राजस्थान विधान सभा उप चुनाव – तीसरे दिन 5 नामांकन पत्र हुए दाखिल

विधान सभा उप चुनाव-2021
तीसरे दिन 5 नामांकन पत्र हुए दाखिल
तीनों विधानसभाओं में नामांकन पत्र दाखिल करने वाले उम्मीदवारों की संख्या 6 हुई।
जयपुर, 25 मार्च। प्रदेश की तीन विधानसभाओं के लिए होने वाले उपचुनाव में नामांकन के तीसरे दिन 5 उम्मीदवारों ने 6 नाम निर्देशन पत्र (नोमिनेशन) दाखिल किए हैं। इन सहित अब तक 6 उम्मीदवारों द्वारा 7 नामांकन पत्र दाखिल करवाए जा चुके हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि मंगलवार को लोक अधिसूचना जारी होने के साथ ही सुजानगढ़, राजसमंद और सहाड़ा के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने का कार्य आरंभ हो गया था। गुरुवार को भीलवाड़ा के सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी  दिनेश कुमार शर्मा और राजसमंद विधानसभा से 3 निर्दलीय उम्मीदवार  मोहन लाल,  गिरिराज कुमावत और  नीरूराम कापरी ने नामांकन पत्र दाखिल किया। चुरू के सुजानगढ़ से निर्दलीय प्रत्याशी  त्रिलोकचंद मेघवाल ने नामांकन दाखिल किया है। इस तरह आज 5 और कुल 6 उम्मीदवारों द्वारा 7 नामांकन पत्र दाखिल किए जा चुके हैं।
 गुप्ता ने बताया कि उम्मीदवार 30 मार्च तक नाम निर्देशन पत्र दाखिल कर सकते हैं। प्राप्त सभी नामांकन पत्रों की 31 मार्च को संवीक्षा की जाएगी, जबकि 3 अप्रेल तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। 17 अप्रेल को प्रातः 7 बजे से सायं 6 बजे तक मतदान होगा, जबकि मतगणना 2 मई को करवाई जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी बताया कि आमजन नामांकन की स्थिति, उम्मीदवारों द्वारा अपलोड किए गए एफिडेविट आदि सभी तरह की जानकारी विभाग की वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि विभाग की वेबसाइट ceorajasthan.nic.in पर ‘एसेंबली बाइ इलेक्शन-2021‘ लिंक दिया है, जहां उप चुनाव से जुड़ी तमाम तरह की जानकारी उपलब्ध है।

जल संरक्षण सप्ताह 22 मार्च विश्व जल दिवस से 31 मार्च 2021 तक चलेगा      – धर्मेन्द्र  तामडिया     

जल संरक्षण सप्ताह 22 मार्च विश्व जल दिवस से 31 मार्च 2021 तक
” जल हैं तो कल हैं “
 जयपुर | जल संरक्षण सप्ताह के कार्यक्रम समन्वयक धर्मेंद्र तामडिया ने बताया कि जल संरक्षण के लिए वाश अवेयरनेस प्रोग्राम के अंतर्गत स्वच्छ पानी शौचालय और स्वच्छता के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाया रहा है जो अनिमेध चैरिटेबल ट्रस्ट मुंबई ,water.org यूके व आईडीएफसी बैंक का संयुक्त प्रोग्राम है यह राजस्थान के 14 जिलो में जयपुर, सीकर, झुंझुनू नागौर,अजमेर,भीलवाड़ा, पाली चित्तौड़गढ़,जोधपुर आदि में चल रहा है जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में महिला समूहों के साथ पानी, स्वच्छता और शौचालय को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्य किया जा रहा है ग्रुप मीटिंग, ट्रेनिंग ,और कार्यशालाओं में पानी और स्वच्छता पर बनी लघु फिल्म अकबर बीरबल की कहानी  दिखाकर महिलाओं को जागरुक किया जा रहा है जैसे घर के आस-पास फैली गंदगी और गंदे शौचालयों से पैदा होने वाले बैक्टीरिया के कारण फैलने वाली बीमारियों से कैसे बचाव किया जा सकता है इसके लिए भी जानकारी उपलब्ध करवाई जाती है साथ ही पुराने जर्जर अवस्था में पडे हुए शौचालयों की मरम्मत लिए जैसे पानी की टंकी लगानी हो, टाइल्स लगानी हो, प्लास्टर करना हो इत्यादि तथा विशेष आवश्यकता वाले लोगों के लिए जैसे विकलांग , 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग , गर्भवती महिलाएं , दुर्घटना में घायल व्यक्ति  को सुगमय शौचालय बनाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है
  घर में स्वच्छ पानी उपलब्ध करवाने के लिए पानी की टंकी, स्टोर टैंक , वाटर प्यूरीफायर , ट्यूबवेल की मरम्मत  करने के लिए जरूरतमंद महिलाओं को आईडीएफसी बैंक  से सुविधा शक्ति लोन के माध्यम से ₹50000 आर्थिक मदद की जा रही है जिससे आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओ के परिवार स्वच्छ जल और शौचालय की सुविधा से वंचित नहीं रह पाए   इसकी शुरुआत सीकर जिले की लक्ष्मणगढ़ तहसील के ग्राम पंचायत हमीरपुर के गांव सनवाली से की गई कार्यक्रम की अध्यक्षता बनवारी लाल ढाका सरपंच ग्राम पंचायत हमीरपुर ने की और कहा कि आज विश्व जल दिवस पर हमको जल संरक्षण की संकल्प लेकर आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के लिए जल बचाने के लिए काम करना होगा  मुख्य अतिथि  शक्ति सिंह क्लस्टर मैनेजर आईडीएफसी बैंक ने कहा की ”  जल है तो कल है ”  इसलिए आज से ही हमको जल बचाने की शुरुआत करनी चाहिए विशिष्ट अतिथि   शुभम ग्राम विकास अधिकारी ग्राम पंचायत हमीरपुर ने कहा कि जल जीवन का अनमोल रत्न हैं  इसको बचाने का करो जतन जल संरक्षण के लिए हम सबको सामुहिक प्रयास करना होगा विशिष्ट अतिथि  अरविंद कुमार शाखा प्रबंधक फतेहपुर ने बताया कि  पानी और स्वच्छता के लिए सभी समूह की महिलाओं के घरों तक सुविधा शक्ति लोन के माध्यम से हम कोशिश कर रहे हैं हर परिवार को शुद्ध जल और शौचालय की सुविधा मिल सके विशिष्ट अतिथि  अजय शर्मा शाखा प्रबंधक सीकर व संदीप कुमार सहायक शाखा प्रबंधक फतेहपुर ने भी अपने विचार व्यक्त किए तथा  इस दौरान स्थानीय ग्रुप रिलेशनशिप ऑफिसर छितरमल यादव, अजय शर्मा , शाहरुख बैग  गांधी विकास समिति के स्थानीय कार्यकर्ता विजयपाल कटारिया, सज्जन कुमार सैनी, महिंद्र, आदि उपस्थित रहे |

