कोविड 19 : इंजेक्‍शन रेम्‍डेसिविर और रेम्‍डेसिविर एक्टिव फार्मास्‍युटिकल इंग्रेडिएंट्स (एपीआई) के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया

केन्‍द्र ने देश में कोविड स्थिति में सुधार आने तक  इंजेक्‍शन रेम्‍डेसिविर और रेम्‍डेसिविर एक्टिव
फार्मास्‍युटिकल इंग्रेडिएंट्स (एपीआई) के निर्यात पर  प्रतिबंध लगाया

केन्‍द्र ने रोगियों एवं अस्‍पतालों को रेम्‍डेसिविर की सरल सुविधा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्‍न कदम उठाए

 

नई दिल्ली |  भारत में कोविड मामलों में हाल में काफी तेजी आई है। 11.04.2021 तक कोविड के 11.08 लाख सक्रिय मामले हैं और उनमें लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसकी वजह से कोविड रोगियों के उपचार में प्रयुक्‍त इंजेक्‍शन रेम्‍डेसिविर की मांग में अचानक बहुत तेजी आ गई है। आने वाले दिनों में इस मांग में और वृद्धि होने की संभावना है।

भारत की सात कंपनियां अमेरिका की मेसर्स गिलीड साइंसेज के साथ स्‍वैच्छिक लाइसेंसिंग समझौते के तहत इंजेक्‍शन रेम्‍डेसिविर का उत्‍पादन कर रही हैं। उनके पास हर महीने लगभग 38.80 लाख यूनिट की संस्‍थापित क्षमता है।

उपरोक्‍त को देखते हुए भारत सरकार ने स्थिति में सुधार आने तक इंजेक्‍शन रेम्‍डेसिविर तथा रेम्‍डेसिविर एक्टिव फार्मास्‍युटिकल इंग्रेडिएंट्स (एपीआई) के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है।

इसके अतिरिक्‍त, भारत सरकार ने रोगियों एवं अस्‍पतालों को रेम्‍डेसिविर की सरल सुविधा सुनिश्चित करने के लिए निम्‍नलिखित कदम उठाए हैं:-

 

 

 

 

  1. दवा की सुविधा सुगम बनाने के लिए रेम्‍डेसिविर के सभी घरेलू विनिर्माताओं को उनकी वेबसाइट पर उनके स्‍टॉकिस्‍ट/वितरकों के विवरणों को प्रदर्शित करने का सुझाव दिया गया है।
  2. ड्रग इंस्‍पेक्‍टरों तथा अन्‍य अधिकारियों को स्‍टॉक का सत्‍यापन करने तथा उनके कदाचारों की जांच करने तथा जमाखोरी और तहबाजारी रोकने के लिए अन्‍य कारगर कदम उठाने का भी निर्देश दिया गया है। राज्‍य स्‍वास्‍थ्‍य सचिव संबंधित राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के ड्रग इंस्‍पेक्‍टरों के साथ इसकी समीक्षा करेंगे।
  3. फार्मास्‍युटिकल विभाग रेम्‍डेसिविर के उत्‍पादन में बढ़ोतरी के लिए घरेलू विनिर्माताओं के संपर्क में बना हुआ है।

भारत सरकार ने राज्‍यों को यह भी सुझाव दिया है कि वर्तमान ‘कोविड-19 के लिए राष्‍ट्रीय नैदानिक प्रबंधन प्रोटोकॉल’ जो साक्ष्‍य पर आधारित है, को विशेषज्ञों की समिति द्वारा कई परस्‍पर बैठकों के बाद विकसित किया गया है और यह कोविड-19 के रोगियों के उपचार के लिए मार्गदर्शक दस्‍तावेज है। प्रोटोकॉल में रेम्‍डेसिविर को एक इंवेस्टिगेशनल थेरेपी अर्थात विस्‍तृत दिशा-निर्देशों में उल्‍लेखित प्रति संकेतों पर गौर करने के अतिरिक्‍त, जहां सूचित और साझा निर्णय निर्माण अनिवार्य है, के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों को सुझाव दिया गया है कि इन कदमों को एक बार फिर से सभी अस्‍पतालों, सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों को संप्रेषित कर दिया जाए और इनके अनुपालन की निगरानी की जाए।

