कोविड19 –  जन कला साहित्य मंच संस्था सामाजिक कार्यो में अग्रणी – सेनीटाइज मशीनें , सुखा राशन वितरण कार्यक्रम निरंतर जारी –

 

कोविड -19 राहत अभियान –

 

संस्था समन्वय – नरेंद्र महावर द्वारा जन सहयोग

 

जयपुर | कोविड 19 व् लॉक डाउन के चलते स्लम क्षेत्र में निवास करने वाले नकारात्मक रूप से प्रभावित पीड़ित परिवारों एवं उनके आश्रितों तथा कोरोना की वज़ह से बेरोजगार हुवे परिवारों को जन कला साहित्य मंच संस्था मानसरोवर जयपुर ,निरंतर उन्हें रहत पहुंचाने के कार्य में लगी हुई है |

इस दौरान बेघर हुवे बच्चों को आश्रय देना,भोजन-पानी की व्यवस्ता करना, उनको मानसिक पीड़ा से राहत हेतु मनोरंजन व् योगा जैसे कार्य क्रम  संचालित कर रही है |

इसके लिए संस्था समाज सेवकों, संस्थाओं के साथ मिलकर सहयोग कर रही है , संस्था ने सामाजिक कार्यकर्ता पवन देव  ,एवं संस्था समन्वयक नरेन्द्र महावर , अजय , शाहिस्ता , कीर्ती एवं रेखा के सहयोग से बाबा रामदेव नगर कच्ची बस्ती,एवं भिश्तियों का मोहल्ला रामगंज बाज़ार  में 80 पैकेट सुखा राशन वितरण किये ।

 

जन सहयोग – संस्था कार्यकर्ता शाहिस्ता जी द्वारा

 

 

कोविड-19 राहत अभियान 2021द्वारा 5 सेनीटाइज मशीनें नगर निगम को भेंट की गई

कोरोना महामारी से पीड़ित परिवारों एवं उनके आश्रितों तथा कोरोना की वजह से बेरोजगार हुए परिवारों को पिछले 15 दिनों से जन कला साहित्य मंच संस्था, लाइफ मेडिकेयर हेल्पलाइन सोसायटी, उत्कर्ष संस्था ,अपना घर मानसरोवर ,जयपुर चाइल्ड लाइन 1098 तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा गठित कोविड-19 राहत अभियान के माध्यम से अब तक 5000 से अधिक लोगों को भोजन एवं राशन सामग्री वितरित की जा चुकी है इसके अलावा बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों को उनकी आवश्यकता अनुसार हॉस्पिटल, बेड ,ऑक्सीजन आदि मदद की जा रही है |

आज कोविड राहत अभियान 2021 के अंतर्गत कोरोना से पीड़ित परिवारों एवं उनके आसपास के घरों को सैनिटाइज करने हेतु 5 सैनिटाइजर मशीनें जयपुर ग्रेटर नगर निगम की फायर कमेटी के चेयरमैन व पार्षद पारस कुमार जैन को भेंट की गई |

इस अवसर पर जन कला साहित्य मंच संस्था के सचिव कमल किशोर लाइफ मेडिकेयर हेल्पलाइन सोसायटी के सचिव डॉ सतीश गुप्ता एवं जयपुर चाइल्ड लाइन 1098 की समन्वयक जया शशि सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र कुमार ,दिनेश चंद्र,  पूजा दायमा आदि मौजूद रहें |

 

संस्था द्वारा जन सहयोग – सामाजिक कार्यकर्ता कीर्ति द्वारा

इन सैनिटाइजर मशीनों का उपयोग मानसरोवर क्षेत्र में किया जाएगा प्रत्येक मशीन के माध्यम से प्रतिदिन करीब 50 घरों को सैनिटाइज किया जाएगा ।

जयपुर शहर की विभिन्न बस्तियों में भोजन सामग्री का वितरण किया जा रहा है और हॉस्पिटलों में तथा होम आइसोलेशन में रह रहे परिवारों को भी भोजन सामग्री पहुंचाई जा रही है |

राजस्थान : अब आपकी गाड़ियों के चालान कटेगा – पोस मशीनों से

राजस्थान में अब पोस मशीनों से बनाये जाएंगे ई-चालान
– प्रदेश में अभी तक 9 आरटीओ के उड़नदस्तों को उपलब्ध पोस मशीनें
– अब ना उड़नदस्तों को ना ही वाहन चालकों को नकद राशि रखने की पड़ेगी जरूरत
जयपुर, 18 जून। कोरोना काल में ऑक्सीजन परिवहन की सुनियोजित व्यवस्था के बाद परिवहन विभाग अब विभागीय कार्यप्रणाली में ई-नवाचारों को गति देने में जुट गया हैं। परिवहन मंत्री  प्रताप सिंह खाचरियावास के निर्देशन में परिवहन आयुक्त  महेंद्र सोनी ने शुक्रवार को बीकानेर, सीकर और भरतपुर के परिवहन उड़नदस्तों के लिए पोस मशीनों से ई-चालान से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराया।  सोनी ने प्रशिक्षण के साथ ही तीनों जिलों के उड़नदस्तों को 79 पोस मशीन वितरित कर ई-चालान प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।
पोस मशीनों से इस तरह का फायदा –
परिवहन मंत्री  प्रताप सिंह खाचरियावास ने बताया कि पोस मशीनों के जरिए जहां चालान प्रक्रिया पेपरलैस होगी, वहीं पर विभाग के कामकाज में पारदर्शिता भी आएगी। ऑनलाइन होने से चालान मैन्युअली भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसमें प्रत्येक चालान की नियमित जानकारी रियल टाइम में विभाग को प्राप्त होगी। इससे ना ही उड़नदस्तों को और ना ही वाहन चालकों को नकद राशि साथ रखनी पडे़गी। इस मशीन से बनाए गए चालान के क्रमांक नंबर देखकर वाहन मालिक अपने घर बैठे भी चालान राशि जमा करा सकता है। इस स्थान पर नेटवर्क नहीं मिलने पर भी चालान बन सकते हैं। मशीन के डैशबोर्ड पर सारे दिन की जानकारी मिलती हैं। मशीन में फोटो और वीडियो लेने की सुविधा भी हैं। गूगल मैप के जरिए चालान काटे गए स्थान की लोकेशन भी दिखाई देती है।
पूरे प्रदेश में इसी माह पोस मशीनें से ई-चालान
परिवहन आयुक्त श्री सोनी ने बताया कि पूरे प्रदेश में सभी परिवहन उड़नदस्तों के पास इसी माह में पोस मशीनें उपलब्ध हो जाएगी। जनवरी 2021 में जयपुर, अजमेर, अलवर, फरवरी में जोधपुर, उदयपुर, कोटा और जून में बीकानेर, भरतपुर और सीकर आरटीओ क्षेत्र के सभी उड़नदस्तों को मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। अगले सप्ताह पाली, चित्तौड़गढ़ और दौसा आरटीओ के उड़नदस्तों को मशीनें मिल जाएगी।
अभी डेबिट, क्रेडिट कार्ड से भुगतान, आगे यूपीआई भी
राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के तकनीकी निदेशक, परिवहन विभाग श्री श्रीपाल यादव ने बताया कि पोस मषीन से बनाए गए चालान पर वाहन चालक को डेबिट, क्रेडिट कार्ड के साथ   नकद राशि से भी जुर्माना जमा कराने की सुविधा मिलेगी। आगे यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) से भी कनेक्ट किया जाएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर परिवहन आयुक्त श्री आकाश तोमर, स्टेट बैंक आॅफ इंडिया के सहायक महाप्रबंधक श्री आर.पी. शर्मा ने भी उड़नदस्तों को संबोधित कर पोस मशीनों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया।
दिसंबर में हुआ था एमओयू
उल्लेखनीय है कि परिवहन मंत्री श्री प्रताप सिंह खाचरियावास की अध्यक्षता में परिवहन विभाग और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बीच दिसंबर 2020 में हुए एमओयू हुआ था। उसी के तहत पोस मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं।