आज से 2.0 कोविड वैक्सीनेशन शुरू , 150 रुपये वैक्सीन कीमत हैं और 100 रुपये निजी अस्पताल का सर्विस शुल्क

प्रदेश में कोविड वैक्सीनेशन नए चरण की शुरुआत आज से,
निजी अस्पताल में भी हो सकेगा टीकाकरण
जयपुर, 1 मार्च । चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया के प्रदेश में 1 मार्च से प्रदेश में 2.0 कोविड वैक्सीनेशन प्रोग्राम की शुरुआत होने जा रही है। नए चरण में सरकारी अस्पतालों के साथ निजी अस्पतालों में कोविड वैक्सीनेशन कराया जा सकेगा।
डॉ. शर्मा ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने निजी अस्पतालों के लिए कोविड-19 टीकाकरण की प्रति डोज की दर 250 रुपए निर्धारित की है, जो निजी अस्पतालों में कोविड-19 का टीका लगवाने वाले व्यक्ति द्वारा सम्बंधित अस्पताल को चुकानी होगी।
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि जिसमे 150 रुपये वैक्सीन कीमत और 100 रुपये निजी अस्पताल का सर्विस शुल्क शामिल है। उन्होंने बताया कि निजी अस्पतालों को कोविड वैक्सीन सरकार द्वारा उपलब्ध करवायी जाएगी और अन्य सभी टीकाकरण सम्बन्धी व्यवस्थाये निजी अस्पताल की रहेगी।
चिकित्सा विभाग के शासन सचिव  सिद्धार्थ महाजन ने रविवार को 2.0 वैक्सीनेशन प्रोग्राम के सबंध में राज्य के सभी सीएमएचओ व आरसीएचओ के साथ वीसी के माध्यम से बैठक की। उन्होंने बताया कि सभी जिलों के करीब एक हजार संस्थाओं व 88 निजी चिकित्सालयों में टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने वीसी में अधिकारियों को निर्देशित किया कि लाभार्थी अधिक से अधिक संख्या में टीकाकरण कराएं इसके लिए एसडीएम सहित सरपंच, टीचर, राशन डीलर्स का भी सहयोग लिया जाए। चिकित्सा सचिव ने कहा कि कोविड वैक्सीनेशन सेंटर पर दूसरी डोज के अतिरिक्त प्रथम डोज भी लगायी जाएगी। उन्होंने बताया कि एक मार्च को प्रदेश में एक से डेढ़ लाख लाभार्थियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है।
चिकित्सा सचिव ने बताया कि 45 से 59 वर्ष की उम्र के जटिल बीमारियों से ग्रसित उन्हीं व्यक्तियों के टीके लगाए जा सकेंगे जो कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सूचीबद्ध 20 बीमारियों में से ग्रस्त होंगे। ऎसे मरीज को रजिस्टर्ड मेडिकल प्रक्टिनर्स (आरएमपी) स्तर से जारी चिकित्सकीय प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है। इन अनिवार्य चिकित्सकीय डॉक्यूमेंट के बिना व्यक्ति को इस चरण में टीकाकरण की सुविधा नही मिलेगी।
जिला कलक्टर अन्तर सिंह नेहरा ने बताया –
 1 मार्च से व्यापक स्तर पर प्रारम्भ किए जा रहे कोविड-19 टीकाकरण के तृतीय चरण में जयपुर जिले में 78 सरकारी एवं 20 निजी संस्थानों पर अर्थात कुल 98 संस्थानों में कोविड वैक्सीनेशन किया जाएगा।
जिला कलक्टर अन्तर सिंह नेहरा ने बताया कि तृतीय चरण में 60 वर्ष से अधिक उम्र वाले व्यक्तियों और 45 से 59 वर्ष तक के को-मोरबिड(अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त) लाभार्थियों को वैक्सीन लगाया जाएगा। सीएमएचओ प्रथम के क्षेत्र में 42 सरकारी एवं 12 निजी संस्थानों में एवं सीएमएचओ द्वितीय के क्षेत्र मेें 36 सरकारी एवं 8 निजी संस्थानों में कोविड-19 वैक्सीनेशन की व्यवस्था रहेगी।
सभी निजी संस्थानों पर केंद्रीय सरकार के आदेशानुसार अधिकतम 250 रुपए वैक्सीन लगाने के चार्ज लिए जाएंगे। इसमें 100 रुपए निजी संस्थान का सर्विस चार्ज एवं 150 रुपए वैक्सीन के चार्ज होंगे। निजी संस्थानों को 150 रुपए प्रति डोज केंद्र सरकार के खाते में जमा कराने होंगे। वहीं राजकीय संस्थानों में कोविड 19 का वैक्सीनेशन पूर्णय निःशुल्क होगा।
जिला कलक्टर नेहरा ने बताया कि दिनांक 1 जनवरी 2022 की आधार दिनांक मानते हुए 60 वर्ष से अधिक उम्र वाले व्यक्तियों को अपने वैरिफिकेशन के लिए वोटर आईडी कार्ड या आधार कार्ड जैसे दस्तावेज साथ लाने होंगे।
इसी प्रकार 45 वर्ष से अधिक एवं 60 वर्ष से कम उम्र के को-मोरबिटी वाले व्यक्तियों को वैक्सीनेशन के लिए रजिस्टर्ड मेडिकल प्रेक्टिश्नर (आरएमपी) से उनकी बीमारी के सम्बन्ध में प्रमाणपत्र साथ लाना होगा। वैक्सीनेशन के लिए ऑनलाइन रजिस्टे्रशन के साथ ही ‘ऑन द स्पॅाट’ रजिस्टे्रशन भी किया जा सकेगा।
जिला कलक्टर ने बताया कि इन संस्थानों पर हैल्थकेयर वर्कर्स एवं फ्रंटलाइन वर्कर्स को कोविड-19 वैक्सीनेशन की द्वितीय डोज भी लगाई जाएगी। कोविड-19 वैक्सीनेशन के सम्बन्ध में अधिक जानकारी के लिए सीएमएचओ प्रथम कार्यालय की हैल्प लाइन 0141-2605858 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