 

 

 

कोविड 19 को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सतर्क – समीक्षा बैठक में दियें यह निर्देश , कर्फ्यू बढ़ा

कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा  माइक्रो कंटेनमेंट जोन में जीरो मोबिलिटी 
सुनिश्चित कर संक्रमण की चेन तोड़ें – मुख्यमंत्री   10 नगरीय क्षेत्रों में रात्रिकालीन कफ्र्यू का समय बढ़ा
जयपुर 10  अप्रेल। कोरोना संक्रमण की रफ्तार को रोकने के लिए राज्य सरकार ने 30 अप्रेल तक प्रदेश के 9 शहरी क्षेत्रों में शाम 8 से सुबह 6 बजे तक तथा उदयपुर में शाम 6 बजे से नाइट कफ्र्यू लागू कर इसकी कड़ाई से पालना तथा सभी जिलों में कंटेनमेंट जोन चिन्हित कर उनमें जीरो मोबिलिटी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही शहरी इलाकों से लगते ग्रामीण क्षेत्रों में 9वीं कक्षा तक के स्कूलों में नियमित कक्षाओं का संचालन बंद रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर हुई उच्च स्तरीय बैठक में ये निर्णय किए गए। प्रदेश स्तर पर कोरोना स्टेट वॉररूम तथा सभी जिलों में जिला स्तरीय कंट्रोल रूम सहित 181 हेल्पलाइन को चौबीसों घंटे फिर से कार्यशील करने, संक्रमण की पांच प्रतिशत से अधिक पॉजीटिविटी रेट वाले क्षेत्रों में टेस्टिंग बढ़ाने, हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना के लिए एनसीसी, एनएसएस, स्कॉउट एण्ड गाइडस की वॉलन्टियर के रूप में सेवाएं लेने, कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर संयुक्त टीमों की कार्रवाई बढ़ाने तथा सीमावर्ती जिलों में राज्य के बाहर से आने वाले व्यक्तियों की नेगेटिव आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट के लिए बनाई गई चेकपोस्टों को अधिक सुदृढ़ करने जैसे कडे़ कदम उठाए गए हैं।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जिला कलेक्टरों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए माइक्रो कंटेनमेंट जोन में जीरो मोबिलिटी, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग तथा होम आइसोलेशन की पालना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संक्रमण की रफ्तार बीते कुछ दिनों में तेजी से बढ़ी है और हम संक्रमण की पहली लहर के सर्वोच्च स्तर को पीछे छोड़ चुके हैं। इसे देखते हुए जमीनी स्तर पर कोविड प्रोटोकॉल तथा एसओपी के उल्लंघन को सख्त उपायों से रोका जाना बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना हॉट-स्पॉट बन रहे क्षेत्रों की पहचान कर इनको नियमानुसार माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि ऎसे क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही को रोकने पर विशेष फोकस करना होगा। इसमें स्थानीय स्वायत्त शासन और सार्वजनिक निर्माण सहित अन्य विभागों की मदद ली जाए। उन्होंने कहा कि कोविड प्रोटोकॉल की पालना में सख्ती के साथ-साथ समझाइश पर भी जोर दें और अधिकारियों का आम लोगों के साथ व्यवहार संयत हो। उन्होंने कहा कि कोरोना की लड़ाई में जनसहयोग आवश्यक है।
चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में देश के साथ-साथ राजस्थान प्रदेश में भी संक्रमितों की संख्या में तेजी से हुए इजाफे का बड़ा कारण लोगों में कोविड अनुशासन के प्रति लापरवाही बरतना है। उन्होंने इस ढिलाई को रोकने के लिए एक बार फिर समाज के सभी वर्गाें का सहयोग लेने की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्य सचिव  निरंजन आर्य ने कहा कि कोरोना संक्रमण की पहली लहर के समय अलवर, जयपुर तथा भीलवाड़ा में जिस प्रभावी तरीके से कंटेनमेंट किया गया था। अब दूसरी लहर के दौरान भी अधिकारियों को उसी गम्भीरता से काम करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर कोरोना गाइडलाइन की पालना को सुनिश्चित करें।
प्रमुख सचिव गृह अभय कुमार ने कोरोना की दूसरी लहर के प्रसार को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अजमेर, अलवर, भीलवाड़ा, चित्तौडगढ़, डूंगरपुर, जयपुर, जोधपुर, कोटा एवं आबूरोड की नगरीय सीमा में रात्रि 8 बजे से प्रातः 6 बजे तक रात्रिकालीन कफ्र्यू रहेगा। इसके लिए बाजार एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान रात्रि 7 बजे बंद कर दिए जाएंगे। उदयपुर में बाजार एवं प्रतिष्ठान शाम 5 बजे बंद होंगे।
उन्होंने बताया कि माइक्रो कंटेनमेंट जोन में धारा-144 के तहत शून्य मोबिलिटी सुनिश्चित की जाएगी। सभी नगरीय क्षेत्रों में पांच से अधिक लोगों के एकत्रित होने पर रोक के साथ-साथ भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में मास्क पहनने और सामाजिक दूरी की पालना कराई जाएगी।
शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य  सिद्धार्थ महाजन ने बताया की सेम्पलिंग को बढ़ाकर प्रतिदिन 55 हजार तक कर दिया गया है। इस महीने के अंत तक 1 लाख तक करने का लक्ष्य है। उन्होंने ऑक्सीजन की उपलब्धता, कोविड केयर अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं, दवाओं, टीकाकरण, भर्ती रोगियों की संख्या तथा संक्रमण रोकने के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी।
डॉ. राजाबाबू पंवार, डॉ. सुधीर भंडारी, डॉ. वीरेन्द्र सिंह सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञों ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण की स्थिति पर गम्भीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दूसरी लहर अपेक्षाकृत तेज गति से बढ़ रही है और युवा आबादी भी संक्रमित हो रही है। उन्होंने बताया कि कोविड अनुशासन, अधिक टेस्टिंग और टीकाकरण पर जोर देकर स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है।
बैठक के दौरान विभिन्न जिला कलेक्टरों, पुलिस कमिश्नर और पुलिस अधीक्षकों ने कोविड नियंत्रण की स्थिति और किए जा रहे उपायों से अवगत कराया। वीडियो कॉन्फेंस के दौरान संभागीय आयुक्त, रेंज आईजी और सीएमएचओ भी उपस्थित रहे।
बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर, प्रमुख सचिव वित्त अखिल अरोरा, शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा  वैभव गालरिया, आयुक्त परिवहन श्री महेन्द्र सोनी, आयुक्त सूचना प्रौद्योगिकी  वीरेन्द्र सिंह, निदेशक स्थानीय निकाय  दीपक नंदी सहित अन्य उच्च अधिकारी उपस्थित थे।

