नारानिया फार्म हाउस के द्वारा दी जाएगी औषधीय पौधों की फार्मिंग की निःशुल्क ट्रेनिंग –

Free training of medicinal plants farming will be given by Narania Farm

House – 

 

 

जयपुर  |आज दिनांक-22 जून 2021 को नारानिया कृषि फार्म तितरिया , तहसील चाकसू में औषधीय एवम जैविक खेती का शुभारम्भ किया गया। कृषि फार्म के मालिक हरजेश नारानिया के द्वारा बताया गया कि डॉ बी.एल.मीणा के द्वारा फार्म हाउस पर औषधीय खेती, जैविक खेती, हर्बल खेती, फलों के पेड़ों की खेती की जानकारी दी गयी। फार्म हाउस की डायरेक्टर ममता नारानिया ने बताया कि वर्षा ऋतु में औषधीय पौधारोपण कर मॉडल फार्मिंग तकनीक को विकसित किया जाएगा साथ ही महिला समूह बनाकर महिलाओ को जैविक व औषधीय कृषि की निःशुल्क जानकारी दी जाएगी और कृषि हेतु प्रेरित किया जाएगा। फार्म पर औषधीय पौधों में शतावरी,अश्वगंधा, सफेद मूसली, सर्पगंधा, कलिहारी, कालमेघ, मोरिंगा, स्टीविया आदि की नई तकनीक से फार्मिंग की जाएगी।

भारत की सड़कों पर 2030 तक 50 मिलियन इलेक्ट्रिक वाहन उतारने की तैयारी शुरू – जानें क्या ख़ास हैं सरकार की निति

नीति आयोग और आरएमआई इंडिया ने भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए वित्त जुटाने पर नई रिपोर्ट जारी

2030 में भारत का इलेक्ट्रिक वाहन वित्त पोषण उद्योग 3.7 लाख करोड़ रुपए का हो जाएगा

नई रिपोर्ट में लागत घटाने तथा इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए वित्त पोषण बढ़ाने के लिए सॉल्यूशन टूलकिट का प्रस्ताव

नई दिल्ली |  नीति आयोग और रॉकी माउंटेन इंस्टीट्यूट (आरएमआई) इंडिया ने भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए वित्त पोषण पर एक नई रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को अपनाने में वित्त की भूमिका दिखाई गई है और यह विश्लेषण किया गया है कि इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग अवसंरचना तथा बैट्रियों में अगले दशक में संचित रूप से 266 बिलियन डॉलर (19.7 लाख रुपए) के पूंजीनिवेश की जरूरत है।

 

रिपोर्ट में 2030 में इलेक्ट्रिक वाहनों के वित्त पोषण के लिए 50 बिलियन डॉलर (3.7 लाख करोड़ रुपए) का बाजार है जो भारत के खुदरा वाहन वित्त पोषण उद्योग के वर्तमान आकार से 80 प्रतिशत अधिक है। भारत का वर्तमान वित्त पोषण उद्योग 60 बिलियन डलर (4.5 लाख करोड़ रुपए) का है।

 

नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन परिसंपत्तिंयों तथा अवसंरचना के लिए पूंजी और वित्त जुटाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से घरेलू स्तर पर अपनाने, इलेक्ट्रिक वाहन मैन्युफेक्चरिंग में वैश्विक स्पर्धा बढ़ाने और एडवांस सेल केमेस्ट्री बैट्री जैसे उपकरणों के लिए हमें बैंकों तथा अनेक वित्त पोषकों की जरूरत है ताकि लागत कम की जा सके और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पूंजी प्रवाह में वृद्धि की जा सके |

 

 

 

भारत की इलेक्ट्रॉनिक वाहन ईको सिस्टम में अभी तक टेक्नोलॉजी लागत, अवसंरचना उपलब्धता तथा उपभोक्ता विभाग से जुड़ी बाधाओं को दूर करने पर फोकस पर है। अगली गंभीर बाधा वित्त पोषण की है और इस बाधा को दूर करने की जरूरत है ताकि भारत इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में तेजी ला सके।

 

अभी एंड यूजरों को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन चुनौतियों में ऊंची ब्याज दरें, बीमा की ऊंची दरें तथा ऋण मूल्य अनुपात का कम होना है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए नीति आयोग और आरएमआई ने 10 सॉल्यूशनों की टूल किट चिन्हित की है जिसे बैंकों तथा गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के साथ-साथ उद्योग तथा सरकार अपना सकती है ताकि आवश्यक पूंजी जुटाई जा सके।