प्रदेश के 4 जिलों ( भीलवाड़ा, उदयपुर, राजसमंद और चूर में उप चुनाव की तैयारी शुरू , मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ली नोडल अधिकारियों की बैठक

विधान सभा उपचुनाव-2021
निर्वाचन विभाग ने शुरू की विधानसभा उप चुनाव की तैयारी, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ली नोडल अधिकारियों की बैठक
जयपुर, 10 फरवरी। निर्वाचन विभाग ने प्रदेश के 4 जिलों (भीलवाड़ा, उदयपुर, राजसमंद और चूरू) में होने वाले विधान सभा उप चुनाव के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। इस कड़ी में बुधवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी  प्रवीण गुप्ता ने विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों से बैठक कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने सचिवालय परिसर स्थित समिति कक्ष-1 में हुई बैठक में संबंधित नोडल अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि चुनाव की घोषणा होने के साथ ही संबंधित जिलों में आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी। ऎसे में आबकारी विभाग, पुलिस और नारकोटिक्स विभाग को और अधिक सतर्क और सजग रहना होगा। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग यह सुनिश्चित करे कि संबंधित जिलों में पर्ची के आधार पर शराब की बिक्री ना हो। साथ ही प्रतिदिन शराब की बिक्री की मॉनिटरिंग भी की जाए। उन्होंने गोदाम से रिटेल शराब बिक्री नहीं करने, निगरानी के लिए मुखबिर बढ़ाने और चौक पोस्ट की संख्या में बढ़ोतरी करने पर जोर दिया
 गुप्ता ने कहा कि उडन दस्ता एवं स्थैतिक निगरानी दलों के द्वारा पूरे क्षेत्र की निगरानी रखें और यह सुनिश्चित करे कि किसी प्रकार की नगद राशि, वस्तुएं (धोती, कंबल, साडी आदि), शराब आदि का वितरण मतदाताओं को नहीं किया जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर उडनदस्ता दल को भेजकर तुरन्त आवश्यक कार्यवाही की जाए। उन्होंने टीमों में प्रभारी पुलिस कर्मी ए.एस.आई रैंक से कम का ना हो, यह सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों में भी त्वरित कार्यवाही कराई जाए और अवैध हथियार, मदिरा एवं वाहनों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही कर इन्हें जब्त किया जाए।
अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री कृष्ण कुणाल ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को विगत चुनावों के दौरान निर्वाचन संबंधित मामलों में दर्ज एफआईआर की वस्तुस्थिति की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस, प्रेक्षकों व मुख्य निर्वाचन अधिकारी से समन्वय रखा जाए। उन्होंने चारों जिलों की आवश्यकता के अनुसार केन्द्रीय रिजर्व बलों का आकलन, मांग व व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों के अनुरूप केन्द्रीय रिजर्व बलों के रहने, खाने पीने, यातायात आदि संबंधित व्यवस्था सुनिश्चित करें।
श्री कुणाल ने आयकर विभाग के नोडल अधिकारियों को 24 बाय 7 संचालित होने वाले नियंत्रण कक्ष की स्थापना व टोल फ्री नं. की सुविधा प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एफएसटी और एसएसटी द्वारा 10 लाख से अधिक धनराशि जब्त होने की सूचना पर आयकर विभाग द्वारा तत्काल कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि चिन्हित किये जाने वाले निर्वाचन व्यय संवेदनशील विधानसभा क्षेत्रों एवं व्यय संवेदनशील पॉकेट्स पर कड़ी निगरानी रखी जाएं। उन्होंने बैंको से 10 लाख रुपए से अधिक की राशि के शंकित लेनदेन को आयकर अधिनियम के तहत जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग के दलों की तैनाती किया जाए ताकि दलों के द्वारा अवैध रूप से नगद परिवहन पर निगरानी रखी जाए।

हाँ मोदी जी में भीं आंदोलनकारी हूँ जो आप की आखों में खटक रहा हूँ लेकिन में अन्नदाता किसान हूँ परजीवी नहीं

मोदी जी के प्रिय गैर संवेधानिक संगठन RSS के प्रचारक हैं असली परजीवी –  प्यारेलाल ‘ शकुन ‘

 

 

आंदोलन जीवी – एक नयी जमात

पी एम नरेंद्र मोदी ने 8 फरवरी 2021 को राज्य सभा में ‘धन्यवाद प्रस्ताव’ पर चर्चा के दौरान संकेतों- संकेतों में अपनी समस्याओं के समाधान हेतु सरकार का ध्यान आकर्षित करने वाले किसान आंदोलनकारी नेताओं को श्रम जीवी, बुद्धि जीवी के साथ तुकबंदी करते हुए ‘आंदोलनजीवी’ परजीवी(अर्थात जो आंदोलन पर ही जीवित रहते हैं) कहकर उनके प्रति अपने नफरत भरे दृष्टिकोण को प्रकट कर दिया और उनका उपहास किया है। इससे प्रतीत होता है कि मोदी जी को ये आंदोलन करने वाले खासकर किसान वामपंथी नेता फूटी आँखों नहीं सुहा रहे हैं बल्कि मोदी सरकार की आँख की किरकिरी बन गये हैं क्यों न बने उनके रास्ते की बाधा जो बन गये हैं, ये ‘आंदोलन जीवी’।