 छुआछूत खत्म करने के उदेश्य से – भारत की नई संसद भवन में लगेगा -2000 किलों वजनी पीतल का सिक्का – मार्टिन मकवाना 

एक देश – एक राष्ट – भीम रुदन कार्यक्रम 
एक देश एक राष्ट्र  “भीम रुदन”  राष्ट्रीय अभियान का राजस्थान में लॉन्चिंग
जयपुर | अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कार्यकर्ता मार्टिन मकवाना ने भारत से छुआछूत जातिवाद ख़त्म करने और भारत के संविधान में वर्णित मूल्यों को भारत सरकार सहित देश की जनता तक प्रभावी रूप से व्यवहारिक जीवन में लाने के उदेश्य से आजादी के 100 साल होने तक भारत से छुआछूत ख़त्म हो , इस उदेश्य से  जयपुर में ” भीम रुदन कार्यक्रम ” में राजस्थान के सामाजिक कार्यकर्त्ताओं को संबोधित किया |
मार्टिन मकवाना का कहना हैं की आज भारत देश को आजाद हुयें 74 वर्ष हो चुके हैं और सन  20 47  में देश  की आज़ादी को  100 साल पुरें हो जायेगें | इतने लम्बे समय के अंतराल बाद भी देश में अमानवीय छुआछूत – जातिवाद आज चरम पर हैं जो की शर्मसार करने वाली हैं |
अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कार्यकर्ता मार्टिन मकवाना
20 हजार करोड़ की लागत से बनेगा – भारत का नया संसद भवन 
केंद  सरकार द्वारा सेन्ट्रल विस्टा परियोजन के अंतर्गत 20 हजार करोड़ रुपयें की लागत से नया संसद भवन का निर्माण किया जा रहा हैं इसके साथ ही मानवाधिकार कार्यकर्त्ता मार्टिन मकवाना पुरे भारत देश से 1 रुपया और पीतल मांग रहें हैं मार्टिन का  कहना हैं की देश की नई संसद भवन में दुनिया का सबसे बड़ा 2000 किलो वजनी पीतल का सिक्का राष्टपति महोदय के माध्यम लगवाया जायेगा |
क्या ख़ास हैं 2000 किलो पीतल सिक्कें में – 
नई संसद भवन में जो पीतल का सिक्का लगाया जा रहा हैं एक तो यह दुनिया का सबसे बड़ा पीतल का सिक्का होगा , इसके साथ ही जो 2000 किलों ( पीतल  भंगार ) जनता द्वारा एकत्रित कर इस कार्य को किया जा रहा हैं जो की जन सहभागिता हैं इसके साथ ही भारत देश में जितने भी महापुरुष हुयें हैं जिन्होंने सामाजिक क्रांति के अग्रदूत रहें हैं जिनका सपना समता मूलक समाज का रहा हैं उनके चित्र अंकित होगें – जैसे  महात्मा बुद्ध ,  कबीर , रविदास , ज्योतिबा फुले , सावत्री बाई फुले , पेरियार ,  डॉ अम्बेडकर , बिरसा मुंडा आदी |
इस अवसर पर राजस्थान से 100 से अधिक सामाजिक कार्यकर्त्ता उपस्थित रहें |

भारत : 24 घंटों के दौरान 43 लाख से अधिक टीके लगाए गए , कुल टीकाकरण कवरेज 8 करोड़ से अधिक जानें ख़ास रिपोर्ट

भारत ने एक दिन में सर्वाधिक टीकाकरण की उपलब्धि हासिल की, पिछले 24 घंटों के दौरान 43 लाख से अधिक
टीके लगाए गए

कुल टीकाकरण कवरेज 8 करोड़ से अधिक हुई

कोविड 19 के परीक्षण की कुल संख्या 25 करोड़ के पार पहुंची

 

नई दिल्ली |

कोविड 19 के खिलाफ लड़ाई में भारत ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। पिछले 24 घंटों के दौरान 43 लाख से अधिक लोगों को टीके की खुराक दी गई। यह एक दिन में देश में अब तक का सबसे बड़ा टीकाकरण कवरेज है।

टीकाकरण अभियान के 80वें दिन (05 अप्रैल, 2021), 43,00,966 टीके लगाए गए। इनमें से 48,095 सत्रों के माध्यम से 39,00,505 लाभार्थियों को टीके की पहली खुराक दी गई जबकि 4,00,461 लाभार्थियों ने टीके की दूसरी खुराक प्राप्त की।

