मनोहर पर्रिकर के शपथ ग्रहण से पहले कांग्रेस ने लगाया अडंगा, कोर्ट में सुनवाई अाज

नई दिल्ली। देश का रक्षामंत्री बनने के लिए करीब 2 साल पहले गोवा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने अपने पद से इस्तीफा दिया था। लेकिन परिस्थितियां बदली तो एक बार फिर पर्रिकर को उसी राज्य में रक्षामंत्री का पद छोड़कर फिर से मुख्यमंत्री बनना पड़ रहा है।

भाजपा इसको जहां रणनीति बता रही है, वहीं कांग्रेस ने उनके शपथ ग्रहण में अडंगा लगा दिया है। गोवा के मुख्यमंत्री बनने से पहले अब पर्रिकर को सुप्रीम कोर्ट की अग्नि परीक्षा से गुजरना पड़ेगा।

राष्ट्रपति ने इस्तीफा स्वीकार किया

जहां एक ओर रक्षामंत्री पद छोड़ने के लिए उनके निर्णय को स्वीकार करते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इस्तीफा स्वीकार कर कर लिया है, वहीं कांग्रेस पार्टी ने गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा द्वारा पर्रिकर को सीएम पद पर नियुक्त किए जाने के निर्णय को उच्च्तम न्यायालय में चुनौती दे दी है। राज्य में पार्टी विधायक दल के नेता चंद्रकांत कवलेकर यह याचिका दायर करते हुए मांग की गई है कि मनोहर पर्रिकर के सीएम पद की शपथ लेने पर रोका जाए।

पार्टी के एडवोकेट ने बताया है कि कोर्ट से सीएम बनने जा रहे मनोहर पर्रिकर के शपथ लेने पर रोक लगाने की मांग पर आज सुबह सुनवाई करने जा रहा है। इससे पहले एडवोकेट ने चीफ जस्टिस जेएस खेहर के सरकारी आवास पर एक दिन रिट लगाई गई थी। जिसमें न्यायमूर्ति खेहर ने आज सुनवाई करने की बात कही है। इसी सिलसिले में कोर्ट ने एक विशेष खंड़पीठ का गठन किया है।

केंद्र सरकार और गोवा सरकार को पक्षकार बनाया गया

कांग्रेस पार्टी की ओर से दायर रिट में कहा गया है कि मनोहर पर्रिकर को सीएम पद पर नियुक्त करने के राज्यपाल सिन्हा के फैसले को निरस्त किया जाए। कांग्रेस के वकील देवदत्त कामथ के द्वारा दायर इस याचिका पर कांग्रेस के नेता और सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी अपनी दलीलें करेंगे। दायर की गई याचिका में केंद्र सरकार और गोवा सरकार को पक्षकार बनाया गया है।

इधर, अपने पद से इस्तीफा देने वाले मनोहर पर्रिकर का इस्तीफा स्वीकार करते हएु राष्ट्रपति आॅफिस ने बयान जारी कर कहा है कि राष्ट्रपति ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75 और उसके खंड (2) के तहत रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर का इस्तीफा मंजूदर कर लिया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अनुषंशा पर वित्तमंत्री अरुण जेटली को रक्षा मंत्री का प्रभार सौंप दिया गया है।

अाज करेंगे शपथ ग्रहण

दूसरी ओर पर्रिकर मंगलवार को शाम 5 बजे गोवा के राजभवन में शपथ ग्रहण करने जा रहे हैं। गृहमंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह इस शपथ ग्रहण में मौजूद रहेंगे। राज्य की राज्यपाल मृदुला सिन्हा मनोहर पर्रिकर सहित राज्य में बनने जा रहे उनके मंत्रिमंडल के मैम्बर्स को भी पद व गोपनीयता की शपथ दिलाएंगी। इसके बाद पर्रिकर को विधानसभा में 15 दिनों के भीतर अपना बहुमत साबित करना होगा।