रॉकी माउंटेन इंस्टीट्यूट के सीनियर प्रींसिपल क्ले स्ट्रैंजर ने कहा कि भारत की सड़कों पर 2030 तक 50 मिलियन इलेक्ट्रिक वाहन उतारने के काम में तेजी लाने के लिए वाहन वित्त पोषण की री-इंजिनिरिंग तथा सार्वजनिक और निजी पूंजी जुटाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा ये सॉल्यूशन वित्त जुटाने में लाभ प्रदान करेंगे और हम मानते हैं कि भारत से बाहर भी ये सॉल्यूशन प्रासंगिक हैं

 

 

 

रिपोर्ट में जिन 10 सॉल्यूशनों की सिफारिश की गई है उनमें प्राथमिकता क्षेत्र के लिए ऋण देने तथा ब्याज सहायता देने के उपाय शामिल हैं। अन्य उपाय उत्पाद गारंटी और वारंटी देकर ओईएम तथा वित्तीय संस्थानों के बीच बेहतर साझेदारी बनाने से संबंधित हैं। एक विकसित और औपचारिक द्वितीयक बाजार इलेक्ट्रिक वाहनों का रि-सेल मूल्य सुधार सकता है। नीति आयोग के वरिष्ठ विशेषज्ञ श्री रणधीर सिंह ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन वित्त पोषण की बाधाओं को नवाचारी वित्त पोषण के माध्यम से ढांचागत तरीके से निपटा जा सकता है।

वित्त पोषण से अलग सिफारिशों में डिजिटल रूप से ऋण प्रदान करना, बिजनेस मॉडल नवाचार, फ्लीट तथा एग्रिगेटर विद्युतीकरण लक्ष्य और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए मुक्त डेटा भंडार बनाना शामिल है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहन अपना देश के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक, सामाजिक तथा पर्यावरण लाभ हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों की अर्थव्यवस्था में सुधार जारी रहने से नए बिजनेस मॉडल और वित्तीय उपायों को स्वीकार्यता मिलती है और सरकारी कार्यक्रमों में इलेक्ट्रिक वाहनों को शीघ्र अपनाना तथा इसकी घरेलू मैन्यूफैक्चरिंग करना शामिल है। आने वाले दशक में भारत का इलेक्ट्रिक वाहन बाजार बढ़ेगा।

Work at Home से अब तनाव में हैं कामकाजी लोग लोटना चाहते हैं ऑफिस 

” वर्क एट होम ”  से शारीरिक और मानसिक तनाव में अधिकतर कामकाजी 

नई दिल्ली | covid 19 के चलते सभी कंपनी ने वर्क एट होम को प्राथमिकता दी लेकिन अब कुछ समय वर्क एट होम के बाद अधिकतर कामकाजी महिला पुरुष ऑफिस का रुख करना चाहते हैं क्योकि घर से काम करने का कोई तय समय सीमा नहीं रहीं दूसरा मुख्य कारण ऑनलाइन वेबिनार व् ऑनकॉल से लोगों को तनाव महसूस होने लगा हैं एक ही दिन में कई बार कई घंटो उन्हें ऑनलाइन मीटिंग में रहना पड़ रहा हैं जिसके कारण उन्हें हेडफोन के अधिक इस्तेमाल से कानों में दर्द रहने की शिकायत होने लगी हैं और घंटो लेपटॉप के सामने बेठने से कई लोगो को स्लिप डिस्क की समस्या भी हो रहीं हैं इन मुख्य कारण से घर से काम करने का आनंद अब फीका पड़ने लगा है।

 

साभार

मनीष ने कहा – वर्क एट होम के रूप के कार्यरत कर्मचारी मनीष ने कहा की घर से काम करना मुश्किल हो रहा हैं क्योकि काम का समय तय नहीं होने से अब उन्हें हर वक्त अपने ऑफिस काम के लियें उपलब्ध रहना पड़ता हैं वही कंपनी के अनगिनत कॉल अधिक परेशान करते हैं वही रोज सुबह 10 बजे प्रतिदिन उन्हें ऑनलाइन मीटिंग लेनी पड़ती हैं जिसके बाद कंपनी बॉस लगातार कॉल पर रहते हैं तो उनसे सम्पर्क रखना पड़ता हैं जिससे जो काम का रिजल्ट आना चाहियें वो नहीं आ रहा क्योकि कई घंटे तो कॉल और बेनिनार मीटिंग की तैयारी और मीटिंग मे ही निकल जाता हैं  |