 

दिनांक 05 अप्रैल, 2021
एचसीडब्ल्यू एफएलडब्लूएस गंभीर बीमारियों के साथ 45 से <60 वर्ष से अधिक 60 साल से अधिक कुल उपलब्धि
पहली खुराक दूसरी खुराक पहली खुराक दूसरी खुराक पहली खुराक दूसरी खुराक पहली खुराक दूसरी खुराक पहली खुराक दूसरी खुराक
29,819 27,117 83,159 1,28,453 23,33,147 45,189 14,54,380 1,99,702 39,00,505 4,00,461

 

एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि के तहत, देश में आज कोविड 19 टीकाकरण की संख्या 8.31 करोड़ से अधिक हो गई है। पहली खुराक के टीकाकरण ने 7 करोड़ (7,22,77,309) खुराक के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर लिया है।

प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में कोविड-19 टीकाकरण के आज सुबह 7 बजे तक 12,83,816 सत्रों के माध्यम से कुल 8,31,10,926  टीके की खुराक दी गई। इनमें 89,60,061 स्वास्थ्यकर्मी (एचसीडब्ल्यू) शामिल हैं जिन्हें पहली खुराक लगी और 53,71,162 वो स्वास्थ्यकर्मी हैं जिन्हें दूसरी डोज दी गई है। 97,28,713 फ्रंटलाइन वर्कर्स (एफएलडब्ल्यू) को पहली, जबकि 42,64,691 फ्रंटलाइन वर्कर्स दूसरी डोज दी जा चुकी है। 60 वर्ष से अधिक उम्र के 3,41,06,071 लाभार्थियों को पहला टीका तथा 60 वर्ष से अधिक उम्र के 8,12,237   लाभार्थियों को दूसरा टीका लग चुका है। 45 वर्ष से अधिक उम्र के 1,94,82,464 लाभार्थियों को पहला टीका तथा 45 वर्ष से अधिक उम्र के 3,85,527 लाभार्थियों को दूसरा टीका लग चुका है।

 

एचसीडब्ल्यू एफएलडब्लूएस 45 साल से अधिक 60 साल से अधिक  

कुल

पहली खुराक दूसरी खुराक पहली खुराक दूसरी खुराक पहली खुराक दूसरी खुराक पहली खुराक दूसरी खुराक
89,60,061 53,71,162 97,28,713 42,64,691 1,94,82,464 3,85,527 3,41,06,071 8,12,237 8,31,10,926

 

नीचे दिया गया ग्राफ देश में कोविड 19 के खिलाफ दैनिक टीकाकरण खुराक में वृद्धि को इंगित करता है।

देश में कोविड 19 के परीक्षण की संख्या ने 25 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। पॉजिटिव मामलों की दर मामूली रूप से बढ़कर 5.07% हो गई है।

पिछले 24 घंटों में 96,982 नए मामले दर्ज किए गए हैं।

महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, दिल्ली, मध्य प्रदेश और गुजरात सहित आठ राज्यों में कोविड के दैनिक नए मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। इन 8 राज्यों से  80.04% नए मामले सामने आए हैं।

महाराष्ट्र में सबसे अधिक दैनिक नए मामले 47,288 दर्ज किए गए हैं। इसके बाद छत्तीसगढ़ में 7,302 और कर्नाटक में 5,279 नए मामले सामने आए हैं।

 

जैसा कि नीचे दर्शाया गया है, बारह राज्य दैनिक नए मामलों में वृद्धि प्रदर्शित कर रहे हैं।

 

 

भारत में कुल सक्रिय मामले 7,88,223 तक पहुंच गए हैं। इन मामलों में अब देश में कुल पॉजिटिव मामलों का 6.21 प्रतिशत शामिल है। पिछले 24 घंटों में कुल सक्रिय मामलों में से 46,393 मामलों की कमी दर्ज की गई।

