जानें, कितना आलीशान होगा भारत का नया संसद भवन

भारत की आजादी के 75वें साल यानी 2022 तक आधुनिक तकनीक और सुविधा से लैस नया संसद भवन तैयार हो जाएगा। नये संसद भवन को आने वाले 100 की जरूरत के हिसाब से तैयार किया जाएगा जिसमें कई ऐसी सुविधाएं होगी जो किसी आलीशान होटल में भी नहीं मिलती है। नये भवन में सभी सांसदों के लिए अलग-अलग कार्यालय होने केे साथ उनकेे कार्यालयों को पेपरलेस ऑफिस बनाने के लिए नवीनतम डिजिटल इंटरफेस से लैस तैयार किया जाएगा।

पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संसद की नई इमारत के शिलान्यास के साथ निर्माण कार्य भी शुरू होने के साथ विपक्ष इस भवन को लेकर मोदी सरकार की आलोचना कर रहा है। नये संसद भवन को इस तहर से तैयार किया जा रहा है कि भविष्य में सांसदों की संख्या बढ़ने पर भी कोई परेशानी नहीं होगी।

नया संसद भवन 64,500 वर्गमीटर क्षेत्र में बनेगा जो पुराने भवन से करीब 17,000 वर्गमीटर ज्यादा बड़ा होगा। नया संसद भवन मौजूदा संसद से लगभग तीन गुना बड़ा होगा। इस भवन को अंडरग्राउंड टनल के जरिये नए संसद भवन से जोड़ा जाएगा।

नये संसद भवन केा वायु और ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाने जैसे कई कदम उठाए गए हैं। नये भवन में एक बड़ा संविधान हॉल, संसद सदस्यों के लिए एक लाउंज, एक पुस्तकालय, समिति कक्ष, भोजन क्षेत्र और पर्याप्त पार्किंग स्थान के साथ सौर उर्जा जैसी सुविधा मिलेगी।

जानें इसकी खासियत

नये संसद भवन के निर्माण पर लगभग 1000 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे

नया संसद भवन 64,500 वर्ग मीटर में बनेगा

भवन का निर्माण 2022 अक्टूबर तक पूरा होगा

हर सांसद को मिलेगा 40 वर्गमीटर का दफ्तर

भवन का निर्माण देश की प्रतिष्ठित कंपनी टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड करेगी

डिजाइन एचसीपी डिजाइन प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने तैयार किया है

नया संसद भवन तीन मंजिला होगा और इसमें 1224 सदस्यों के बैठने की होगी व्यवस्था

भारत में पिछले 24 घण्टे में रिकॉर्ड तोड़ कोरोना पॉज़िटिव् मिले – अनलॉक 0.1 क्या होगा लॉक

लॉक डाउन में ढील लेकिन कोरोना पॉज़िटिव् में बढ़ोतरी ……..चिंता का विषय 

भारत मे पिछले 24 घण्टे में रिकॉर्ड कोरोना केस दर्ज हुयें जिनमें में से  9851 पॉज़िटिव्  और 273 मौत यह आंकड़ा अब तक सबसे ज्यादा एकदिवसीय आंकड़ा है। ऐसे समय में लोकडाउन में ढील देकर केंद्र सरकार किसी अनहोनी को तो न्यौता नही दे रही है।

भारत में कुल 2,26,770 केस गए है और 6,348 मौत के साथ रिकवरी दर 48.27 प्रतिशत है। घातक स्थितियों के मामले में भारत विश्व मे 12 वे स्थान पर है तथा रिकवरी के मामले में भारत 8 वे स्थान पर है साथ ही सक्रिय मामलो में भारत 5 वे स्थान पर है।

महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा अकदिवसीय 2933 मामले दर्ज किए गए और 123 मृत्यु के बाद मृत्यु की संख्या 2710 हो गयी है तथा राज्य में डिस्चार्ज मरीजो की संख्या 33,681 हो गई है।

केंद्र सरकार द्वारा मॉल, रेस्तरां और धार्मिक स्थलों को फिर से खोलने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया जारी की गई हैं।रेस्तरां में 50 प्रतिशत क्षमता और 6 फिट की दूरी रखी जायेगी  रेस्टोरेंट में बैठकर खाने की अनिवार्यता नही रहेगी घर ले जा सकते है  ,धार्मिक स्थलों पर मूर्ति, घण्टी या ग्रन्थ व अन्य चीजों को छूना मना है साथ ही बैठने के लिये चटाई घर से लानी होगी।