निजी जीवन पर नकारात्मक प्रभाव – 

कामकाजी महिला – पुरुष क्योकि घर से ही काम कर रहें हैं तो परिवार के लोग भी उन्हें अधिक घेरलू कार्य में शामिल करते हैं और छोटे बच्चे भी घर पर हैं और पत्नी पति दिन भर साथ हैं तो अनावश्यक बाते भी सामने आ रहीं है जिससे टकराव भी हो रहा हैं  जिससे कामकाजी लोग अपना रिजल्ट नहीं दे पा रहें जिससे बॉस की नज़रों में वह गलत साबित हो रहें हैं क्योकि बॉस सोचते हैं की व्यक्ति घर बेठ कर भी सही से काम नहीं कर पा रहा हैं तो आगे क्या काम करेगा ऐसे तमाम बाते इस समय कामकाजी लोगों के सामने आ रहीं हैं जिससे आर्थिक तंगी व् जॉब छुट जाने के डर से कामकाजी लोगों के लियें यह समय सही साबित नहीं हो रहा |

सा भार

गूगल की नई पेशकश – तनाव मुक्त रहें कर्मचारी 

कर्मचारियों में बढ़ते तनाव और चिंता को देखते हुए गूगल ने अपने कर्मचारियों के लिए सप्ताह में एक दिन के अवकाश की घोषणा की है।
कोविड-19 की शुरुआत के बाद से वैश्विक आर्थिक मंदी के साथ जीवनशैली में भारी बदलाव आया है इससे लोगो मे चिंता और असुरक्षा की भावना घर करने लगी है शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए तथा कर्मचारियों में सकारात्मकता बढ़ाने के लिए कम्पनिया अपने स्तर पर कर्मचारियों को मनोरंजन सम्बंधित गतिविधियों की शुरुआत की जा रही है।

इस वैश्विक महामारी में गूगल ने अपने कर्मचारियों को कुछ फण्ड भी दिया हैं जिससे वह हाई स्पीड इंटरनेट, आरामदायक कुर्सी या अन्य जरूरत के समान खरीद सके घर से काम कर सकें कंपनियां घर पर आफिस स्थापित करने के लिए भत्ते भी दे रही है।कम्पनिया अपने कर्मचारियों को खुश करने के लिए उनके घर सरप्राइज गिफ्ट पहुचा रही है और जिनका घर रेड एरिया में है उनके घर परचून का सामान पहुचने की सुविधा भी दे रही है |

जय भीम बोलने पर होगी कार्यवाही,उज्जैन एसपी मनोज कुमार सिंह , विवाद शुरू  

 ” जय भीम ” शब्द मध्यप्रदेश में ला सकता है बड़ा राजनेतिक फेरबदल

हरीश कुमार खोलिया

नई दिल्ली | संविधान निर्माता डॉ बाबा साहब को सम्मान देने हेतु – युवा वर्ग में एक शब्द बड़ा प्रचलित है वह है – जय भीम  लेकिन वर्तमान समय में यह शब्द उज्जैन मध्य प्रदेश में सुर्ख़ियों में है इस घिरते नज़र आ रहें है एसपी मनोज सिंह

यह पूरा मामला वायरलेस सेट पर जय हिंद या जय महाकाल के बदले पुलिस कर्मियों द्वारा जय भीम बोलने पर शुरू हुआ ।यह बात पुलिस विभाग और एसपी मनोज कुमार सिंह को सहन नही हुई . देखते ही देखते ” जय भीम ” के नारे ने पुलिस महकमे और राज्य की राजनेतिक गलियारों में तहलका मचा दिया |

जब इस मामले की जानकारी एसपी मनोज कुमार सिंह तक पहुंची तो उन्होंने वायरलेस सेट पर मैसेज दिया की जो भी पुलिसकर्मी जातिगत विवाद या राजनीति के शिकार होकर जय भीम बोल रहे है वह  गलत है और ऐसे पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी व निलंबित भी करने की धमकी दी गई।

बुद्धिजीवी वर्ग – जय भीम क्यों बोलते हैं 

जय भीम बोलना भारत देश के संविधान और संविधान निर्माता के प्रति सम्मान का सूचक है।जय भीम किसी राजनैतिक पार्टी से जुड़ा हुआ या कोई जातिवादी शब्द नही है। यह तो देशवासियो को जोड़ता है और इस देश के कानून के प्रति सम्मान को दर्शाता है।भारत रत्न डॉ.भीमराव अम्बेडकर जी के पास 32 डिग्रियां थी जो विश्व मे एक रिकॉर्ड है।उन्होंने हमारे देश का संविधान लिखा जिससे इस असमानताओं के देश मे व्यवस्था बनी हुई है।संविधान निर्माता के प्रति सम्मान दर्शाना जातिवादी या राजनैतिक कैसे हो सकता है एसपी साहब! कही आप स्वयं तो जातिवाद और राजनीति से ग्रसित नही है  ?

