राजस्थान: महिलाओं ने पद्मावत रिलीज को लेकर की ये मांग

भीलवाड़ा। राजस्थान में फिल्म पद्मावत की रिलीज को लेकर संजय लीला भंसाली की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। कोर्ट के आदेश के बाद फिल्म की रिलीज होने को लेकर राजस्थान सहित कई राज्यों में फिल्म को लेकर सर्वसमाज के लोग प्रदर्शन और हिंसा पर उतर आए है। अब खबर आ रही है कि राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में भी श्रेत्राणी महिलाओं ने फिल्म को रिलीज नहीं करने के लिए राष्ट्रपति से गुहार लगाई है।

जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की ग्यारह क्षत्रिय महिलाओं ने बुधवार को भीलवाड़ा में जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर फिल्म पद्मावत पर बैन नहीं करने के विरोध में इच्छा मृत्यु देने की मांग की। करणी सेना की महिला विंग की जिलाध्यक्ष प्रतिभा कंवर चूंडावत के नेतृत्व में दस अन्य क्षत्रणियों ने इच्छा मृत्यु से संबंधित हस्ताक्षरयुक्त अलग-अलग पत्र जिला कलेक्टर की अनुपस्थिति में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजेंद्र सिंह को सौंपे।

करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष योगेन्द्र सिंह कटार ने बाद में पत्रकारों से कहा कि क्षत्रिय समाज ने पद्मावत फिल्म में गलत दृश्यों को लेकर सर्वोच्च स्तर तक विरोध पहुंचाया है फिर भी सरकारों ने सकारात्मक सहयोग नहीं दिया है। अब समाज ने यह मुद्दा जनता की अदालत में डाल दिया है इसलिए फिल्म को किसी भी हालत में किसी भी टॉकीज में चलने नहीं दिया जाएगा, समाज इसके लिए एकजुट है।

फिल्म पद्मावत को लेकर कटारिया ने दिया ये बड़ा बयान, कहा..

जयपुर। राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद हम प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाये रखने लिये जरूरी कदम उठायेंगे। कटारिया ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने राज्य सरकार की ओर से दायर पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है। अब प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाये रखने के अलावा कोई विकल्प नहीं है और हम इसे बनाये रखने के लिये जरूरी कदम उठायेंगे।

इस सप्ताह तीन बडे आयोजनों 25 जनवरी को फिल्म पद्मावत का रिलीज, जयपुर साहित्य उत्सव और गणंतत्र दिवस के दौरान प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाये रखना राजस्थान पुलिस के लिये एक चुनौती है।अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कानून—व्यवस्था एन आर के रेड्डी ने बताया कि फिल्म पद्मावत के प्रदर्शन की तारीख, पांच दिवसीय जयपुर साहित्य उत्सव 25 जनवरी से शुरू हो रहा है और 26 जनवरी के दौरान प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये सभी पुलिस अधीक्षकों को सतर्क रहने के निर्देश दिये गये है। कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये अतिरिक्त बल तैनात किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि राजधानी जयपुर में कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये जयपुर आयुक्तालय को आएसी कम्पनी की टुकडियां उपलब्ध करायी जायेगी। जयपुर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नितिनदीप ब्लागन ने कहा कि फिल्म पद्मावत के विरोध को देखते हुए सुरक्षा के कडे बंदोबस्त किये गये है। कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये अतिरिक्त पुलिस बल मांगा गया है।

पद्मावत को लेकर गृहमंत्री कटारिया ने दिया ये बड़ा बयान, कहा…

जयपुर। राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा है कि फिल्म पद्मावत पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का अध्ययन करने और विधि विशेषज्ञों से विचार विमर्श के बाद ही राज्य सरकार कोई कदम उठाएगी।

गृहमंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि सरकार शीर्ष न्यायालय के निर्णय का सम्मान करती है। निर्णय की प्रति मिलने के बाद सरकार उसका अध्ययन करेगी और विधि-विशेषज्ञों से विचार-विमर्श के बाद कदम उठाना होगा तो उठाएंगे। यदि विधि विशेषज्ञ आगे बढऩे की राय देंगे तो आगे बढ़ेंगे। फैसले पर उनकी व्यक्तिगत राय पूछने पर उन्होंने कहा कि जब तक फैसले का बारीकी से अध्ययन नहीं कर लेते और विधि विशेषज्ञों से विचार-विमर्श नहीं कर लेते, तब तक मैं कुछ नहीं कहना चाहता।

गौरतलब है कि शीर्ष न्यायालय ने राजस्थान सहित सभी राज्यों में फिल्म को रिलीज करने को हरी झंडी दे दी है। राज्य सरकार ने इससे पहले फिल्म पद्मावत की रिलीज पर रोक लगा दी थी।

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