घर से बाहर जाने के लिए उम्र व स्वास्थ्य आधारित प्रतिबंध लगाए गए है।सोशल डिस्टेन्स का ध्यान रखा जायेगा और डिजिटल पेमेंट को प्राथमिकता दी जायगी। नियमन के अंतर्गत क्षेत्रो को छोड़कर जो कार्यालय खुलेंगे उनके लिए विस्तृत नियम लागू करने के साथ फिर से खोलने की अनुमति दी गयी है। वे कर्मचारी सदस्य जिनके साथ चिकित्सक स्थितिया है या जो  महिला  गर्भवती है उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बढ़ते कोरोना मरीजो पर चिंता जताई तथा कोविड-19 परीक्षण को तेज करने पर जोर दिया।

विश्व मे अलग अलग देशो में 120 कोरोना वैक्सीन का परीक्षण चल रहा है जिनमे से 10 कोरोना वैक्सीन का परीक्षण इंसानो पर किया जा रहा है जिनका परिणाम जुलाई के अंतिम दिनों तक देखने को मिल सकता है। केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन के अनुसार भारत मे 14 कोविड-19 वैक्सीन प्रोजेक्ट चल रहे जिनमें से अगले 5 महीनों में 4 वैक्सीन का परीक्षण इंसानो पर शुरू हो जायेगा।

राजस्थान में जहाँ कोरोना के पिछले दिन की रिपोर्ट आने के बाद – कुल संक्रमित 9652 नयें संक्रमित 279   कुल मौते 209  नई मौते 06  वही दूसरी और 6744  मरीज ठीक हो चुके हैं  | जयपुर में कुल संक्रमित 21 24  नयें संक्रमित 55 कुल मौते 100 नई मौते 04 और 1734 मरीज ठीक जो चुके हैं |

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प्रवासी मजदूरो की हत्या की ज़िम्मेदारी कोनसी सरकार लेगी केंद्र या राज्य – राहुल चोधरी  

Corona battle with global epidemic

The rich are suffering the brunt of the flattening of the people - 
the people of India and 130 crore people - administration has been careless - Rahul Chodhari

जयपुर | जयपुर की तंग गलियों में चार दिवारी क्षेत्र में इन दिनों कुछ युवा जरूरतमंद ,गरीबो को राशन पहुँचाने व् खाना खिलाने का काम करते देखे जा रहे है , पिछले कुछ दिनों में पेंटर कॉलोनी व्  जयपुर के कई क्षेत्रो में इन्हें देखा गया जब हमारी टीम ने इनसे बात की तो पता लगा की इनमें से कुछ पत्रकार है, कुछ वामपंथी छात्र संगठनों से है, कुछ वामपंथी पार्टियों से हैं, कुछ जमीयत उलेमा हिन्द से है ये ज्यादातर जयपुर से हैं कुछ बाहर के है और लॉक डाउन में फँस गए है

पूछताछ करने पर पता चला कि इनमें से एक पत्रकार भी है जिनका नाम ईशा शर्मा है जो न्यूज़ बाईट में कंटेंट एडिटर है और लोक डाउन में फंस गई हैं और वर्क फ्रॉम होम कर रहीं है और बाकी समय मे माइग्रेंट वर्कर्स को खाना बाँटने का काम करती है, इस हेतु वो पूरा दिन ये योजनाएं भी बनाती है कि कहा से खाना मिल सकता है |

दूसरा नाम है राहुल चौधरी जो राज्य सरकार की लॉक डाउन वाले दिन से ही सड़को पर है और अपने दोस्तों से आटा , दाल , चावल माँग कर मजदूरों की मदद करने की कोशिश में रहते है कि जहाँ तक हो कोई भूख से न मरे राहुल ने कहा की आज देश में जो यह विश्विक महामारी फेली है “कोरोना” इस में सबसे बड़ा फेलियर केंद्र की मोदी सरकार का रहा है ,

