कोविड 19 को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सतर्क – समीक्षा बैठक में दियें यह निर्देश , कर्फ्यू बढ़ा

कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा  माइक्रो कंटेनमेंट जोन में जीरो मोबिलिटी 
सुनिश्चित कर संक्रमण की चेन तोड़ें – मुख्यमंत्री   10 नगरीय क्षेत्रों में रात्रिकालीन कफ्र्यू का समय बढ़ा
जयपुर 10  अप्रेल। कोरोना संक्रमण की रफ्तार को रोकने के लिए राज्य सरकार ने 30 अप्रेल तक प्रदेश के 9 शहरी क्षेत्रों में शाम 8 से सुबह 6 बजे तक तथा उदयपुर में शाम 6 बजे से नाइट कफ्र्यू लागू कर इसकी कड़ाई से पालना तथा सभी जिलों में कंटेनमेंट जोन चिन्हित कर उनमें जीरो मोबिलिटी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही शहरी इलाकों से लगते ग्रामीण क्षेत्रों में 9वीं कक्षा तक के स्कूलों में नियमित कक्षाओं का संचालन बंद रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर हुई उच्च स्तरीय बैठक में ये निर्णय किए गए। प्रदेश स्तर पर कोरोना स्टेट वॉररूम तथा सभी जिलों में जिला स्तरीय कंट्रोल रूम सहित 181 हेल्पलाइन को चौबीसों घंटे फिर से कार्यशील करने, संक्रमण की पांच प्रतिशत से अधिक पॉजीटिविटी रेट वाले क्षेत्रों में टेस्टिंग बढ़ाने, हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना के लिए एनसीसी, एनएसएस, स्कॉउट एण्ड गाइडस की वॉलन्टियर के रूप में सेवाएं लेने, कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर संयुक्त टीमों की कार्रवाई बढ़ाने तथा सीमावर्ती जिलों में राज्य के बाहर से आने वाले व्यक्तियों की नेगेटिव आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट के लिए बनाई गई चेकपोस्टों को अधिक सुदृढ़ करने जैसे कडे़ कदम उठाए गए हैं।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जिला कलेक्टरों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए माइक्रो कंटेनमेंट जोन में जीरो मोबिलिटी, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग तथा होम आइसोलेशन की पालना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संक्रमण की रफ्तार बीते कुछ दिनों में तेजी से बढ़ी है और हम संक्रमण की पहली लहर के सर्वोच्च स्तर को पीछे छोड़ चुके हैं। इसे देखते हुए जमीनी स्तर पर कोविड प्रोटोकॉल तथा एसओपी के उल्लंघन को सख्त उपायों से रोका जाना बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना हॉट-स्पॉट बन रहे क्षेत्रों की पहचान कर इनको नियमानुसार माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि ऎसे क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही को रोकने पर विशेष फोकस करना होगा। इसमें स्थानीय स्वायत्त शासन और सार्वजनिक निर्माण सहित अन्य विभागों की मदद ली जाए। उन्होंने कहा कि कोविड प्रोटोकॉल की पालना में सख्ती के साथ-साथ समझाइश पर भी जोर दें और अधिकारियों का आम लोगों के साथ व्यवहार संयत हो। उन्होंने कहा कि कोरोना की लड़ाई में जनसहयोग आवश्यक है।
चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में देश के साथ-साथ राजस्थान प्रदेश में भी संक्रमितों की संख्या में तेजी से हुए इजाफे का बड़ा कारण लोगों में कोविड अनुशासन के प्रति लापरवाही बरतना है। उन्होंने इस ढिलाई को रोकने के लिए एक बार फिर समाज के सभी वर्गाें का सहयोग लेने की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्य सचिव  निरंजन आर्य ने कहा कि कोरोना संक्रमण की पहली लहर के समय अलवर, जयपुर तथा भीलवाड़ा में जिस प्रभावी तरीके से कंटेनमेंट किया गया था। अब दूसरी लहर के दौरान भी अधिकारियों को उसी गम्भीरता से काम करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर कोरोना गाइडलाइन की पालना को सुनिश्चित करें।
प्रमुख सचिव गृह अभय कुमार ने कोरोना की दूसरी लहर के प्रसार को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अजमेर, अलवर, भीलवाड़ा, चित्तौडगढ़, डूंगरपुर, जयपुर, जोधपुर, कोटा एवं आबूरोड की नगरीय सीमा में रात्रि 8 बजे से प्रातः 6 बजे तक रात्रिकालीन कफ्र्यू रहेगा। इसके लिए बाजार एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान रात्रि 7 बजे बंद कर दिए जाएंगे। उदयपुर में बाजार एवं प्रतिष्ठान शाम 5 बजे बंद होंगे।
उन्होंने बताया कि माइक्रो कंटेनमेंट जोन में धारा-144 के तहत शून्य मोबिलिटी सुनिश्चित की जाएगी। सभी नगरीय क्षेत्रों में पांच से अधिक लोगों के एकत्रित होने पर रोक के साथ-साथ भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में मास्क पहनने और सामाजिक दूरी की पालना कराई जाएगी।
शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य  सिद्धार्थ महाजन ने बताया की सेम्पलिंग को बढ़ाकर प्रतिदिन 55 हजार तक कर दिया गया है। इस महीने के अंत तक 1 लाख तक करने का लक्ष्य है। उन्होंने ऑक्सीजन की उपलब्धता, कोविड केयर अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं, दवाओं, टीकाकरण, भर्ती रोगियों की संख्या तथा संक्रमण रोकने के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी।
डॉ. राजाबाबू पंवार, डॉ. सुधीर भंडारी, डॉ. वीरेन्द्र सिंह सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञों ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण की स्थिति पर गम्भीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दूसरी लहर अपेक्षाकृत तेज गति से बढ़ रही है और युवा आबादी भी संक्रमित हो रही है। उन्होंने बताया कि कोविड अनुशासन, अधिक टेस्टिंग और टीकाकरण पर जोर देकर स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है।
बैठक के दौरान विभिन्न जिला कलेक्टरों, पुलिस कमिश्नर और पुलिस अधीक्षकों ने कोविड नियंत्रण की स्थिति और किए जा रहे उपायों से अवगत कराया। वीडियो कॉन्फेंस के दौरान संभागीय आयुक्त, रेंज आईजी और सीएमएचओ भी उपस्थित रहे।
बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर, प्रमुख सचिव वित्त अखिल अरोरा, शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा  वैभव गालरिया, आयुक्त परिवहन श्री महेन्द्र सोनी, आयुक्त सूचना प्रौद्योगिकी  वीरेन्द्र सिंह, निदेशक स्थानीय निकाय  दीपक नंदी सहित अन्य उच्च अधिकारी उपस्थित थे।

