हार्दिक किसी भी राष्ट्रीय पार्टी की ग्रहण नहीं करेगें सदस्यता

उज्जैन। गुजरात के पाटीदार एवं किसान आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने कहा है कि वे किसी भी राष्ट्रीय पार्टी की सदस्यता ग्रहण नहीं करेगें। वह उनके आंदोलन में सहयोग करने वाली पार्टी का साथ देंगे। पटेल मध्यप्रदेश के अपने 2 दिवसीय दौरे पर अपने निर्धारित समय से लगभग दो घंटे देरी से यहां पहुंचे।उन्होंने यहां एक होटल में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि वह अभी अलग अलग क्षेत्रों का दौरा कर अनुभव ले रहे हैं। किसान के साथ जनता की समस्यायें सुन रहें है और समस्याओं के समाधान के लिए आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो पार्टी के नेता उनसे सम्पर्क करते हैं, वह उनके साथ हैं।

 

लेकिन जब तक किसानों और जनता की समस्याओं का समाधान नहीं निकलता, तब तक वह किसी भी पार्टी की सदस्यता ग्रहण नहीं करेगें। एक प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राहुल गांधी ने उनसे सम्पर्क किया। इसलिए वे उनका सहयोग कर रहे है, लेकिन बीजेपी के नाम लिए बगैर कहा कि इस पार्टी ने उनसे सम्पर्क नहीं किया है।मध्यप्रदेश के होने वालें विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का समर्थन करने के प्रश्न के उत्तर में कहा कि ज्योतिदित्य सिंधिया युवा है, कम उम्र के है, इसलिये उनका समर्थन करता हूं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्वियज सिंह से भी काफी अच्छे संबंध हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश में दस साल तक सरकार चलाई है।

वह भी अनुभवी है। इसके साथ ही उन्होंने कमलनाथ को भी अच्छा बताया। जब उनसे पत्रकारों ने पूछा कि क्या विधानसभा में पाटीदार को टिकिट दिलाकर कोई समझौता करेगें। इसके जवाब में उन्होने कहा कि अच्छे कार्यकर्ता के लिए सिफारिश करेगें। कार्यकर्ता को टिकिट देना या नहीं देना पार्टी का काम है। मै सहयोग जरुर करुंगा। उनका मध्यप्रदेश से पुराना रिश्ता रहा है।

हार्दिक पटेल – आगामी राजस्थान विधानसभा चुनावों ……….

राजस्थान: किसान क्रांति सम्मेलन को करेंगे संबोधित हार्दिक पटेल

उदयपुर। पटेल आरक्षण आंदोलन के राष्ट्रीय संयोजक हार्दिक पटेल 22 फरवरी से मेवाड़-वागड़ का दौरा कर 8 स्थानों पर किसान क्रांति सम्मेलन करेंगे। हार्दिक ने पटेल नव निर्माण सेना के जिलाध्यक्षों को जुलाई तक 10 हजार कार्यकर्ता बनाने के निर्देश दिए हैं, जिसकी शुरूआत 22 काे उदयपुर में करेंगे।

पटेल नव निर्माण सेना के जिलाध्यक्ष गेहरी लाल डांगी ने बताया कि हार्दिक उदयपुर, चित्तौड़, राजसमंद, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा और डूृंगरपुर में किसान क्रांति सम्मेलन करेंगे। समर्थन मूल्य नहीं मिलना, फसल बीमा का लाभ नहीं मिलना, बिजली न मिलना, सब्सिडी जैसे मुद्दे शामिल रहेंगे।

ख़ास नजर – हार्दिक पटेल राजस्थान में किसान रेली कर रहे है कुल मिलाकर कहा जाये तो आगामी राजस्थान विधानसभा चुनावओं में हार्दिक पटेल चुनावो को प्रभावित करने की कोशिश करगे  |  सूत्रों के अनुसार –  हार्दिक पटेल राजस्थान में डेरा डालने की कोशिश करते दिखेगे क्योकि – गुजरात चुनाव में हार्दिक पटेल ने कांग्रेस का दामन थामा था और अब राजस्थान में भी हार्दिक कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने की कोशिश पर्दे के पीछे से करते नजर आयेगे |

 

“गुजरात चुनाव” पाटीदारो को आरक्षण देगी -कांग्रेस

गुजरात | पाटीदार अमानत संघर्ष समिति (पास) के  नेता हार्दिक पटेल ने बुधवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा है कि उनकी आरक्षण की  मांग को कांग्रेस ने मान लिया है सत्‍ता में आते ही आरक्षण पर कांग्रेस प्रस्‍ताव लाएगी इसके साथ ही कहा है कि कुछ वर्गों को जरूरत से ज्‍यादा आरक्षण दिया गया है ऐसे में सर्वे करने के बाद जिन लोगों को आरक्षण की जरूरत है, केवल उनको ही आरक्षण मिले, हमारी मांगें गुजरात के हित में हैं

पाटीदार समाज को शिक्षा, रोजगार चाहिए , पाटीदारों को प्रावधानों के मुता‍बिक तय 50 प्रतिशत से ज्‍यादा आरक्षण दिया जा सकता है, कांग्रेस से कोई रिश्‍तेदारी नहीं लेकिन उसने आरक्षण पर हमारी मांगें मानीं. कांग्रेस से हमने टिकट नहीं मांगा है, हमें आरक्षण चाहिए |                                                                                                                                                पटेल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) दो दशकों से अधिक समय से राज्य की सत्ता में है और उसके खिलाफ लड़ाई लड़नी जरूरी है। पटेल ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने विधान सभा चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर कांग्रेस के साथ कोई सौदा नहीं किया है। पटेल ने आरोप लगाया कि बीजेपी उनके साथियों को 50-50 लाख रुपये के ऑफर देकर तोड़ने की कोशिश कर रही है। गुजरात में अगले महीने विधान सभा चुनाव हैं। गुजरात में नौ दिसंबर और 14 दिसंबर को विधान सभा चुनाव के लिए मतदान होना है। चुनाव नतीजे 18 दिसंबर को आएंगे। राज्य में कुल 182 विधान सभा सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए 92 सीटो पर चुनाव जीतना जरूरी होगा। राज्य में पिछले दो दशकों से ज्यादा समय से भारतीय जनता पार्टी सत्ता में है। साल 2012 के विधान सभा चुनाव में बीजेपी को 116 सीटें मिली थीं।