ABSS राजस्थान प्रान्त की कोविड – 19 से उत्पन्न हुई चुनोतियाँ पर चर्चा –

आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति का ऑनलाइन वेबिनार संपन्न –
mohan jaipal
जयपुर।  आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति, राजस्थान प्रान्त ने covid 19 महामारी और सामाजिक समस्याओं पर वेबिनार का आयोजन किया गया। आज के वेबिनार की शुरुआत राष्ट्रीय महासचिव मांगी लाल भूतिया और जुगराज बैरवा द्वारा की गई।
समिति के वक्ताओं ने राजस्थान में समाज के प्रमुख मुद्दों को लेकर जिसमें आरक्षण व आर्थिक स्थिति पर चर्चा की गई, साथ ही covid 19 माहामारी से समाज में आए संकट के समाधान पर राय रखी गई। गौरतलब हैं कि आज के वेबिनार में राजस्थान से 14 जिलों से 35 से अधिक वक्ताओं और सदस्यों ने भाग लिया।
 आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति  के राष्ट्रीय अध्यक्ष आर पी सिंह के मार्गदर्शन में तथा राष्ट्रीय महासचिव मांगी लाल भूतिया के नेतृत्व में राजस्थान प्रान्त की वेबिनार का आयोजन किया गया जिसमें कई  बिन्दुओं पर चर्चा की गई –
राजस्थान में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति का विस्तार को लेकर, राजस्थान में अनुसूचित
 जाति पर बढ़ते अत्याचारों पर अंकुश हेतु रणनीति, 4-कोविड 19 से उत्पन्न चुनौतियां एवं निराकरण में योगदान, पर प्रमुखता से चर्चा की गई।
मिटिंग का आगाज़ परिचय सत्र से हुआ तत्पश्चात मांगी लाल भूतिया राष्ट्रीय महासचिव ने सामान्य परिचय, उद्देश्य व संगठन की 15 सूत्रीय मांगो पर बिन्दुवार प्रकाश डाला ।
आज के वेबिनार में कालूराम मेघवाल श्री गंगानगर कोदर लाल बुनकर बांसवाड़ा,बीएल बैरवा सेवानिवृत्त आयकर अधिकारी जयपुर प्रोफेसर आर एल बैरवा  सवाई माधोपुर  द्वारा राजस्थान में अनुसूचित जाति पर बढ़ते अत्याचारों पर अंकुश लगाने के रणनीति बनाए जाने पर संक्षेप में विचार व्यक्त किये । लक्ष्मण यादव डूंगरपुर,लक्ष्मी नारायण बारूपाल,के बारूपाल सीकर,किशन सिंह,बद्री नारायण बाकोलिया टोंक, मोहन जयपाल, सुरेश नागर, डाॅ. जे पी सिंह अम्बेडकर नई दिल्ली,डाॅ महेन्द्र प्रताप सिंह उत्तर प्रदेश एम पी सिंह  राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ABSS आदि के द्वारा राजस्थान में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के विस्तार के सन्दर्भ में अपने विचार व्यक्त किये ।
जुगराज बैरवा आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति महासचिव ने बताया कि कोविद 19 से उत्पन्न चुनौतियों का सामना एवं pay back to society में अपना योगदान विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए तथा मीट का संचालन किया ।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय इन्जीनियर आर पी सिंह के द्वारा अपने विचारों में बताया कि लगातार प्रयास करने पर मंजिल को प्राप्त किया जा सकता है, आपका साथ मेरी ताकत को बढ़ाता है । राजस्थान में कांग्रेस सरकार होने के उपरान्त भी अनुसूचित जाति के लोगों पर अत्याचार बढना एक विडम्बना नहीं तो क्या है?इन इश्यूज को निकट भविष्य में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समक्ष आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के द्वारा रखा जायेगा, यदि फिर भी सुधार नहीं होता है तो हम हमारे हक अधिकारों के लिए राजस्थान में बड़ा आन्दोलन करेगे इस हेतु सभी से तैयार रहने का आह्वान किया ।
राजस्थान में संगठन की गतिविधियों के विस्तार के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा कालूराम मेघवाल श्रीगंगानगर को राजस्थान प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया जिसका सभी के द्वारा समर्थन किया गया । साथ ही जसबिन्दर कौर,भूपेंद्र तलनिया हंसराज सीकर किशन सिंह जानवरों,दयाराम बारुपाल परमजीत सिंह भट्टु आदि ने सहभागिता की ।
  मांगी लाल भूतिया राष्ट्रीय महासचिव द्वारा सभी का आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित कर मिटिंग समापन की घोषणा की ।

रेमडिसीविर, टोसिलिजुमैब इंजेक्शन,  फैवीपिरावीर टैबलेट्स और ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने के लिए किया टीम का गठन

