मुख्यमंत्री राजे ने दी – चुनाव से पूर्व पुलिसकर्मियों को बड़ी सौगात

पहली बार 6000 कांस्टेबल पदोन्नत पुलिसकर्मियों का बीमा 10 गुना बढ़ाया –

जयपुर, 19 सितम्बर। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने 6 हजार कांस्टेबलों की पदोन्नति के अवसर पर प्रदेश के सभी पुलिसकर्मियों को एक बड़ी सौगात देते हुए कांस्टेबल से लेकर पुलिस महानिदेशक स्तर तक के लिए दोहरी बीमा योजना राशि में 10 गुना बढ़ोतरी की घोषणा की है। राज्य पुलिसकर्मियों की इस बीमा योजना में यह बढ़ोतरी 27 साल बाद की गई है।

श्रीमती राजे ने राजस्थान पुलिस अकादमी में बुधवार को राज्यस्तरीय पुलिस पदोन्नति समारोह में उपस्थित हजारों नव पदोन्नत हैड कांस्टेबल्स तथा अन्य पुलिसकर्मियों के बीच यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कांस्टेबल से हैड कांस्टेबल तक 20 लाख रुपये, एएसआई से पुलिस निरीक्षक तक 40 लाख तथा उप अधीक्षक से पुलिस महानिदेशक तक 60 लाख रुपये का दोहरा

 बीमा किया जाएगा।

श्रीमती राजे ने कहा कि पहले कई कांस्टेबल अपने पूरे सेवाकाल में बिना पदोन्नत हुए सेवानिवृत्त हो जाते थे। हमारी सरकार ने उनकी इस पीड़ा को पूरी शिद्दत से महसूस किया और उनके हक में संवेदनशील निर्णय लेते हुए फैसला लिया कि 18 साल या उससे अधिक सेवा पूरी कर चुके कांस्टेबल्स को योग्यता परीक्षा के स्थान पर स्क्रीनिंग पद्धति से पदोन्नत किया जाए। मुझे खुशी है कि मात्र

दो माह से कम समय में 6 हजार कांस्टेबलों का पदोन्नति का सपना आज पूरा हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब भविष्य में भी कांस्टेबलों को इसी प्रकार प्रमोशन मिलते रहेंगे और कोई पात्र कांस्टेबल बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान की गिनती अमन-चैन और शांतिप्रिय प्रदेश के रूप में होती है। इसका बहुत कुछ श्रेय हमारे जांबाज पुलिसकर्मियों को जाता है। उन्होंने कहा कि हमारे पुलिसकर्मी दिन-रात चौकस रहकर मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी को अंजाम देते हैं और हम सब उन्हीं की बदौलत अपने आप को सुरक्षित महसूस करते हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी पदोन्नत होने वाले 6 हजार पुलिसकर्मियों एवं उनके परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि हम सब मिलकर राजस्थान पुलिस को देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस फोर्स बनाएंगे। उन्होंने कहा कि आप सभी अपराधियों में कानून के प्रति डर पैदा करें और बेगुनाह के हमदर्द बनें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 15 नव पदोन्नत हैड कांस्टेबलों को वर्दी पर फीत पहनाई। उन्होंने एशियन गेम्स 2018 के मेडल विजेता पुलिसकर्मियों को भी सम्मानित किया।

इससे पहले गृहमंत्री श्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि बीते करीब पौने पांच साल के दौरान राज्य सरकार ने पुलिस आधुनिकीकरण पर पूरा जोर दिया है। इससे पुलिस की कार्य क्षमता और कार्य प्रणाली में काफी सुधार आया है। पुलिसकर्मियों के भत्ते बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें वाहन, आधुनिक हथियार एवं अन्य उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं।

पुलिस महानिदेशक श्री ओपी गल्होत्रा ने पुलिस महकमे में पदोन्नति का रास्ता खोलकर पुलिसकर्मियों के मनोबल में वृद्धि के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री एस.के. अग्रवाल, विशिष्ट महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था श्री एन.आर.के रेड्डी भी मंचासीन थे।