अब एसपी साहब अपने द्वारा कहे गयें सन्देश जो की धमकी भरा था उसे लेकर फ़स गयें है क्योकि देश के पहले कानून मंत्री और उससे से बड़ा सम्मान ” भारत रत्न – संविधान निर्माता विश्व के विद्वान लोगों में शामिल महापुरुष का नाम का उचारण करना उस देश में केसे गलत हो सकता है जिस ने देश का संविधान लिखा व् देश का पहला कानून मंत्री रहें अब एसपी साहब फसने के बाद अपनी नोकरी बचाते हुयें  भाग रहें हैं  |

विवाद के बाद – महाकाल की शरण में एसपी मनोज कुमार

अब कई संस्था व् संगठन और दलित नेता इसे राजनेतिक रूप से बाबा साहब के प्रति अपमान मान रहें है वह एसपी को पूर्वाग्रह से ग्रषित मान रहें है वह उन पर कारवाई की मांग कर रहें है |

सर्जिकल स्ट्राइक “पराक्रम पर्व” 51 शहरों में भाजपा की तैयार पूरी –

“पराक्रम पर्व”

जोधपुर | भारतीय आर्मी द्वारा पाकिस्तान में आतंकवादी कैंपो पर भारतीय सैनिकों द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक के 2 साले पुरे होने के अवसर पर देश की प्रधानमंत्री मोदी आज जोधपुर पहुंचे , प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की भारतीय सैनिको द्वा

रा जो पराक्रम दिखाया और सीमा पार स्थिति आतंकी केंपो को ध्वस किया उन जवानों के पराक्रम को याद कर गर्व का अनुभव कर हूँ आज पुरे देश को उन जवानों पर गर्व है ,इसके बाद मोदी ने कोणार्क युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की | इसके साथ हीआज का दिन  पराक्रम पर्व दिवस  के रूप में बनाया जायेगा, मोदी  ने जोधपुर मिलिटरी स्टेशन पर सेना के ‘पराक्रम पर्व’ प्रदर्शनी का उद्घाटन किया. पीएम ने सेना की रक्षा तैयारियों और साजोसामान पर आधारित प्रदर्शनी देखी. इस दौरान सेना के बैंड ने ‘कदम कदम बढ़ाए जा’ धुन बजाई। प्रदर्शनी के दौरान लगातार भारतीय जवानों के पराक्रम की वीर गाथा सुनाई गई।

ख़ास नज़र –

गौरतलब है की सर्जिकल स्ट्राइक की दूसरी वर्षगांठ को अब पराक्रम पर्व के रूप में बनाया जायेगा .यह आगामी राजस्थान विधानसभा चुनाव व् आगामी लोकसभा 2019 के मध्य नज़र मोदी सरकार का मास्टर स्टोक के रूप में काम आ सकता है इसी कड़ी में मोदी सरकार ने एक सर्जिकल स्ट्राइक का विडिओ शेयर किया है | अब भाजपा सरकार  28 से 30 सितंबर तक देश के 51 में पराक्रम पर्व का आयोजन करने जा रही है |

 

 

 

RSS प्रमुख भागवत ,राष्ट्रिय अध्यक्ष भाजपा अमित शाह , मुख्यमंत्री राजे ,क्या भाजपा को सत्ता पर काबिज कर पायेगें –

भाजपा ,आरएसएस का मंथन –

जयपुर | वर्तमान समय राजस्थान की राजनीती का बड़ा संवेदनशील है जहाँ एक और मुख्यमत्री राजे गौरव यात्रा निकाल रही है तो अमित शाह राजस्थान के जमीनी समीकरण साधने की कोशिश कर रहे है अब इसे समय की बिडम्बना कहे की भाजपा के संरक्षक की भूमिका निभाने वाली संस्था के प्रमुख मोहन भागवत दस दिवसीय राजस्थान दौरे पर है कहा तो जा रहा है की वह संघ की नियमित

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दौरे पर है लेकिन अप्रत्यक्ष रूप इसका फायदा भाजपा को मिलने वाला है |

सूत्रों के अनुसार राजस्थान में भाजपा सत्ता में दौबारा काबिज़ होने व् राजस्थान के ट्रेंड 5 साल में सत्ता परिवर्तन को बदलने की पुर -जोर अंदुरनी रूप से कोशिश कर रही है |

कांग्रेस व् भाजपा के इक्के / पत्ते – जो आगामी समय में खेले जाने की पूरी संभावना है –

कांग्रेस – प्रियंका गांधी वाड्रा / राहुल गाँधी 

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सूत्रों व् राजनेतिक विशेषज्ञ  प्रशांत दुबे / पवन देव के अनुसार आगामी महीने में राजस्थान में सेलिब्रिटीज द्वारा प्रचार किया जा सकता है जिसमे कांग्रेस की और से विशेष रूप से प्रियंका गांधी वाड्रा , राहुल गाँधी ,राज बबर ,आदी स्टार प्रचारक राजस्थान आ सकते है |

