CAA पर केरल और पंजाब के बाद राजस्थान विधानसभा में प्रस्ताव –

सीएए पर केरल और पंजाब के बाद राजस्थान विधानसभा में प्रस्ताव
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लेकिन सीएए के अलावा एनआरसी, एनपीआर, जातीय जनगणना और ओबीसी को लोकसभा व विधानसभाओं में आरक्षण दिलवाने पर भी प्रस्ताव आना चाहिए  –

जयपुर | नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए), नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (एनआरसी) और नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) को लेकर देशभर में समस्त विपक्षी दल और विभिन्न जन संगठन आन्दोलन कर रहे हैं। सीएए जो कि संविधान की मूल भावना के खिलाफ बनाया गया है, उसके माध्यम से भाजपा वोटों का ध्रुवीकरण कर बंगाल जैसे राज्य में चुनाव जीतना चाह रही है, साथ ही समस्त विपक्षी दलों को हिन्दू विरोधी साबित करने का भी प्रयास कर रही है। लेकिन भाजपा का यह प्रयास पूरी तरह से विफल हो गया है, क्योंकि देशभर में असंख्य हिन्दू भाजपा की इस मन्शा को पहचान गए हैं और वो आज CAA  के खिलाफ आन्दोलन कर रहे हैं |

 

CAA  के खिलाफ़ एक दर्जन से अधिक राज्य विरोध का बिगुल बजा चुके हैं। यहाँ तक कि भाजपा शासित असम और भाजपा जेडीयू गठबंधन से शासित बिहार जैसे राज्य भी इस काले कानून के विरोध में खड़े हो गए हैं तथा इन सभी राज्यों की सरकारों ने केन्द्र सरकार को स्पष्ट कह दिया है कि सीएए हमारे यहाँ लागू नहीं होने देंगे। सीएए के अलावा यह राज्य एनआरसी और एनपीआर के भी खिलाफ आवाज़ बुलंद कर रहे हैं। केरल और पंजाब विधानसभाओं में बाकायदा इस मुद्दे पर प्रस्ताव भी पास हो चुका है। अब खबर है कि राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र आदि राज्यों में भी यह प्रस्ताव पास किया जाएगा।

बंगाल और केरल की सरकारों ने तो एनपीआर को लागू न करने का आदेश भी अपने विभागों को जारी कर दिया है। इस मामले में बाकी राज्यों को भी अपने विभिन्न सरकारी विभागों को यह आदेश जारी करने चाहिए कि एनपीआर और एनआरसी हमारे राज्य में शुरू नहीं होगा। राजस्थान में 24 जनवरी को विधानसभा का सत्र बुलाया गया है और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि इस सत्र में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास करवाया जाएगा। जो एक सराहनीय कार्य है, लेकिन इस प्रस्ताव के साथ कुछ और प्रस्ताव भी पास करवाने चाहिए, जो जनता की आवश्यकता हैं और संविधान की आत्मा के हक में भी हैं।

इसमें पहला प्रस्ताव तो सीएए का हो, जो सीएए रद्द करने के साथ साथ प्रताड़ित विदेशियों को बिना किसी भेदभाव के नागरिकता देने की मांग के साथ हो। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत विधानसभा में यह प्रस्ताव रखें कि केन्द्र सरकार सीएए को रद्द कर नया संशोधन लाए, जिसमें यह प्रावधान हो कि किसी भी देश का कोई भी नागरिक अपने देश में धार्मिक, राजनीतिक, सामाजिक, वैचारिक और जातीय आधार पर प्रताड़ित होता है और वो अपना देश छोड़कर भारत का नागरिक बनना चाहता है, तो भारत में उसका स्वागत है। ऐसा कोई भी प्रताड़ित व्यक्ति जो अपना देश छोड़कर भारत में शरण ले रहा है और लगातार पांच साल से यहाँ शान्ति से अपना जीवन व्यतीत कर रहा है, तो उसको भारत की निशुल्क नागरिकता दी जा सकती है।

नागरिकता का यह नया संशोधन भारत की ऐतिहासिक परम्परा और भारतीय संविधान का पूरे विश्व में गुणगान करेगा। जिससे देश का सिर फख्र से ऊंचा होगा। दूसरा प्रस्ताव विधानसभा में यह रखा जाए कि राजस्थान में एनपीआर और एनआरसी लागू नहीं होगा, सिर्फ जनगणना होगी, जो पूर्व की भांति व्यक्ति द्वारा बिना किसी दस्तावेज के मौखिक बताई जाएगी। तीसरा प्रस्ताव यह लाया जाए कि केन्द्र सरकार जनगणना में जाति का काॅलम भी रखे और 2021 की हो रही जनगणना को जातिगत आधार पर करवाए। यानी इस जनगणना में एससी, एसटी के अलावा ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) की भी गिनती हो। चौथा प्रस्ताव यह लाया जाए कि जातिगत जनगणना के बाद शीघ्रता से केन्द्र सरकार एससी, एसटी और ओबीसी का आरक्षण जनसंख्या के अनुपात में बढाए।

पांचवां प्रस्ताव यह रखा जाए कि केन्द्र सरकार एससी, एसटी की तरह ओबीसी के लिए भी लोकसभा और विधानसभाओं में सीटें आरक्षित करे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को विधानसभा के इस सत्र में यह पांचों प्रस्ताव रखने चाहिए और फिर इन्हें पारित करवाकर केन्द्र सरकार के पास भेजने चाहिए। अगर ऐसा होता है, तो वे ऐसे प्रस्तावों को पास करवाने वाले देश के पहले मुख्यमंत्री बन जाएंगे।