यह कोरोना सक्रमण विदेश से आने वाले लोग साथ लेकर आयें है अगर इनका उचित समय पर भारतीय एयरपोर्ट पर भी जांच व् स्क्रीनिंग सही रूप से हो जाती व् बाहर से आने वालें लोगों को सरकार 14 दिन क्वॉरेंटाइन  कर देती तो आज यह दिन देखना नहीं पड़ता ,लोग भूखे मर रहे है ओर राज्य सरकार ने आज तक भी राशन व्यस्था चालू नही की है, यहाँ मजदूर बस्तियां भूखे मजदूरों से भरी पड़ी है ,

rahul choudhary with sumitra choupda

मजदूर धीरे धीरे भूख से मर रहा है और कही भूख और कोरोना की जंग में ये कोरोना से पहले भूख से न हार जाए, साथ ही हमे पता लगा राहुल सुबह से लेकर रात 2 से 3 बजे तक सड़को पर लोगो की मदद में रहते हैं , इसी दिन जब राहुल नाहरिका नाका के इलाके में मजदूरों को खाना बाँट रहे थे तभी हड़कंप मच गया और भूख से परेशान मजदूरों ने इनकी गाड़ी को घेर लिया तभी RAC के जवानों ने उनपर लाठी चार्ज करना सुरु कर दिया तब उनके साथ केवल उनकी पत्रकार साथी ईशा थी पर राहुल और ईशा ने इसका जमकर विरोध किया तब पुलिस राहुल और ईशा पर भी हमले के लिए लाठियां लेकर दौड़ी पर राहुल और ईशा न उनके डंडों से डरे न उनकी धमकियों से ओर उनका जमकर सामना किया,

हमने वो वायरल वीडियो भी देखा जिसमे पुलिस उनपर हमला करने को दौड़ी थी , बातों ही बातों में पता चला इनको ये हिम्मत उनकी ताइ जो अब इस दुनिया मे नही रही कॉमरेड श्रीलता स्वामीनाथन जो कि एक बहोत बड़ी पोलिटिकल एक्टिविस्ट रही उनसे ओर हाल में भाकपा (माले) के राज्य सचिव महेंद्र चौधरी से मिलती है जिन्होंने अपना सारा जीवन संघर्षो में बिता दिया और इमरजेंसी ओर उसके बाद भी जनता की लड़ाई लड़ते हुवे कई बार जेलों में भी रहे ।

ritansh aazad

बातों ही बातों में राहुल से जब हमने पूछा कि पुलिस से डर नहीं लगता तब उन्होंने हंसते हुवे कहाँ क्या देश के लिए जान कुर्बान करने वाले सेनिको को लगता है क्या क्रांतिकारी जो शहीद हुवे उन्हें लगता था, मेरी तो तम्मान ही यही है कि मजदूरों और वर्ग संघर्ष की लड़ाई लड़ते हुवे किसी दिन पुलिस के लाठी गोली से मेरी मौत हो उन्होंने कहा बचपन से पुलिस की बहोत लाठियां खाई है पर आज पुलिस भी जिस तरह से अपनी जान की परवाह न करते हुवे सड़को पर 16 से 24 घन्टे ड्यूटी कर रही है जिसमे सबसे ज्यादा इनकी जान को खतरा है इनकी इसी बात पर कुछ पुलिस वालों की गुंडागर्दी कोई मायने नहीं रखती ओर में दिल से इनके होसलो को सलाम करता हु आज अगर चुल्लू भर पानी डूबना है तो वो उन नेताओं को है जो घरों में दुबक कर बैठे है जब उनकी जनता भूखी है।

स्कील कुरेशी ने बताया कि आज प्रधानमंत्री मोदी जी ने जो लॉक डाउन किया है में उसका समर्थन करता हूँ यह समय की मांग है लेकिन आप की जमीनी  तैयारिया थी ही नहीं आज देश का मजदुर पैदल ही 500 / 1000 या उससे भी अधिक किलोमीटर भूखे पेट चलने को तैयार है और वह भूख से मर भी रहा है उसी लाश सडको पर लावारिश पड़ी मिल रही है यह मजदुर कोरोना से तो पता नहीं कब मरेगा लेकिन भूख से तो आज रोड़ो पर मरता दिख रहा है में तो इसे केंद्र व् राज्यों की लापरवाही द्वारा हत्या की श्रेणी में ही रखूंगा ओर इसी लिए बस आज इनकी भूख से मौत न हो जाये इस लिए सड़कों पर हूँ।

