिल कर इनका लाभ लें तथा भविष्य संवारें।

उन्होंने बारहवीं कक्षा में 75 फीसदी से अधिक अंक लाने व उच्चतम अंक प्रतिशत बरकरार रखने पर मुफ्त कॉलेज शिक्षा सुविधा, विभिन्न शैक्षिक उन्नयन एप्स का लाभ लेने, प्रतिस्पर्धाओं में अव्वल रहने और आशातीत सफलता पाने के लिए पूरे मनोयोग से शिक्षा-दीक्षा पाने का आह्वान किया। जिला शिक्षा अधिकारी भरत जोशी ने बताया कि जिले में 561 मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप प्रदान कर लाभान्वित किया गया है।

समान विचारधारा के साथ मिलकर चलेगी कांग्रेस

नई दिल्ली। कांग्रेस ने देेश में बदलाव का आह्वान करते हुए आज कहा कि सभी समान विचारधारा वाले दलों के साथ सहयोग के लिये व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाया जाएगा और अगले आम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराने के लिये साझा कार्यप्रणाली तैयार की जाएगी। पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने पार्टी के 84 वें महाअधिवेशन में राजनीतिक प्रस्ताव पेश करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कड़ी आलोचना की और कहा कि देश को विकास के पथ पर लाने वाली पार्टी कांग्रेस ही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का शानदार इतिहास है और यह बहुसांस्कृतिक, बहुभाषी और बहुधार्मिक भारत का प्रतिनिधित्व करती है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की नीतियों के कारण देश तानाशाही, विभाजनकारी और विघटनकारी ताकतों के खतरों का सामना करते हुए चैराहे पर खड़ा है और कांग्रेस ऐसे वक्त में लोगों के साथ खड़ी है और उनसे प्रतिबद्धता व्यक्त करती है। संविधान के संरक्षण पर बल देते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि संवैधानिक मूल्यों की बुनियाद पर खतरा पैदा हो गया है और आजादी संकट में है। संवैधानिक संस्थानों पर भारी दबाव है और उनकी स्वतंत्रता से समझौता किया जा रहा है। खडगे ने कहा कि भाजपा राज में किसानों, खेत मजदूरों, असंगठित क्षेेत्र से जुड़े कामगारों, श्रमिकों, दलितों अल्पसंख्यकों, व्यापारियों, बेरोजगारों और गरीबों की उम्मीदों को कुचल रही है।राजनीतिक प्रस्ताव में कहा गया है कि देश में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है और मोदी के करीबी हजारों करोड़ रुपए लेकर भाग रहे हैं। इसमें राफेल सौदे का उल्लेख भी किया गया है।

इस विधायक का दावा, मुझे भी मिला था BJP में शामिल होने का निमंत्रण

जयपुर। एनपीपी टिकट पर चुने गए आमेर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नवीन पिलानिया ने कहा है कि उन्हें भी भाजपा में शामिल होने का निमंत्रण था। पिलानिया ने संवाददाताओं से कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी में शामिल होने का निमंत्रण दिया था जिसे उन्होंने इसलिए अस्वीकार कर दिया क्योंकि वे प्रदेश भाजपा सरकार की नीतियों की पिछले साढ़े चार साल से आलोचना कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि ऐसे में भाजपा में शामिल होना जनता के दिए गए जनादेश के खिलाफ होता। पिलानिया ने कहा कि राज्य सरकार के शासन में युवा, किसान, मजदूर और दलित सभी परेशान है। ऐसे में उन्होंने पार्टी में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा का सत्ता में आना मुश्किल है। जब उनसे पूछा गया कि आगामी विधानसभा चुनावों में किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगे तो पिलानिया ने कहा कि इसके लिए वह आमेर विधानसभा की पंचायतों में जाएंगे।गौरतलब है कि पिलानिया के अलावा एनपीपी के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. किरोडी लाल मीणा और दो अन्य विधायकों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी।