26 फर्जी फर्म बनाई, फर्जी बिलिंग से 20 करोड़ रु हड़पे, स्टेट टैक्स डिपार्टमेंट की कार्रवाई

जयपुर। कराेड़ों की जीएसटी चाेरी करने वाली जयपुर की सीए
को गिरफ्तार कर जैल भेज दिया गया है। जयपुर की सीए परिधि जैन काे जोधपुर स्टेट टैक्स डिपार्टमेंट ने गिरफ्तार किया है। विभाग ने उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दी गई।

जीएसटी लागू हाेने के साथ ही मिली शक्तियों का जाेधपुर में पहली बार प्रयोग करते हुए विभाग ने यह कार्रवाई की है। विभागीय सूत्रों के अनुसार जीएसटी फ्रॉड करने वाले इस गिरोह में गौरव के साथ परिधि की भी अहम भूमिका थी।

बता दें कि परिचित, अनजान या साथी कर्मचारियाें के पैन कार्ड, आधार और अन्य दस्तावेजाें से फर्जी फर्में बनाकर डमी बिलिंग करने और करोड़ों रु. की जीएसटी चोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया है।

जयपुर की कई फर्मों के लिए जीएसटी रिटर्न भरने या टैक्स जमा कराने का काम करने की आड़ में इस गिरोह ने उन असली फर्मों से तो रुपए लिए, लेकिन सरकारी खाते में जमा कराने की बजाय उन फर्म को चालान देकर बकाया जीएसटी को समायोजित कर लेते और वो राशि खुद हड़प लेते थे।

बता दें कि एक खाते से दूसरे खाते में लाखों की नकदी जमा कराने में भी परिधि की भूमिका सामने आई है। अब गौरव को प्रोडक्शन वारंट पर लेने की तैयारी है। परिधि ने जाेधपुर के शंकर नगर निवासी सीए गौरव माहेश्वरी के साथ मिलकर करीब 26 फर्जी फर्म बनाई थी और इनमें करीब 90 कराेड़ की बाेगस बिलिंग कर 15-20 करोड़ रु. की जीएसटी चोरी की थी।

सरकार ने बिल्डरों को दिया निर्देश, किफायती मकान खरीदने वालों से नहीं वसूलें GST

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बिल्डरों से किफायती मकान खरीदने वाले लोगों से GST न वसूलने को कहा गया है। सरकार के मुताबिक, सभी सस्ती आवासीय परियोजनाओं पर प्रभावी जीएसटी दर 8% है, जिसे ‘इनपुट क्रेडिट’ के माध्यम से अजस्ट किया जा सकता है।

केंद्र ने कहा कि, बिल्डर अफोर्डेबल हाउसिंग प्रॉजेक्ट के तहत घर खरीदने वालों से GST तभी वसूल कर सकते है, जब वह अपार्टमेंट की कीमतें कम कर दें। सरकार ने बताया है कि अगर बिल्डर कच्चे माल पर क्रेडिट के दावे को शामिल करने के बाद मकान का दाम घटाते हैं, तभी वे सस्ती आवासीय परियोजनाओं के तहत फ्लैट खरीदने वालों से माल एवं सेवा कर वसूल सकते हैं।

GST परिषद ने 18 जनवरी को अपनी अंतिम बैठक में CLSS के तहत मकानों के निर्माण के लिये रियायती दर से 12 प्रतिशत GST लगाने की बात बताई। इसका मकसद सस्ते मकान को बढ़ावा देना है जिसे 2017-18 के बजट में बुनियादी ढांचा का दर्जा दिया गया है।

जी.एस.टी. दरों में कमी से जनता को राहत मिलेगी: मुख्यमंत्री

13 नवम्बर, 2017 | जयपुर/अलवर

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा कि जीएसटी काउंसिल ने कल जिन 177 वस्तुओं की दरें कम की हैं उनसे प्रदेश की जनता को राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने अलवर शहर विधानसभा क्षेत्र में सर्वसमाज के साथ जनसंवाद में कहा कि जीएसटी की अधिक दरों के कारण प्रदेश के छोटे व्यापारियों, उद्यमियों और मार्बल व्यवसायियों को हो रही परेशानी को देखते हुए हमने केन्द्र सरकार से जीएसटी दरों में कमी लाने का आग्रह किया और हमारे प्रयास सफल हुए।

उन्होंने कहा कि इसका लाभ राजस्थान के व्यापारियों एवं उद्यमियों सहित आम जनता को भी मिलेगा। उन्होंने इसके लिए

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं वित्त मंत्री अरूण जेटली का आभार जताया। उन्होंने कहा कि आमने-सामने बैठकर बात करने से समस्याओं की ज़मीनी हकीकत का पता चलता है और हमने जो विकास कार्य कराए, उनका फीडबैक भी मिलता है। स्थानीय समाज की मांग पर मुख्यमंत्री ने अलवर में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का स्टेच्यू बनाने के लिए 70 लाख रुपए की मंज़ूरी दे दी है।