इन्ही के बीच के जानी मानी समाज सेविका जो NFIW की महासचिव है निशा सिद्दू जी वो भी अचानक से हमे दिखाई पड़ी जब पुलिस वाले मजदूरों पर डंडे चला रहे थे उनको सिंधी कैम्प से भगाने के लिए तो वो अचानक से बीच मे आ गई जैसे उन मजदूरों की ढाल बनकर आ गई हो, जैसा आप सभी को पता है इनकी इकलौते पुत्र समर्थ सिंह सिद्दू का अभी 15 तारीख को ही टोंक रोड पर एक्सीडेंट में देहांत हो गया था अभी बेटे की चिता की आग ठंडी भी नही हुवी थी कि इनको इस तरह सड़को पर मजदूरों के लिए जान हतेली पर लिए देख कर ऐसा लगा मानो झांसी की रानी एकबारगी अपनी सेना के लिए सब कुर्बान करने आ गई हो, सलाम है उनके हौसले को , उनसे बात तो नही हो पाई पर पता चला कि वो कहती हैं कि अगर समर्थ होता तो वो भी आज यही करता इन मजदूरों को भूखे पेट न मरने देता न पुलिस से पीटने देता , ओर मेरे जीवन का अब एक ही लक्ष्य है वर्ग संघर्ष।

वही पर कुछ युवा भी थे जिनमें AIRSO के राज्य संयोजक रितांश जो पहले दिन से सक्रीय हैं, जयपुर अगेंस्ट ब्रूटलिटी की मुहिम चलाने वाले बप्पा आदित्य जिनको हाल ही में दिल्ली में केवल इस लिए गिरफ्तार कर लिया गया था कि वो एक उबेर कैब में बैठ कर साहिन बाग पर बात कर रहे थे ।

ये सभी युवाओं के भी घर परिवार है, राहुल के तो 2 बेटियां है 4 और 6 साल की पर फिर भी जहाँ आज हमारे नेता घरों में कोरोना के डर से दुबके हुवे है ये सभी ने कसम खा रक्खी है कि चाहे कोरोना मार दे पर भूख के खिलाफ हम लड़ेंगे ओर मजदूर को नही मरने देंगे।

वाकई इन्हें देख कर लगा कि इनसभी युवाओं में एक भगतसिंग जिंदा है और एक झांसी की रानी इनकी ढाल बनकर खड़ी है

काले हिरण मामला: सलमान खान को पांच साल की सजा, कोर्ट से जाएंगे जेल

बॉलीवुड डेस्क। आज बीस साल पुराने काले हिरण शिकार मामले में जोधपुर की अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए सलमान खान को दोषी करार दिया हैं। बाकी के सभी कलाकार तब्बू, सैफ अली खान, नीलम, और सोनाली बेंद्रे को अदालत ने बरी कर दिया हैं। कोर्ट ने इस मामले में सलमान को पांच साल की सजा सुनाई है। साथ ही सलमान का गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया जा चुका है। इस मामले में तीन साल से कम की सजा का प्रावधान होन के कारण उन्हे जेल नही जाना पड़ेगा।

जोधपुर के निकट कांकाणी गांव के भागोडा की ढाणी में दो काले हिरणों का शिकार किया था। यह घटना’ हम साथ साथ है” फिल्म की शूटिंग के दौरान दो अक्तूबर, 1998 की है। इस मामलें में सलमान खान वन्यजीव संरक्षण कानून की धारा 51 और अन्य कलाकार वन्यजीव संरक्षण कानून की धारा 51 तथा भारतीय दंड संहिता की धारा149 ( गैरकानूनी जमावड़ा) के तहत आरोपों का सामना कर रहे हैं।

सरकारी वकील भवानी सिंह भाटी ने कहा कि उस रात सभी कलाकार जिप्सी कार में थे, सलमान खान वाहन चला रहे थे। हिरणों का झुंड देखने पर उन्होंने गोली चलाई और उनमें से दो हिरण मार दिये थे। उन्होंने कहा कि जब लोगों ने उन्हें देखा और उनका पीछा किया तो ये कलाकर मृत हिरणों को मौके पर छोड़कर भाग खड़े हुए। उन्होंने कहा कि उन लोगों के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं।

