आम आदमी – पहले पेट्रोल डीजल ने बड़ा झटका दिया , अब रसोई गैस सिलेंडर ने

पेट्रोल डीजल के बाद अब गैस सिलेंडर हुआ महंगा

नई दिल्ली | पेट्रोल डीजल के बाद अब पेट्रोलियम कंपनीयों ने गैस सिलेंडर के भी दाम बढ़ा दियें हैं जिससे आम व्यक्ति का घरेलू बजट पर प्रभाव पड़ेगा ,  covid 19 के कारण पहले ही आम कामगार व्यक्ति रोजगार से परेशान हैं वही इस बढ़ती महंगाई ने उसे और परेशान कर दिया हैं |

बुधवार को पेट्रोलियम कंपनीयों ने सब्सिडी वाले एलपीजी रसोई गैस सिलेंडर की कीमत एक रुपए प्रति सिलेंडर बढ़ा दी |

 

देश की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम वाले गैर-सब्सिडाइजड़ एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम एक रुपए प्रति सिलेंडर बढ़ा दिए है अब नई कीमतें बढ़कर 594 रुपये प्रति सिलेंडर आ गई!

सोने की कीमते तोड़ रहीं है रिकॉर्ड ,सोना अब 50,000 पार

सोने की कीमतों ने तोड़े सारे रिकॉर्ड पहली बार 50,000 पार प्रति दस ग्राम 

सोना – साभार

नई दिल्ली | सोने की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतें बढ़ने की वजह से जून से ही कीमते बढ़ रहीं थी लेकिन जुलाई के पहले ही दिन सोने की कीमतों ने एक और इतिहास रच दिया |

एक जुलाई यानी बुधवार को 24 कैरेट सोने का भाव अब तक सर्वोच्च शिखर पर पहुंच गया है इससे पहले जून माह में सोने ने तीन नए रिकॉर्ड बनाए थे लेकिन अब सारे रिकॉर्ड ध्वस्त होते गए |

राजस्थान सराफा बाजार में बुधवार को सोना 500 रुपये बढ़ोतरी के साथ ऐतिहासिक ऊंचाई 50,300 रूपये प्रति दस ग्राम के नए रिकॉर्ड पर स्तर पहुंच गया | वही चांदी के भाव भी 1200 रुपए के उछाल के साथ पचास हजार का आंकड़ा पार करते हुए ₹51,300 प्रति किलोग्राम पर बोली गई |

अब जिन परिवारों में शादी व् कोई मंगल कार्य हैं वह इस महंगाई से पूरी तरह से निराश और अपने को पीड़ित सा महसूस कर रहें हैं

मोदी सरकार ने TikTok और UC Browser सहित 59 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है लिस्ट देखें

भारत सरकार का डिजिटल स्‍ट्राइक

नई दिल्ली | भारत-चीन तनाव के बीच केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है भारत सरकार ने आज एक बड़ा फैसला लेते हुयें चीन के 59 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है  जिनमे लोकप्रिय चीनी ऐप्स टिकटॉक भी शामिल हैं इसके अलावा यूसी ब्राउजर, कैम स्कैनर जैसे और भी बहुत फेमस ऐप्स आदी शामिल हैं। इससे पहले भारतीय सुरक्षा एजेंसियों से चाइनीज ऐप्स की एक लिस्ट तैयार कर केंद्र सरकार से अपील की थी इनको बैन किया जाए या फिर लोगों को कहा जाए कि इनको तुरंत अपने मोबाइल से हटा दें। इसके पीछे दलील ये दी गई थी कि चीन भारतीय डेटा हैक कर सकता है |

गौतलब हैं की वर्तमान समय में चीन व् भारत के बीच स्थिति तनाव पूर्ण हैं गलवान घाटी पर हमारे भारतीय 20 जवान शहीद हो गयें थे जिनमे चीनी सेनिक जबरदस्ती भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश कर रहें थे जिस पर भारत सेना ने उन्हें पीछे खदेड़ा व् आपसी लड़ाई में हमारे 20 जवान शहीद हो गयें थे और चीन में अपने सेनिको के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की लेकिन सूत्रों के अनुसार चीन के 50 के लगभग सेनिक मारे गयें थे जब से ही भारत व् चीन के बीच तनाव चल रहा हैं अब सुरक्षा एजेंसियों द्वारा इन 59 एप्स पर जासूसी का आरोप हैं |