भाजपा – प्रधानमंत्री मोदी /अमित शाह 

गौतलब है की राजस्थान की लोकसभा संख्या 25 है जो 2019 लोकसभा में मुख्यभूमिका निभाती है अब राजस्थान विधानसभा के चुनावों के अन्तिम समय में प्रधानमंत्री मोदी के रेलियाँ होने की संभावना है जो की राजस्थान में मतदाताओं के रुझान को प्रभावित करेगे ,इसके साथ ही भाजपा के आला नेता स्मति ईरानी , हेमा मालनी , सलमान खान आदी के आने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता |

नोट – राजनेतिक पंडितो का मानना है की भाजपा हर हाल में सत्ता पर दौबारा काबिज़ होना चाहती है इसके लिए राजस्थान से लेकर दिल्ली तक दर्जनों मीटिंग्स का दौर चल रहा है भाजपा के पास कार्यकताओं की अच्छी -खासी संख्या है और जिस संभाग में गौरव यात्रा निकल रही है वही पर भाजपा के राष्टीय अध्यक्ष अमित शाह यात्रा के बाद मंथन कर रहे है { एक कहावत है की हाथी के निकने के बाद पीछे मात्र पांवों के निशान रहे जाते है और उन पांवों के निशानों को देख लोग पीछे नकारात्मक बाते  करते है बस उन्ही नकारात्क बातों को सकारात्मक करने का कार्य अमित शाह कर रहे है जो की मुख्य भाजपा की रणनीति है |

सफाई कर्मियों का शोषण अब बरदाश्त नहीं : धीरेन्द्र प्रताप

” पूर्वांचल सेना का “सफाई कर्मचारी अधिकार आंदोलन” शुरू  

  मांगे पूरी करने के अल्टीमेटम के साथ 3 दिन का कार्य बहिष्कार “

1 अगस्त 2018 ,पूर्वांचल सेना द्वारा “सफाई कर्मचारी अधिकार आंदोलन” का आगाज किया गया I आज नगर निगम गोरखपुर परिसर में हजारो की संख्या में जुटे ठेका सफाईकर्मि व् पूर्वांचल सैनिको ने, नगर निगम द्वारा ठेका सफाई कर्मचारियों का पंजीकरण,  नगर निगम सफाई कर्मचारियों का सरकार द्वारा निर्धारित वेतन किसी बिचौलियों के माध्यम से ना करसीधे सफाई कर्मियों के बैंक अकाउंट में भेजने,सफाई कर्मियों को सफाई के दौरान प्रयोग होने वाले सुरक्षा स्वास्थ्य, उपकरणों को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने, सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य की नियमित जांच की व्यवस्था और सफाई कर्मचारियों के लिए नगर निगम में समस्या समाधान, सूचना हेतु स्थल आवंटित कराये जाने की मांगों के अल्टीमेटम के साथ तीन दिन का कार्य बहिष्कार किया गया I पूर्वांचल सेना के आह्वान पर जुटे ठेका सफाईकर्मियों ने “सफाईकर्मियों को पंजीकृत करो”, “सफाईकर्मियों का वेतन सीधे अकाउंट में भेजो”, “ठेकेदारी ख़तम करो”, “सफाईकर्मियों का शोषण बंद करो”, “पूर्वांचल सेना जिंदाबाद” के गगनभेदी नारे लगाये I   सुबह 10.00 बजे से शुरू हुए आन्दोलन क्रम में 12.30 बजे पहुचे जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को आंदोलनकारियो द्वारा ज्ञापन सौपा गया I

आन्दोलन संयोजक नियुक्त किये गए पूर्वांचल सेना के जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र वाल्मीकि ने ज्ञापन लेने पहुचे प्रशाशन के लोगो को ज्ञापन पढ़कर सुनाया और मांगों से अवगत करवाया I