आपको बात दें कि इससे पहले भी मनोहर पर्रिकर 2 बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। वे अक्टूबर 2000 में पहली बार सीएम बने थे। जिनका कार्यकाल फरवरी 2005 तक चला। इसके बाद वे पुन: दूसरी मर्तबा मार्च 2012 में मुख्यमंत्री बने। लेकिन रक्षामंत्री बनने के लिए उनको अपने अपद से 8 नवंबर 2014 को इस्तीफा देना पड़ा।

बस चालक को नींद की झपकी अाने से बस पलटी, 26 लोग घायल

जयपुर। दिल्ली-जयपुर हाइवे पर देर रात एक बस चालक को नींद की झपकी आने से बेकाबू होकर पलट गई। हादसे में बस सवार करीब 26 यात्री घायल हो गए। बस जयपुर से दिल्ली जा रही थी, इसी दौरान यह हादसा हो गया।

घायलों में से 2 को उपचार के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल लाया गया। पुलिस के अनुसार रात करीब 12.30 बजे मनोहरपुर टोल के पास एक होटल के पास पलट गयी। बस के पलट ने का कारण बस चालक को नींद की झपकी अाना बताया जा रहा है।

दो किलोमीटर लम्बा लगा जाम

हादसे में 26 यात्री घायल हो गए। घायलों में 24 का उपचार निम्स अस्पताल में किया जा रहा है जबकि दो का उपचार सवाई मानसिंह अस्पताल में जारी है। बस में करीब 54 यात्री सवार थे। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे के बाद सड़क पर जाम लग गया। हादसे के बाद हाइवे पर करीब दो किलोमीटर लम्बा जाम लग गया था। सूचना पर मौके पर पहुंच कर पुलिस ने क्रेन की मदद से बस को सीधा कर थाने पर खड़ा करवा कर यातायात को सुचारू करवाया।

जयपुर में शुरू होगा 14 मार्च से मौत का खेल

जयपुर। राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी और सरकार दोनों उत्तर प्रदेश में चुनाव जीतने के जश्न में मशगुल है, लेकिन राजस्थान में युवाओं के रोष का शायद अंदाजा नहीं है। आरोप है कि पांच साल में 15 लाख रोजगार देने के वादे को पूरा नहीं कर पाईं है, इसलिए राज्य के बेरोजगार मौत का खेल करने पर उतारू हो गए हैं।
बेरोजगारों का कहना है कि सरकार और उनके अधिकारियों के लगातार झूठे वादों व आशवासनों से परेशान होकर वे 14 मार्च से अन्न—जल छोड़कर आमरण अनशन करेंगे। राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष उपेन यादव ने शनिवार को घोषणा करते हुए कहा है कि वे 14 मार्च को सरकार की युवा विरोधी नीतियों के कारण आमरण अनशन करने जा रहे हैं। जिसके तहत वे सरकार के वादा पूरा नहीं करने तक न अन्न ग्रहण करेंगे और न ही जल। यादव ने कहा है कि यदि सरकार समय रहते नहीं चेती तो हसंते—हसंते मौत को गले लगा लेंगे।

अब लडाई मौत और जीत के बीच होगी

उपेन ने कहा है कि वे अब चयनित बेरोज़गारों की आखों में आंसू नहीं देख सकते, इसलिए वे खुद 14 मार्च को अन्न और जल छोडकर आमरण अनशन पर बैठेंगे। यादव ने दावा किया है कि इस लडाई में यदि उनकी मौत भी हो जाए तो कोई अफसोस नहीं होगा, क्योंकि यह लडाई सच्चाई की है।

चयनित बेरोज़गारों की जीत होगी

उपेन यादव का आरोप है कि सरकार और अधिकारी, दोनों मिलकर बेरोज़गारों के साथ बड़ा खेेल कर रहे हैं। सभी दुखी हैं, फिर चाहे 2013 के चयनित बेरोज़गार हों या 2012 के रिवाइज रिजल्ट में चयनित। इसके साथ ही रीट 2016 के चयनित बेरोज़गारों के भविष्य के साथ भी सरकार यही खेल कर रही है।