 

 

                                         

भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित चीनी ऐप्स –

 

भाजपा सरकार पूरी तरह से मुनाफाखोरी पर उतारू हो गई है – सचिन पायलेट

Congress protests over rising prices of petrol diesel

जयपुर | देश में लगातार पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर आज जयपुर में कांग्रेस पार्टी की और से विरोध – प्रदर्शन किया गया  जिसमे राजस्थान सरकार के कई मंत्री विधायक व् कार्यकर्ता उपस्थित रहें , कार्यक्रम में राजस्थान के उप मुख्यमंत्री व् कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलेट ने भाजपा पर प्रहार करते हुयें कहा की आज देश वैश्विक महामारी कोरोना के कारण आर्थिक संकट से गुजर रहा हैं वही अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कम कीमतों का लाभ देश की जनता को मिलना चाहिए था, परन्तु केन्द्र की भाजपा सरकार पूरी तरह से मुनाफाखोरी पर उतारू हो गई हैं

पायलेट  कहा कि भाजपा की केन्द्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल के दामों में जो वृद्धि की गई है वह विगत् 70 वर्षों में अप्रत्याशित है। जब किसी चीज की अधिक आवश्यकता होती है तो उसके दामों में वृद्धि कर केन्द्र सरकार मुनाफाखोरी का अवसर नहीं छोड़ती है। उन्होंने कहा कि देश में पेट्रोल-डीजल के पर्याप्त भण्डारण उपलब्ध है |

इस महामारी में आम जनता अपनी आवाज नहीं उठा सकती धरना – प्रदर्शन नहीं कर सकती लेकिन उसकी आवाज कांग्रेस पार्टी उठायेगी।

चीन पर केंद सरकार में ही विरोधाभास हैं – सच्चाई बतायें देश को  

पायलट ने चीन के मुद्दे पर कहा कि प्रधानमंत्री तथा रक्षा मंत्रालय के बयानों में विरोधाभास साफ नजर आता है। उन्होंने कहा कि आज हमारी सरहदों पर अतिक्रमण हो रहा है। देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए हमारे 20 जवान शहीद हो गए हैं, उनकी शहादत व्यर्थ नही जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी जी लगातार प्रधानमंत्री जी से यह बोल रहे हैं कि विरोधी देश को जबाब
देना होगा लेकिन मोदी जी की विदेश निति साफ़ नहीं हैं देश की संप्रभुता आज ख़तरे में हैं  हम मोदी जी आप से कहना चाहते हैं की हम आप के  साथ खड़े हैं पूरा देश आपके साथ खड़ा है

विरोध प्रदर्शन के बाद  कांग्रेस पार्टी के द्वारा जिला कलक्टर को माननीय राष्ट्रपति महोदय के नाम ज्ञापन  दिया गया 

धरने में मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला . प्रताप सिंह खाचरियावास,  रमेश मीणा, राजेन्द्र यादव,  ममता भूपेश, मुख्य सचेतक डॉ.महेश जोशी, विधायक रफीक खान आदी उपस्थित रहें

Work at Home से अब तनाव में हैं कामकाजी लोग लोटना चाहते हैं ऑफिस 

” वर्क एट होम ”  से शारीरिक और मानसिक तनाव में अधिकतर कामकाजी 

नई दिल्ली | covid 19 के चलते सभी कंपनी ने वर्क एट होम को प्राथमिकता दी लेकिन अब कुछ समय वर्क एट होम के बाद अधिकतर कामकाजी महिला पुरुष ऑफिस का रुख करना चाहते हैं क्योकि घर से काम करने का कोई तय समय सीमा नहीं रहीं दूसरा मुख्य कारण ऑनलाइन वेबिनार व् ऑनकॉल से लोगों को तनाव महसूस होने लगा हैं एक ही दिन में कई बार कई घंटो उन्हें ऑनलाइन मीटिंग में रहना पड़ रहा हैं जिसके कारण उन्हें हेडफोन के अधिक इस्तेमाल से कानों में दर्द रहने की शिकायत होने लगी हैं और घंटो लेपटॉप के सामने बेठने से कई लोगो को स्लिप डिस्क की समस्या भी हो रहीं हैं इन मुख्य कारण से घर से काम करने का आनंद अब फीका पड़ने लगा है।

 