आन्दोलन का नेतृत्व कर रहे पूर्वांचल सेना के अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप ने उपस्थित जन समूह, मिडिया , निगम अधिकारियो को संबोधित करते हुए कहा की नगर निगम में केवल 700 सफाई  कर्मचारी स्थाई नियुक्त हैं, बाकी के लगभग 1700 कर्मचारी पिछले 15-20 वर्षो से ठेके पर काम करते हुए शहर की गंदगी साफ करते हैं, ठेकादार का नियंत्रण होने के कारन इनको न्यूनतम वेतन भी इन्हें पूरा नहीं मिल पाता है I उन्होंने कहा की ठेकेदारों द्वारा सफाई कर्मियों से कम लेने का कोई नियमित समय निर्धारित नहीं है और ना ही जानलेवा गंदे-जहरीली गैस युक्त जगहों, शीशे ,नुकीले धातुओं, बजबजाती नालियों- गटरों आदि’ के बीच काम करने के लिए उपयोग होने वाले ‘मास्क, लॉन्ग बूट, हैंड ग्लब्स, हेलमेट जैसे सुरक्षा उपकण नहीं प्रदान किया जाता I उन्होंने बताया की कार्य के दौरान यदि किसी सफाई कर्मी के साथ कोई दुर्घटना, बीमारी, इन्फेक्शन इत्यादि हो जाता है तो वह उसके लिए स्वयं जिम्मेदार होता है I ठेकेदार या नगर निगम के द्वारा किसी प्रकार का कोईसहयोग नहीं दिया जाता है जो की सीधे सीधे मजदुर अधिकार , मानव अधिकार का हनन, संविधान की अवमानना और देश की श्रम शक्तिका अपमान है जिसको किसी भी हाल में बरदाश्त नहीं किया जायेगा I उन्होंने कहा की प्रदेश सरकार/नगर निगम द्वारा सफाई कर्मियों को बीन विश्वास में लिए मनमाने और शोषणपूर्ण तरीके से, एक 1 अगस्त से ठेके पर काम करने वाले सफाई कर्मचारियों के काम करने की प्रणाली/ ठीका इत्यादि में परिवर्तन किया गया है जिसकी कोई जानकारी सफाई कर्मियों को नहीं दी गई है सफाईकर्मियों यह तक पता नहीं है उनका भुगतान कौन करेगा, कितना करेगा, वह किसके अंडर में काम करेंगे, कहां काम करेंगे, कितने घंटे काम करेंगे , जो की सफाई कर्मियों को अँधेरे में रखते हुए उनके साथ धोखा है I

उन्होंने कहा की आज शाशन –प्रशाशन को ज्ञापन देकर 3 दिन का समय दिया गया है , चार अगस्त तक यदि मानगो पर विचार कर पूरा नहीं किया गया तो अनिश्चितकालीन कार्य का बहिष्कार किया जायेगा I

आज “सफाई कर्मचारी अधिकार आंदोलन” आगाज के प्रथम दिन लालमन निषाद, बृजेश कुमार, धरमजी, प्रेम कुमार, डब्लू, मोहन कुमार, अनिल कुमार भारती, विमलेश कुमार, राकेश कुमार, शमशेर अली, सोनू, अनूप कुमार गुप्ता, दिलीप, प्रदीप कुमार, मुकेश, सरफराज, नूर मोहम्मद, रफीक, संजय, बंटी, अख्तर अली, राजेश, रमेश, अनवर अली, सुभानअल्लाह अंसारी, दीनानाथ, संजू, दीनानाथ सोनकर, राधेश्याम, लक्की साहनी, इमरान वारिस, जितेंद्र गणेश, राजकमल, रामानंद, गुलाची देवी, सरिता देवी, संगीता देवी, मंजू देवी, कलावती देवी, सोनमती देवी, धनराज देवी, बिरला देवी, अमित कुमार, सिंघानिया, सोनू सिद्धार्थ, सनी निषाद, इंद्र प्रकाश निगम,  सोमनाथ भारती,  कुणाल कुमार, राधेश्याम निषाद, मंजेश कुमार, प्रणव श्रीवास्तव, सुधीर मोदनवाल, प्रशांत कुमार, सुधीराम रावत, कमलेश गगहा समेत हजारों की संख्या में सफाई कर्मी व पूर्वांचल सैनिक उपस्थित रहे I