ऑक्सीजन सिलेंडर व जीवनदायिनी दवाओं की   कालाबाजारी रोकने के लिए किया टीम का गठन
जयपुर, 22 अप्रेल। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॅा. रघु शर्मा के निर्देश पर कोरोना संक्रमित मरीजों और उपभोक्ताओं को निजी चिकित्सालयों एवं दवा स्टॉकिस्ट, विक्रेता के स्तर में रेमडिसीविर, टोसिलिजुमैब इंजेक्शन,  फैवीपिरावीर टैबलेट्स और ऑक्सीजन सिलेंडर की उपलब्धता की सुनिश्चिता के लिए 4 सदस्यीय टीम का गठन किया है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि  इस टीम में  औषधि नियंत्रक विभाग के दिनेश कुमार तनेजा,  मनीष कुमार मोदी व कोमल रूपचन्दानी और राजस्थान फार्मेसी कौंसिल के सदस्य  नवीन सांघी को शामिल किया गया है । यह टीम  जयपुर स्थित निजी चिकित्सालयों एवं दवा स्टॉकिस्ट, विक्रेता का निरीक्षण कर उक्त औषधियों की सप्लाई वितरण, विक्रय इत्यादि की गहनता से जांच कर प्रतिदिन सांय 6 बजे अपनी रिपोर्ट औषधि नियंत्रण संगठन, मुख्यालय को प्रेषित करेगें एवं अनियमित्ताओं के क्रम में अगवत करवाते हुये नियमानुसार कार्यवाही सम्पादित करेंगे।
साथ ही यह टीम औषधियों एवं मेडिकल ऑक्सीजन की कालाबाजारी इत्यादि के संबंध में प्राप्त शिकायतों के क्रम में नियमानुसार कार्यवाही सम्पादित करते हुए कार्यवाही की सूचना प्रतिदिन अलग से प्रस्तुत करेगी।

राजस्थान में 3 मई तक लॉक डाउन , एक दिन में ही 10 हजार पार नयें रोगी , 42 मौतें – सतर्क रहें , जानें क्या हैं ख़ास दिशा निर्देश