सरकारी एडवोकेट भी शामिल हैं

यादव ने कहा है कि वे रोज शिक्षा मंत्री सहित दूसरे मंत्रियों अधिकारियों से मिलता हैं। जिसमें सभी रोज चयनितों और बेरोज़गारों के लिए काम करने की बात करते हैं। किंतु अधिकारी और सरकारी एडवोकेट मिलकर बेरोज़गारों के साथ छलावा कर रहे हैं। अतिरिक्त महाधिवक्ता भी सरकार की साथ देकर बेरोजगारों के साथ वादा खिलाफी में साथ दे रहे हैं।

भर्तियां अटकी हुई हैं और सरकार मौज में

उनका आरोप है कि सरकार ने सभी भर्तियां अटका रखी हैं। बेरोजगारों से जुड़े इस गंभीर मामले को दरकिनार कर सरकार व अधिकारियों ने 30 भर्तियां अटका रखी हैं। प्रदेश का बेरोजगार मर रहा है और सरकार मौज मना रही है। अब तक केवल विद्यार्थी मित्रों में ही 26 की जान जा चुकी है।

बजट में फिर अनदेखी

यादव ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार बेरोज़गारों के मुकद्दमें हटाने के लिए तैयार नहीं है। इस बार उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने बजट में एक बार फिर बेरोज़गारों की अनदेखी की है। प्रदेश की सरकार के द्वारा लाखों बेरोज़गारों के लिए बजट में नई भर्तियां की कोई घोषणा नहीं की, जो बेरोज़गारों के भविष्य के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ है।

जब तक सरकार, तब तक बेरोजगार लाचार

उपेन ने कहा है कि बीते 5 साल से वे बेरोजगारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पिछली सरकार भी बेरोजगारों के साथ खिलवाड़ करती रहीं। उसके बाद वर्तमान सरकार बनने से पहले सीएम बनी राजे ने खूबे वादे किए, लेकिन आज तक कुछ खास नहीं कर पाई। ऐसे में सवाल यह उठता है​ कि आखिर यह सब कब तक यह चलता रहेगा? सरकार के अधिकारियों और मंत्रियों के आगे कब तक लाचार बेरोज़गार चक्कर काटते रहेंगे?

धरने तक की अनुमति नहीं, कैसा शासन है?

यादव का कहना है कि जरुरतमंद बेरोजगारों को अपनी मांगे सरकार के समक्ष उठाने के लिए पुलिस ने धरने की अनुमति देनी ही बंद कर दी है। संवैधानिक रुप से देश के हर नागरिक को शांतिपूर्वक धरना देने का अधिकार है।

बेरोज़गारों की होगी काली होली

सरकार के नहीं सुनने पर हमने कांग्रेस प्रदेशाध्यस सचिन पायलट, नेता प्रतिपक्ष रामेशवर डूडी, गोविन्द सिंह डोटासरा को ज्ञापन देकर विधानसभा में बेरोज़गारों की आवाज उठाने की मांग की है। उन्होंने वादा किया है कि 16 मार्च को वे सदन में बेरोजगार युवाओं की मांग उठाएंगे। इस बार हमने काली होली मनाने का फैसला किया है।