 

इन आंदोलन जीवियों ने मोदी सरकार को कोर्पोरेट्स के कटघरे में खड़ा कर दिया है। और इसे लेकर उनकी खुद की पार्टी में सवाल उठने लगे हैं। इसके अलावा ऐसे कुछ नेताओं ने खुले आम संसद में किसानों का पक्ष लिया है और विरोधियों को देशद्रोही कहकर उन्हें जेल में डाल देने, उनके खिलाफ CBI, ED आदि का इस्तैमाल करने पर सवाल खड़े किये हैं। सांसद विद्या ठाकुर ने संसद में कहा है कि देश के टुकड़े टुकड़े मत करो, आप क्या जाने अहिंसा, आपने तो लाठी चलाना सिखाया है? वाजपेयी जब विरोध करते थे तो कभी नेहरू ने उन्हें देशद्रोही नहीं कहा, कम्युनिस्ट पार्टी को चार साल के लिए बेन कर दिया परंतु नेहरू ने उन्हें देशद्रोही नहीं कहा। परंतु इस लोकतंत्र में आपकी सरकार की या आपकी कोई आलोचना करे तो उस पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर दिया जाता है, क्यों? उनके खिलाफ cbi, Ed आदि का इस्तैमाल किया जाता है। हम उस राम का मंदिर बना रहे हैं जिसने अपनी धर्म पत्नी सीता की दो बार अग्नि परीक्षा ली और गर्भवती सीता को जंगल में अकेले छोड़ दिया गया। इस तरह एक नारी का अपमान करने वाले राम को भगवान कहकर उसका मंदिर बनाया जा रहा है। आप मंदिर बनाइये परंतु इस देश के संविधान की धर्मनिरपेक्ष गरिमा को नीचे मत गिराइये।

 

 

आज इन्ही आंदोलन जीवी नेताओं ने साबित कर दिया है कि देश को कोर्पोरेट्स नहीं चलाते बल्कि देश के किसान मजदूर चलाते हैं। किसान यह समझ चुका है कि आपने जो ये तीन किसान विरोधी कानून बनाये हैं ये उसे आजादी के पहले की गुलामी में पहुंचा देंगे। इस देश को जब आजाद कराया था तब भी इन आंदोलन जीवियों ने अपने सीने पर गोलियां खाईं थी और फांसी पर चढ़े थे। परंतु तब भी आपके संघी देश भक्त अंग्रेजों का साथ दे रहे थे और देश की जनता को हिंदू राष्ट्र और मुस्लिम राष्ट्र में बाँट कर देश के राष्ट्रीय आंदोलन में फूट पैदा कर रहे थे। आपने राम के नाम का इस्तेमाल राजगद्दी हासिल करने के लिए किया है, भले ही देश को 1989,1990,1992 और 02002 के ऐतिहासिक सांप्रदायिक हिंसा की आग में झोंक दिया हो। क्या इसके लिए आंदोलन जीवी जिम्मेदार हैं ? ‘या सांप्रदायिक सिद्धांतजीवी।

 

और एक बात यह है कि देश के प्रधान सेवक जी कि जिसे आप नयी जमात कहकर व्यंग कर रहे हैं, वह नयी नहीं है बल्कि पुरानी जमात है। सुभाष चन्द्र बोस भी आंदोलनजीवी ही थे, देश की माता बहनो ने अपने गहने उतार कर उनके आंदोलन के लिए समर्पित कर दिये थे। भगतसिंह, चंद्र शेखर आजाद, रामप्रसाद बिश्मिल और अस्फाक उल्ला खां भी इसी धारा के आंदोलन जीवी थे जो देश के लिए अपना सर्वश्व न्यौछावर करके चले गए।

लेखक – प्यारेलाल ‘ शकुन ‘

आप शायद इतिहास में रुचि नहीं रखते हैं। परंतु मैं आपको एक बहुत महत्वपूर्ण जानकारी से अवगत कराना चाहता हूँ जो यह है कि इस देश में ये आंदोलन जीवी कोई नये नहीं है। भारत में सबसे पहला किसान आंदोलन खड़ा करने का श्रेय स्वामी सहजानंद सरस्वती को जाता है।
दंडी सन्यासी होने के बावजूद सहजानंद ने रोटी को भगवान कहा था और किसानों को भगवान से बढ़कर बताया था। उन्होंने किसानों को लेकर

नारा दिया था:
जो अन्न वस्त्र उपजायेगा,
अब सो कानून बनायेगा।
ये भारतवर्ष उसी का है,
अब शासन वही चलायेगा “

परंतु हम देख रहे हैं कि भारत अंग्रेजी हुकूमत से आजाद तो हुआ लेकिन किसानों और मजदूरों को अभी भी अपने हक में कानून बनाने का अधिकार नहीं मिल सका है बल्कि उन्हें जो अधिकार पहले मिले थे उन्ही को वर्तमान पूंजीवाद उन से छीन रहा है।
1934 में बिहार में प्रलयंकारी भूकंप आया था जिससे सब कुछ तबाह हो गया। तब स्वामी जी ने राहत और पुनर्वास के काम में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था। उन्होंने किसानों को हक दिलाने के संघर्ष को अपना लक्ष मान लिया था जिसके बाद उन्होंने नारा दिया था:

” कैसे लोगे मालगुजारी ,
             लट्ठ हमारा ज़िंदावाद “

बाद में यही नारा किसान आंदोलन का सबसे प्रिय नारा बन गया। वे कहते थे:

अधिकार हम लड़ कर लेंगे, जमींदारी का खात्मा करके रहेंगे।

परंतु जमींदारी अब नहीं रही, अब पूंजीवाद है और इसीलिए कोर्पोरेट्स के हित में ये कानून बनाये गए हैं। आंदोलन के दबाव में यदि ये कानून वापिस भी ले लिए गए तो भी सरकार फिर से हेर फेर करके इन्हें वापिस ले आयेगी। इसलिए किसानों का नारा भी अब ये हो जायेगा:

