राजस्थान : अब आपकी गाड़ियों के चालान कटेगा – पोस मशीनों से

राजस्थान में अब पोस मशीनों से बनाये जाएंगे ई-चालान
– प्रदेश में अभी तक 9 आरटीओ के उड़नदस्तों को उपलब्ध पोस मशीनें
– अब ना उड़नदस्तों को ना ही वाहन चालकों को नकद राशि रखने की पड़ेगी जरूरत
जयपुर, 18 जून। कोरोना काल में ऑक्सीजन परिवहन की सुनियोजित व्यवस्था के बाद परिवहन विभाग अब विभागीय कार्यप्रणाली में ई-नवाचारों को गति देने में जुट गया हैं। परिवहन मंत्री  प्रताप सिंह खाचरियावास के निर्देशन में परिवहन आयुक्त  महेंद्र सोनी ने शुक्रवार को बीकानेर, सीकर और भरतपुर के परिवहन उड़नदस्तों के लिए पोस मशीनों से ई-चालान से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराया।  सोनी ने प्रशिक्षण के साथ ही तीनों जिलों के उड़नदस्तों को 79 पोस मशीन वितरित कर ई-चालान प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।
पोस मशीनों से इस तरह का फायदा –
परिवहन मंत्री  प्रताप सिंह खाचरियावास ने बताया कि पोस मशीनों के जरिए जहां चालान प्रक्रिया पेपरलैस होगी, वहीं पर विभाग के कामकाज में पारदर्शिता भी आएगी। ऑनलाइन होने से चालान मैन्युअली भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसमें प्रत्येक चालान की नियमित जानकारी रियल टाइम में विभाग को प्राप्त होगी। इससे ना ही उड़नदस्तों को और ना ही वाहन चालकों को नकद राशि साथ रखनी पडे़गी। इस मशीन से बनाए गए चालान के क्रमांक नंबर देखकर वाहन मालिक अपने घर बैठे भी चालान राशि जमा करा सकता है। इस स्थान पर नेटवर्क नहीं मिलने पर भी चालान बन सकते हैं। मशीन के डैशबोर्ड पर सारे दिन की जानकारी मिलती हैं। मशीन में फोटो और वीडियो लेने की सुविधा भी हैं। गूगल मैप के जरिए चालान काटे गए स्थान की लोकेशन भी दिखाई देती है।
पूरे प्रदेश में इसी माह पोस मशीनें से ई-चालान
परिवहन आयुक्त श्री सोनी ने बताया कि पूरे प्रदेश में सभी परिवहन उड़नदस्तों के पास इसी माह में पोस मशीनें उपलब्ध हो जाएगी। जनवरी 2021 में जयपुर, अजमेर, अलवर, फरवरी में जोधपुर, उदयपुर, कोटा और जून में बीकानेर, भरतपुर और सीकर आरटीओ क्षेत्र के सभी उड़नदस्तों को मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। अगले सप्ताह पाली, चित्तौड़गढ़ और दौसा आरटीओ के उड़नदस्तों को मशीनें मिल जाएगी।
अभी डेबिट, क्रेडिट कार्ड से भुगतान, आगे यूपीआई भी
राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के तकनीकी निदेशक, परिवहन विभाग श्री श्रीपाल यादव ने बताया कि पोस मषीन से बनाए गए चालान पर वाहन चालक को डेबिट, क्रेडिट कार्ड के साथ   नकद राशि से भी जुर्माना जमा कराने की सुविधा मिलेगी। आगे यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) से भी कनेक्ट किया जाएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर परिवहन आयुक्त श्री आकाश तोमर, स्टेट बैंक आॅफ इंडिया के सहायक महाप्रबंधक श्री आर.पी. शर्मा ने भी उड़नदस्तों को संबोधित कर पोस मशीनों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया।
दिसंबर में हुआ था एमओयू
उल्लेखनीय है कि परिवहन मंत्री श्री प्रताप सिंह खाचरियावास की अध्यक्षता में परिवहन विभाग और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बीच दिसंबर 2020 में हुए एमओयू हुआ था। उसी के तहत पोस मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं।

रेमडिसीविर, टोसिलिजुमैब इंजेक्शन,  फैवीपिरावीर टैबलेट्स और ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने के लिए किया टीम का गठन

ऑक्सीजन सिलेंडर व जीवनदायिनी दवाओं की   कालाबाजारी रोकने के लिए किया टीम का गठन
जयपुर, 22 अप्रेल। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॅा. रघु शर्मा के निर्देश पर कोरोना संक्रमित मरीजों और उपभोक्ताओं को निजी चिकित्सालयों एवं दवा स्टॉकिस्ट, विक्रेता के स्तर में रेमडिसीविर, टोसिलिजुमैब इंजेक्शन,  फैवीपिरावीर टैबलेट्स और ऑक्सीजन सिलेंडर की उपलब्धता की सुनिश्चिता के लिए 4 सदस्यीय टीम का गठन किया है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि  इस टीम में  औषधि नियंत्रक विभाग के दिनेश कुमार तनेजा,  मनीष कुमार मोदी व कोमल रूपचन्दानी और राजस्थान फार्मेसी कौंसिल के सदस्य  नवीन सांघी को शामिल किया गया है । यह टीम  जयपुर स्थित निजी चिकित्सालयों एवं दवा स्टॉकिस्ट, विक्रेता का निरीक्षण कर उक्त औषधियों की सप्लाई वितरण, विक्रय इत्यादि की गहनता से जांच कर प्रतिदिन सांय 6 बजे अपनी रिपोर्ट औषधि नियंत्रण संगठन, मुख्यालय को प्रेषित करेगें एवं अनियमित्ताओं के क्रम में अगवत करवाते हुये नियमानुसार कार्यवाही सम्पादित करेंगे।
साथ ही यह टीम औषधियों एवं मेडिकल ऑक्सीजन की कालाबाजारी इत्यादि के संबंध में प्राप्त शिकायतों के क्रम में नियमानुसार कार्यवाही सम्पादित करते हुए कार्यवाही की सूचना प्रतिदिन अलग से प्रस्तुत करेगी।