बड़े अातंकी हमले की थी साजिश, भारी मात्रा में मिला असलाहा

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के लखनऊ की एक कॉलोनी में करीब 12 घंटे चले ऑपरेशन पर रात ​को विराम लग गया। जहां पर एक आतंकी सैफुल्लाह छिपा था। यह आॅपरेशन बुधवार अलसुबह तीन बजे खत्म हुआ है। जिस जगह पर आतंकी छिपा था, उस घर में से काफी मात्रा में असलाहा बरामद किया गया है। जो किसी बड़े आतंकी हमले के लिए एकत्रित​ किया गया था।
बताया जा रहा है कि यहां छिपे आतंकी के साथ ही दूसरे आतंकियों ने ही एमपी में भोपाल-उज्जैन चलने वाली ट्रेन में पाइप बम से धमाका किया था। ट्रेन में हुए इस हमले की पूरी तस्वीरें आतंकी ने सीरिया में भेजी थी। नई सूचनाएं मिलने के बाद देश की सुरक्षा एजेंसियों के कान खडे़ हो गए हैं। बताया यह भी जा रहा है कि मारे गए आतंकी का सीरिया के आतंकी गुट आईएसआईएस से संबंध था।
मारे गए अांतकी के कमरे में ये सामग्री बरामद की 
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मरने वाले आतंकी ने खतरनाक बम बनाने का प्रशिक्षण इंटरनेट से सीख लिया था। उत्तर प्रदेश की एटीएस आईजी असीम अरुण ने कहा है कि मारे गए आतंकी के कमरे से 8 पिस्तौल, 650 राउंड चलने जितनी गोलियां, भारत सरकार का पासपोर्ट, सोना, 2000 के नए नोट के साथ ही बड़ी मात्रा में नकदी, बम और बम बनाने का सामान, आईएसआईएस का काला झंड़ा व मोबाइल सिम बरामद हुई है।
एटीएस के मुताबिक इतनी बड़ी मात्रा में मिला खतरनाक सामान किसी बड़े हमले का संकेत दे रहा है। आईएस के इस मॉड्यूल से जुड़े दूसरे सदस्यों को पकड़ा जा चुका है।
इसके अलावा कई अन्य आतंकी घटनाओं में लिप्त संदिग्धों को पकड़ा जाना बाकी है।
मरकर अल्लाह के पास जाउंगा
सैफुल्लाह का एनकाउंटर करने के दौरान एटीएस ने पहले उसे सरेंडर करने को कहा था, लेकिन उसने साफ मना कर दिया। इसके बाद टीम ने उसको बाहर निकालने के लिए मिर्ची बम फैंका, लेकिन वह नहीं आया। इसके साथ हो रही फायरिंग में वह घायल हो गया, जब एटीएस की टीम मौके पर पहुंची तो दम तौड़ चुका था। रात को एटीएस के कमांडों ने गैसकटर से काटकर घर में प्रवेश किया।
खुद को छात्र बताते थे
स्थानीय लोगों के अनुसार जिस मकान में सैफुल्लाह छिपा था वहां पर करीब 6 महीने से 4 लोग रह रहे थे। लेकिन मंगलवार को जब एटीएस टीम पहुंची, तब केवल एक संदिग्ध ही मौजूद था। अन्य तीन निकल चुके थे। बताया जा रहा है कि ये आतंकी कानपुर नंबर की एक मोटरसाइकिल भी रखते थे। वे खुद को छात्र बताते थे।

सीएम राजे ने किया 2017-18 का बजट पेश, देखिए बजट की पूरी जानकारी

जयपुर। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राज्य का 67वां बजट पेश कर दिया है। सदन में बजट पढ़ने से पहले विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने मुख्यमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज आपका (राजे) जन्मदिन है। मेरी (मेघवाल) और सदन की ओर से बधाई बजट भाषण का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने पिछले कुछ माह में राज्य को मिले पुरुस्कारों की जानकारी देते हुए किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से काफी विपरीत परिस्थितियों में हमें प्रदेश सम्भालने को मिला। उन्होंने उल्लेख करते हुए कहा कि इस बार बजट की कॉपियों को डिजिटल फॉर्म में रखा गया है।

सड़क
—मुख्यमंत्री ने बजट में घोषणा की है कि राज्य में सड़कों का जाल बिछाया गया है । राजे ने जानकारी दी कि दूसरे चरण में दो हजार किमी की सड़कों का निर्माण कराया जाएगा।
— करीब 1000 किलोमीटर के राज्य राजमार्गों के लिए काम शुरू कराया जाएगा।
केकड़ी में स्कूलों के रास्ते के लिए 17 किलोमीटर मार्ग बनाया जाएगा।
— बाप क्षेत्र में डलब लेन की घोषणा।

