हरियाणा भाजपा सरकार ने की देश तोड़ने की शुरुआत की , क्षेत्रवाद को बढ़ावा प्राइवेट सेक्टर में 75 % आरक्षण पर मुहर 

story by – pawan dev 

politico 24 x 7  news team { rajasthan } 

भाजपा मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का संविधान विरोधी निर्णय – क्षेत्रवाद के अनुसार प्राइवेट सेक्टर में 75 % आरक्षण पर मुहर लगी हैं जो मानसून सत्र में कानून का रूप ले सकता हैं 

प्रत्येक सरकार का उदेश्य होता हैं की राज्य के युवाओं को रोजगार मिले और उसके लियें सरकारे अपने स्तर पर जन कल्याणकारी योजनायें बनाती हैं और कार्य करती हैं लेकिन आज मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने नई बेस ( विवाद ) को जन्म दे दिया जिसके परिणाम भविष्य में देश को तोड़ने वाले सिद्ध हो सकते हैं केंद्र व् राज्य की सरकारे हर 5 साल में आती जाती रहती हैं |

भारत देश संविधान के अनुसार चलता हैं जिसमे ” संविधान की प्रस्तावना में ही वर्णीत शब्दों मूल्यों का ही हनन आज भाजपा हरियाणा सरकार ने कर दिया हैं |

bjp cm manohar lal khatter s – twitter

जानें – भारत के संविधान की आत्मा कह जाने वाली ” प्रस्थावना ”

” हम भारत के लोग ,भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्त्व सम्पन्न – समाजवादी ,धर्म निरपेक्ष , लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लियें तथा उसके समस्त नागरिको को सामाजिक ,आर्थिक और  राजनीतिक न्याय ,विचार अभिव्यक्ति ,विश्वास ,धर्म और उपासना की स्वत्रंतता , प्रतिष्टा और अवसर की ” समता ” प्राप्त करने के लियें तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट की एकता की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लियें दृढ संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवंबर, 1949 ई0 को एतद द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।”

इसमें में जो समता और समानता की बात कही गई हैं उसका आज हनन हुआ है जिसके मायने भविष्य में गंभीर है

क्या है क्षेत्रवाद – आज जो भाजपा के मुख्यमंत्री खट्टर ने हरियाणा के लोगों के लियें प्राइवेट क्षेत्र में जो 75 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की है वह गैर संवेधानिक व् गैरकानूनी है आप सोचे आप भारत में कही भी बीना किसी रोक -टोक के घूम सकते है कही से भी चुनाव लड़ सकते हैं आप किसी राज्य में सरकारी व् प्राइवेट नोकरी में आवेदन कर सकते हैं नोकरी कर सकते हैं क्योंकि आप भारत के नागरिक हैं  और आप को यह हक्क भारत का संविधान देता है लेकिन आज आपके दायरे को हरियाणा भाजपा सरकार ने सिकुड़ दिया है आज हरियाणा ने आप पर स्थानीय बनाम अन्य राज्यों पर पाबंधी लगा दी है कल राजस्थान फिर पंजाब ,बिहार , आन्ध प्रदेश ,दिल्ली आदी तमाम राज्यों की सरकारे ऐसे कानून बनायेगी जिसमे क्षेत्रवाद , राज्य वाद को बढ़ावा देगे क्योकिं पार्टियों को वोट चाहियें |

जबकि भारत राज्यों का संघ हैं संविधान में पहली लाइन ही यह लिखी गई हैं और हम भारत के नागरिक हैं  फिर क्षेत्रवाद के  माध्यम से भारत को तोड़ने की कोशिश की नीवं भाजपा सरकार हरियाणा द्वारा क्यों की गई हैं यह एक बड़ा सवाल हैं सरकार के पास हर क्षे त्र के विशेषग्य होते हैं फिर ऐसा निर्णय क्यों –

न्यूज़ बुलेटिन –

आज हरियाणा मंत्रिमंडल की सोमवार बैठक में प्राइवेट सेक्टर में युवाओं को नौकरियों में 75 फीसदी आरक्षण देने के प्रस्ताव पर मुहर  लगा दी हैं जिसके चलते हरियाणा के करीब ढ़ाई लाख युवाओं को नौकरी मिलेगी आगामी विधानसभा के मानसून सत्र में यह कानून बन जाएगा।