कोविड-19 पर नियंत्रण के लिए नए दिशा-निर्देश 
प्रदेश में जन अनुशासन पखवाड़े के तहत 3 मई तक विभिन्न गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा : मुख्यमंत्री
श्रमिकों की आजीविका पर नहीं पड़ेगा असर 
जन अनुशासन पखवाडा 19 अप्रैल से 3 मई तक
जयपुर, 18 अप्रेल। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण एवं रोकथाम के उद्देश्य से संपूर्ण प्रदेश में 19 अप्रेल से 3 मई की प्रातः 5 बजे तक जन अनुशासन पखवाड़े के तहत विभिन्न गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय किया है। उन्होंने कहा कि इस दौरान सरकारी कार्यालय, बाजार, मॉल्स तथा कार्यस्थल बंद रहेंगे। लेकिन श्रमिकों के रोजगार से जुड़ी गतिविधियां जैसी फैक्ट्री तथा निर्माण कार्य पर रोक नहीं होगी। साथ ही ठेला एवं फेरी लगाकर जीवनयापन करने वाले लोगों को जीविकोपार्जन की छूट दी जाएगी।
 गहलोत की अध्यक्षता में रविवार देर रात तक मुख्यमंत्री निवास पर चली उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, एवं कार्यस्थलों आदि में सामान्य गतिविधियां जारी रहने से भीड़भाड़ के चलते कोरोना संक्रमण अधिक बढ़ रहा है। इसे नियंत्रित करने के लिए सोमवार 19 अप्रेल से शुरू जन अनुशासन पखवाड़े में प्रदेशभर में सभी कार्यस्थल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं बाजार बंद रखे जाएं। साथ ही इस दौरान जन सामान्य की सुविधा एवं आवश्यक सेवाओं तथा वस्तुओं की निरंतर उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए कुछ गतिविधियां प्रतिबंधों से मुक्त रहेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड के प्रसार को रोकने में मास्क पहनना एक  आवश्यक निवारक उपाय है। इसको कड़ाई से लागू करने के लिए सार्वजनिक स्थानों और कार्य स्थलों पर मास्क नहीं पहनने वाले व्यक्तियों पर नियमानुसार कार्यवाही की जाए।
गृह विभाग द्वारा जन अनुशासन पखवाड़े के संबंध में जारी आदेश के अनुसार निम्न पर ये प्रतिबंध लागू नहीं होंगे :-
*  जिला प्रशासन, गृह, वित्त, पुलिस, जेल, होमगार्ड, कन्ट्रोल रूम एवं वॉर रूम, नागरिक सुरक्षा, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं सार्वजनिक परिवहन, आपदा प्रबंधन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, नगर निगम, नगर विकास प्रन्यास, विद्युत, पेयजल, स्वच्छता, टेलीफोन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं चिकित्सा से जुड़े कार्मिक इत्यादि।
*  केन्द्र सरकार की आवश्यक सेवाओं से जुड़े कार्यालय एवं संस्थान अनुमत।
* उपरोक्त के अलावा समस्त कार्यालय बंद रहेंगे।
*  बस स्टैण्ड, रेल्वे, मेट्रो स्टेशन और एयरपोर्ट से आने/जाने वाले व्यक्तियों को यात्रा टिकट दिखाने पर आवागमन की अनुमति होगी। राज्य में आने वाले यात्रियों को यात्रा शुरू करने के पिछले 72 घंटे के अंदर करवाई आरटी-पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य होगी।
*  गर्भवती महिलाओं और रोगियों को चिकित्सकीय एवं स्वास्थ्य सेवाओं के परामर्श हेतु।
* निजी चिकित्सालय, लैब एवं उनसे सम्बन्धित कार्मिक (उपयुक्त पहचान-पत्र के साथ) जैसे डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल एवं अन्य चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं।
* खाद्य पदार्थ एवं किराने का सामान, मण्डियां, फल एवं सब्जियां, डेयरी एवं दूध, पशुचारे से सम्बन्धित खुदरा/थोक दुकानें सायं 5 बजे तक अनुमत होंगी एवं जहां तक संभव हो इनके द्वारा होम डिलीवरी की व्यवस्था की जायेगी।
*  सब्जियां एवं फलों को ठेले/साइकिल रिक्शा/ऑटो रिक्शा/मोबाइल वैन द्वारा सायं 7 बजे तक बेचा जा सकेगा।
*  अन्तर्राज्यीय एवं राज्य के अन्दर माल परिवहन करने वाले भार वाहनों के आवागमन, माल के लोडिंग एवं अनलोडिंग तथा उक्त कार्य हेतु नियोजित व्यक्ति। राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों पर संचालित ढाबे एवं वाहन रिपेयर की दुकानें अनुमत होंगी।
* वर्तमान में रबी की फसलों की आवक मण्डियों मे हो रही है तथा समर्थन मूल्य पर फसलों को क्रय किया जा रहा है। यह कार्यवाही भी अनुमत होगी। अतः ऐसे केन्द्रों पर भी कोविड उपयुक्त व्यवहार की पालना सुनिश्चित की जावेगी किन्तु कृषकों का मण्डी पहुंचने एवं वापस जाने के अतिरिक्त मण्डी परिसर से बाहर आवागमन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगा, साथ ही कृषकों को मण्डी जाते समय अपने माल का सत्यापन एवं वापस जाते समय बिक्री की रसीद/बिल का सत्यापन करवाना अनिवार्य होगा।
* राशन की दुकानें बिना किसी अवकाश के खुली रहेंगी।
* 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को जिन्होंने टीकाकरण के लिए पहले से रजिस्ट्रेशन करवा रखा है, को टीकाकरण हेतु टीकाकरण स्थल पर जाने की अनुमति होगी किन्तु साथ में रजिस्ट्रेशन संबंधी दस्तावेज एवं अपना आई.डी. कार्ड साथ में रखना अनिवार्य होगा।
* समाचार पत्र वितरण हेतु सुबह 4 बजे से 8 बजे तक छूट होगी।
* इलेक्ट्रॉनिक्स, प्रिन्ट मीडिया के कार्मिकों को परिचय पत्र के साथ आने-जाने की अनुमति होगी।
* विवाह समारोह एवं अंतिम संस्कार से सम्बन्धित गतिविधियां दिनांक 14.04.2021 में जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अनुमत होंगी।
* पूर्व में निर्धारित प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अभ्यर्थियों को प्रवेश-पत्र दिखाने पर परीक्षा केन्द्र पर आवागमन की अनुमति होगी।
* फार्मास्यूटिकल्स, दवा एवं चिकित्सा उपकरणों से सम्बन्धित दुकानें।
* दूरसंचार, इंटरनेट सेवाएं, डाक सेवाएं, कुरियर सुविधा, प्रसारण एवं केबल सेवाएं, आईटी एवं आईटी संबंधित सेवाएं।
* बैंकिंग सेवाओं हेतु बैंक, एटीएम एवं बीमा कार्यालय।
* सेबी/स्टॉक से सम्बन्धित व्यक्ति।
*भोजन सामग्री, फार्मास्यूटिकल्स, चिकित्सकीय उपकरण आदि सभी आवश्यक वस्तुओं का ई-कॉमर्स के माध्यम से वितरण।
* प्रोसेस्ड फूड/मिठाई व मिष्ठान/रेस्टोरेन्ट्स द्वारा होम डिलीवरी रात्रि 8ः00 बजे तक अनुमत होगी।
* इंदिरा रसोई में भोजन बनाने एवं उसके वितरण का कार्य रात्रि 8 बजे तक कोविड गाइडलाइन के अनुसार अनुमत होगा।
* मनरेगा एवं ग्रामीण विकास योजनाओं से जुड़े श्रमिक।
* एलपीजी, पेट्रोल पम्प, सीएनजी, पेट्रोलियम एवं गैस से संबंधित खुदरा/थोक  आउटलेट की सेवाएं रात्रि 8 बजे तक अनुमत होंगी।
* कोल्ड स्टोरेज एवं वेयर हाउसिंग सेवाएं।
* निजी सुरक्षा सेवाएं।
* समस्त उद्योग एवं निर्माण से सम्बन्धित इकाइयों में कार्य करने की अनुमति होगी जिससे कि श्रमिक वर्ग का पलायन रोका जा सके। सम्बन्धित इकाई द्वारा अपने श्रमिकों को अधिकृत व्यक्ति द्वारा पहचान-पत्र जारी किया जाये जिससे कि आवागमन में सुविधा हो। संस्थान को अधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षर एवं विवरण जिला कलक्टर कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा।
* जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट/पुलिस आयुक्त द्वारा स्थानीय आवश्यकता के अनुसार प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं एवं लगाये गये प्रतिबंधों में शिथिलता प्रदान की जा सकती है।

महाराष्ट्र : 14 अप्रैल को रात 8 बजे से सूबे में धारा 144 लागू करने का ऐलान किया है- मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

‘ब्रेक द चेन अभियान’

मुंबई | महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते केसों की संख्या ने मुख्यमंत्री ठाकरे को बड़े सख्त कदम उठाने पर मजबूर पर दिया हैं मुख्यमंत्री ठाकरे आज राज 8 बजें मीडिया को संबोधित किया जिसमे 14 अप्रैल से  आंशिक  लॉक डाउन की घोषणा की घोषणा की हैं |

महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने कोरोना संकट से निपटने के लिए कड़े प्रतिबंधों का ऐलान किया है। प्रदेश में बीते साल की तरह पूर्ण लॉकडाउन नहीं रहेगा, लेकिन सभी गैर-जरूरी सेवाएं बंद रहेंगी और बेवजह निकलने पर रोक होगी। सीएम उद्धव ठाकरे ने 14 अप्रैल को रात 8 बजे से सूबे में धारा 144 लागू करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि यह आपके मन-मुताबिक न हो, लेकिन तब भी ऐसा करना पड़ रहा है। पूरे राज्य में अगले 15 दिन तक संचार बंदी लागू की जाएगी। उन्होंने लॉकडाउन शब्द का इस्तेमाल न करते हुए इसे ‘ब्रेक द चेन अभियान’ करार दिया।

सीएम उद्धव ठाकरे ने साफ किया कि जरूरी सेवाओं को छोड़कर सारे दफ्तर बंद रहेंगे। ईकॉमर्स, बैंक, मीडिया, पेट्रोल पंप, सुरक्षा गार्ड जैसे लोगों को इसमें छूट दी गई है। रेस्तरां आदि खुले रहेंगे, लेकिन वहां बैठकर खाने पर रोक होगी। सिर्फ होम डिलिवरी और टेक-अवे की सुविधा रहेगी।

 