“अधिकार हम लड़ कर लेंगे,
पूंजीवाद का खात्मा करके रहेंगे “

इसलिए मोदी जी हम आंदोलन जीवी नहीं है बल्कि आंदोलन धर्मी हैं। और न हम पर जीवी हैं बल्कि हम मेहनतकश वर्ग के सृजनशील इंसान हैं।
इसलिए हमारा नया नारा है:

 

” जब जब जुल्मी जुल्म करेगा,   सत्ता के गलियारों से   पत्ता पत्ता गूंज उठेगा,  इंकलाव के नारों से  “

 

  लेखक –  प्यारेलाल ‘ शकुन ‘

 

अब पश्चिमी राजस्थान में दलित रखेगें – स्टाइलिश मूंछ व् बाल

पश्चिमी राजस्थान –   जहाँ मूंछ रखने पर सवर्णों को दिक्कत होती थी अब वहां दलित समुदाय सैलून का बिजनेस शुरू कर रहें  
किशन मेघवाल – प्रदेश संयोजक  ,DSMM राजस्थान  ने मुहीम शुरू की –
*********************
जयपुर | पश्चिम राजस्थान में दलितों पर अत्याचार की घटना अधिक होती हैं राजस्थान के सामंतशाही लोगों को दलित समाज के युवाओं को स्टाइलिश मूंछ व् बालों में देखना बर्दाश्त नहीं हो पाता जिसके चलते वह अन्य कारणों से स्थानीय नाई व् दलित समाज के युवाओं से उलझते हैं जिस की ख़बरें हमें कम ही सुनाई देती हैं लेकिन घटना अधिक होती हैं |
“नाई-दलित” के मुद्दे पर हमारी बात….
हर गांव में नाई की एक दूकान खोलने के लिए आर्थिक संसाधन और ट्रेनिंग के लिए कार्ययोजना –
किशन जी से ख़ास बातचीत –
 काफी वर्षों से हम देख रहे हैं कि अछूत समझी जाने वाली जातियों के लोग गांवों में नाई द्वारा बाल कटवाने के जद्दोजेहद में लगे रहते हैं, कई बार पश्चिमी राजस्थान के विभिन्न गांवों में तनाव की स्थिति बनने से सौहार्द बिगड़ जाता है, ऐसे मामलों में अक्सर नाई तो केवल मोहरा होता हैं, वह तो चाहता है कि उसकी आमदनी बढे परंतु गांवों में उच्च जातियों का वर्चस्व इस नाइयों को स्वतंत्र रुप से काम करने की इजाजत नहीं देता है अतः मेरा आपसे अनुरोध है कि इन गरीब नाइयों के पीछे नहीं पड़े
मेरा अनुरोध है कि सभी समस्याओं का समाधान पुलिस और कानून की पोथियां में ढूंढने की कोशिश मत करिए, हमारी सामाजिक बुनावट ऐसी हैं कि आप इसमें उलझ-उलझ कर मर जाएंगे परंतु इससे बाहर निकलने का रास्ता आपको नहीं मिलेगा।
पिछले दिनों मेरे पास दर्जनों आॅडियो-वीडियों आए, जहर उगलते, ललकारते और फुंफकारने लहजे में नफ़रत की बयारों से हम एक-दूसरे के ऊपर अपना अभिमान थौपने की ज़ंग में कूद पड़े , जिसका कभी कोई सृजनात्मक परिणाम अपेक्षित नहीं है।
इस संबंध में मेरा आप सभी से विनम्र अनुरोध है कि आप प्रत्येक गांव में अछूत समझी जाने वाली किसी भी जाति के व्यक्ति की एक-दो दुकानें खुलवा दीजिए और कुछ समय बाद देखना कि आपको बड़े ही आदर-सम्मान के साथ बाल काटने के लिए बुलाया जाएगा।
हमने यह तय किया है कि ऐसा कोई भी दलित व्यक्ति जो पश्चिमी राजस्थान के किसी भी गांव में बाल-कटिंग्ग का व्यवसाय करना चाहता है, वह संपर्क करें आपको पूरी सहायता मिलेगी, वैसे हमारे पास कोई रिजर्व फंड नहीं है परंतु हमारे पास वह खजाना है जो किसी के पास नहीं है,  जिस गांव में कोई भी साथी आगे आएगा, उसी गांव में मौजूद हमारे संपर्कों वाले साथी आपकी पूरी मदद करेंगे और ट्रेनिंग के लिए हम जिला स्तर पर ट्रेनिंग-कैंप शुरू करेंगे जिसमें राष्ट्रीय स्तर के केश-सजा एक्सप्रट आपकों सेवाएं देंगे।
यह सुझाव हम इसलिए दे रहे हैं क्योंकि DSMM एक वैचारिक आंदोलन हैं, हम केवल जुल्मों के खिलाफ सड़कों पर ही नहीं लड़ना चाहते हैं, जबकि सामाजिक असमानता के कारणों का गहनता से अध्ययन करने के साथ साथ इसके समाधान के वैज्ञानिक तरीके भी इजाद करना चाहते हैं ताकि हमारी ऊर्जा का इस्तेमाल सही दिशा में हो सके।
बाल काटने के सवाल पर मेरे सुझाव को अपने अपने स्तर पर लागू करना शुरू कर दीजिए, हमारे सुझाव को सरकारी योजना की तरह मत लेना कि कोई बजट स्वीकृत होगा तो आधा इसमें लगाएंगे और आधे से जरूरत की दूसरी चीजें खरीदेंगे।
अपने अपने गांव के नौजवान साथियों से चर्चा कीजिए, व्यवसाय की दृष्टि से स्थान चिन्हित कीजिए और एक बोर्ड टांग दीजिए कि यहां सुंदर बाल काटे जाते हैं, बहुत ही आकर्षक फ्लेक्स-होर्डिंग लगाकर हजारों बेरोजगार नौजवानों के लिए मार्ग प्रशस्त कर दीजिए।
(नोट– पश्चिमी राजस्थान के अस्सी प्रतिशत गांवों में नाई द्वारा दलितों वर्ग से संबंध रखने वाले व्यक्तियों के बाल नहीं काटे जाते हैं अतः कानूनी कार्यवाहियों के अलावा सामाजिक बदलाव की दिशा में अहम सुझाव)  