राजस्थान में 3 मई तक लॉक डाउन , एक दिन में ही 10 हजार पार नयें रोगी , 42 मौतें – सतर्क रहें , जानें क्या हैं ख़ास दिशा निर्देश

कोविड-19 पर नियंत्रण के लिए नए दिशा-निर्देश 
प्रदेश में जन अनुशासन पखवाड़े के तहत 3 मई तक विभिन्न गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा : मुख्यमंत्री
श्रमिकों की आजीविका पर नहीं पड़ेगा असर 
जन अनुशासन पखवाडा 19 अप्रैल से 3 मई तक
जयपुर, 18 अप्रेल। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण एवं रोकथाम के उद्देश्य से संपूर्ण प्रदेश में 19 अप्रेल से 3 मई की प्रातः 5 बजे तक जन अनुशासन पखवाड़े के तहत विभिन्न गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय किया है। उन्होंने कहा कि इस दौरान सरकारी कार्यालय, बाजार, मॉल्स तथा कार्यस्थल बंद रहेंगे। लेकिन श्रमिकों के रोजगार से जुड़ी गतिविधियां जैसी फैक्ट्री तथा निर्माण कार्य पर रोक नहीं होगी। साथ ही ठेला एवं फेरी लगाकर जीवनयापन करने वाले लोगों को जीविकोपार्जन की छूट दी जाएगी।
 गहलोत की अध्यक्षता में रविवार देर रात तक मुख्यमंत्री निवास पर चली उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, एवं कार्यस्थलों आदि में सामान्य गतिविधियां जारी रहने से भीड़भाड़ के चलते कोरोना संक्रमण अधिक बढ़ रहा है। इसे नियंत्रित करने के लिए सोमवार 19 अप्रेल से शुरू जन अनुशासन पखवाड़े में प्रदेशभर में सभी कार्यस्थल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं बाजार बंद रखे जाएं। साथ ही इस दौरान जन सामान्य की सुविधा एवं आवश्यक सेवाओं तथा वस्तुओं की निरंतर उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए कुछ गतिविधियां प्रतिबंधों से मुक्त रहेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड के प्रसार को रोकने में मास्क पहनना एक  आवश्यक निवारक उपाय है। इसको कड़ाई से लागू करने के लिए सार्वजनिक स्थानों और कार्य स्थलों पर मास्क नहीं पहनने वाले व्यक्तियों पर नियमानुसार कार्यवाही की जाए।
गृह विभाग द्वारा जन अनुशासन पखवाड़े के संबंध में जारी आदेश के अनुसार निम्न पर ये प्रतिबंध लागू नहीं होंगे :-
*  जिला प्रशासन, गृह, वित्त, पुलिस, जेल, होमगार्ड, कन्ट्रोल रूम एवं वॉर रूम, नागरिक सुरक्षा, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं सार्वजनिक परिवहन, आपदा प्रबंधन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, नगर निगम, नगर विकास प्रन्यास, विद्युत, पेयजल, स्वच्छता, टेलीफोन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं चिकित्सा से जुड़े कार्मिक इत्यादि।
*  केन्द्र सरकार की आवश्यक सेवाओं से जुड़े कार्यालय एवं संस्थान अनुमत।
* उपरोक्त के अलावा समस्त कार्यालय बंद रहेंगे।
*  बस स्टैण्ड, रेल्वे, मेट्रो स्टेशन और एयरपोर्ट से आने/जाने वाले व्यक्तियों को यात्रा टिकट दिखाने पर आवागमन की अनुमति होगी। राज्य में आने वाले यात्रियों को यात्रा शुरू करने के पिछले 72 घंटे के अंदर करवाई आरटी-पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य होगी।
*  गर्भवती महिलाओं और रोगियों को चिकित्सकीय एवं स्वास्थ्य सेवाओं के परामर्श हेतु।
* निजी चिकित्सालय, लैब एवं उनसे सम्बन्धित कार्मिक (उपयुक्त पहचान-पत्र के साथ) जैसे डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल एवं अन्य चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं।
* खाद्य पदार्थ एवं किराने का सामान, मण्डियां, फल एवं सब्जियां, डेयरी एवं दूध, पशुचारे से सम्बन्धित खुदरा/थोक दुकानें सायं 5 बजे तक अनुमत होंगी एवं जहां तक संभव हो इनके द्वारा होम डिलीवरी की व्यवस्था की जायेगी।
*  सब्जियां एवं फलों को ठेले/साइकिल रिक्शा/ऑटो रिक्शा/मोबाइल वैन द्वारा सायं 7 बजे तक बेचा जा सकेगा।
*  अन्तर्राज्यीय एवं राज्य के अन्दर माल परिवहन करने वाले भार वाहनों के आवागमन, माल के लोडिंग एवं अनलोडिंग तथा उक्त कार्य हेतु नियोजित व्यक्ति। राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों पर संचालित ढाबे एवं वाहन रिपेयर की दुकानें अनुमत होंगी।
* वर्तमान में रबी की फसलों की आवक मण्डियों मे हो रही है तथा समर्थन मूल्य पर फसलों को क्रय किया जा रहा है। यह कार्यवाही भी अनुमत होगी। अतः ऐसे केन्द्रों पर भी कोविड उपयुक्त व्यवहार की पालना सुनिश्चित की जावेगी किन्तु कृषकों का मण्डी पहुंचने एवं वापस जाने के अतिरिक्त मण्डी परिसर से बाहर आवागमन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगा, साथ ही कृषकों को मण्डी जाते समय अपने माल का सत्यापन एवं वापस जाते समय बिक्री की रसीद/बिल का सत्यापन करवाना अनिवार्य होगा।
* राशन की दुकानें बिना किसी अवकाश के खुली रहेंगी।
* 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को जिन्होंने टीकाकरण के लिए पहले से रजिस्ट्रेशन करवा रखा है, को टीकाकरण हेतु टीकाकरण स्थल पर जाने की अनुमति होगी किन्तु साथ में रजिस्ट्रेशन संबंधी दस्तावेज एवं अपना आई.डी. कार्ड साथ में रखना अनिवार्य होगा।
* समाचार पत्र वितरण हेतु सुबह 4 बजे से 8 बजे तक छूट होगी।
* इलेक्ट्रॉनिक्स, प्रिन्ट मीडिया के कार्मिकों को परिचय पत्र के साथ आने-जाने की अनुमति होगी।
* विवाह समारोह एवं अंतिम संस्कार से सम्बन्धित गतिविधियां दिनांक 14.04.2021 में जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अनुमत होंगी।
* पूर्व में निर्धारित प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अभ्यर्थियों को प्रवेश-पत्र दिखाने पर परीक्षा केन्द्र पर आवागमन की अनुमति होगी।
* फार्मास्यूटिकल्स, दवा एवं चिकित्सा उपकरणों से सम्बन्धित दुकानें।
* दूरसंचार, इंटरनेट सेवाएं, डाक सेवाएं, कुरियर सुविधा, प्रसारण एवं केबल सेवाएं, आईटी एवं आईटी संबंधित सेवाएं।
* बैंकिंग सेवाओं हेतु बैंक, एटीएम एवं बीमा कार्यालय।
* सेबी/स्टॉक से सम्बन्धित व्यक्ति।
*भोजन सामग्री, फार्मास्यूटिकल्स, चिकित्सकीय उपकरण आदि सभी आवश्यक वस्तुओं का ई-कॉमर्स के माध्यम से वितरण।
* प्रोसेस्ड फूड/मिठाई व मिष्ठान/रेस्टोरेन्ट्स द्वारा होम डिलीवरी रात्रि 8ः00 बजे तक अनुमत होगी।
* इंदिरा रसोई में भोजन बनाने एवं उसके वितरण का कार्य रात्रि 8 बजे तक कोविड गाइडलाइन के अनुसार अनुमत होगा।
* मनरेगा एवं ग्रामीण विकास योजनाओं से जुड़े श्रमिक।
* एलपीजी, पेट्रोल पम्प, सीएनजी, पेट्रोलियम एवं गैस से संबंधित खुदरा/थोक  आउटलेट की सेवाएं रात्रि 8 बजे तक अनुमत होंगी।
* कोल्ड स्टोरेज एवं वेयर हाउसिंग सेवाएं।
* निजी सुरक्षा सेवाएं।
* समस्त उद्योग एवं निर्माण से सम्बन्धित इकाइयों में कार्य करने की अनुमति होगी जिससे कि श्रमिक वर्ग का पलायन रोका जा सके। सम्बन्धित इकाई द्वारा अपने श्रमिकों को अधिकृत व्यक्ति द्वारा पहचान-पत्र जारी किया जाये जिससे कि आवागमन में सुविधा हो। संस्थान को अधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षर एवं विवरण जिला कलक्टर कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा।
* जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट/पुलिस आयुक्त द्वारा स्थानीय आवश्यकता के अनुसार प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं एवं लगाये गये प्रतिबंधों में शिथिलता प्रदान की जा सकती है।