बाबा रामदेव ने लॉन्च की पतंजलि सिम, सिम लेने पर मिलेगी प्रोडक्ट पर 10% की छूट-

“अब पतंजलि सिम –

जयपुर | टेलीकॉम सेक्टर में रिलायंस के जियो धमाकेदार के बाद अब एक और कंपनी ने टेलीकॉम सेक्टर में प्रवेश कर लिया है। वो नाम है है पतंजलि… जी हां…. देश की तेजी से बढ़ रही कंज्यूमर गुड्स ब्रांड पंतजलि ने अब खुद की सिम लॉन्च कर दी है। योग गुरू बाबा रामदेव ने एक इवेंट में पतंजलि सिम कार्ड लॉन्च किया, जिसका नाम है ‘स्वदेशी समृद्धि सिम कार्ड’.. अब इससे राजस्थान के यूजर्स को भी फायदा होगा।आपको बता दें कि इसे पतंजलि और भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने मिलकर लॉन्च किया है। पतंजलि के सिम से अब कस्टमर्स को 144 रुपए के रिचार्ज में 2GB डाटा और अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा मिलने वाली है। आपके लिए अच्छी और खास बात ये है कि ये सिम लेने पर पतंजलि के प्रोडक्ट पर आपको 10% का डिस्काउंट भी मिलेगा।पतंजलि सिम से यूं मिलेगा फायदा शुरु में यह सिम सिर्फ पतंजलि के कर्मचारियों को ही प्रोवाइड करवाई जाएगी, लेकिन कुछ समय बाद इसे सभी यूजर्स के लिए लॉन्च कर दिया जाएगा। सिम में 144 रूपए के रिचार्ज से अनलिमिटेड कॉलिंग मिलेगी। इसके साथ ही 2GB डाटा मिलेगा और 100 एसएमएस भी आपको मिलेंगे। सिम लेने के बाद जो सबसे बड़ा फायदा आपको मिलेगा वो ये है कि यूजर्स को 2.5 लाख रुपए तक का मेडिकल इंश्योरेंस और 5 लाख रुपए तक का लाइफ इंश्योरेंस दिया जाएगा।’स्वदेशी समृद्धि सिम कार्ड’ मीडिया सूत्रों के मुताबिक, सिम लॉन्चिंग इवेंट के दौरान बाबा रामदेव ने कहा कि चूंकि बीएसएनएल का एक स्वदेशी नेटवर्क है। पतंजलि और बीएसएनएल का लक्ष्य भी देश की सेवा है। इसलिए दोनों ने ये करार किया है। उनका कहना था कि कंपनी का लक्ष्य चैरिटी करना है। रामदेव ने कहा कि हमारा नेटवर्क सस्ते डाटा और कॉल पैकेज देने के साथ ही लोगों को हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस की सुविधा भी मुहैया करवा रहा है। बहरहाल रामदेव ने ये भी कहा है कि इंश्योरेंस सिर्फ रोड एक्सीडेंट होने पर ही कवर किया जाएगा।
पतंजलि के प्लान सर्वोत्तम बीएसएनएल के चीफ जनरल मैनेजर सुनील गर्ग ने कहा कि पतंजलि का प्लान बीएसएनएल का बेस्ट प्लान है। उन्होंने बताया कि सिर्फ 144 रुपए के प्लान में अनलिमिटेड कॉलिंग, 2GB डाटा और 100 एसएमएस की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने बताया कि अभी ये सिम कार्ड सिर्फ पतंजलि के कर्मचारियों के लिए ही है। पतंजलि सिम कार्ड लेने के लिए कर्मचारियों को सिर्फ अपना आईडी कार्ड दिखाना होगा और वे सिम ले सकते हैं।