राजस्थान में आई आई टी दिल्ली एल्युमनी टीम द्वारा निःशुल्क ई-शिक्षा “विद्या एप्प ” का शुभारम्भ

निःशुल्क ई-शिक्षा विद्या एप्प का शुभारम्भ – स्टूडेंट इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स सहित IIT, JEE, NEET जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं तैयारी कर सकते हैं – 
*************************
कोटा । काँग्रेस के वरिष्ट नेता एवं विधायक रामनारायण मीना की पहल पर शिक्षा के क्षेत्र में हब माने जाने वाले कोटा शहर से आई आई टी दिल्ली एल्युमनी टीम ने अपनी विद्या ऐप के जरिये निःशुल्क ई-शिक्षा का शुभारम्भ किया।
विधायक रामनारायण मीना ने बताया कि कोटा के साथ साथ सम्पूर्ण राजस्थान के विद्यार्थियों को अच्छी गुणवत्ता की उच्च शिक्षा मिले यह उनका मौलिक अधिकार भी है। वैश्विक महामारी COVID-19 के चलते प्रत्येक विधार्थी के लिए घर बैठे शिक्षा प्राप्त करना एक चुनोती बन गयी है। ऐसे में विद्या ऐप के संस्थापक गौरव गोयल और इनकी आई आई टी दिल्ली एल्युमनी टीम ने जनहित में सराहनीय कार्य किया है।
  विद्या ऐप के संस्थापक गौरव गोयल ने बताया कि हमारी आई आई टी एल्युमनी टीम द्वारा सम्पूर्ण देश के विद्यार्थियों के लिए NCERT के अनुसार 6th क्लास से 12th क्लास तक सम्पूर्ण पाठ्यक्रम विद्या ऐप्प के माध्यम से ऑनलाइन तैयार किया गया है जो विद्या ऐप के जरिये प्रत्येक छात्रों तक निःशुल्क पहुँचेगा इसके अलावा इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स सहित IIT, JEE, NEET जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी पाठ्यक्रम तैयार किये गए है जो सभी प्रकार के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क है। 
विद्या एप्प का शुभारम्भ करते – संस्थापक गौरव गोयल , इतिहासकार वीरेंद्र रावणा . बायें से पहलीं पंक्ति व् महिला शक्ति
 गौरव गोयल ने बताया कि इस विद्या ऐप के जरिए निःशुल्क ई-शिक्षा के अलावा विद्यार्थियों के परीक्षण हेतु एक निश्चित समय सीमा में उनके लिए ऑनलाइन टेस्ट भी रखे हैं जिनकी जाँच के बाद मेधावी विद्यार्थियों को हमारी विद्या ऐप द्वारा छात्रवृत्ति के जरिए प्रोत्साहित करेंगे, समय समय पर सभी विद्यार्थियों के प्रोत्साहन हेतु प्रभावी व्यक्तित्व वाले व्यक्तियों से ऑनलाइन भी रूबरू करवाएंगे। अबतक हमारे विद्या मिशन को हरियाणा व उत्तराखण्ड के कई जिलों में शिक्षा से जुड़े अधिकारियों व जन प्रतिनिधियों के सहयोग से विद्यार्थियों के बीच सीधे पहुंचा चुके है।
 विद्या ऐप के अवेर्नेस अम्बेसडर एवं इतिहासकार वीरेन्द्र रावणा ने बताया कि विद्या ऐप के संस्थापक गौरव गोयल व इनकी आई आई टी एल्युमनी टीम द्वारा Vidhaya app को कोई भी विद्यार्थी गूगल प्ले स्टोर से डाऊनलोड कर लॉगइन कर सकता है, ( VIDHYA Link- https://play.google.com/store/apps/details?id=com.vidhyaeducation.android ) हम शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे विभिन्न एन जी ओ एवं सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से शहरी क्षेत्र के अलावा दूर दराज ग्रामीण क्षेत्र के एक एक विद्यार्थी को इस विद्या ऐप के माध्यम से जोड़ कर लाभान्वित करेंगे और इस ऐप की ऑनलाइन परीक्षण की प्रणाली से शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी प्रतिभाओं को बाहर ला पाएंगे।
रावणा ने बताया कि इस निःशुल्क विद्या मिशन में अधिक से अधिक विद्यार्थी राज्य सरकार के माध्यम व सहयोग से भी जुड़े इसके लिए माननीय मुख्यमंत्री एवं जननायक अशोक जी गहलोत को हमारी टीम प्रस्ताव भेजेगी। कोटा से माध्यमिक शिक्षा से जुड़े जिला शिक्षा अधिकारी गंगाधर मीना, सयुंक्त निदेशक हजारी लाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी गजंराज मीना, सेवानिवृत्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी जगदीश वर्मा ने विद्या ऐप के विद्या मिशन को विद्यार्थियों के लिए covid-19 व लॉक डाउन के चलते उपयुक्त बताया और आगे भी ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थी इसका हर समय हर परिस्थिति में उपयोग कर सकते हैं।

राजस्थान : आवासन मण्डल की आमजन को 19 आवासीय योजनाओं में बनेंगे 6 हजार 663 आवास – पंजीकरण 1 सितम्बर, 2020 से प्रारंभ , मौका ना चुके – अपने घर का सपना साकार करें

आवासन मण्डल की आमजन को 19 आवासीय योजनाओं में बनेंगे 6 हजार 663 आवास
मुख्यमंत्री राज्य कर्मचारी आवासीय योजना सहित सभी योजनाओं में पंजीकरण 1 सितम्बर, 2020 से प्रारंभ
राजधानी जयपुर को 7 आवासीय योजनाओं की सौगात
जयपुर शहर में मात्र 6 लाख रूपये में फ्लैट (1BHK) और 5 लाख रूपये मे स्वतंत्र आवास खरीदने का सुनहरा अवसर
”वीकेंड होम“ नायला योजना में हरी-भरी वादियों के बीच मात्र 14.99 लाख रूपये में पाएं डुपलेक्स आवास
***********************************