महात्मा ज्योतिराव फुले – सामाजिक क्रांति के अग्रदूत रहें हैं युवा शक्ति को उनका अनुसरण करना चाहियें – शुश्री शाहिस्ता  

संवैधानिक अधिकार संगठन का विशेष सत्र – आओं महामानवों को जानें 
#महात्मा ज्योतिराव फुले 
14  अप्रैल 2021 से  “ डॉ बाबा साहब की जयंती “  से 100 महामानवों के जीवन पर होगी चर्चा
जयपुर | डॉ बाबा साहब आंबेडकर जी के 130वीं जयंती के अवसर पर संवैधानिक अधिकार संगठन ने एक नई मुहीम शुरू की हैं जिसमें सामाजिक क्षेत्र में सुधार करने वालें महामानवों के बारें में विस्तृत से हम जानें क्योकिं आज की युवा शक्ति अपने महामानवों को सिर्फ जयंतीयों तक ही सीमित कर दिया हैं जबकि हमें उनके संघर्ष को जानना चाहियें और आत्मसात करना चाहियें और अपने जीवन में उनके संघर्ष से प्रेरणा लेकर सामाजिक क्षेत्र में समानता , बंधुता , स्वतंत्रता न्याय मुल्लों को व्यवहार में अमल लाना चाहियें जिससे समता मूलक समाज का निर्माण हो सके |
कार्यक्रम में मुख्यवक्ता सामाजिक कार्यकर्ता शाहिस्ता खान ने ज्योतिराव फुले के जीवन के विभिन्न घटनाओं पहलों पर  विस्तृत जानकारी अन्य साथियों से साझा की उन्होंने कहा की ज्योति राव फूले ने अपने जीवन में जातीय आधारित गैर बराबरी व्यवस्था के शिकार रहें और इस व्यवस्था को बदलने के लिये ताम्र संघर्ष करते रहें उनके संघर्ष में उनकी जीवनसाथी माता सावित्रीबाई फुले ने उनका साथ दिया और  सावत्री बाई फुले पहले खुद शिक्षित बने और – बालिकाओं महिला शिक्षा को प्राथमिकता देते हुयें 1 जनवरी 1848 को लड़कियों का पहला स्कूल शुरू किया था जब ज्योतिराव फुले को उनके जीवनसाथी सावित्रीबाई फुले के साथ पिता ने घर से बाहर निकाल दिया था  तब उनके मित्र उस्मान भाई और उनकी छोटी बहन फ़ातिमा शेख ने उनका साथ दिया तथा  माँ सावत्री बाई के साथ मिलकर उस्मान भाई के घर पर ही पहला बालिका स्कूल खोला यह विकसित समाज की सोच रही थी एक उनका संघर्ष था और आज भी हम 2021 में भी महिला सशक्तिकरण , सुरक्षा और बराबरी की बात कर रहें हैं |
प्रदेशाध्यक्ष धर्मेन्द्र तामडिया ने कहा कि सामाजिक क्रांति के अग्रदूत  संवैधानिक भारत के राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिबा फुले जब अपने सामान्य जाति के मित्र के विवाह समारोह में बरात में गए हुए थे तो वहां से सामान्य जाति के लोगों ने शूद्र कहकर अपमानित  किया और तुम चले जाओ यहां से तुम शूद्र हो हमारे सामान्य जाति के लोगों के साथ साथ में शामिल नहीं हो सकते और विवाह समारोह से बेदखल कर दिया था तब फुले जी को बहुत अपमानित होना पड़ा था और तभी से फुले जी ने क्रांति की शुरुआत कर दी थी उन्होंने ठान ली थी कि जब मेरे ओबीसी समुदाय के साथ इतना जातिवाद छुआछूत किया जा रहा है तो मेरे दलित अछूत भाइयों के साथ कितना अपमानजनक व्यवहार किया जाता होगा यह मैं सोच भी नहीं सकता तभी फुले जी ने वंचित और दलितों, शूद्रों के लिए पहला स्कूल 1948 में खोला था महात्मा फुले ने माता सावित्रीबाई फुले को पढ़ा लिखा कर महिला सशक्तिकरण की सोच के साथ आगे बढ़ाने के लिए महिला स्कूल खोलने के लिए प्रेरित कर 1857 में महिला स्कूल की स्थापना कर माता सावित्रीबाई फुले को स्कूल में पढ़ाने के लिए प्रेरित किया फुले दंपति ने अपने जीवन काल में अनाथ आश्रम, विधवा महिलाओं के लिए आश्रम और सभी को शिक्षा देने का काम किया और हमेशा समता की पक्षधर फुले जी ने जाति धर्म छुआछूत का विरोध अंतिम समय तक किया |
सीमा कुमारी – मुख्य सलाकार ने आपकी महात्मा फुले जी ने महिला सशक्तिकरण के लिए माता सावित्रीबाई फुले को पढ़ा लिखा कर देश की प्रथम महिला शिक्षिका बनाने का काम किया और जब माता सावित्रीबाई फुले महिलाओं को शिक्षा देने के लिए जाती तो उन पर सामान्य जाति की महिलाएं गोबर फेंक दी थी जिसके कारण उनको 2 साड़ियां बैग में साथ में लेकर चलती थी लेकिन इतनी विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने महिलाओं को शिक्षा देने का काम बंद नहीं किया अगर सावित्रीबाई फुले ने संघर्ष घर की महिलाओं को शिक्षा नहीं दी होती तो शायद आज आम महिलाओं को शिक्षा अधिकार मिल पाना मुश्किल होता सभी को धन्यवाद प्रस्तुत कर कार्यक्रम समापन किया गया |