साभार

मनीष ने कहा – वर्क एट होम के रूप के कार्यरत कर्मचारी मनीष ने कहा की घर से काम करना मुश्किल हो रहा हैं क्योकि काम का समय तय नहीं होने से अब उन्हें हर वक्त अपने ऑफिस काम के लियें उपलब्ध रहना पड़ता हैं वही कंपनी के अनगिनत कॉल अधिक परेशान करते हैं वही रोज सुबह 10 बजे प्रतिदिन उन्हें ऑनलाइन मीटिंग लेनी पड़ती हैं जिसके बाद कंपनी बॉस लगातार कॉल पर रहते हैं तो उनसे सम्पर्क रखना पड़ता हैं जिससे जो काम का रिजल्ट आना चाहियें वो नहीं आ रहा क्योकि कई घंटे तो कॉल और बेनिनार मीटिंग की तैयारी और मीटिंग मे ही निकल जाता हैं  |

निजी जीवन पर नकारात्मक प्रभाव – 

कामकाजी महिला – पुरुष क्योकि घर से ही काम कर रहें हैं तो परिवार के लोग भी उन्हें अधिक घेरलू कार्य में शामिल करते हैं और छोटे बच्चे भी घर पर हैं और पत्नी पति दिन भर साथ हैं तो अनावश्यक बाते भी सामने आ रहीं है जिससे टकराव भी हो रहा हैं  जिससे कामकाजी लोग अपना रिजल्ट नहीं दे पा रहें जिससे बॉस की नज़रों में वह गलत साबित हो रहें हैं क्योकि बॉस सोचते हैं की व्यक्ति घर बेठ कर भी सही से काम नहीं कर पा रहा हैं तो आगे क्या काम करेगा ऐसे तमाम बाते इस समय कामकाजी लोगों के सामने आ रहीं हैं जिससे आर्थिक तंगी व् जॉब छुट जाने के डर से कामकाजी लोगों के लियें यह समय सही साबित नहीं हो रहा |

सा भार

गूगल की नई पेशकश – तनाव मुक्त रहें कर्मचारी 

कर्मचारियों में बढ़ते तनाव और चिंता को देखते हुए गूगल ने अपने कर्मचारियों के लिए सप्ताह में एक दिन के अवकाश की घोषणा की है।
कोविड-19 की शुरुआत के बाद से वैश्विक आर्थिक मंदी के साथ जीवनशैली में भारी बदलाव आया है इससे लोगो मे चिंता और असुरक्षा की भावना घर करने लगी है शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए तथा कर्मचारियों में सकारात्मकता बढ़ाने के लिए कम्पनिया अपने स्तर पर कर्मचारियों को मनोरंजन सम्बंधित गतिविधियों की शुरुआत की जा रही है।

इस वैश्विक महामारी में गूगल ने अपने कर्मचारियों को कुछ फण्ड भी दिया हैं जिससे वह हाई स्पीड इंटरनेट, आरामदायक कुर्सी या अन्य जरूरत के समान खरीद सके घर से काम कर सकें कंपनियां घर पर आफिस स्थापित करने के लिए भत्ते भी दे रही है।कम्पनिया अपने कर्मचारियों को खुश करने के लिए उनके घर सरप्राइज गिफ्ट पहुचा रही है और जिनका घर रेड एरिया में है उनके घर परचून का सामान पहुचने की सुविधा भी दे रही है |

जयपुर – ऑल राजस्थान प्राइवेट स्कूल अभिभावक फोरम के तत्वाधान में सयुंक्त बैठक आयोजित

फ़ीस बढ़ोतरी को लेकर अभिभावक एकजुट 

जयपुर | वैश्विक महामारी के बाद लगे लॉक डाउन ने गरीब व् मध्यम वर्गीय परिवारों की आर्थिक स्थिति को बुरी तरह से प्रभावित किया है वही दूसरी और प्राइवेट स्कूल लॉक डाउन के समय की फ़ीस की मांग कर रहें है और फ़ीस में बढ़ोतरी भी कर दी है साथ ही पेरेंट्स पर दबाब बनाया जा रहा है की बच्चो की फ़ीस जमा करवायें कुछ स्कूल ने तो लेट फ़ीस पर पेनल्टी का भी प्रावधान कर दिया है जिसके चलते राज्य के अधिकतम अभिभावक मानसिक रूप से अपने को पीड़ित महसूस कर रहें है क्योकि लॉक डाउन के बाद से ही काम – धंधा बंद पड़ा है वही सरकार के निर्देशनुसार व्यवसाय क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारी यों को सलेरी में देनी पड़ी है |

