वसुंधरा राजे के नेतृत्व में अगला चुनाव नहीं लडूंगा: तिवाडी

जयपुर। राजस्थान में भाजपा के वरिष्ठ नेता घनश्याम तिवाड़ी ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नेतृत्व में अगला चुनाव नही लड़े की घोषणा करते हुए कहा कि वर्तमान स्थिति में वो पार्टी से इस्तीफा नहीं देंगे। आज अपने आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि राजे के जनविरोधी कार्यकलापों और भ्रष्टाचार को बढावा देने की नीतियों के कारण प्रदेश के कार्यकर्ताओं में आक्रोश की भावना बढ़ती जा रही है। इस संबंध में उन्होंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखकर आगाह भी किया है। तिवाड़ी ने कहा कि इसके बाद भी अगर पार्टी नेतृत्व कार्यवाही नहीं करता तो यह घातक सिद्ध होगा।

राज्य में नये राजनीतिक दल के गठन के संबंध में पूछे जाने पर तिवाड़ी ने कहा कि यदि केन्द्रीय नेतृत्व राजे को राजस्थान की राजनीति से बर्खास्त कर दे तो वह इस संबंध में पुनर्विचार कर सकते है। पार्टी अध्यक्ष को लिखे पत्र के कारण उन पर होने वाली कार्यवाही के संबंध में पूछे जाने पर तिवाड़ी ने कहा कि यदि इस कारण से पार्टी मुझे बर्खास्त करती है तो यह उनकी मर्जी है लेकिन मैं पार्टी से इस्तीफा नही दूंगा। साथ ही तिवाड़ी ने यह भी कहा कि वह चुनाव तो सांगानेर की जनता से राय करके ही लडेंगे। यह अलग बात है कि वह किस पार्टी से लड़े इसका निर्णय तो बाद में किया जाएगा।

भारत वाहिनी दल के बारे में बात करते हुए तिवाडी ने काह कि चुनाव आयोग ने दल के गठन की स्वीकृति दे दी है और यह अभी प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि भारत वाहिनी दल आगामी विधानसभा चुनावों में अपने उम्मीदवार उतारेगी और इसका निर्णय वह स्वयं करेगें। उम्मीदवारों के चयन के बारे में पूछे गये सवाल पर उन्होंने कहा कि दलों को छोडकर आने वाले प्रत्याशियों को टिकट नहीं दिया जायेगा और सिद्धांतों और नयी ऊर्जा देने वाले युवाओं को ही टिकट दिया जायगा।

एक देश में दो नियम नहीं चल सकते है – घनश्याम तिवाड़ी

राजस्थान में संसदीय सचिव बने 10 विधायकों को भी हटाया जाना चाहिए – घनश्याम तिवाड़ी

राजस्थान। दिल्ली में संसदीय सचिव बनाए गए 20 विधायकों की विधानसभा से सदस्यता रद्द होने के बाद अब राजस्थान में भी यह मांग उठने लगी है। सत्तारूढ़ दल भाजपा के ही वरिष्ठ विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि जब दिल्ली में संसदीय सचिवों को असैंवधानिक करार दे दिया गया तो राजस्थान में संसदीय सचिव बने 10 विधायकों को भी हटाया जाना चाहिए।

 

एक देश में दो नियम नहीं चल सकते हैं। तिवाड़ी ने मांग कि कि मुख्यमंत्री और संसदीय सचिवों को तुरंत पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। जयपुर में वार्ता में उन्होंने कहा कि राजस्थान के 10 विधायक भी संसदीय सचिव के रूप में लाभ के पद का उपयोग कर रहे हैं। इन्हे गाड़ी,बंगला और सचिवालय में कमरा मिला हुआ है।

सरकार ने इन्हे जिलों में जाकर अधिकारियों की बैठक लेने के भी अधिकार दे रखे हैं,जो पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा कि वे राजस्थान में नई पार्टी का गठन करने को लेकर सभी दलों के नेताओं के साथ संवाद कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि तिवाड़ी पिछले दो साल से मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का सार्वजनिक रूप से विरोध कर रहे हैं ।