इस अवसर पर विभिन्न राज्यों से सामाजिक कार्यकर्ता जुड़े गुजरात से जिग्नेश सोलंकी, विजय मकवाना, छत्तीसगढ़ से कृष्णा पाठक,  चंद्रमोहन मौर्य, राम तरुण जी , पवन देव , साबिर कुरैशी , रतन लाल बेरवा  ,  राज बाला जी , मीरा जी ,   उग्नता जी , आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे |

साइबर अपराध समाज और पुलिस के समक्ष निरन्तर चुनौती बनते जा रहे हैं, साइबर लिटरेसी बढ़ाने की आवश्यकता – महानिदेशक पुलिस एम.एल लाठर

साइबर लिटरेसी बढ़ाने की आवश्यकता महानिदेशक पुलिस
जयपुर, 16 अप्रैल। महानिदेशक पुलिस  एम.एल. लाठर ने कहा है कि बढ़ते साइबर अपराध समाज और पुलिस के समक्ष निरन्तर चुनौती बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आमजन को ऑनलाईन बिहेवियर के बारे में जागरुक करने के साथ ही वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए साइबर लिटरेसी बढ़ाने की आवश्यकता है।
 लाठर शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में राजस्थान पुलिस अकादमी, यूनीसेफ और साइबर पीस फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वाधान में राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित एक महीने के साइबर सेफ्टी कैम्पेन का वेबीनार द्वारा शुभारम्भ कर रहे थे। इस कैम्पेन के दौरान साइबर सुरक्षा के संबंध में व्यापक जन चेतना के लिए वर्चुअल सेमीनार सहित अन्य कार्यक्रमाें का आयोजन भी किया जाएगा।
महानिदेशक पुलिस ने कहा कि आमजन को साइबर संबंधी कानून एवं साइबर अपराधों के बारे में अवगत कराने के साथ ही साइबर अपराधों से बचने के लिए अपनाई जाने वाली सावधानियाें के बारे में अवगत कराने की आवश्यकता है। कोरोना काल के दौरान व्यापार,शिक्षा, भुगतान से लेकर अन्य गतिविधियाें में इन्टरनेट का व्यापक रुप से उपयोग किया जा रहा है। साइबर अवेयरनैस कम होने पर आमजन साइबर क्रिमीनल के शिकार हो सकते हैं।
लाठर ने बताया कि राजस्थान पुलिस ने महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्व होने वाले अपराधों की रोकथाम के बारे में एप बनाए हैं। इनके साथ ही बनाए गए राजस्थान सिटीजन व अन्य एप राजस्थान पुलिस की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं एवं आमजन इन्हें डाउनलोड कर इनका उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक जिले में साइबर यूनिट कार्य कर रही है एवं यह यूनिट 5 लाख रुपये तक की राशि के साइबर अपराधों के बारे में अनुसंधान करती है। इससे अधिक राशि  के साइबर अपराधों का अनुसंधान एसओजी के तहत गठित साइबर थानों द्वारा किए जा रहे हैं।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एवं निदेशक आरपीए  राजीव शर्मा ने साइबर सेफ्टी कैम्पेन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की वर्ष 2020 में जारी रिपोर्ट के अनुसार साइबर अपराधों में 63 प्रतिशत की वृद्वि हुई है। वितीय मामलों में नुकसान के साथ ही डेटा चोरी होने से आमजन की निजता भी प्रभावित होती है। साइबर अपराधियों की पहचान करना चुनौतीपूर्ण कार्य है।
वेबीनार में यूनीसेफ के संजय निराला ने आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा के सम्बन्ध में जागरुक करने के लिए व्यापक अभियान संचालित करने पर बल दिया। साइबर पीस फाउण्डेशन के श्री विनीत कुमार ने बताया कि एक माह के इस कैम्पेन के दौरान अलग-अलग विषयों पर आठ वेबीनार आयोजित की जा रही हैं। वेबीनार में अति. महानिदेशक पुलिस, तकनीकी एवं दूरसंचार  सुनील दत्त भी मौजूद थे।