पेरेंट्स ने कहा स्कूल नहीं तो फ़ीस नहीं –

आल राजस्थान प्राइवेट स्कूल अभिभावक फोरम अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा की आज इस वैश्विक महामारी के समय में भी स्कूल अपनी नेतिक ज़िम्मेदारी नहीं निभा रहे है अधिकतर् प्राइवेट स्कूल ने शिक्षा का पूर्ण रूप  से व्यवसायीकरण कर दिया  है जबकि सर्व विधित है लॉक डाउन के चलते सभी स्कूल को एकाएक बंद कर दिया गया था लेकिन स्कूल अब बंद समय की फ़ीस व् फ़ीस में बढ़ोतरी कर के अभिभावकों से वसूलने का काम कर रहीं हैं | स्कूल का कहना है की हम बच्चो को ऑनलाइन क्लास दे रहें हैं जबकि यह हमारे यहाँ यह व्यवहारिक नहीं है  ऑनलाइन क्लास में भी  पेरेंट्स का ही लाईट ,इन्टरनेट , मोबाईल ,  कंप्यूटर आदी काम आते हैं

हम ने आज जयपुर शहर में स्थित प्राइवेट स्कूल के अभिभावकों की आज संयुक्त बैठक बुलाई है जिसमे मुख्यताजय श्री परिवाल स्कूल , नीरजा मोदी , सीडलिंग स्कूल , लौहरू मोंटेसरी , एस एम् एस  स्कूल , कैम्ब्रिज कोर्ट , ट्री हाउस आदी के अभिभावक उपस्थित रहें |

अभिभावक प्रशांत दुबे ने कहा

की प्रा इवेट स्कूल को थोडा अभिभावकों की आर्थिक स्थिति को भी देखना चाहियें इस लॉक डाउन के समय में जब देश ही बंद है सभी जनता अपने घरो में कैद रही है काम धंधा सभी आय के साधन बंद पड़े है तो मध्यवर्गीय परिवारों की आथिक स्थिति ख़राब हो चुकी ऐसे में स्कूल प्रशासन को बच्चो की फ़ीस को कम से कम 3 माह की फ़ीस माफ़ करनी चाहियें लेकिन हो रहा हैं बिल्कुल उल्टा स्कूल फ़ीस में बढ़ोतरी कर रही हैं जो की बिलकुल अनुचित हैं वही दूसरी और ऑनलाइन क्लास के नाम पर पेरेंट्स से अलग से फ़ीस मांग कर रहें हैं जो की गलत है सरकार को इस दिशा में जल्द कदम उठाने चाहियें और स्कूल को पाबंद करना चाहियें की गैर – वाचिद फ़ीस की मांग ना करें और आगमी 5 माह तक जब तक covid 19 की वेक्सीन तैयार ना हो जायें तब तक 2 घंटे से अधिक ऑनलाइन क्लास ना दे इस से बच्चो की हेल्थ पर नकारत्मक प्रभाव पड़ रहा हैं |

 

राज्यसभा चुनाव – 19 सीटों में 8 भाजपा व् 4 कांग्रेस के खाते हैं – राजस्थान में बड़ा खेल

राज्यसभा चुनाव – 19 सीटों में 8 भाजपा व् 4 कांग्रेस के खाते हैं – राजस्थान में रहा रोमांच 

नई दिल्ली | आठ राज्यों में 19 सीटों के लियें  राज्य सभा चुनाव आज  सम्पन्न हुयें , देर रात सभी राज्यों के परिणाम घोषित कर दियें गयें . ख़ास बात यह रही भाजपा पर जो हौर्स ट्रेडिंग के आरोप लग रहे थे वेसा उलटफेर देखने को नहीं मिला . सभी राज्यों के परिणाम जैसे शुरुआत में माने जा रहें थे उसके अनुरूप ही रहें |

राजस्थान में कांग्रेस के दोनों उमीदवार केसी वेणुगोपाल और नीरज डांगी विजय रहें तो भाजपा से राजेन्द्र गहलोत विजय रहें ,मध्यप्रदेश से कांग्रेस से भाजपा का दामन थामने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया विजय रहें साथ ही अन्य भाजपा से उमीदवार सुमेर सोलंकी भी विजय रहें वही कांग्रेस के खाते में सिर्फ एक सीट पर दिग्विजय सिंह  जीत पायें हैं