 

वर्तमान में डेढ़ लाख युवा ऐसे हैं, जो कुशल हैं और उन्होंने रोजगार के लिए पोर्टल पर पंजीकरण करा रखा है। इसके अलावा 94 हजार युवा ऐसे हैं, जो सक्षम युवा हैं और पहले से हरियाणा सरकार के रोजगार पोर्टल पर दर्ज हैं। यह सभी युवा 75 फीसदी आरक्षण की सुविधा का लाभ उठाने के पहले पात्र साबित हो सकते हैं।

युवाओं को 75 फीसदी रोजगार के 10 खास पहलू

# आरक्षण की सुविधा 50 हजार से कम तनख्वाह वाले पदों पर लागू होगी।
#  हरियाणा के मूल निवासी को योजना का लाभ मिलेगा।

# ईंट-भट्ठों पर यह नियम लागू नहीं होगा, क्योंकि वहां उड़ीसा व झारखंड के श्रमिक काम करते हैं। इस तरह श्रमिक हरियाणा में नहीं उपलब्‍ध हैं।

# निर्माण क्षेत्र के कार्यों में पश्चिमी बंगाल के कामगारों को प्राथमिकता रहेगी।
#  हरियाणा की आइटीआइ से निकले युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता मिलेगी।
# हरियाणा में फिलहाल करीब 60 हजार रजिस्टडर्ड प्राइवेट इंडस्ट्रीज है, लेकिन इनकी संख्या बहुत ज्यादा है, जिनका पंजीकरण हो रहा है।
# हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग से भी कुशल कर्मचारियों के बारे में जानकारी हासिल की जाएगी।
#  हरियाणा के लोगों को रोजगार मिलने में प्राथमिकता से इंडस्ट्री और यहां के युवाओं का खर्चा कम होगा।

युवा वर्ग नोकरी देने वाला बनें – हम देंगे प्लेटफार्म – डॉ. सत्य प्रकाश वर्मा { डिक्की }

Youths should become jobbers – We will give platform – Dr. Satya Prakash Verma { DICCI }

जयपुर |  दलित इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) द्वारा जयपुर के निजी होटल में  sc /st  युवाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में सफलता कैसे  प्राप्त करे और बाजार में मजबूत पकड़ कैसे बनायें विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया  |कार्यक्रम में 100 से अधिक युवा उधमियों ने हिस्सा लिया |

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डिक्की राजस्थान के अध्यक्ष डॉ. सत्य प्रकाश वर्मा ने इस अवसर पर युवाओं से कहा की माना आज आर्थिक मंदी का दौर है लेकिन यह समय नयें उधमीयों के लियें एक अवसर है क्योकि इस समय केंद्र सरकार व् राज्य सरकार नई – नई सब्सिडी जारी कर रही है जिसका फ़ायदा युवा उधमियों को ज़रूर उठाना चाहियें और राजस्थान के उधमियों के लियें डिक्की हर सहायता के लियें तैयार है |

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलपति (RISU) डॉ. ललित के. पंवार ने कहा कि आज राजस्थान में कौशल विश्वविद्यालय युवाओं की वर्तमान समय की मांग के अनुसार कौशल आधारित कोर्स संचालित कर रही है जिसे कोई भी व्यक्ति कर सकता है और शत-प्रतिशत जॉब प्राप्त करने के साथ-साथ स्वयं उद्यमी भी बन सकता है.  उन्होंने बताया की डिक्की एवं रिसु का MOU हुआ है जिसके माध्यम से SC-ST उद्यमियों का कौशल विकास किया जायेगा.कार्यक्रम में डिक्की अध्यक्ष डॉ. सत्य प्रकाश वर्मा, एनएसआईसी मैनेजर श्री विकास माथुर, नाबार्ड के मुख्य महा प्रबंधक सुरेश चद, एमएसएमई के निदेशक वी के शर्मा, डिक्की उपाध्याक्ष आशीष गोरा अन्य अतिथि  रहे |

