किसान आंदोलन : जल्द मिल सकती है किसानों को बड़ी खुशखबरी

कृषि कानूनों के खिलाफ लगभाग 21 दिन से चल रहा आंदोलन अब उग्र रूप लेता हुआ नजर आ रहा है। किसान दिल्ली बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ लगातार विरोध कर रहे है और इसके साथ-साथ किसानों ने साफ कर दिया कि जब तक तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लिया जाता है तब तक उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा। किसान आंदोलन के उल्टे कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है देश के 10 किसान संगठनों ने कृषि कानूनों को सही बताया है और उनका समर्थन किया है।


आंदोलन के बीच पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात दौरे के दौरान कृषक समुदाय के अलावा गुजरात के सिख किसानों से भी मुलाकात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को गुजरात में कुछ परियोजनाओं का शिलान्यास किया। मोदी ने कहा कि आजकल दिल्ली के पास किसानों को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है सरकार लगातार किसानों से वार्त करने के प्रयास कर रही है और किसानों को इस ​बिल में कुछ बदलाव करने के लिए भी तैयार है लेकिन किसान इस बिल को खत्म करने की मांग पर अड़े हुए है।

इस आंदोलन के बीच देश के कई राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, बिहार और हरियाणा राज्यों के कई किसान संगठनों ने केंद्र सरकार के तीनों नए कृषि कानूनों का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि तीनों कानून किसानों के हित में हैं और इन्हें वापस नहीं लिया जाना चाहिए।

किसानों और उनके नेताओं से संपर्क के बाद गतिरोध को दूर करने के लिए एक विस्तृत योजना बनाई है। इसके लिए अमित शाह और कृषि मंत्री तोमर के बीच लगातार बैठक हो रही है। किसान आंदोलने से जुड़े कई संगठनों सोमवार को भूख हड़ताल करके सरकार को अपनी मांग मनवाने का आग्रह किया। मोदी सरकार किसानो के उग्र तेवर देखकर आने वाले दिनों में किसानों को बड़ी खुशखबरी दे सकती है।

दुष्कर्म मामला : आसाराम पर कुछ देर में सुनाया जाएगा फैसला, जोधपुर जेल पहुंचे जज

जोधपुर। नाबालिग से दुष्कर्म मामले में जोधपुर जेल में बंद आसाराम बापू पर फैसला कुछ देर में सुनाया जाएगा। फैसला सुनाने के लिए जज मधुसूदन शर्मा जेल पहुंच चुके हैं। भारी संख्या में भक्तों के पहुंचने और सुरक्षा कारणों के चलते जोधपुर की एक अदालत जेल परिसर में ही आसाराम पर फैसला सुनाएगी।

जोधपुर की कोर्ट ने सुरक्षा कारणों से सेंट्रल जेल परिसर में ही फैसला सुनाने का निर्णय किया है। फैसले के मद्देनजर केंद्र सरकार ने दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और हरियाणा को सुरक्षा कड़ी करने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे शहर में धारा 144 लागू कर दी गई है। साथ ही भारी मात्र में पुलिस बल तैनात किया गया है।

उधर, जेल में आसाराम ने फैसले की पूर्व संध्या पर कहा- ‘अब भगवान से ही उम्मीद है, होई है वही जो राम रचि राखा। मंगलवार को जोधपुर कलेक्टर रविकुमार सुरपुर व पुलिस उपायुक्त अमनदीप सिंह जेल में व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे। इस दौरान कलेक्टर ने आसाराम से पूछा- ‘फैसले को लेकर क्या सोच रहे हो?’ इस पर आसाराम ने कहा कि कोर्ट का जो भी फैसला होगा, वह मंजूर होगा। वह और उनके समर्थक गांधीवादी विचारधारा के हैं और अहिंसा में यकीन रखते हैं। जेल प्रशासन की मानें तो आसाराम के चेहरे पर फैसले को लेकर कोई शिकन नहीं है। हां, उत्सुकता जरूर है।

अमित शाह ने कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा-मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में मांगे माफी

बेंगलुरु। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने आज कहा कि हैदराबाद में मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में एनआईए की अदालत की ओर से सभी पांच आरोपियों को बरी किये जाने के बाद कांग्रेस को माफी मांग लेनी चाहिए।

भाजपा शक्ति केंद्र अध्यक्षों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस और उसके मौजूदा अध्यक्ष राहुल गांधी ने मस्जिद विस्फोट के पीछे हिन्दू अतिवादियों का हाथ होने का आरोप लगाया है, लेकिन अब तो अदालत ने स्वामी असीमानंद समेत पांचो आरोपियों को बरी कर दिया है।

शाह ने कहा, कांग्रेस को अपने गैर-जिम्मेदाराना आरोपों को लेकर जनता से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। गांधी और अन्य कांग्रेसी नेताओं पी चिदम्बरम एवं सुशील कुमार शिंदे ने आरोप लगाया था कि यह काम हिन्दू अतिवादियों का था, लेकिन अदालत ने कहा कि वे निर्दोष हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कहा, कर्नाटक की जनता आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सबक सिखायेगी।
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