प्रतिनिधि मंडल में आई अनूप कंवर ने वार्ड 29 में पानी की समस्या की बात रखी तो मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों को अमृत योजना में दो ट्यूबवेल लगाकर इस समस्या का समाधान करने के लिए कहा। इसी तरह जनसंवाद में आए लोगों ने अम्बेडकर नगर में बालिका छात्रावास के लिए किए गए भूमि आवंटन के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। विभिन्न समाजों ने हाल ही में यूआईटी द्वारा किए गए भूमि आवंटन के लिए उनको धन्यवाद दिया।

श्रीमती राजे ने स्थानीय लोगों की मांग पर शहीद हेमू कॉलानी की जीवनी को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम में शामिल करने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर हाल में अलवर शहर साफ सुथरा नज़र आना चाहिए। उन्होंने शहर में सफाई व्यवस्था के बारे में मिली शिकायतों और सुझावों के बाद नगर परिषद आयुक्त को निर्देश दिए कि 15 दिन में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की कार्रवाई करें। उन्होंने हाउसिंग बोर्ड में सीवर डिस्पोज़ल की समस्या को दूर करने के लिए दस दिन में नया प्लान तैयार करने के लिए भी यूआईटी, पीडब्ल्यूडी और हाउसिंग बोर्ड को संयुक्त ज़िम्मेदारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अलवर शहर तक चम्बल का पानी पहुंचाने के लिए राज्य सरकार पूरे प्रयास कर रही है। फिर भी हम

 

सबकी ज़िम्मेदारी है कि रूफ वॉटर हार्वेस्टिंग जैसे प्रयास कर पानी बचाएं। साथ ही मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान (शहरी) में पूरी भागीदारी निभाएं और शहर की बावडिय़ों को साफ कर पुनर्जीवित करने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि पूरे अलवर में पानी की गंभीर समस्या है ऐसे में शहर में बड़े बड़े पोस्टर लगाकर लोगों को पानी बचाने का संदेश दें। एसटीपी प्लांट लगाकर गंदे पानी को साफ कर उसे बगीचों और लॉन में इस्तेमाल करें।

अर्थव्यवस्था पर मोदी की पेनी नजर –

नई दिल्ली | अर्थव्यवस्था की सुस्त  रफ्तार के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश की आर्थिक स्थिति का जायजा लेने के लिए  एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। वित्त मंत्री अरुण जेटली और वित्त मंत्रालय के उच्च  अधिकारी इस बैठक में शामिल होंगे। माना जा रहा है कि इसमें विकास दर को ऊपर उठाने और रोजगार के अवसर सृजित करने के उपायों पर चर्चा की जाएगी । साथ ही वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के क्रियान्वयन में आ रही शुरुआती दिक्कतों और सरकार के राजस्व पर नोटबंदी के प्रभावों पर भी इस बैठक में चर्चा होने के आसार हैं। सूत्रों ने कहा कि इस बैठक में वित्त मंत्रालय के सभी विभागों के सचिव और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहेंगे। इसमें अर्थव्यवस्था की गति बढ़ाने के विकल्पों पर विचार किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने यह बैठक ऐसे समय बुलाई है, जब हाल ही में आए सरकारी आंकड़ों में अर्थव्यवस्था की स्थिति काफी खराब दिखाई गई है। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के अनुसार चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश की विकास दर घटकर 5.7 फीसद रह गई है, जो बीते 3 साल में न्यूनतम है। बीते वित्त वर्ष की पहली तिमाही में विकास दर 7.9 प्रतिशत थी, जबकि चौथी तिमाही में यह 6.1 प्रतिशत थी। यानी आर्थिक विकास दर में लगातार गिरावट आ रही है। आर्थिक समीक्षा में अनुमान व्यक्त किया गया है कि गतिविधियों में सुस्ती के चलते विकास दर शायद साढ़े सात फीसद का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाए।

वहीं, एक्सपोर्ट सेक्टर में भी सरकार को कोई  खास सफलता नहीं मिली  है। औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि की रफ्तार भी धीमी है। इसका नतीजा यह है कि चालू खाते का घाटा मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से जून के दौरान बढ़कर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 2.4 फीसद हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह अनुपात जीडीपी के 0.1 फीसद पर था। बैठक में जीएसटी नेटवर्क की खामियों व प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों से चालू वित्त वर्ष में आने वाले अनुमानित राजस्व की स्थिति पर भी चर्चा की उम्मीद है।

देश के प्रधानमंत्री मोदी के सामने इस समय अर्थव्यवस्था सबसे बड़ी चुनोती है ,इसके साथ ही आगामी चुनाव ओ के मध्य नजर सुस्त  अर्थव्यवस्था , मोदी सरकार की आलोचनाओं का केंद्र बन गई है , जिसको लेकर मोदी सरकार अब सख्त कदम उठाना चाहती है जिससे  अर्थव्यवस्था को  संभाला जा सके |

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