डिक्की { DICCI  } , एनएसआईसी { NSIC } , एमएसएमई { MSME  } द्वारा राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं के विषय में विस्तार से चर्चा की गई  जिस का लाभ उठाते हुयें  युवा उधमी अपना नया उधम शुरू कर सकते है |

कार्यक्रम में राज्य सरकार की नयी उद्योग, सौर एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति के बारे में  विस्तार से बताया गया नयें उधमियों को dicci के सहयोग केसे करता है  इस विषय पर dicci के उपाध्यक्ष आशीष गोरा जी ने विस्तार से युवाओं को बताया |

नाबार्ड के सुरेश चंद्र जी ने फ़ूड प्रोसेसिंग , कृषि उत्पाद निर्यात आदि सेक्टर्स में संभावनाओं एवं नाबार्ड की योजनाओं अवगत कराया ,वी के शर्मा ने व्यापार को शुरू करने से पहले मार्केट रिसर्च, सोशल नेटवर्किंग की व्यावहारिक बारीकियों युवाओं का मार्गदर्शन किया

कार्यक्रम में उद्यमी महेश हैंडीक्रॉफ्ट्स के अशोक चौहान एवं खेराज राम चौहान को भी उद्यमिता में विशेष प्रदर्शन के लिए मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया |

 

कांग्रेस -छोटे राजनेतिक दलों के साथ धोखा करती है क्या यह चरित्र है कांग्रेस का – जानें यहाँ

Whether Chhotu Bhai Vasawa was betrayed by CM Gahlot or was not fit to fulfill the demand

of Chhotu Bhai –

जयपुर/डूंगरपुर (इकरा पत्रिका)। छोटू भाई वसावा समाजवादी पृष्ठभूमि के एक कद्दावर आदिवासी नेता हैं। जो भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। वे गुजरात की झागड़िया सीट से विधायक हैं और करीब आधा दर्जन बार से लगातार विधायक बनते आ रहे हैं। उनके पुत्र महेश भी गुजरात की डोडियापाड़ा विधानसभा सीट से विधायक हैं। छोटू भाई 2017 से पहले जनता दल के नेता के तौर पर विधायक रहे हैं। 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव में उन्होंने बीटीपी का गठन किया और एक बार फिर फतह का झण्डा गाड़ दिया।

छोटू भाई वसावा का इतना ही परिचय नहीं है, और भी है। जिससे आप भलीभांति परिचित हैं। सिर्फ आपको याद दिलवाने की आवश्यकता है। याद करें 8 अगस्त 2017 का दिन। इस दिन गुजरात में राज्यसभा चुनाव थे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमहद पटेल हारते हारते चुनाव जीत गए थे। उनको चुनाव जीतवाने में जो एक वोट ऐतिहासिक सहायक बना था, वो वोट छोटू भाई वसावा का ही था। छोटू भाई वसावा तब जनता दल यूनाइटेड के विधायक थे और पार्टी के अध्यक्ष एवं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आदेश व आग्रह के बावजूद उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को वोट नहीं दिया।

उनका वोट भाजपा उम्मीदवार को डलवाने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और दूसरे वरिष्ठ नेताओं ने भी एड़ी चोटी का जोर लगा लिया। लेकिन छोटू भाई न किसी लालच में आए और ना ही किसी दबाव में। उन्होंने दो टूक कह दिया कि मेरा वोट साम्प्रदायिक पार्टी भाजपा को कतई नहीं मिलेगा। नीतीश कुमार ने बगावत करने के कारण उन्हें पार्टी से निकाल दिया। उनका वोट अहमद पटेल को पड़ा, लेकिन मतगणना और चुनाव परिणाम को लेकर विवाद हो गया था। मामला केन्द्रीय चुनाव आयोग तक पहुंच गया था, हर टीवी चैनल पर यही मुद्दा छाया रहा। देर रात को चुनाव आयोग का आदेश आया और मतगणना शुरू हुई।