एम फारूक़ ख़ान  { सम्पादक  इकरा पत्रिका }

 गंगा – जमुनी तहजीब का केन्द्र बना – अल्बर्ट हॉल ,पिछले 15 दिन से हो रहा हैं – CAA.NPR . NRC का विरोध

People of Jaipur said they will not show paper – CAA.NPR. NRC Dismissal Taxes

जयपुर | मोदी सरकार के  CAA .NRC और NPR  को देश की जनता ने नकार दिया है जिसका असर  विरोध प्रदर्शन के रूप में हर शहर – गली मोहल्ले तक में दिखने को मिल रहा है |

जनता ने सड़कों से बुलंद आवाज़ में  NRC ,NPR .CAA  को ख़ारिज कर दिया है क्योकिं जनता के चुनें हुयें सांसद प्रतिनिधि उपरोक्त बिल पर बहस की बजायें गूंगे – बहरे साबित हुयें – जनता की नज़रों में देश की सरकार और चुने हुयें नेताओं ने जनता को धोखा दिया हैं .आज इसलिए जरूरी मुद्दों रोजगार शिक्षा ,महिला सुरक्षा , अर्थव्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों पर कोई बहस नहीं हो रहीं है तो देश की जनता ने सड़कों का रुख कर लिया है लोकतांत्रिक व्यवस्था में और भारत के संविधान में शांतिपूर्ण तरीके से विरोध- प्रदर्शन करना व्यक्ति का संवैधानिक अधिकार बताया गया हैं लेकिन केंद्र व राज्य सरकारों को भी यह देखना चाहिये कि जनता का सब्र का इंतहा नहीं ले  जन आंदोलनों का कोई चेहरा नहीं होता है

देश की जनता द्वारा चुनी हुई सरकार को देश की जनता का रुख़ देखते हुयें जल्द ही  NRC ,NPR ,CAA  को ख़ारिज कर देना चाहिए क्योंकि चुनी हुई सरकार जनता के लियें काम करती है ना कि उनके विरोध में   – यह कहना है कार्यक्रम के संयोजक सवाई सिंह जी का {  CAA .NRC .NPR विरोधी जन आंदोलन & अल्बर्ट हाल विरोध प्रदर्शन  }

24 जनवरी 2020 को राज्यपाल भवन मार्च –

CAA .NRC .NPR विरोधी जन आंदोलन द्वारा – संविधान – लोकत्रंत बचाओं अभियान के तहत

NRC ,NPR ,CAA जैसे काले कानून को वापस लेने के लियें विभिन्न सामाजिक संगठनो के संयुक्त प्रतिनिधि मंडल द्वारा राष्टपति के नाम राज्यपाल को ज्ञापन दिया जायेगा 24 जनवरी को पैदल मार्च कार्यक्रम शहीद स्मारक  दोहपर 2 बजे से रवाना हो कर सिविल लाइन फाटक पर पहुँच कर जनसभा में परिवर्तन होगा व् संगठन के प्रतिनिधि मंडल द्वारा राज्यपाल महोदय को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया जायेगा |

CAA.NRC.NPR के विरोध का केंद्र बना अल्बर्ट हाल – जयपुर

CAA.NRC.NPR के विरोध का केन्द्र बन गया है जयपुर के ह्रदय स्थल रामनिवास बाग़ स्थित अल्बर्ट हाल. पिछली 2 जनवरी से लगातार शाम को 6 बजे से शाम 7 बजे तक विभिन्न सामाजिक, जनसंगठनों के व्यक्तियों सहित जयपुर शहर के गणमान्य नागरिक जिनमे वकील समुदाय के लोगो से लेकर चिकित्सक समुदाय के लोग एवं बड़ी संख्या में युवतियां व युवक और बडी तादाद में महिलाओं की संख्या यहाँ पर आकर मोमबत्ती जलाकर और नारे लगाक अपना विरोध CAA.NRC.NPR के विरोध में अपना विरोध व्यक्त करती है। कार्यकम का समापन संविधान की प्रस्तावना की शपथ लेकर होती है। कार्यक्रम में विशेष तौर –

सवाई सिंह जी, संयोजक  { CAA, NRC, NPR विरोधी जन आंदोलन

संविधान-लोकतंत्र बचाओ अभियान से  मुजाहिद अली नकवी  { संयोजक } , नासिर खान { सहसंयोजक }  राजस्थान नागरिक मंच से उपाध्यक्ष  बसंत हरियाणा , महासचिव अनिल गोस्वामी एडवोकेट पैकर फारुख – राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष APCR  , मुज़म्मिल रिज़वी जॉइन सेक्टरी   { APCR } ,  अब्दुल लतीफ़ आरको , युवा नेता पवन देव  , धर्मेन्द्र आँचर  जाट महासभा  राजस्थान ,  राहुल चौधरी [ सी.पी.एम. – माले ] , डॉ इक़बाल सिद्धकी , नजमुद्दीन अध्यक्ष { jih }  , अब्दुल लतीफ़ आरको ,  आसिफ  दाऊदी ,  राजस्थान भीम आर्मी – जितेन्द्र हटवाल { जयपुर शहर अध्यक्ष } , विजय मीरवाल , प्रदीप बैरवा , करनी तेजी  ,

बप्पादित्या सरकार , ऋषभ सिंह ,आरिफ मालया , देवांशी त्रिपाठी , आली दाधीच , कंचन यादव , फिरोज आलम , शकील कुरैशी , इस्लामुधीन कुरैशी ,   अब्दुल लतीफ़ आरको

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