महंगी होती बिजली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन –

कच्ची बस्तियों के लोगों ने मंहगी होती बिजली के अमानवीय पहलू पर ध्यान आकर्षित करने के लिए किया प्रदर्शन
दूसरे राज्यों में चुनाव में 200 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा करने वाली कांग्रेस पार्टी राजस्थान में सरकार में होते हुए देश में सबसे मंहगी बिजली क्यूं देती है?
12 अप्रैल, जयपुर। बिजली उपभोक्ता संघर्ष समिति जयपुर ने आज मालवीय नगर सहायक अभियंता कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन कर बिजली बिलों में हो रही धांधली के खिलाफ ज्ञापन सौंपा। विरोध प्रदर्शन में इंद्रा नगर कच्ची बस्ती, सरदार बस्ती झालाना, मालवीय नगर कच्ची बस्ती के लोग शामिल हुए। राजस्थान यूनिवर्सिटी एवं शहर के अलग-अलग संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थी, सामाजिक कार्यकर्ता तथा दिहाड़ी मजदूरों सहित, आम नागरिकों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
कच्ची बस्ती से आई महिलाओं का कहना था कि बस्ती में बिजली के बिल बहुत ही ज़्यादा आता है। एक पंखा और दो बल्ब जलाने वालों का भी डेढ़-दो हज़ार का बिल आता है, बहुत लोगों का तो दस हजार तक के बिल भी आए हैं। बस्ती के लोगों के हालात ऐसे नहीं हैं कि वो इतनी महंगी बिजली की मार सह सकें। झालाना से अाई सुनीता जी ने कहा, “लोग किसी तरह पाई पाईजोड़ कर जब तक एक बिल चुकाते हैं, दूसरा बिल आ जाता है। जुड़ते-जुड़ते ये बिजली के बिल पहाड़ जैसे हो जाते हैं और फिर कनेक्शन कट जाता है, मीटर उखाड़ लेते हैं। क्या हमारे बूढ़े बुज़ुर्ग, बीमार लोग, छोटे छोटे बच्चों को गर्मी और अंधेरे में सिर्फ इसलिए रहना पड़ेगा क्यूं कि हमें काम धंधा नहीं मिल पाया? क्या गरीब के बच्चों को पढ़ने का हक नहीं? सरकार हमको अच्छा काम दे, नहीं तो महंगाई कम करे।”
बिजली उपभोक्ता संघर्ष समिति का कहना है कि राजस्थान सरकार बिजली को जनसेवा  के साधन से बिजली कम्पनियों के लिए एक मुनाफे के साधन में बदलना चाहती है। इसके चलते बिजली कम्पनियों ने मनमानी लूट मचा रखी है। राजस्थान देश में सबसे ज़्यादा बिजली बनाने वाले राज्यों में से एक है, फिर भी राजस्थान में बिजली देश में सबसे महंगी है। राजस्थान में सत्तारूढ़ कोंग्रेस पार्टी असम में चुनाव में 200 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा कर सकती है, तो फिर राजस्थान की जनता के साथ ये अन्याय क्यूं? खराब मीटर और बिजली विभाग और बिजली कम्पनियों की जनविरोधी नीतियों के चलते,  हर घर में जलने वाले उपकरणों की तुलना में, बिल में बहुत ज़्यादा स्थाई शुल्क आता है और इसके साथ साथ विद्युत शुल्क ,नगरीय कर, फ्यूल सरचार्ज आदि कई प्रकार के शुल्क और जोड़ दिए जाते हैं। लोग जितनी बिजली जलाते हैं, उस से तीन चार गुना बिल आता है। बहुत से लोगों का तो 20-20 गुना बिल देखा गया है। निजीकरण के चलते ही इन बिलों की वसूली भी जमींदारी तरीकों से की जाती है। समझौता समितियां बिना उपभोक्ताओं को समझौता प्रक्रिया में शामिल किए ही मनमाने सेटलमेंट करती है। कच्ची बस्तियों में रहने वाले लोगों के लिए ये पूरी प्रक्रिया बहुत ही भयानक आर्थिक और मानसिक संकट का रूप ले लेती है। सरकार को लोगो के हालात को समझते हुए बिजली बिलों को काबू में लाते हुए, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को हर नागरिक की पहुंच में लाना चाहिए।
बिजली उपभोक्ता संघर्ष समिति जयपुर की मुख्य माँगें हैं – बिजली बिलों में की गई बढ़ोत्तरी वापस लो, कोरोना काल के बिजली बिल माफ करो, स्थाई शुल्क लेना बंद करो,पड़ोसी के बकाया बिजली बिलों के नाम पर उपभोक्ता का कनेक्शन काटना बंद करो,  हर परिवार को 200 यूनिट बिजली मुफ्त दो, खराब व तेज चलने वाले मीटर तुरंत बदलो, बिजली विभाग का निजीकरण बंद करो, बिजली(संशोधन) विधेयक 2020 खारिज करो।