पूरे देश की नजर टीवी चैनलों पर टिकी हुई थी, भाजपा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चैनलों की बहस में अपने अपने पक्ष को सही बता रहे थे। यह पहली बार था जब राज्यसभा का चुनाव इतना चर्चित हुआ। देर रात को परिणाम आया और अहमद पटेल को विजयी घोषित किया गया। चुनाव आयोग की इस घोषणा से भाजपा खेमे में सन्नाटा पसरा गया, क्योंकि मामला गुजरात का था, जहाँ से प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह आते हैं। साथ ही अहमद पटेल का था, जो गुजराती मुसलमान तो हैं ही, कांग्रेस की तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के तब राजनीतिक सलाहकार भी थे। इस जीत से कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी खेमों में खुशी की लहर थी, उन्होंने इस खुशी का प्रदर्शन इस तरह किया, जैसे पीएम मोदी को करारी मात दे दी हो।

अहमद पटेल की जीत और भाजपा की करारी हार तय करने वाले तथा सम्पूर्ण विपक्ष को खुशी का जश्न मनाने का मौका देने वाले नेता का नाम छोटू भाई वसावा है। लेकिन आज कांग्रेस ने छोटू भाई वसावा को एक भी लोकसभा की सीट नहीं देकर उस एहसान को भूला दिया है। यह मानना है बीटीपी से जुड़े हुए लोगों और समाजवादी, अम्बेडकरवादी व मार्क्सवादी सियासी जानकारों का। सियासी गलियारों में चर्चा है कि सीएम अशोक गहलोत ने छोटू भाई वसावा के साथ सरासर धोखा किया है। वो इसलिए कि 2017 में अशोक गहलोत गुजरात के प्रभारी महासचिव थे और छोटू भाई वसावा का वोट अहमद पटेल को दिलवाने में उनकी भी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।

छोटू भाई वसावा की पार्टी बीटीपी की दिसम्बर 2018 में हुए राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन की चर्चा थी। लेकिन यह गठबंधन नहीं हो सका और बीटीपी ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए। विधानसभा चुनाव में बीटीपी के दो उम्मीदवार विधायक बनने में सफल हुए। इस चुनाव में बीटीपी ने डूंगरपुर जिले की चारों सीटों पर मजबूत उपस्थिति दर्ज करवाई। उसने यहाँ की चौरासी और सागवाड़ा विधानसभा सीटों को पहली बार में फ़तह किया तथा आसपुर सीट पर वो मामूली वोटों से चुनाव हार गई। बीटीपी ने इन तीनों सीटों पर कांग्रेस को तीसरे नम्बर पर धकेल दिया। बीटीपी से लोकसभा चुनाव में भी गठबंधन करने की चर्चा सियासी गलियारों में चल रही थी। लेकिन वो चर्चा सिर्फ चर्चा ही रही और गत दिनों कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए।

खबर है कि छोटू भाई वसावा कांग्रेस से राजस्थान में चार सीटें मांग रहे थे, लेकिन वो दो पर भी राज़ी हो जाते। परन्तु कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें एक भी लोकसभा सीट देना उचित नहीं समझा तथा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पार्टी आलाकमान को समझाया कि क्षेत्रीय दलों से गठबंधन करने से आगे चलकर कांग्रेस कमजोर हो जाएगी एवं यह क्षेत्रीय दल मजबूत होकर अगले चुनाव में और अधिक सीट मांगेंगे। सियासी पण्डितों का यह भी मानना है कि कांग्रेस की एक आदत है कि वो गठबंधन और चुनावी चर्चा के नाम पर क्षेत्रीय दलों को अटकाए रखती है और एनवक्त पर उन्हें छोड़ कर उम्मीदवार घोषित कर देती है। यही उसने बीटीपी के साथ किया।

कांग्रेस ने उम्मीदवार घोषित करते ही छोटू भाई वसावा ने भी राजस्थान में अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए। उन्होंने बांसवाड़ा डूंगरपुर लोकसभा सीट से कांतिलाल रोत और जोधपुर लोकसभा सीट से अमर सिंह कालुंदा को अपना प्रत्याशी बनाया है तथा उदयपुर, राजसमन्द व जालोर से उम्मीदवार दूसरी सूची में घोषित करने की घोषणा की है। उन्होंने खुद के लिए गुजरात की भरूच लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की भी घोषणा की है। सियासी गलियारों में चर्चा यह भी है कि छोटू भाई वसावा राजस्थान के अलावा गुजरात, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों में भी सीटें मांग रहे थे और यह संख्या बीस के करीब थी, जिसे कांग्रेस देने में असमर्थ थी।