जिग्नेश मेवाणी को पुलिस ने किया गिरफ्तार – जिग्नेश ने कहा –

जयपुर | दलित युवा नेता  जिग्नेश मेवाणी को आज जयपुर एयरपोर्ट पर  पुलिस ने  गिरफ्तार कर लिया |  पुलिस ने  जिग्नेश को 
करीब 4 घंटे  के बैठाया रखा | एक बार तो जिग्नेश मेवाणी समझ नहीं पाए आखिर हो क्या रहा है  – गोरतलब है की जिग्नेश डॉ . बाबा साहब की जयंती के उपलक्ष्य में मेड़ता में हो रहे कार्यक्रम में शिरकत होने नागौर के मेड़ता जा रहे थे  , जिग्नेश जेसे ही गाडी में बेठने लगे सादा वर्दी में पुलिस कर्मी ने उन्हें नागौर में प्रवेश करने से रोकने का फरमान दे दिया , जिस पर जिग्नेश से बल पूर्वक साइन करने  का दबाब पुलिस बनाने लगी. जिसको लेकर पुलिस व् जिग्नेश में तीखी बेहस शुरू हो गई |  करीब 4 घंटे तक पुलिस निगरानी में रखने के बाद जिग्नेश मेवाणी को वापस गुजरात के लिए रवाना कर दिया गया | 
जिग्नेश मेवाणी की यात्रा को देखते हुए शनिवार रात से ही मेड़ता में धारा 144 लागू करने के साथ ही उनके नागौर जिले में प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। नागौर के पुलिस अधीक्षक पारिस देशमुख के निर्देश पर पुलिस उप अधीक्षक विघाप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में सादी वर्दी में पुलिसकर्मी जयपुर के सांगानेर हवाई अड्डे पर पहुंच गए थे। मेवाणी जैसे ही हवाई अड्डे के बाहर आकर मेड़ता जाने के लिए गाड़ी में बैठे तो उन्हे नागौर जिले के प्रवेश नहीं करने को लेकर पाबंद करने का नोटिश थमा दिया गया। काफी देर तक जिग्नेश और पुलिस अधिकारियों के बीच बहस होती रही। मामला बढ़ने की आशंका को देखते हुए आस पास के पुलिस थानों से अतिरिक्त पुलिस बल मंगवा लिया गया। इस बीच, केशकला बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष गोपाल सिंह केसावत सहित कई लोग जिग्नेश मेवाणी से मिलने हवाई अड्डे पर पहुंच गए। पुलिस ने यहां केसावत को गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि आंबेडकर जयंती समारोह के दौरान माहौल बिगड़ सकता है। इस कारण से पुलिस ने जिग्नेश को कार्यक्रम स्थल पर जाने से रोकने के साथ ही धारा 144 लागू कर दी, जिससे भीड़ एकत्रित नहीं हो सके।
मेवाणी ने हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा कि उन्हें बेवजह जबर्दस्ती रोका गया है। बंदी बनाने का प्रयास किया गया। राज्य सरकार उनके यहां आने से डर गई है। जिग्नेश ने ट्वीट किया है कि मैं जयपुर एयरपोर्ट पर उतरा तो कुछ पुलिस अधिकारी एक ऐसे पत्र पर हस्तारक्ष कराने लगे थे, जिसमें लिखा था कि नागौर में एमएलए जिग्नेश के प्रवेश पर पाबंदी है। मैं एक जनसभा संबोधित करने जा रहा था, जिसमें भारतीय संविधान और डॉ. आंबेडकर के बारे में संबोधन था। उन्होंने कहा कि मुझे रोकने के परिणाम भुगतने होंगे।
मेवाणी ने ट्वीट करते हुए यह आरोप लगाया है और राज्य सरकार से सवाल किया है कि अगर विधायक के साथ ऐसा किया गया है तो जनता के साथ क्या किया जाता होगा। गौरतलब है कि मेवाणी गुजरात के वडगाम से विधायक हैं।
मेवाणी ने लिखा है कि वह अहमदाबाद से जयपुर फ्लाइट से पहुंचे ही थे कि एयरपोर्ट पर ही उन्हें रोक दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनसे एक पत्र पर दस्तखत कराए जिस पर लिखा था कि वह राजस्थान के नागौर जिले में दाखिल नहीं हो सकते। मेवाणी ने बताया है कि वह संविधान और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर पर बात करने वहां गए थे। 
इसके कुछ ही देर बाद उनसे कहा गया है कि वह जयपुर में भी नहीं जा सकते। उन्होंने ट्वीट किया- ‘अब डीसीपी कह रहे हैं कि मैं जयपुर में भी नहीं घूम सकता और वह मुझसे अहमदाबाद वापस जाने के लिए कह रहे हैं। मुझे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की इजाजत भी नहीं मिली है। यह हैरान करने वाला है।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेआखिर तोड़ी चुप्पी –

बाबा साहेब ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को, लोकतांत्रिक बने रहने का रास्ता दिखाया था- मोदी

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश के संविधान निर्माता डॉ भीमराव आंबेडकर जी की 127 वीं जयंती की पूर्व संध्या देश को ” डॉक्टर आंबेडकर नेशनल मेमोरियल के तौर पर एक अनमोल उपहार दिया |

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की –

आज बाबा साहेब की स्मृति में बने इस नेशनल मेमोरियल को राष्ट्र को समर्पित करते हुए, मैं खुद को भाग्यशाली महसूस कर रहा हूं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आखिरकार कठुआ और उन्नाव गैंगरेप मामले में चुप्पी तोड़ दी है. गैंगरेप की दोनों घटनाओँ पर पीएम मोदी ने कहा कि ऐसी घटनाओँ से पूरा देश शर्मसार है. बेटियों को न्याय मिलकर रहेगा. न्याय दिलाना हमारी जिम्मेदारी है.

पीएम मोदी नई दिल्ली में डॉ. अम्बेडकर राष्ट्रीय स्मारक के लोकार्पण के अवसर पर बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि जिस तरह की घटनाएं हमने बीते दिनों में देखीं हैं, वो सामाजिक न्याय की अवधारणा को चुनौती देती हैं. पिछले 2 दिनो से जो घटनायें चर्चा में हैं वो निश्चित रूप से किसी भी सभ्य समाज के लिये शर्मनाक हैं. एक समाज के रूप में, एक देश के रूप में हम सब इसके लिए शर्मसार हैं|

खास नज़र –

  • इस स्मारक को एक किताब की शक्ल में तैयार किया गया है। जो की  हमारे देश का वो संविधान, जिसके शिल्पकार डॉक्टर आंबेडकर थे।

  • म्यूजियम को पूर्ण रूप से आधुनिक तकनीक व् डॉ बाबा साहब के जीवन के अहम पड़ावों को दिखाया गया है

-बाबा साहेब ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को, लोकतांत्रिक बने रहने का रास्ता दिखाया था।