कोविड 19 दूसरी लहर : प्रशासन 15 दिन उठायेगा सख्त कदम – मुख्यमंत्री ने दियें आदेश

कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा 
कोविड-19 के संक्रमण की दूसरी लहर को रोकने के लिए 15 दिन के लिए सख्त कदम उठाएगी राज्य सरकारः
मुख्यमंत्री प्रदेशवासियों को प्रोटोकॉल की पालना में सहयोग करना होगा
जयपुर, 4  अप्रेल। राज्य सरकार ने प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की गंभीर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आगामी 15 दिन के लिए सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। इस विषय में विस्तृत दिशा-निर्देश गृह विभाग द्वारा एक-दो दिन में जारी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि कोविड-19 की दूसरी लहर से लोगों के जीवन की रक्षा करने के ध्येय की प्राप्ति के लिए राज्य सरकार संक्रमण को अधिक फैलने से रोकने के लिए हरसंभव कड़ा कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन के संक्रमण के प्रति लापरवाह हो जाने के कारण ही कोविड-19 की दूसरी लहर तेज गति के साथ आई है। यदि हम सब मास्क पहनने, उचित दूरी और बार-बार हाथ धोने के हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना अनिवार्य रूप से नहीं करेंगे, तो कोरोना वायरस का संक्रमण भयावह रूप ले लेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना के खिलाफ जंग को प्रभावी तरीके से लड़ने के लिए राजस्थानवासियों को राज्य सरकार का सहयोग करना होगा। साथ ही, उन्हें टीकाकरण के लिए भी आगे आना चाहिए।
 गहलोत शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से कोविड-19 के सक्रंमण तथा वैक्सीनेशन की स्थिति की उच्च अधिकारियों और विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ समीक्षा कर रहे थे। लगभग 2 घण्टे तक चली इस बैठक को फेसबुक, यूट्यूब तथा अन्य सोशल मीडिया चैनलों पर लाइव प्रसारित किया गया। कोरोना प्रबंधन के लिए भावी रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रसारण को करीब 2 लाख लोगों ने देखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में संक्रमण की गंभीरता इस आंकडे से समझी जा सकती है कि कुछ सप्ताह पहले प्रदेश में सक्रंमण के दोगुने होने की दर (डब्लिंग रेट) लगभग 8 साल थी, जो वर्तमान में 243 दिन पर आ गई है। उन्होंने कहा कि इस भयावह स्थिति को विस्फोटक होने से रोकने के लिए राज्य सरकार पूरी सख्ती बरतते हुए लोगों से हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना करवाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों को विषय की गंभीरता मालूम हो और वे अपने व्यवहार में बदलाव लाएं, इसलिए बैठक का लाइव प्रसारण किया गया।
 गहलोत ने प्रशासन, पुलिस तथा स्वायत्त शासन के अधिकारियों को निर्देश दिए  कि वे पूर्व में जारी की गए दिशा-निर्देशों के अनुपालना करते हुए बाजारों में मास्क तथा उचित दूरी के नियम की पालना नहीं होने पर संबंधित दुकान अथवा व्यावसायिक प्रतिष्ठान को 72 घंटे के लिए सील करने की सख्त कार्यवाही करें।
मुख्यमंत्री ने कोविड टीकाकरण की गति को भी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर प्रदेशवासी को 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों का टीकाकरण करवाने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और एक-दूसरे को इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। टीकाकरण की शुरूआत से ही राजस्थान इस अभियान में देश का अग्रणी राज्य रहा है। चिकित्सा विभाग ने इसके लिए पूरी तैयारी कर रखी है कि टीके के लिए पात्र हर व्यक्ति को कोविड टीका लगाया जाए, ताकि कोरोना का संक्रमण होने पर भी शरीर पर इसके दुष्प्रभावों को कम किया जा सके।
चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने भी आमजन से अपील की कि वे संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी हैल्थ प्रोटोकॉल की अक्षरशः पालना करें। उन्होंने लोगों को घर से कम से कम बाहर निकलने तथा उन स्थानों की यात्रा करने से बचने का सुझाव दिया, जहां कोरोना संक्रमितों की संख्या अधिक है। उन्होंने कहा कि यदि आने वाले कुछ दिनों में स्थिति नियंत्रित नहीं हुई, तो वायरस के संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए सरकार को और अधिक कदम उठाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि सभी को यह बात समझनी चाहिए कि आंकड़ों की दृष्टि से दूसरी लहर के दौरान माहमारी की तस्वीर अधिक भयावह है।
चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने होटल, रेस्टोरेन्ट तथा बाजारों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अधिक सख्ती करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि हर एक व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि वह अपने आस-पड़ोस में हैल्थ गाइडलाइन की पालना सुनिश्चित करवाए।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव सिद्धार्थ महाजन ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि संक्रमितों की संख्या का सटीक आकलन करने के उद्देश्य से प्रदेश में सैम्पल की संख्या 38 हजार प्रतिदिन तक बढ़ा दी गई है, जो 15 दिन पहले के मुकाबले दोगुनी है। उन्होंने कहा कि आने वाले एक सप्ताह में रोजाना 45 हजार सैम्पल टेस्ट किए जाएंगे। साथ ही, पूरे प्रदेश में टेस्टिंग की क्षमता 70 हजार से बढ़ाकर 1 लाख प्रतिदिन की जाएगी। उन्होंने बताया कि कोविड टीकाकरण की गति को भी बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश में टीकाकरण के लिए पात्र लगभग एक तिहाई जनसंख्या को टीका लगाया जा चुका है।
बैठक में मुख्य सचिव  निरंजन आर्य, पुलिस महानिदेशक  एमएल लाठर, प्रमुख शासन सचिव गृह  अभय कुमार, प्रमुख सचिव वित्त श्री अखिल अरोरा, चिकित्सा शिक्षा सचिव  वैभव गालरिया, स्वायत्त शासन सचिव  भवानी सिंह देथा, राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजा बाबू पंवार, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भण्डारी, वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ श्री वीरेन्द्र सिंह सहित एसएमएस मेडिकल कॉलेज के अन्य वरिष्ठ विशेषज्ञ, सूचना एवं जनसंपर्क आयुक्त  महेन्द्र सोनी तथा अन्य उच्च अधिकारी उपस्थित थे।

रामगंज थाना क्षेत्र के मंडी खटीकान में कोविड -19 से बचाव के लियें यूनानी दवा जोशांदा पिलाई गई

कोविड – 19 

जयपुर – वैश्विक महामारी कोविड -19 से बचाव के लियें यूनानी चिकित्सा विभाग द्वारा डॉ मनमोहन खिंची के निर्देशन में मंडी खटीकान रामगंज जयपुर में जोशांदा ( युनानी दवा ) पिलाई गई जिसमें लगभग 350 से अधिक महिला पुरुष और बच्चों ने दवाई पी |

जिसमे यूनानी विभाग के कंपाउंडर नवल सिंह और विनोद कुमार ने अपनी सेवा दी व वही रामगंज थाना द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग की पालन में सहयोग किया |

इस अवसर पर डॉ मनमोहन खींची यूनानी चिकित्सा अधिकारी ने बताया  कि इस वैश्विक महामारी में यह यूनानी दवा जोशांदा शरीर में रोग – प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने में  कारगर हैं इस महामारी से बचाव  के लियें सभी लोगों को सरकार के निर्देशो का पालन सख़्ती करना चाहियें |

संत दुर्बलनाथ सत्संग मंडल के कार्यकर्ताओं ने इस कार्यक्रम में सहयोग किया  इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश सोयल , यशवंत असवाल , पवन देव  आदी उपस्थित रहें

गौरतलब है की रामगंज क्षेत्र लम्बे समय से कोविड 19 का हॉट स्पॉट बना हुआ है और प्रशासन द्वारा इस क्षेत्र में कर्फ्यू लगाया हुआ है वर्तमान समय में रामगंज थाना क्षेत्र के मंडी खटिकान में भी कोरोना पोजिटिव की संख्या में बढ़ोतरी हुई है जिसको लेकर चिकित्सा विभाग व् पुलिस प्रशासन यहाँ मुस्तेद हैं |