गरीबों को राशन से लेकर कैश तक की मदद का ऐलान –

कंस्ट्रक्शन के काम में लगे मजदूरों को प्रति माह 1,500 रुपये की आर्थिक मदद देने वाले हैं। अधिकृत फेरी वालों को भी मदद दी जाएगी। रिक्शे वालों को भी 1,500 रुपये और आदिवासियों को 2,00 रुपये महीने की मदद मिलेगी। 7 करोड़ लोगों को 3 किलो गेहूं और 2 किलो चावल अगले तीन महीने तक देंगे। यह सुविधा राशन कार्ड होल्डर्स को सरकारी दुकानों से दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि इस आंशिक लॉकडाउन के दौरान किसी की रोजी-रोटी पर संकट न आए, ऐसा हमारा प्रयास रहेगा। हमने 3,300 करोड़ रुपये की रकम कोविड के लिए निकाले हैं, जिससे लोगों को मदद दी जाएगी। हमने कुल 5,500 करोड़ रुपये का बजट कोरोना के लिए तय किया है। उन्होंने कहा कि अब हमारे कोई चारा नहीं है, इसलिए हम ऐसा कर रहे हैं। आरोग्य सुविधाओं और वैक्सीनेशन को बढ़ाने के लिए हमने यह फैसला लिया है। मेरी सभी से हाथ जोड़कर विनती है कि इसका पालन करें।

 

कोविड 19 : इंजेक्‍शन रेम्‍डेसिविर और रेम्‍डेसिविर एक्टिव फार्मास्‍युटिकल इंग्रेडिएंट्स (एपीआई) के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया

केन्‍द्र ने देश में कोविड स्थिति में सुधार आने तक  इंजेक्‍शन रेम्‍डेसिविर और रेम्‍डेसिविर एक्टिव
फार्मास्‍युटिकल इंग्रेडिएंट्स (एपीआई) के निर्यात पर  प्रतिबंध लगाया

केन्‍द्र ने रोगियों एवं अस्‍पतालों को रेम्‍डेसिविर की सरल सुविधा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्‍न कदम उठाए

 

नई दिल्ली |  भारत में कोविड मामलों में हाल में काफी तेजी आई है। 11.04.2021 तक कोविड के 11.08 लाख सक्रिय मामले हैं और उनमें लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसकी वजह से कोविड रोगियों के उपचार में प्रयुक्‍त इंजेक्‍शन रेम्‍डेसिविर की मांग में अचानक बहुत तेजी आ गई है। आने वाले दिनों में इस मांग में और वृद्धि होने की संभावना है।

भारत की सात कंपनियां अमेरिका की मेसर्स गिलीड साइंसेज के साथ स्‍वैच्छिक लाइसेंसिंग समझौते के तहत इंजेक्‍शन रेम्‍डेसिविर का उत्‍पादन कर रही हैं। उनके पास हर महीने लगभग 38.80 लाख यूनिट की संस्‍थापित क्षमता है।

उपरोक्‍त को देखते हुए भारत सरकार ने स्थिति में सुधार आने तक इंजेक्‍शन रेम्‍डेसिविर तथा रेम्‍डेसिविर एक्टिव फार्मास्‍युटिकल इंग्रेडिएंट्स (एपीआई) के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है।

इसके अतिरिक्‍त, भारत सरकार ने रोगियों एवं अस्‍पतालों को रेम्‍डेसिविर की सरल सुविधा सुनिश्चित करने के लिए निम्‍नलिखित कदम उठाए हैं:-

 

 

 

 

  1. दवा की सुविधा सुगम बनाने के लिए रेम्‍डेसिविर के सभी घरेलू विनिर्माताओं को उनकी वेबसाइट पर उनके स्‍टॉकिस्‍ट/वितरकों के विवरणों को प्रदर्शित करने का सुझाव दिया गया है।
  2. ड्रग इंस्‍पेक्‍टरों तथा अन्‍य अधिकारियों को स्‍टॉक का सत्‍यापन करने तथा उनके कदाचारों की जांच करने तथा जमाखोरी और तहबाजारी रोकने के लिए अन्‍य कारगर कदम उठाने का भी निर्देश दिया गया है। राज्‍य स्‍वास्‍थ्‍य सचिव संबंधित राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के ड्रग इंस्‍पेक्‍टरों के साथ इसकी समीक्षा करेंगे।
  3. फार्मास्‍युटिकल विभाग रेम्‍डेसिविर के उत्‍पादन में बढ़ोतरी के लिए घरेलू विनिर्माताओं के संपर्क में बना हुआ है।

भारत सरकार ने राज्‍यों को यह भी सुझाव दिया है कि वर्तमान ‘कोविड-19 के लिए राष्‍ट्रीय नैदानिक प्रबंधन प्रोटोकॉल’ जो साक्ष्‍य पर आधारित है, को विशेषज्ञों की समिति द्वारा कई परस्‍पर बैठकों के बाद विकसित किया गया है और यह कोविड-19 के रोगियों के उपचार के लिए मार्गदर्शक दस्‍तावेज है। प्रोटोकॉल में रेम्‍डेसिविर को एक इंवेस्टिगेशनल थेरेपी अर्थात विस्‍तृत दिशा-निर्देशों में उल्‍लेखित प्रति संकेतों पर गौर करने के अतिरिक्‍त, जहां सूचित और साझा निर्णय निर्माण अनिवार्य है, के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों को सुझाव दिया गया है कि इन कदमों को एक बार फिर से सभी अस्‍पतालों, सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों को संप्रेषित कर दिया जाए और इनके अनुपालन की निगरानी की जाए।

 

 

 

भारत : 24 घंटों के दौरान 43 लाख से अधिक टीके लगाए गए , कुल टीकाकरण कवरेज 8 करोड़ से अधिक जानें ख़ास रिपोर्ट

भारत ने एक दिन में सर्वाधिक टीकाकरण की उपलब्धि हासिल की, पिछले 24 घंटों के दौरान 43 लाख से अधिक
टीके लगाए गए

कुल टीकाकरण कवरेज 8 करोड़ से अधिक हुई

कोविड 19 के परीक्षण की कुल संख्या 25 करोड़ के पार पहुंची

 

नई दिल्ली |

कोविड 19 के खिलाफ लड़ाई में भारत ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। पिछले 24 घंटों के दौरान 43 लाख से अधिक लोगों को टीके की खुराक दी गई। यह एक दिन में देश में अब तक का सबसे बड़ा टीकाकरण कवरेज है।