जयपुर, 31 अगस्त। आवासन आयुक्त पवन अरोड़ा ने बताया कि आमजन के आवास के सपने को पूरा करने के लिये आवासन मण्डल द्वारा प्रदेश के विभिन्न शहरों में लॉंच की गई 19 आवासीय योजनाओं के 6 हजार 663 आवासों के लिये पंजीकरण 1 सितम्बर, 2020 से शुरू होगा।

आवासन आयुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा 14 स्वतंत्र आवासीय योजनाओं सहित 4 मुख्यमंत्री जन आवासीय योजना और कर्मचारियाें के लिये मुख्यमंत्री कर्मचारी आवासीय योजना लॉंच की गई थी। इन योजनाओं में से 10 योजनाओं के लिये ऑनलाईन व 9 योजनाओं के लिये ऑफलाईन आवेदन लिये जायेंगे।
जयपुर शहर में मात्र 6 लाख रूपये में फ्लैट (1BHK) पाने का सुनहरा अवसर
उन्हाेंने बताया कि मण्डल द्वारा जयपुर के प्रताप नगर और इंदिरा गांधी नगर योजना में मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत 4 आवासीय योजनाएं बनाई जाएंगी। इन योजनाओं में 1 बीएचके फ्लैट की कीमत मात्र 6 लाख 1 हजार रूपये और 2 बीएचके फ्लैट की कीमत मात्र 8 लाख 99 हजार रूपये रखी गई है। इन दोनों योजनाओं में 2500 आवास निर्मित किये जाएंगे।
”वीकेंड होम“ नायला योजना में हरी-भरी वादियों के बीच मात्र 14.99 लाख रूपये में पाएं डुपलेक्स आवास  
उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी दस्तकार नगर योजना नायला में वीकेण्ड होम योजना लॉंच की गई है। इस योजना के तहत पहाडों के तलहटी के नीचे हरी-भरी वादियों के बीच मात्र 14 लाख 99 हजार रूपये में डुपलेक्स आवास खरीदने का सुनहरा अवसर मिल रहा है। उल्लेखनीय है कि यहां चौपाटी, ऑपन एयर थियेटर, चिल्ड्रन पार्क और ओपन जिम जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा रही है।
मुख्यमंत्री राज्य कर्मचारी योजना में मात्र 11 लाख रूपये में 2 बीएचके फ्लैट 
आयुक्त ने बताया कि राज्य कर्मचारियों के लिये मण्डल द्वारा पहली बार जयपुर में सस्ती दरों पर गुणवत्ता पूर्ण आवास उपलब्ध करवाने के लिये सेक्टर 26 प्रताप नगर में मुख्यमंत्री राज्य कर्मचारी योजना लॉंच की गई है। इस योजना के तहत समस्त सुविधा युक्त 2 बीएचके फ्लैट मात्र 11 लाख रूपये में और 3 बीएचके फ्लैट मात्र 21 लाख 90 हजार रूपये में उपलब्ध करवाये जाएंगे। योजना में कुल 720 बहुमंजिला आवास निर्मित किये जाएंगे। यहां क्लब हाउस/कम्यूनिटी सेंटर, सिटी पार्क, जॉगिंग ट्रेक, साईकिल ट्रेक, स्केटिंग रिंग और ओपन जिम जैसी सुविधा विकसित की जाएंगी। यह स्ववित्त पोषित योजना होगी। इस योजना में राज्य सरकार, निगम, बोर्ड और राजकीय उपक्रम के कर्मचारी व अधिकारी आवेदन कर सकेंगे।
अब जयपुर में खरीदे मात्र 5 लाख रूपये में स्वतंत्र आवास
उन्होंने बताया कि मण्डल द्वारा लम्बे समय के बाद जयपुर में स्वतंत्र आवासों की योजना लॉंच की गई है। योजना के तहत जयपुर के समीप टोंक रोड स्थित, वाटिका एवं अजमेर रोड स्थित, महला में कुल 1525 स्वतंत्र आवास बनाये जाएंगे। इनमें आर्थिक दृष्टि से कमजोर आय वर्ग, अल्प आय वर्ग, और मध्यम आय वर्ग-अ श्रेणी के लोग आवेदन कर सकेंगे। योजना मंो अल्प आय वर्ग के लिये मात्र 5 लाख रूपये में स्वतंत्र आवास उपलब्ध करवाये जाएंगे।
प्रदेश के अन्य शहरों में भी स्वतंत्र आवास खरीदने का सुनहरा अवसर
महात्मा ज्योतिराव फुले आवासीय योजना, नसरीबाद(अजमेर), निवाई आवासीय योजना, निवाई(टोंक), पटेल नगर विस्तार-भाग 2 आवासीय योजना, भीलवाड़ा, शाहपुरा आवासीय योजना, भीलवाड़ा, शास्त्री नगर आवासीय योजना, बांसवाडा, अटल नगर आवासीय योजना, भीण्डर, उदयपुर, द्वारकापुरी योजना, सविना द्वितीय एवं दक्षिण विस्तार आवासीय योजना-उदयपुर, महात्मा गांधी सम्बल आवासीय योजना, बड़ली, जोधपुर, मानपुर आवासीय योजना, आबूरोड़ शहर, जिला सिरोही और खोड़ा गणेश फैज चतुर्थ आवासीय योजना किशनगढ (अजमेर) में भी स्वतंत्र आवास के लिये आवेदन किया जा सकता है।
ऎसे करेें आवेदन
ऑफलाईन आवदेन हेतु रजिस्ट्रेशन पुस्तिका (मय आवदेन पत्र) 354/- रूपये की कीमत पर संबंधित शहर के मण्डल कार्यालय में उपलब्ध है। यदि आवेदन पत्र मण्डल की वेबसाईट से डाउनलोड किया जाता है, तो उसके 354/- रूपये रजिस्ट्रेशन फीस के साथ जमा कराने होंगे। जिन योजनाओं में ऑनलाईन आवेदन किया जाना है, उनमें घर बैठे या ई-मित्र काउंटर पर 100/- रूपये के भुगतान पर आवेदन किया जा सकता है। योजनाओं के विस्तृत विवरण एवं ऑनलाईन आवेदन मण्डल की वेबसाईट http: http://www.urban.rajasthan.gov.in/rhb विजिट करें।