भारत ने किया अग्नि-5 का सफल परीक्षण –

भारत ने हाल में ही अग्नि-5 का सफल परीक्षण किया जिससे चीन  की तरफ़ से कड़ी प्रतिक्रिया मिली है. वहां के जानकार कह रहे हैं कि नई दिल्ली के इस कदम के बाद बीजिंग को अपनी ढाल मज़बूत करनी चाहिए.  भारत के  इस बढ़ते कदम से चीन हरकत में आ गया हैं

चीन के एक मिसाइल विशेषज्ञ का कहना है कि भारत ने हाल में जिस इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसा

मिसाइल अग्नि – 5 ( फाइल फोटो)

इल का परिक्षण किया है और जो परमाणु हमले में सक्षम हैं, उससे चीन की सुरक्षा को सीधा ख़तरा है और ये परीक्षण परमाणु निरस्त्रीकरण के वैश्विक प्रयासों के लिए एक चुनौती है.

चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी का मुखपत्र माने जाने वाले  ग्लोबल टाइम्स के अनुसार चीनी सैन्य विशेषज्ञ सोंग ज़ोंपिंग का कहना है, “इस परीक्षण के बाद बड़े पैमाने पर इस मिसाइल का उत्पादन होगा और आने वाले सालों में इसे सेना में शामिल कर लिया जाएगा.”

भारत ने किया था अग्नि-5 का सफल परीक्षण

इससे पहले गुरुवार सुबह भारत ने ओडिशा के समुद्री तट के नज़दीक मौजूद अब्दुल कलाम द्वीप से लंबी दूरी वाली अग्नि-5 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया था.

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार भारत में बना ज़मीन से ज़मीन तक मार कर सकने वाला ये मिसाइल पांच हज़ार किलोमीटर के रेंज तक किसी लक्ष्य को नष्ट कर सकता है.

गुरुवार को किया गया ये परीक्षण इस मिसाइल का पांचवा परीक्षण था. इसे तीसरी बार लगातार रोड मोबाइल लॉन्चर से छोड़ा गया था. इस मिसाइल के सभी पांचों परीक्षण सफल रहे हैं.

अग्नि-5 इस सिरीज़ की सबसे आधुनिक मिसाइल है, क्योंकि नेविगेशन, गाइडेंस, वॉरहेड और इंजन, सभी के मोर्चे पर ये अपने पुराने साथियों से बेहतर बताई जाती है.

डीआरडीओ का कहना है कि मिसाइल को इस तरह प्रोग्राम किया जा सकता है कि अपने रास्ते के चरम तक पहुंचने के बाद ये फिर पृथ्वी की तरफ़ मुड़ सकती है और उसके गुरुत्वाकर्षण बल से मदद लेते हुए अपने लक्ष्य की तरफ़ ज़्यादा रफ़्तार से बढ़ने में सक्षम है.

अग्नि सिरीज़ मिसाइलों की बात करें तो अग्नि-1 700 किलोमीटर, अग्नि-2 दो हज़ार किलोमीटर, अग्नि 3 और 4 ढाई हज़ार से 3.5 हज़ार किलोमीटर तक मार करने की क्षमता रखती है.

अग्नि-5 का पहला टेस्ट साल 2012 के अप्रैल महीने में किया गया था जबकि दूसरा साल 2013 के सितंबर में.

गुरुवार को हुई टेस्टिंग के बाद भारत अमरीका, ब्रिटेन, रूस, चीन और फ्रांस जैसे मुल्क़ों की कतार में खड़ा हो गया है क्योंकि ये सभी वो देश हैं जो एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप तक मार करने वाली बैलेस्टिक मिसाइलें रखते हैं.

ग्लोबल टाइम्स के अनुसार ये मिसाइल चीन के उत्तरी इलाकों तक आसानी से पहुंचने का दावा किया जा रहा है लेकिन चीन के जानकारों ने अग्नि-5 की मारक क्षमता को लेकर शंकाएं भी जताई हैं.

वेबसाइट के अनुसार शांघाई एकैडमी ऑफ़ सोशल साइंसेस के इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंटरनेशनल रिलेशन्स में काम कर रहे रिसर्च फेलो हू ज़ियोन्ग के अनुसार, “देखा जाए तो ये मिसाइल बीजिंग तक पहुंच सकता है लेकिन भारत की मिसाइल तकनीक औसत दर्ज के कहीं नीचे है.”

हू ने कहा कि इसके बावजूद चीन को सतर्क रहना चाहिए और अपनी मिसाइल तकनीक को अपग्रेड करना चाहिए.