पेयजल

— 2039 गांवों में शुद्व पेयजल पहुंचाने की घोषणा राजे ने बजट में की।
— पेजयल योजनाओं पर सरकार छह हजार करोड़ से ज्यादा खर्च करेग—

हवाई सेवा से जुड़ेंगे यह शहर
– कोटा, अजमेर और रणथंभौर को जयपुर के साथ हवाई सेवा से जोड़ा जाएगा।
बीकानेर को नई दिल्ली से और जोधपुर को आगरा से जोड़ा जाएगा।

बिजली

— 400 केवी के दो सहित कई सब स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
वर्तमान में कुल 7500 करोड़ रुपए से अधिक का अनुदान आगामी वर्ष में बढ़ाया जा रहा है।
—एक लाख नए कृषि कनेक्शन दिए जाएंगे

120 करोड़ रुपए होंगे खर्च

  • भरतपुर जिले के डीग, कामा सहित कई कस्बों में पीपीपी पर आरओ प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
    निजी कंपनियां अपने खर्च पर करती हैं पेयजल योजनाओं का संरक्षण।
  • इसके साथ जयपुर, अजमेर, बीकानेर, उदयपुर आदि में कार्य कराए जाएंगे।

पर्यटन

–  संरक्षण व जीर्णोद्धार के कार्य 36 करोड़ रुपए की लागत से कराए जाएंगे।
– 2017-18 में आठ संग्राहालय, अलवर, डूंगरपुर सहित संरक्षण व विकास कार्य कराए जाएंगे।
– अजमेर व जोधपुर में 2-2 स्थानों पर भी काम होंगे।
– खेतड़ी में भी काम होंगे।
– टोंक में प्राचीन दुर्लभ हस्तलिखित संग्रहों का डिजिटलाइजेशन कराया जाएगा।
– अलवर में कृष्णभक्त पेनेरोमा का निर्माण कराया जाएगा।
– नागौर, कोटा, झालावाडृ, बूंदी की दरगाहों को पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित किया जाएगा।

वन

  • डेजर्ट नेशनल पार्क में गोडावन के संरक्षण के लिए 10 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
  • लेपर्ट से प्रभावित क्षेत्रों में लेपर्ट के संरक्षण के लिए प्रोजेक्ट लेपर्ड शुरू कराया जाएगा।
  • टाइगर व लेपर्ड के लिए रणथंभौर, सरिस्का, झालाना आदि में सुरक्षा के लिए विशेष फोर्स लगाई जाएगी।
  • 60 लाख पौधे दूसरे चरण में लगाए जाएंगे। लगाने का काम हाथ में लिया जाएगा। इसके लिए 2 करोड़ रुपए का प्रावधान।
    –  बांसवाड़ा त्रिपुरा सुंदरी, बाड़मेर, जालौर, भीलवाड़ा में स्मृति वन बनाए जांएगे।

उद्योग

  • स्टार्टअप व सूक्ष्म लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • कपड़ा उद्योग में इंपोर्ट एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए दो नए सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
  • 90 लाख के ऋण पर 6 प्रतिशत ब्याज लिया जाएगा। इस ब्याज को बढ़ाकर डेढ़ करोड़ किया जाएगा।
  • जयनारायण व्यास जोधपुर व कोटा वर्द्धमान महावीर में उद्यमिता विकास केंद्र बनाए जाएंगे।
  • स्टार्टअप व सूक्ष्म लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा।