टीकाकरण अभियान के 80वें दिन (05 अप्रैल, 2021), 43,00,966 टीके लगाए गए। इनमें से 48,095 सत्रों के माध्यम से 39,00,505 लाभार्थियों को टीके की पहली खुराक दी गई जबकि 4,00,461 लाभार्थियों ने टीके की दूसरी खुराक प्राप्त की।

 

दिनांक 05 अप्रैल, 2021
एचसीडब्ल्यू एफएलडब्लूएस गंभीर बीमारियों के साथ 45 से <60 वर्ष से अधिक 60 साल से अधिक कुल उपलब्धि
पहली खुराक दूसरी खुराक पहली खुराक दूसरी खुराक पहली खुराक दूसरी खुराक पहली खुराक दूसरी खुराक पहली खुराक दूसरी खुराक
29,819 27,117 83,159 1,28,453 23,33,147 45,189 14,54,380 1,99,702 39,00,505 4,00,461

 

एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि के तहत, देश में आज कोविड 19 टीकाकरण की संख्या 8.31 करोड़ से अधिक हो गई है। पहली खुराक के टीकाकरण ने 7 करोड़ (7,22,77,309) खुराक के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर लिया है।

प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में कोविड-19 टीकाकरण के आज सुबह 7 बजे तक 12,83,816 सत्रों के माध्यम से कुल 8,31,10,926  टीके की खुराक दी गई। इनमें 89,60,061 स्वास्थ्यकर्मी (एचसीडब्ल्यू) शामिल हैं जिन्हें पहली खुराक लगी और 53,71,162 वो स्वास्थ्यकर्मी हैं जिन्हें दूसरी डोज दी गई है। 97,28,713 फ्रंटलाइन वर्कर्स (एफएलडब्ल्यू) को पहली, जबकि 42,64,691 फ्रंटलाइन वर्कर्स दूसरी डोज दी जा चुकी है। 60 वर्ष से अधिक उम्र के 3,41,06,071 लाभार्थियों को पहला टीका तथा 60 वर्ष से अधिक उम्र के 8,12,237   लाभार्थियों को दूसरा टीका लग चुका है। 45 वर्ष से अधिक उम्र के 1,94,82,464 लाभार्थियों को पहला टीका तथा 45 वर्ष से अधिक उम्र के 3,85,527 लाभार्थियों को दूसरा टीका लग चुका है।

 

एचसीडब्ल्यू एफएलडब्लूएस 45 साल से अधिक 60 साल से अधिक  

कुल

पहली खुराक दूसरी खुराक पहली खुराक दूसरी खुराक पहली खुराक दूसरी खुराक पहली खुराक दूसरी खुराक
89,60,061 53,71,162 97,28,713 42,64,691 1,94,82,464 3,85,527 3,41,06,071 8,12,237 8,31,10,926

 

नीचे दिया गया ग्राफ देश में कोविड 19 के खिलाफ दैनिक टीकाकरण खुराक में वृद्धि को इंगित करता है।

देश में कोविड 19 के परीक्षण की संख्या ने 25 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। पॉजिटिव मामलों की दर मामूली रूप से बढ़कर 5.07% हो गई है।

पिछले 24 घंटों में 96,982 नए मामले दर्ज किए गए हैं।

महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, दिल्ली, मध्य प्रदेश और गुजरात सहित आठ राज्यों में कोविड के दैनिक नए मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। इन 8 राज्यों से  80.04% नए मामले सामने आए हैं।

महाराष्ट्र में सबसे अधिक दैनिक नए मामले 47,288 दर्ज किए गए हैं। इसके बाद छत्तीसगढ़ में 7,302 और कर्नाटक में 5,279 नए मामले सामने आए हैं।

 

जैसा कि नीचे दर्शाया गया है, बारह राज्य दैनिक नए मामलों में वृद्धि प्रदर्शित कर रहे हैं।

 

 

भारत में कुल सक्रिय मामले 7,88,223 तक पहुंच गए हैं। इन मामलों में अब देश में कुल पॉजिटिव मामलों का 6.21 प्रतिशत शामिल है। पिछले 24 घंटों में कुल सक्रिय मामलों में से 46,393 मामलों की कमी दर्ज की गई।

देश के कुल सक्रिय मामलो में महाराष्ट्र का योगदान 57.42 फीसदी है।

भारत की कुल ठीक होने वाले मामलों की संख्या (रिकवरी) आज तक 1,17,32,279 हो गई है। राष्ट्रीय रिकवरी दर 92.48 प्रतिशत है।

पिछले 24 घंटों में 50,143 रिकवरी दर्ज की गई हैं।

पिछले 24 घंटों में 446 मौतें हुई हैं।

नई मृत्यु का 80.94 प्रतिशत हिस्सा 8 राज्यों से दर्ज किया गया है। महाराष्ट्र में अधिकतम मृत्यु की संख्या(155) है। पंजाब में प्रतिदिन 72 मौतें दर्ज की गई हैं।

 

 

भारत की कुल ठीक होने वाले मामलों की संख्या (रिकवरी) आज तक 1,17,32,279 हो गई है। राष्ट्रीय रिकवरी दर 92.48 प्रतिशत है।

पिछले 24 घंटों में 50,143 रिकवरी दर्ज की गई हैं।

पिछले 24 घंटों में 446 मौतें हुई हैं।

नई मृत्यु का 80.94 प्रतिशत हिस्सा 8 राज्यों से दर्ज किया गया है। महाराष्ट्र में अधिकतम मृत्यु की संख्या(155) है। पंजाब में प्रतिदिन 72 मौतें दर्ज की गई हैं।

पिछले 24 घंटों में तेरह राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से कोई भी कोविड-19 मृत्यु की सूचना नहीं मिली है। इनमें ओडिशा, असम, पुदुचेरी, लद्दाख (केन्द्र शासित प्रदेश), दमन और दीव तथा दादरा और नागर हवेली, नागालैंड, मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा, लक्षद्वीप, मिजोरम, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और अरुणाचल प्रदेश शामिल हैं।

 

कोविड 19 . संक्रमण में तेजी चिंताजनक एवं डराने वाली देर रात बैठक – मुख्यमंत्री ने दियें आदेश