प्रशांत भूषण की टिप्पणीया ज्यादा अपमानजनक – सुप्रीम कोर्ट 

प्रशांत भूषण v /s  सुप्रीम कोर्ट 
सुप्रीम कोर्ट में मंगवार को प्रशांत भूषण के ” कोर्ट की अवमामना “ मामले में फ़ेसला सुरक्षित रख लिया जिसके बाद अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने प्रशांत भूषण को माफ़ करने की अपील की और कहा अगर ज़रूरत हो तो चेतावनी दे कर छोड़ दे  हो सकता हैं प्रशांत के बयान का उदेश्य कोर्ट को स्पष्ट दिखाने के लियें कहें हो जिससे सुधार हो सके | वही प्रशांत भूषण के वकील राजीव धवन ने भी सजा न देने की अपील की जिस पर  सुप्रीम कोर्ट ने कहा की प्रशान्त भूषण की हलफनामा में लिखी टिप्पणियाँ ज्यादा अपमानजनक हैं |
प्रशांत भूषण को सजा क्यों नहीं – कुछ ख़ास पहलु 
 भूषण ने 27 जुलाई को ट्वीट किया था कि “इतिहासकार भविष्य में जब पिछले 6 वर्षों का अवलोकन करेंगे तो जानेंगे कि बगैर कोई औपचारिक आपातकाल घोषित किए भारत में प्रजातंत्र को किस प्रकार समाप्त किया गया था और वे खासतौर से लोकतंत्र की इस बर्बादी में सुप्रीम कोर्ट की भूमिका को भी चिन्हित करेंगे और उसमें से भी पिछले 4 भारत के मुख्य न्यायाधीशों की भूमिका को,” इस टिप्पणी के बारे में डॉ. आचार्युलु ने जोर देते हुए कहा कि यह टिप्पणी न्यायपालिका के विरूद्ध नहीं है बल्कि सरकार के खिलाफ है।
इन आरोपों में कही भी किसी व्यक्ति विशेष सी.जे.आई. के खिलाफ कोई विशेष आरोप नहीं लगा , ना ही कोई भ्रष्टाचार का आरोप है  भूषण ने यह नहीं लिखा था इतिहास सुप्रीम कोर्ट की व्यापक भूमिका को चिन्हित करेगा इसलिए कोर्ट को ट्वीट को लेकर इतना ‘व्यापक’ नहीं होना चाहिए और इस पर अपमान का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।
 
 {  चार या पांच निर्णय भी लोकतांत्रिक संस्थानों के विरूद्ध गए तो उनकी टिप्पणी को अनुचित नहीं कहा जा सकता।” हर्ली डेविडसन सुपरबाइक पर बैठे चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सी. जे .आई.) शरद बोबडे के बारे में किए दूसरे ट्वीट को लेकर पूर्व सी.आई.सी. ने कहा कि भूषण ने यह नहीं कहा सी.जे.आई. उसे चला रहे थे, उन्होंने इस बात पर भी खेद जताया कि बाइक स्टैंड पर खड़ी थी, और वे इस पर ध्यान नहीं दे पाए थे। उनके ट्वीट का सह-सम्बन्ध सुप्रीम कोर्ट की गतिविधियों को लेकर था, क्योंकि लॉकडाउन के कारण नागरिक न्याय प्राप्त करने के अपने मूलभूत अधिकार से वंचित हो रहे थे।” इसको लेकर कोई आरोप नहीं लगाया गया क्योंकि यह बात उचित तरीके से कही गई थी कि देश में लॉकडाउन की स्थिति के कारण जनता की न्याय तक पहुंच सुलभ नहीं हो पा रही है।” उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी अनुचित हो सकती है, लेकिन इसे मानहानि पूर्ण, नफरत फैलाने वाली या अवमानना के योग्य बताकर का अपराधीकरण नहीं किया जा सकता। उन्होंने कही कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यथेष्ट रूप से कहा था कि उसने लॉकडाउन अवधि में वर्चुअल सुनवाई के दौरान 879 बैठक की, 12 हजार 748 याचिकाएं स्वीकार की और कई कामों में फैसला दिया।” }
भूषण के ट्वीट में अब भी कुछ हद तक सच्चाई है, क्योंकि मूलभूत अधिकार संबंधी हजारों केसों की लॉकडाउन के कारण अब तक सुनवाई नहीं हुई है। न्यायपालिका की ना तो मानहानि हुई और ना ही उसकी गरिमा गिरायी गई है।” भूषण को सज़ा क्यों नहीं दी जा सकती, इस सम्बंध में दूसरे कानूनी कारणों को लेकर डॉ. आचार्युलु कहते हैं कि कुछ जानने की नागरिकों की जिज्ञासा का संवैधानिक संस्थानों की ओर से संरक्षण किया जाना चाहिए, खासतौर न्यायपालिका की ओर से, क्योंकि भारत के संविधान का अनुच्छेद 51 ए (एच) यह आदेश देता है कि “प्रत्येक व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि वो सोच का वैज्ञानिक तरीका विकसित करे, मानवतावादी बने और जांच-पड़ताल व सुधार की भावना रखे।” वे पूछते है : विश्लेषण को अभियोजनों और दंडात्मक कार्यववाही से धमकाया जाए तो फिर नागरिक अपना कर्त्तव्य किस तरह से निभाएंगे?
उनकी दलील है कि कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट एक्ट, 1971 की धारा 5 के अन्तर्गत किसी न्यायिक कार्य की निष्पक्ष आलोचना अदालत की अवमानना नहीं है। इस धारा का भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के साथ पठन प्राथमिकता प्राप्त करने योग्य है। यदि फिर भी कोई संशय है तो कोई संविधान की प्रस्तावना पढ़ सकता है जिसमें जनता की यह शपथ है कि वो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए भारत का गठन करती हैं।