किसानों के लिए

  • आगामी दो वर्षों में संभाग स्तर पर ग्राम का आयोजन किया जाएगा।
  • 2016-17 में उर्वरक उपलब्ध कराया गया। अब भी मांग के अनुसार यूरिया और डीएपी उपलब्ध कराया जाएगा।
    केंद्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से फसल ऋण के रूप में 150 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए जाएंगे।
  • राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक की ओर से 10 करोड़ रुपए ऋण के प्रावधान।
  • आगामी वर्ष में पशु पालन व मत्स्य के लिए 822 कराेड़ रुपए का प्रावधान।
  • पशु चिकित्सालय खोले जाएंगे सभी ग्राम पंचायतों में।

भगवान का भी ध्यान

  • राज्य सरकार तिरुपति बालाजी और बद्रीनाथ में धर्मशाला बनवाएगी।
  • बिहारी जी, गंगा मंदिर भरतपुर, केशोरायपाटन के मंदिरों का जीर्णोद्धार होगा।
    –  20 हजार वरिष्ठ नागरिकों को यात्रा कराई जाएगी, जिनमें 5 हजार को हवाई यात्रा धार्मिक स्थलों की कराई जाएगी।
  • बनारस में अलवर मंदिर का जीर्णाेद्धार कराया जाएगा।

महिलाओं के लिए

  • आगामी वर्ष में पशु पालन व मत्स्य के लिए 822 कराेड़ रुपए का प्रावधान।
  • आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं की बेटियों को आर्थिक सहायता।
  • बालिका शिक्षा के लिए 5000 रुपए प्रोत्साहन राशि।
  • कन्या के विवाह पर देय अनुदान राशि व प्रोत्साहन राशि को दोगुना करने की घोषणा।
  • 1000 महिला दुग्ध उत्पादन केंद्र बनाए जाएंगे।
  • कई शिक्षण संस्थाओं में अध्ययन के लिए  साइकिल उपलब्ध कराई जाएगी।
    इस वर्ष का नारी शक्ति पुरस्कार भी राज्य को दिया जा रहा है।
  • किशोर न्याय अधिनियम के लिए बाल गृह, जोधपुर, भरतपुर, भीलवाड़ा, दौसा, हनुमानगढ़ में बनाए जाएंगे।
  • 90 प्रतिशत के अधिक पाने वाली बोर्ड की  100 छात्राओं को स्कूटी दी जाएगी

हाईकोर्ट ने द्रव्यवती नदी के सीमांकन को लेकर दिया अादेश, जेडीए से मांगा जवाब..

जयपुर। जयपुर हाईकोर्ट ने द्रव्यवती नदी के सीमांकन को लेकर करीब दो दर्जन आपत्तियों पर जयपुर विकास प्राधिकरण से जवाब मांगा है। जवाब के लिए जेडीए को 10 अप्रैल तक का समय दिया गया है अौर साथ में यह भी कहा है कि तय समय में जवाब नहीं दिया तो पूर्ण रुप से कार्रवाई भी कि जा सकती है।

10 से 20 फीट चौड़ी सड़क बननी चाहिए

जयपुर हाईकोर्ट के न्यायाधीश अजय रस्तोगी और के सी शर्मा की खण्डपीठ ने पी एन मैंदोला की जनहित याचिका पर यह आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि आपत्ति दर्ज कराने वाले पक्षकार 22 मार्च तक अतिरिक्त महाधिवक्ता जी एस गिल को प्रार्थना पत्र सौंप दें। कोर्ट में सीमांकन को लेकर विभिन्न पक्षकारों की ओर से करीब दो दर्जन आपत्तियां बताई गईं। इस दौरान प्रार्थीपक्ष ने कहा कि नदी के सौंदर्यन और विकास के लिए दोनों ओर 10 से 20 फीट चौड़ी सड़क बननी चाहिए, लेकिन दोनों ओर टाईलें लगाया जाना प्रस्तावित है जो गलत है।

टाइलों के स्थान पर दोनों ओर सड़क बनाई जाए और वृक्षारोपण किया जाए, जिससे पर्यावरण को संरक्षित किया जा सके।

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