कारण जो भी हो लेकिन उक्त घोषणा से कांग्रेस और बीटीपी के रास्ते अलग अलग हो गए हैं। जिसके बारे में सियासी जानकारों का कहना है कि छोटू भाई वसावा जैसे मजबूत और संकट मोचक साथी को छोड़कर कांग्रेस ने सही नहीं किया है। उनसे कैसे भी करके गठबंधन करना चाहिए था, ताकि एक तो वोटों के बंटवारे से भाजपा को फायदा नहीं हो और दूसरा कांग्रेस पर यह स्थाई ठप्पा न लगे कि वो क्षेत्रीय दलों को साथ लेकर चलने में ईमानदारी नहीं बरतती है |

RSS प्रमुख भागवत ,राष्ट्रिय अध्यक्ष भाजपा अमित शाह , मुख्यमंत्री राजे ,क्या भाजपा को सत्ता पर काबिज कर पायेगें –

भाजपा ,आरएसएस का मंथन –

जयपुर | वर्तमान समय राजस्थान की राजनीती का बड़ा संवेदनशील है जहाँ एक और मुख्यमत्री राजे गौरव यात्रा निकाल रही है तो अमित शाह राजस्थान के जमीनी समीकरण साधने की कोशिश कर रहे है अब इसे समय की बिडम्बना कहे की भाजपा के संरक्षक की भूमिका निभाने वाली संस्था के प्रमुख मोहन भागवत दस दिवसीय राजस्थान दौरे पर है कहा तो जा रहा है की वह संघ की नियमित

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दौरे पर है लेकिन अप्रत्यक्ष रूप इसका फायदा भाजपा को मिलने वाला है |

सूत्रों के अनुसार राजस्थान में भाजपा सत्ता में दौबारा काबिज़ होने व् राजस्थान के ट्रेंड 5 साल में सत्ता परिवर्तन को बदलने की पुर -जोर अंदुरनी रूप से कोशिश कर रही है |

कांग्रेस व् भाजपा के इक्के / पत्ते – जो आगामी समय में खेले जाने की पूरी संभावना है –

कांग्रेस – प्रियंका गांधी वाड्रा / राहुल गाँधी 

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सूत्रों व् राजनेतिक विशेषज्ञ  प्रशांत दुबे / पवन देव के अनुसार आगामी महीने में राजस्थान में सेलिब्रिटीज द्वारा प्रचार किया जा सकता है जिसमे कांग्रेस की और से विशेष रूप से प्रियंका गांधी वाड्रा , राहुल गाँधी ,राज बबर ,आदी स्टार प्रचारक राजस्थान आ सकते है |

भाजपा – प्रधानमंत्री मोदी /अमित शाह 

गौतलब है की राजस्थान की लोकसभा संख्या 25 है जो 2019 लोकसभा में मुख्यभूमिका निभाती है अब राजस्थान विधानसभा के चुनावों के अन्तिम समय में प्रधानमंत्री मोदी के रेलियाँ होने की संभावना है जो की राजस्थान में मतदाताओं के रुझान को प्रभावित करेगे ,इसके साथ ही भाजपा के आला नेता स्मति ईरानी , हेमा मालनी , सलमान खान आदी के आने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता |

नोट – राजनेतिक पंडितो का मानना है की भाजपा हर हाल में सत्ता पर दौबारा काबिज़ होना चाहती है इसके लिए राजस्थान से लेकर दिल्ली तक दर्जनों मीटिंग्स का दौर चल रहा है भाजपा के पास कार्यकताओं की अच्छी -खासी संख्या है और जिस संभाग में गौरव यात्रा निकल रही है वही पर भाजपा के राष्टीय अध्यक्ष अमित शाह यात्रा के बाद मंथन कर रहे है { एक कहावत है की हाथी के निकने के बाद पीछे मात्र पांवों के निशान रहे जाते है और उन पांवों के निशानों को देख लोग पीछे नकारात्मक बाते  करते है बस उन्ही नकारात्क बातों को सकारात्मक करने का कार्य अमित शाह कर रहे है जो की मुख्य भाजपा की रणनीति है |

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