महाराष्ट्र : 14 अप्रैल को रात 8 बजे से सूबे में धारा 144 लागू करने का ऐलान किया है- मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

‘ब्रेक द चेन अभियान’

मुंबई | महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते केसों की संख्या ने मुख्यमंत्री ठाकरे को बड़े सख्त कदम उठाने पर मजबूर पर दिया हैं मुख्यमंत्री ठाकरे आज राज 8 बजें मीडिया को संबोधित किया जिसमे 14 अप्रैल से  आंशिक  लॉक डाउन की घोषणा की घोषणा की हैं |

महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने कोरोना संकट से निपटने के लिए कड़े प्रतिबंधों का ऐलान किया है। प्रदेश में बीते साल की तरह पूर्ण लॉकडाउन नहीं रहेगा, लेकिन सभी गैर-जरूरी सेवाएं बंद रहेंगी और बेवजह निकलने पर रोक होगी। सीएम उद्धव ठाकरे ने 14 अप्रैल को रात 8 बजे से सूबे में धारा 144 लागू करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि यह आपके मन-मुताबिक न हो, लेकिन तब भी ऐसा करना पड़ रहा है। पूरे राज्य में अगले 15 दिन तक संचार बंदी लागू की जाएगी। उन्होंने लॉकडाउन शब्द का इस्तेमाल न करते हुए इसे ‘ब्रेक द चेन अभियान’ करार दिया।

सीएम उद्धव ठाकरे ने साफ किया कि जरूरी सेवाओं को छोड़कर सारे दफ्तर बंद रहेंगे। ईकॉमर्स, बैंक, मीडिया, पेट्रोल पंप, सुरक्षा गार्ड जैसे लोगों को इसमें छूट दी गई है। रेस्तरां आदि खुले रहेंगे, लेकिन वहां बैठकर खाने पर रोक होगी। सिर्फ होम डिलिवरी और टेक-अवे की सुविधा रहेगी।

 

गरीबों को राशन से लेकर कैश तक की मदद का ऐलान –

कंस्ट्रक्शन के काम में लगे मजदूरों को प्रति माह 1,500 रुपये की आर्थिक मदद देने वाले हैं। अधिकृत फेरी वालों को भी मदद दी जाएगी। रिक्शे वालों को भी 1,500 रुपये और आदिवासियों को 2,00 रुपये महीने की मदद मिलेगी। 7 करोड़ लोगों को 3 किलो गेहूं और 2 किलो चावल अगले तीन महीने तक देंगे। यह सुविधा राशन कार्ड होल्डर्स को सरकारी दुकानों से दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि इस आंशिक लॉकडाउन के दौरान किसी की रोजी-रोटी पर संकट न आए, ऐसा हमारा प्रयास रहेगा। हमने 3,300 करोड़ रुपये की रकम कोविड के लिए निकाले हैं, जिससे लोगों को मदद दी जाएगी। हमने कुल 5,500 करोड़ रुपये का बजट कोरोना के लिए तय किया है। उन्होंने कहा कि अब हमारे कोई चारा नहीं है, इसलिए हम ऐसा कर रहे हैं। आरोग्य सुविधाओं और वैक्सीनेशन को बढ़ाने के लिए हमने यह फैसला लिया है। मेरी सभी से हाथ जोड़कर विनती है कि इसका पालन करें।

 

कोविड 19 : इंजेक्‍शन रेम्‍डेसिविर और रेम्‍डेसिविर एक्टिव फार्मास्‍युटिकल इंग्रेडिएंट्स (एपीआई) के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया

केन्‍द्र ने देश में कोविड स्थिति में सुधार आने तक  इंजेक्‍शन रेम्‍डेसिविर और रेम्‍डेसिविर एक्टिव
फार्मास्‍युटिकल इंग्रेडिएंट्स (एपीआई) के निर्यात पर  प्रतिबंध लगाया

केन्‍द्र ने रोगियों एवं अस्‍पतालों को रेम्‍डेसिविर की सरल सुविधा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्‍न कदम उठाए

 

नई दिल्ली |  भारत में कोविड मामलों में हाल में काफी तेजी आई है। 11.04.2021 तक कोविड के 11.08 लाख सक्रिय मामले हैं और उनमें लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसकी वजह से कोविड रोगियों के उपचार में प्रयुक्‍त इंजेक्‍शन रेम्‍डेसिविर की मांग में अचानक बहुत तेजी आ गई है। आने वाले दिनों में इस मांग में और वृद्धि होने की संभावना है।

भारत की सात कंपनियां अमेरिका की मेसर्स गिलीड साइंसेज के साथ स्‍वैच्छिक लाइसेंसिंग समझौते के तहत इंजेक्‍शन रेम्‍डेसिविर का उत्‍पादन कर रही हैं। उनके पास हर महीने लगभग 38.80 लाख यूनिट की संस्‍थापित क्षमता है।

उपरोक्‍त को देखते हुए भारत सरकार ने स्थिति में सुधार आने तक इंजेक्‍शन रेम्‍डेसिविर तथा रेम्‍डेसिविर एक्टिव फार्मास्‍युटिकल इंग्रेडिएंट्स (एपीआई) के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है।

इसके अतिरिक्‍त, भारत सरकार ने रोगियों एवं अस्‍पतालों को रेम्‍डेसिविर की सरल सुविधा सुनिश्चित करने के लिए निम्‍नलिखित कदम उठाए हैं:-

 

 

 

 