जिग्नेश मेवाणी को पुलिस ने किया गिरफ्तार – जिग्नेश ने कहा –

जयपुर | दलित युवा नेता  जिग्नेश मेवाणी को आज जयपुर एयरपोर्ट पर  पुलिस ने  गिरफ्तार कर लिया |  पुलिस ने  जिग्नेश को 
करीब 4 घंटे  के बैठाया रखा | एक बार तो जिग्नेश मेवाणी समझ नहीं पाए आखिर हो क्या रहा है  – गोरतलब है की जिग्नेश डॉ . बाबा साहब की जयंती के उपलक्ष्य में मेड़ता में हो रहे कार्यक्रम में शिरकत होने नागौर के मेड़ता जा रहे थे  , जिग्नेश जेसे ही गाडी में बेठने लगे सादा वर्दी में पुलिस कर्मी ने उन्हें नागौर में प्रवेश करने से रोकने का फरमान दे दिया , जिस पर जिग्नेश से बल पूर्वक साइन करने  का दबाब पुलिस बनाने लगी. जिसको लेकर पुलिस व् जिग्नेश में तीखी बेहस शुरू हो गई |  करीब 4 घंटे तक पुलिस निगरानी में रखने के बाद जिग्नेश मेवाणी को वापस गुजरात के लिए रवाना कर दिया गया | 
जिग्नेश मेवाणी की यात्रा को देखते हुए शनिवार रात से ही मेड़ता में धारा 144 लागू करने के साथ ही उनके नागौर जिले में प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। नागौर के पुलिस अधीक्षक पारिस देशमुख के निर्देश पर पुलिस उप अधीक्षक विघाप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में सादी वर्दी में पुलिसकर्मी जयपुर के सांगानेर हवाई अड्डे पर पहुंच गए थे। मेवाणी जैसे ही हवाई अड्डे के बाहर आकर मेड़ता जाने के लिए गाड़ी में बैठे तो उन्हे नागौर जिले के प्रवेश नहीं करने को लेकर पाबंद करने का नोटिश थमा दिया गया। काफी देर तक जिग्नेश और पुलिस अधिकारियों के बीच बहस होती रही। मामला बढ़ने की आशंका को देखते हुए आस पास के पुलिस थानों से अतिरिक्त पुलिस बल मंगवा लिया गया। इस बीच, केशकला बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष गोपाल सिंह केसावत सहित कई लोग जिग्नेश मेवाणी से मिलने हवाई अड्डे पर पहुंच गए। पुलिस ने यहां केसावत को गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि आंबेडकर जयंती समारोह के दौरान माहौल बिगड़ सकता है। इस कारण से पुलिस ने जिग्नेश को कार्यक्रम स्थल पर जाने से रोकने के साथ ही धारा 144 लागू कर दी, जिससे भीड़ एकत्रित नहीं हो सके।
मेवाणी ने हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा कि उन्हें बेवजह जबर्दस्ती रोका गया है। बंदी बनाने का प्रयास किया गया। राज्य सरकार उनके यहां आने से डर गई है। जिग्नेश ने ट्वीट किया है कि मैं जयपुर एयरपोर्ट पर उतरा तो कुछ पुलिस अधिकारी एक ऐसे पत्र पर हस्तारक्ष कराने लगे थे, जिसमें लिखा था कि नागौर में एमएलए जिग्नेश के प्रवेश पर पाबंदी है। मैं एक जनसभा संबोधित करने जा रहा था, जिसमें भारतीय संविधान और डॉ. आंबेडकर के बारे में संबोधन था। उन्होंने कहा कि मुझे रोकने के परिणाम भुगतने होंगे।
मेवाणी ने ट्वीट करते हुए यह आरोप लगाया है और राज्य सरकार से सवाल किया है कि अगर विधायक के साथ ऐसा किया गया है तो जनता के साथ क्या किया जाता होगा। गौरतलब है कि मेवाणी गुजरात के वडगाम से विधायक हैं।
मेवाणी ने लिखा है कि वह अहमदाबाद से जयपुर फ्लाइट से पहुंचे ही थे कि एयरपोर्ट पर ही उन्हें रोक दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनसे एक पत्र पर दस्तखत कराए जिस पर लिखा था कि वह राजस्थान के नागौर जिले में दाखिल नहीं हो सकते। मेवाणी ने बताया है कि वह संविधान और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर पर बात करने वहां गए थे। 
इसके कुछ ही देर बाद उनसे कहा गया है कि वह जयपुर में भी नहीं जा सकते। उन्होंने ट्वीट किया- ‘अब डीसीपी कह रहे हैं कि मैं जयपुर में भी नहीं घूम सकता और वह मुझसे अहमदाबाद वापस जाने के लिए कह रहे हैं। मुझे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की इजाजत भी नहीं मिली है। यह हैरान करने वाला है।’