उनका कहना है, “चीन को इसे ख़तरे की घंटी की तरह लेना चहिए और अपनी एंटी मिसाइल तकनीक पर और काम करना चाहिए.”

अब देखना यह होगा की चीन इसपे एक्शन लेता हैं और साथ ही भारत का अगला कदम क्या होगा .

 

 

 

सयुंक्त राष्ट्र में स्थाई सदस्यता के लिए भारत छोड़ सकता है वीटो पावर-

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र में स्थाई सदस्यता के लिए भारत वीटो पावर छोड़ने पर विचार कर सकता है। यूएन में सुधार के लिए हो रहे प्रयासों के तहत भारत ऐसा करने पर विचार कर रहा है।

दरअसल, जी4 के देशों ने कहा है कि यूएन में सुधार के लिए नए विचारों को अपना सकते हैं। इसके लिए चाहे तो वे स्थाई सदस्य के तौर पर वीटो का अधिकार नहीं होने पर भी तैयार हैं। यूएन में भारत के प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दीन ने अंतर सरकारी बैठक में एक संयुक्त बयान में कहा है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जरुरी सुधार के लिए कई संरा सदस्य देश स्थाई और अस्थाई सदस्यता के विस्तार के पक्ष में हैं। सभी के पास जिम्मेदारियां अौर समस्याएं होगी
भारतीय प्रतिनिधि का कहना है कि कई लोगों ने अलग—अलग नजरिए से ध्यान दिया है। किंतु जी—4 के अनुसार वीटो कोई एक समस्या नहीं है, केवल समस्या रूकावटों को दूर करने को लेकर है। चारों देशों ने एक बयान में कहा है कि सबको रूख इसके अनुरूप है, कि नए स्थायी सदस्यों के पास वो स
भी जिम्मेदारियां और समस्याएं होंगी, जो वर्ममान यूएन के स्थायी सदस्यों के पास है। नए यूएन सदस्य वीटो का प्रयोग तब तक नहीं करेंगे जब तक इस दौरान कोई निर्णय नहीं होता।

समूह ने यह भी कहा कि यूएन में वीटो का मामला बहुत अहम है, मगर यूएन के सदस्य देशों का मत है कि सुरक्षा परिषद की संभावित सुधार प्रक्रिया पर वीटो का अधिकार नहीं होने चाहिए।

सयुंक्त राष्ट्र में स्थाई सदस्यता के लिए भारत छोड़ सकता है वीटो पावर!

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र में स्थाई सदस्यता के लिए भारत वीटो पावर छोड़ने पर विचार कर सकता है। यूएन में सुधार के लिए हो रहे प्रयासों के तहत भारत ऐसा करने पर विचार कर रहा है।

दरअसल, जी4 के देशों ने कहा है कि यूएन में सुधार के लिए नए विचारों को अपना सकते हैं। इसके लिए चाहे तो वे स्थाई सदस्य के तौर पर वीटो का अधिकार नहीं होने पर भी तैयार हैं। यूएन में भारत के प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दीन ने अंतर सरकारी बैठक में एक संयुक्त बयान में कहा है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जरुरी सुधार के लिए कई संरा सदस्य देश स्थाई और अस्थाई सदस्यता के विस्तार के पक्ष में हैं।

सभी के पास जिम्मेदारियां अौर समस्याएं होगी

भारतीय प्रतिनिधि का कहना है कि कई लोगों ने अलग—अलग नजरिए से ध्यान दिया है। किंतु जी—4 के अनुसार वीटो कोई एक समस्या नहीं है, केवल समस्या रूकावटों को दूर करने को लेकर है। चारों देशों ने एक बयान में कहा है कि सबको रूख इसके अनुरूप है, कि नए स्थायी सदस्यों के पास वो सभी जिम्मेदारियां और समस्याएं होंगी, जो वर्ममान यूएन के स्थायी सदस्यों के पास है। नए यूएन सदस्य वीटो का प्रयोग तब तक नहीं करेंगे जब तक इस दौरान कोई निर्णय नहीं होता।
समूह ने यह भी कहा कि यूएन में वीटो का मामला बहुत अहम है, मगर यूएन के सदस्य देशों का मत है कि सुरक्षा परिषद की संभावित सुधार प्रक्रिया पर वीटो का अधिकार नहीं होने चाहिए।

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