संक्रमण में तेजी चिंताजनक एवं डराने वाली -मुख्यमंत्री
कोरोना गाइड लाइन की सख्ती से पालना कराएं
जयपुर, 6  अप्रेल। मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत ने कहा है कि राजस्थान मेें एक दिन में 2 हजार 429 कोरोना पाॅजिटिव केसेज का आना तथा पूरे देश में इस आंकड़े का एक लाख को पार कर जाना अत्यंत चिंताजनक है। प्रदेश में एक ही दिन में संक्रमित रोगियों की संख्या में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी के ये आंकड़े डरावने हैं। इनमें और भी बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने चेताया कि कोरोना की दूसरी लहर को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार और अधिक कड़े कदम उठा सकती है और सभी लोगों को इसमें सहयोग करना पडे़गा।
 गहलोत सोमवार देर रात मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से कोविड-19 के संक्रमण, नियंत्रण के लिए रणनीति बनाने तथा वैक्सीनेशन की स्थिति पर वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञों, संबंधित विभागों के उच्च अधिकारियों तथा जिला स्तर के अधिकारियों के साथ लगभग ढाई घंटे तक विस्तृत चर्चा कर रहे थे। इस महत्वपूर्ण बैठक को फेसबुक, यूट्यूब सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से लाइव प्रसारित किया गया।
मुख्यमंत्री ने वीडियो काॅन्फ्रेंस के दौरान संभागीय आयुक्त, पुलिस कमिश्नर, जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक, सीएमएचओ, मेडिकल काॅलेज प्रिंसिपल, जिला अस्पतालों के पीएमओ एवं अन्य अधिकारियों से संवाद किया। इस लाइव प्रसारण से 4 लाख से अधिक लोग जुड़े तथा करीब 30 हजार लोगों ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आमजन से कोरोना संक्रमण की स्थिति के संदर्भ में हैल्पलाइन 181 तथा 0141-2922272 पर सुझाव एवं प्रतिक्रियाएं आमंत्रित की।
 गहलोत ने प्रदेश में सोमवार को एक ही दिन में 5.44 लाख लोगों को टीका लगाए जाने पर खुशी जाहिर करते हुए अभियान में जुटे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं चिकित्सा कर्मियोें को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राजस्थान की यह बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि एक दिन में वैक्सीनेशन की यह देश के सभी राज्यों में सबसे बड़ी संख्या है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण अभियान की गति में हमें और तेजी लाना है। तभी हम कोरोना के प्रसार को नियंत्रित कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि वैक्सीन लगने के बाद भी मास्क पहनने सहित हैल्थ प्रोटोकाॅल के अन्य नियमों की पालना करना भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि जल्द से जल्द और अधिक से अधिक संख्या में लोगों को टीका लगाकर प्रदेश को कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की भयावहता से बचाया जाए। इसके लिए उन्होंने बैठक में मौजूद सभी अधिकारियों, अन्य कार्मिकों तथा सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लाइव प्रसारण देख रहे आमजन विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे स्वयं और अपने आस-पास मौजूद 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को कोविड वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करें।
 गहलोत ने प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कोरोना गाइड लाइन की पालना करवाने के लिए पूरी सख्ती बरतें। सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनने तथा उचित दूरी के नियमों की अवहेलना करने पर जुर्माने के साथ-साथ प्रतिष्ठानों को 72 घण्टे तक सीज करने जैसे कदम उठाने में कोई कोताही नहीं बरती जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमण के मुकाबले की भावना से काम करते हुए हमें सख्ती के साथ-साथ प्यार और समझाइश से जन अभियान की तर्ज पर हैल्थ प्रोटोकाॅल की पालना करवानी है।
मुख्यमंत्री ने राजस्थान के सभी निवासियों को स्वास्थ्य बीमा कवरेज का लाभ देने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का अधिक से अधिक प्रचार कर लोगों को इससे जोड़ने की अपील की। उन्होंने अधिकारियों तथा आमजन से कहा कि वे गांवों एवं शहरों में चल रहे अभियान के दौरान अधिकाधिक परिवारों का मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करवाएं। पूरे प्रदेश में 1 मई मजदूर दिवस के दिन से लागू होने वाली योजना मंे 5 लाख रूपए तक के निशुल्क कैशलेस  उपचार की सुविधा मिलेगी। 
चिकित्सा राज्यमंत्री डाॅ. सुभाष गर्ग ने कहा कि संक्रमण की मारक क्षमता से बचने के लिए हमें ‘सावधानी हटी-दुर्घटना घटी‘ के मंत्र के अनुरूप पूरी तरह से सतर्क रह कर कोरोना से बचाव की गाइडलाइन का पालन करना और करवाना होगा। उन्होंने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से सैम्पलिंग तथा ट्रीटमेंट के लिए वर्तमान आवश्यकता से 10 गुना अधिक संसाधन की तैयारी रखें।
प्रमुख शासन सचिव गृह अभय कुमार ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर कोरोना गाइड लाइन की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों में ज्वाइंट एन्फोर्समेंट टीमों का गठन किया गया है, जिन्होंने कई जगहों पर गाइड लाइन का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर जुर्माने अथवा सीज की कार्यवाही की है। अधिक पाॅजिटिव केसेज वाले क्षेत्रों को माइक्रो कंटेनमेंट जोन के रूप में चिन्हित किया गया है। इसी तरह से वेक्सीनेशन और कोविड प्रोटोकाॅल की पालना की समझाइश के लिए बीएलओ के नेतृत्व में लगभग 3 हजार टीमें बनाई गई हैं।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव  सिद्धार्थ महाजन ने कोविड संक्रमण और टीकाकरण अभियान की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सैम्पलिंग को बढ़ाकर 50 हजार प्रतिदिन तक कर दिया गया है। राज्य में एक्टिव केसेज की संख्या 15 हजार से अधिक हो गई है। केसेज के दुगुना होने की दर 200 दिन से कम रह गई है। ऐसे में रूथलेस कंटेनमेंट की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि 60 बेड क्षमता वाले अस्पतालों मंे 25 प्रतिशत बेड कोविड रोगियों के लिए आरक्षित करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
बैठक में मुख्य सचिव  निरंजन आर्य, पुलिस महानिदेशक  एमएल लाठर, प्रमुख सचिव वित्त  अखिल अरोरा, चिकित्सा शिक्षा सचिव  वैभव गालरिया, स्वायत्त शासन सचिव  भवानी सिंह देथा, सूचना एवं जनसंपर्क आयुक्त  महेन्द्र सोनी, राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. राजा बाबू पंवार, एसएमएस मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. सुधीर भण्डारी, वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ श्री वीरेन्द्र सिंह सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ एवं उच्च अधिकारी उपस्थित थे।