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक मात्र कांग्रेस के संकटमोचन हैं – 

वैसे तो कांग्रेस पार्टी अपने सबसे बुरे दौर में चल रही हैं कांग्रेस भाजपा के सामने लगभग टूट चुकी हैं लेकिन राजस्थान की राजनीति में जादूगर के नाम से पहचाने जाने वाले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कई अहम मौखो पर कांग्रेस को संजीवनी बूटी दे कर बचा लेते हैं |

राजस्थान में बाडेबंदी सफल –

गौरतलब है भाजपा द्वारा कर्नाटक , गोवा ,मध्यप्रदेश ख़ास तौर पर मध्यप्रदेश में सरकार गिराने के बाद अगला नंबर राजस्थान का बताया जा रहा था लेकिन राजस्थान के वर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने लम्बे राजनीतिक अनुभव के कारण राजस्थान में अन्य दलों के विधायको को अपने पक्ष में कर अपनी मजबूती दर्शाने में सफल रहें हैं वही राज्यसभा चुनावों से दस दिन पहले ही मुख्यमंत्री गहलोत ने जयपुर के एक निजी होटल में सभी विधायको ,निर्दलीय विधायक, माकपा , बीटीपी व् बसपा के विधायक जो पहले ही कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर चुके हैं का समर्थन हासिल कर चुके है जो की राजस्थान में बहुमत को सिद्ध करता हैं

हालाकिं की भाजपा पर हौर्स ट्रेडिंग के आरोप लगें है जिसकी शिकायत विधानसभा सचेतक व् गहलोत के ख़ास महेश जोशी ने की थी जिसकी जाँच एजेंसी कर रहीं हैं वही भाजपा का आरोप रहा हैं की कांग्रेस व् मुख्यमंत्री भाजपा पर गलत आरोप लगा रहें हैं भाजपा विधायक राजेन्द्र राठोड ने कह चुके है की कांग्रेस बसपा के विधायको को हौर्स ट्रेडिंग कर पहले भी खरीद चुकी है और वह भाजपा पर आरोप लगा रहें हैं |

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा दलित विरोधी है भाजपा – नीरज दांगी थे निशाने पर 

वेणुगोपाल व् नीरज डांगी

पूर्व मंत्री के पुत्र व् 3 बार विधायक का चुनाव हार चुके नीरज डांगी थे निशाने पर लेकिन मुख्यमंत्री गहलोत ने पारी संभाली जब जीत पायें हैं दांगी . गौरतलब हैं की राजनेतिक गलियारों में शुरुआत से ही चर्चा थी कांग्रेस पार्टी के कई विधायक नीरज दांगी को हराने के लियें बिसात बिछा चुके है और विधायक तो डांगी को प्रत्याशी बनाने के विरोध में थे इसके चलते ही भाजपा ने लखावत को भी मैदान में उतार दिया था जिसके चलते 3 राज्यसभा सीटो पर 4 उम्मीदवार हो चुके थे यही से राजनीती का असली खेल शुरू हुआ था हालाकिं यह भी सच हैं की चाहे कांग्रेस व् भाजपा वह दलितों को एक तय दायरे में भी रखना पसंद करती हैं ख़ैर राजस्थान में बड़े राजनेतिक ड्रामे के बाद परिणाम वही रहें जो पहले दिन से ही तय दिख रहा था – 1 सीट भाजपा व् 2 कांग्रेस , ख़ास बात यह रहीं जातीय आधार पर केसी वेणुगोपाल और नीरज डांगी दोनों ही अनुसूचित जाति ” दलित वर्ग ” से हैं |

अन्य राज्यों के परिणाम –

आन्ध प्रदेश में वाई आर कांग्रेस ने चार सीटो पर विजय रहीं  , माणीपुर में भाजपा की जीत हुई हैं गुजरात और झारखंड में बीजेपी अपनी स्ट्रैटजी के कारण सीटें हासिल कर ली. गुजरात में जहां बीजेपी 3 सीटों पर जीत दर्ज कर लिया, वहीं झारखण्ड में भी उसे एक सीट पर जीत मिली. वहीं कांग्रेस को1 गुजरात में एक सीट से संतोष करना पड़ा. झारखंड में बाकी के एक सीट पर झामुमो के शिबु सोरेन चुनाव जीते हैं |

स्टोरी – पवन देव