  1. दवा की सुविधा सुगम बनाने के लिए रेम्‍डेसिविर के सभी घरेलू विनिर्माताओं को उनकी वेबसाइट पर उनके स्‍टॉकिस्‍ट/वितरकों के विवरणों को प्रदर्शित करने का सुझाव दिया गया है।
  2. ड्रग इंस्‍पेक्‍टरों तथा अन्‍य अधिकारियों को स्‍टॉक का सत्‍यापन करने तथा उनके कदाचारों की जांच करने तथा जमाखोरी और तहबाजारी रोकने के लिए अन्‍य कारगर कदम उठाने का भी निर्देश दिया गया है। राज्‍य स्‍वास्‍थ्‍य सचिव संबंधित राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के ड्रग इंस्‍पेक्‍टरों के साथ इसकी समीक्षा करेंगे।
  3. फार्मास्‍युटिकल विभाग रेम्‍डेसिविर के उत्‍पादन में बढ़ोतरी के लिए घरेलू विनिर्माताओं के संपर्क में बना हुआ है।

भारत सरकार ने राज्‍यों को यह भी सुझाव दिया है कि वर्तमान ‘कोविड-19 के लिए राष्‍ट्रीय नैदानिक प्रबंधन प्रोटोकॉल’ जो साक्ष्‍य पर आधारित है, को विशेषज्ञों की समिति द्वारा कई परस्‍पर बैठकों के बाद विकसित किया गया है और यह कोविड-19 के रोगियों के उपचार के लिए मार्गदर्शक दस्‍तावेज है। प्रोटोकॉल में रेम्‍डेसिविर को एक इंवेस्टिगेशनल थेरेपी अर्थात विस्‍तृत दिशा-निर्देशों में उल्‍लेखित प्रति संकेतों पर गौर करने के अतिरिक्‍त, जहां सूचित और साझा निर्णय निर्माण अनिवार्य है, के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों को सुझाव दिया गया है कि इन कदमों को एक बार फिर से सभी अस्‍पतालों, सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों को संप्रेषित कर दिया जाए और इनके अनुपालन की निगरानी की जाए।

 

 

 

कोविड 19 को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सतर्क – समीक्षा बैठक में दियें यह निर्देश , कर्फ्यू बढ़ा

कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा  माइक्रो कंटेनमेंट जोन में जीरो मोबिलिटी 
सुनिश्चित कर संक्रमण की चेन तोड़ें – मुख्यमंत्री   10 नगरीय क्षेत्रों में रात्रिकालीन कफ्र्यू का समय बढ़ा
जयपुर 10  अप्रेल। कोरोना संक्रमण की रफ्तार को रोकने के लिए राज्य सरकार ने 30 अप्रेल तक प्रदेश के 9 शहरी क्षेत्रों में शाम 8 से सुबह 6 बजे तक तथा उदयपुर में शाम 6 बजे से नाइट कफ्र्यू लागू कर इसकी कड़ाई से पालना तथा सभी जिलों में कंटेनमेंट जोन चिन्हित कर उनमें जीरो मोबिलिटी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही शहरी इलाकों से लगते ग्रामीण क्षेत्रों में 9वीं कक्षा तक के स्कूलों में नियमित कक्षाओं का संचालन बंद रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर हुई उच्च स्तरीय बैठक में ये निर्णय किए गए। प्रदेश स्तर पर कोरोना स्टेट वॉररूम तथा सभी जिलों में जिला स्तरीय कंट्रोल रूम सहित 181 हेल्पलाइन को चौबीसों घंटे फिर से कार्यशील करने, संक्रमण की पांच प्रतिशत से अधिक पॉजीटिविटी रेट वाले क्षेत्रों में टेस्टिंग बढ़ाने, हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना के लिए एनसीसी, एनएसएस, स्कॉउट एण्ड गाइडस की वॉलन्टियर के रूप में सेवाएं लेने, कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर संयुक्त टीमों की कार्रवाई बढ़ाने तथा सीमावर्ती जिलों में राज्य के बाहर से आने वाले व्यक्तियों की नेगेटिव आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट के लिए बनाई गई चेकपोस्टों को अधिक सुदृढ़ करने जैसे कडे़ कदम उठाए गए हैं।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जिला कलेक्टरों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए माइक्रो कंटेनमेंट जोन में जीरो मोबिलिटी, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग तथा होम आइसोलेशन की पालना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संक्रमण की रफ्तार बीते कुछ दिनों में तेजी से बढ़ी है और हम संक्रमण की पहली लहर के सर्वोच्च स्तर को पीछे छोड़ चुके हैं। इसे देखते हुए जमीनी स्तर पर कोविड प्रोटोकॉल तथा एसओपी के उल्लंघन को सख्त उपायों से रोका जाना बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना हॉट-स्पॉट बन रहे क्षेत्रों की पहचान कर इनको नियमानुसार माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि ऎसे क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही को रोकने पर विशेष फोकस करना होगा। इसमें स्थानीय स्वायत्त शासन और सार्वजनिक निर्माण सहित अन्य विभागों की मदद ली जाए। उन्होंने कहा कि कोविड प्रोटोकॉल की पालना में सख्ती के साथ-साथ समझाइश पर भी जोर दें और अधिकारियों का आम लोगों के साथ व्यवहार संयत हो। उन्होंने कहा कि कोरोना की लड़ाई में जनसहयोग आवश्यक है।
चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में देश के साथ-साथ राजस्थान प्रदेश में भी संक्रमितों की संख्या में तेजी से हुए इजाफे का बड़ा कारण लोगों में कोविड अनुशासन के प्रति लापरवाही बरतना है। उन्होंने इस ढिलाई को रोकने के लिए एक बार फिर समाज के सभी वर्गाें का सहयोग लेने की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्य सचिव  निरंजन आर्य ने कहा कि कोरोना संक्रमण की पहली लहर के समय अलवर, जयपुर तथा भीलवाड़ा में जिस प्रभावी तरीके से कंटेनमेंट किया गया था। अब दूसरी लहर के दौरान भी अधिकारियों को उसी गम्भीरता से काम करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर कोरोना गाइडलाइन की पालना को सुनिश्चित करें।
प्रमुख सचिव गृह अभय कुमार ने कोरोना की दूसरी लहर के प्रसार को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अजमेर, अलवर, भीलवाड़ा, चित्तौडगढ़, डूंगरपुर, जयपुर, जोधपुर, कोटा एवं आबूरोड की नगरीय सीमा में रात्रि 8 बजे से प्रातः 6 बजे तक रात्रिकालीन कफ्र्यू रहेगा। इसके लिए बाजार एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान रात्रि 7 बजे बंद कर दिए जाएंगे। उदयपुर में बाजार एवं प्रतिष्ठान शाम 5 बजे बंद होंगे।
उन्होंने बताया कि माइक्रो कंटेनमेंट जोन में धारा-144 के तहत शून्य मोबिलिटी सुनिश्चित की जाएगी। सभी नगरीय क्षेत्रों में पांच से अधिक लोगों के एकत्रित होने पर रोक के साथ-साथ भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में मास्क पहनने और सामाजिक दूरी की पालना कराई जाएगी।
शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य  सिद्धार्थ महाजन ने बताया की सेम्पलिंग को बढ़ाकर प्रतिदिन 55 हजार तक कर दिया गया है। इस महीने के अंत तक 1 लाख तक करने का लक्ष्य है। उन्होंने ऑक्सीजन की उपलब्धता, कोविड केयर अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं, दवाओं, टीकाकरण, भर्ती रोगियों की संख्या तथा संक्रमण रोकने के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी।
डॉ. राजाबाबू पंवार, डॉ. सुधीर भंडारी, डॉ. वीरेन्द्र सिंह सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञों ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण की स्थिति पर गम्भीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दूसरी लहर अपेक्षाकृत तेज गति से बढ़ रही है और युवा आबादी भी संक्रमित हो रही है। उन्होंने बताया कि कोविड अनुशासन, अधिक टेस्टिंग और टीकाकरण पर जोर देकर स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है।
बैठक के दौरान विभिन्न जिला कलेक्टरों, पुलिस कमिश्नर और पुलिस अधीक्षकों ने कोविड नियंत्रण की स्थिति और किए जा रहे उपायों से अवगत कराया। वीडियो कॉन्फेंस के दौरान संभागीय आयुक्त, रेंज आईजी और सीएमएचओ भी उपस्थित रहे।
बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर, प्रमुख सचिव वित्त अखिल अरोरा, शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा  वैभव गालरिया, आयुक्त परिवहन श्री महेन्द्र सोनी, आयुक्त सूचना प्रौद्योगिकी  वीरेन्द्र सिंह, निदेशक स्थानीय निकाय  दीपक नंदी सहित अन्य उच्च अधिकारी उपस्थित थे।