कोविड 19 दूसरी लहर : प्रशासन 15 दिन उठायेगा सख्त कदम – मुख्यमंत्री ने दियें आदेश

कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा 
कोविड-19 के संक्रमण की दूसरी लहर को रोकने के लिए 15 दिन के लिए सख्त कदम उठाएगी राज्य सरकारः
मुख्यमंत्री प्रदेशवासियों को प्रोटोकॉल की पालना में सहयोग करना होगा
जयपुर, 4  अप्रेल। राज्य सरकार ने प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की गंभीर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आगामी 15 दिन के लिए सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। इस विषय में विस्तृत दिशा-निर्देश गृह विभाग द्वारा एक-दो दिन में जारी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि कोविड-19 की दूसरी लहर से लोगों के जीवन की रक्षा करने के ध्येय की प्राप्ति के लिए राज्य सरकार संक्रमण को अधिक फैलने से रोकने के लिए हरसंभव कड़ा कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन के संक्रमण के प्रति लापरवाह हो जाने के कारण ही कोविड-19 की दूसरी लहर तेज गति के साथ आई है। यदि हम सब मास्क पहनने, उचित दूरी और बार-बार हाथ धोने के हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना अनिवार्य रूप से नहीं करेंगे, तो कोरोना वायरस का संक्रमण भयावह रूप ले लेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना के खिलाफ जंग को प्रभावी तरीके से लड़ने के लिए राजस्थानवासियों को राज्य सरकार का सहयोग करना होगा। साथ ही, उन्हें टीकाकरण के लिए भी आगे आना चाहिए।
 गहलोत शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से कोविड-19 के सक्रंमण तथा वैक्सीनेशन की स्थिति की उच्च अधिकारियों और विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ समीक्षा कर रहे थे। लगभग 2 घण्टे तक चली इस बैठक को फेसबुक, यूट्यूब तथा अन्य सोशल मीडिया चैनलों पर लाइव प्रसारित किया गया। कोरोना प्रबंधन के लिए भावी रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रसारण को करीब 2 लाख लोगों ने देखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में संक्रमण की गंभीरता इस आंकडे से समझी जा सकती है कि कुछ सप्ताह पहले प्रदेश में सक्रंमण के दोगुने होने की दर (डब्लिंग रेट) लगभग 8 साल थी, जो वर्तमान में 243 दिन पर आ गई है। उन्होंने कहा कि इस भयावह स्थिति को विस्फोटक होने से रोकने के लिए राज्य सरकार पूरी सख्ती बरतते हुए लोगों से हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना करवाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों को विषय की गंभीरता मालूम हो और वे अपने व्यवहार में बदलाव लाएं, इसलिए बैठक का लाइव प्रसारण किया गया।
 गहलोत ने प्रशासन, पुलिस तथा स्वायत्त शासन के अधिकारियों को निर्देश दिए  कि वे पूर्व में जारी की गए दिशा-निर्देशों के अनुपालना करते हुए बाजारों में मास्क तथा उचित दूरी के नियम की पालना नहीं होने पर संबंधित दुकान अथवा व्यावसायिक प्रतिष्ठान को 72 घंटे के लिए सील करने की सख्त कार्यवाही करें।
मुख्यमंत्री ने कोविड टीकाकरण की गति को भी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर प्रदेशवासी को 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों का टीकाकरण करवाने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और एक-दूसरे को इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। टीकाकरण की शुरूआत से ही राजस्थान इस अभियान में देश का अग्रणी राज्य रहा है। चिकित्सा विभाग ने इसके लिए पूरी तैयारी कर रखी है कि टीके के लिए पात्र हर व्यक्ति को कोविड टीका लगाया जाए, ताकि कोरोना का संक्रमण होने पर भी शरीर पर इसके दुष्प्रभावों को कम किया जा सके।
चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने भी आमजन से अपील की कि वे संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी हैल्थ प्रोटोकॉल की अक्षरशः पालना करें। उन्होंने लोगों को घर से कम से कम बाहर निकलने तथा उन स्थानों की यात्रा करने से बचने का सुझाव दिया, जहां कोरोना संक्रमितों की संख्या अधिक है। उन्होंने कहा कि यदि आने वाले कुछ दिनों में स्थिति नियंत्रित नहीं हुई, तो वायरस के संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए सरकार को और अधिक कदम उठाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि सभी को यह बात समझनी चाहिए कि आंकड़ों की दृष्टि से दूसरी लहर के दौरान माहमारी की तस्वीर अधिक भयावह है।
चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने होटल, रेस्टोरेन्ट तथा बाजारों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अधिक सख्ती करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि हर एक व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि वह अपने आस-पड़ोस में हैल्थ गाइडलाइन की पालना सुनिश्चित करवाए।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव सिद्धार्थ महाजन ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि संक्रमितों की संख्या का सटीक आकलन करने के उद्देश्य से प्रदेश में सैम्पल की संख्या 38 हजार प्रतिदिन तक बढ़ा दी गई है, जो 15 दिन पहले के मुकाबले दोगुनी है। उन्होंने कहा कि आने वाले एक सप्ताह में रोजाना 45 हजार सैम्पल टेस्ट किए जाएंगे। साथ ही, पूरे प्रदेश में टेस्टिंग की क्षमता 70 हजार से बढ़ाकर 1 लाख प्रतिदिन की जाएगी। उन्होंने बताया कि कोविड टीकाकरण की गति को भी बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश में टीकाकरण के लिए पात्र लगभग एक तिहाई जनसंख्या को टीका लगाया जा चुका है।
बैठक में मुख्य सचिव  निरंजन आर्य, पुलिस महानिदेशक  एमएल लाठर, प्रमुख शासन सचिव गृह  अभय कुमार, प्रमुख सचिव वित्त श्री अखिल अरोरा, चिकित्सा शिक्षा सचिव  वैभव गालरिया, स्वायत्त शासन सचिव  भवानी सिंह देथा, राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजा बाबू पंवार, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भण्डारी, वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ श्री वीरेन्द्र सिंह सहित एसएमएस मेडिकल कॉलेज के अन्य वरिष्ठ विशेषज्ञ, सूचना एवं जनसंपर्क आयुक्त  महेन्द्र सोनी तथा अन्य उच्च अधिकारी उपस्थित थे।