 छुआछूत खत्म करने के उदेश्य से – भारत की नई संसद भवन में लगेगा -2000 किलों वजनी पीतल का सिक्का – मार्टिन मकवाना 

एक देश – एक राष्ट – भीम रुदन कार्यक्रम 
एक देश एक राष्ट्र  “भीम रुदन”  राष्ट्रीय अभियान का राजस्थान में लॉन्चिंग
जयपुर | अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कार्यकर्ता मार्टिन मकवाना ने भारत से छुआछूत जातिवाद ख़त्म करने और भारत के संविधान में वर्णित मूल्यों को भारत सरकार सहित देश की जनता तक प्रभावी रूप से व्यवहारिक जीवन में लाने के उदेश्य से आजादी के 100 साल होने तक भारत से छुआछूत ख़त्म हो , इस उदेश्य से  जयपुर में ” भीम रुदन कार्यक्रम ” में राजस्थान के सामाजिक कार्यकर्त्ताओं को संबोधित किया |
मार्टिन मकवाना का कहना हैं की आज भारत देश को आजाद हुयें 74 वर्ष हो चुके हैं और सन  20 47  में देश  की आज़ादी को  100 साल पुरें हो जायेगें | इतने लम्बे समय के अंतराल बाद भी देश में अमानवीय छुआछूत – जातिवाद आज चरम पर हैं जो की शर्मसार करने वाली हैं |
अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कार्यकर्ता मार्टिन मकवाना
20 हजार करोड़ की लागत से बनेगा – भारत का नया संसद भवन 
केंद  सरकार द्वारा सेन्ट्रल विस्टा परियोजन के अंतर्गत 20 हजार करोड़ रुपयें की लागत से नया संसद भवन का निर्माण किया जा रहा हैं इसके साथ ही मानवाधिकार कार्यकर्त्ता मार्टिन मकवाना पुरे भारत देश से 1 रुपया और पीतल मांग रहें हैं मार्टिन का  कहना हैं की देश की नई संसद भवन में दुनिया का सबसे बड़ा 2000 किलो वजनी पीतल का सिक्का राष्टपति महोदय के माध्यम लगवाया जायेगा |
क्या ख़ास हैं 2000 किलो पीतल सिक्कें में – 
नई संसद भवन में जो पीतल का सिक्का लगाया जा रहा हैं एक तो यह दुनिया का सबसे बड़ा पीतल का सिक्का होगा , इसके साथ ही जो 2000 किलों ( पीतल  भंगार ) जनता द्वारा एकत्रित कर इस कार्य को किया जा रहा हैं जो की जन सहभागिता हैं इसके साथ ही भारत देश में जितने भी महापुरुष हुयें हैं जिन्होंने सामाजिक क्रांति के अग्रदूत रहें हैं जिनका सपना समता मूलक समाज का रहा हैं उनके चित्र अंकित होगें – जैसे  महात्मा बुद्ध ,  कबीर , रविदास , ज्योतिबा फुले , सावत्री बाई फुले , पेरियार ,  डॉ अम्बेडकर , बिरसा मुंडा आदी |
इस अवसर पर राजस्थान से 100 से अधिक सामाजिक कार्यकर्त्ता उपस्थित रहें |