देश के कुल सक्रिय मामलो में महाराष्ट्र का योगदान 57.42 फीसदी है।

भारत की कुल ठीक होने वाले मामलों की संख्या (रिकवरी) आज तक 1,17,32,279 हो गई है। राष्ट्रीय रिकवरी दर 92.48 प्रतिशत है।

पिछले 24 घंटों में 50,143 रिकवरी दर्ज की गई हैं।

पिछले 24 घंटों में 446 मौतें हुई हैं।

नई मृत्यु का 80.94 प्रतिशत हिस्सा 8 राज्यों से दर्ज किया गया है। महाराष्ट्र में अधिकतम मृत्यु की संख्या(155) है। पंजाब में प्रतिदिन 72 मौतें दर्ज की गई हैं।

 

 

भारत की कुल ठीक होने वाले मामलों की संख्या (रिकवरी) आज तक 1,17,32,279 हो गई है। राष्ट्रीय रिकवरी दर 92.48 प्रतिशत है।

पिछले 24 घंटों में 50,143 रिकवरी दर्ज की गई हैं।

पिछले 24 घंटों में 446 मौतें हुई हैं।

नई मृत्यु का 80.94 प्रतिशत हिस्सा 8 राज्यों से दर्ज किया गया है। महाराष्ट्र में अधिकतम मृत्यु की संख्या(155) है। पंजाब में प्रतिदिन 72 मौतें दर्ज की गई हैं।

पिछले 24 घंटों में तेरह राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से कोई भी कोविड-19 मृत्यु की सूचना नहीं मिली है। इनमें ओडिशा, असम, पुदुचेरी, लद्दाख (केन्द्र शासित प्रदेश), दमन और दीव तथा दादरा और नागर हवेली, नागालैंड, मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा, लक्षद्वीप, मिजोरम, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और अरुणाचल प्रदेश शामिल हैं।

 

कोविड 19 . संक्रमण में तेजी चिंताजनक एवं डराने वाली देर रात बैठक – मुख्यमंत्री ने दियें आदेश

संक्रमण में तेजी चिंताजनक एवं डराने वाली -मुख्यमंत्री
कोरोना गाइड लाइन की सख्ती से पालना कराएं
जयपुर, 6  अप्रेल। मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत ने कहा है कि राजस्थान मेें एक दिन में 2 हजार 429 कोरोना पाॅजिटिव केसेज का आना तथा पूरे देश में इस आंकड़े का एक लाख को पार कर जाना अत्यंत चिंताजनक है। प्रदेश में एक ही दिन में संक्रमित रोगियों की संख्या में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी के ये आंकड़े डरावने हैं। इनमें और भी बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने चेताया कि कोरोना की दूसरी लहर को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार और अधिक कड़े कदम उठा सकती है और सभी लोगों को इसमें सहयोग करना पडे़गा।
 गहलोत सोमवार देर रात मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से कोविड-19 के संक्रमण, नियंत्रण के लिए रणनीति बनाने तथा वैक्सीनेशन की स्थिति पर वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञों, संबंधित विभागों के उच्च अधिकारियों तथा जिला स्तर के अधिकारियों के साथ लगभग ढाई घंटे तक विस्तृत चर्चा कर रहे थे। इस महत्वपूर्ण बैठक को फेसबुक, यूट्यूब सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से लाइव प्रसारित किया गया।
मुख्यमंत्री ने वीडियो काॅन्फ्रेंस के दौरान संभागीय आयुक्त, पुलिस कमिश्नर, जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक, सीएमएचओ, मेडिकल काॅलेज प्रिंसिपल, जिला अस्पतालों के पीएमओ एवं अन्य अधिकारियों से संवाद किया। इस लाइव प्रसारण से 4 लाख से अधिक लोग जुड़े तथा करीब 30 हजार लोगों ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आमजन से कोरोना संक्रमण की स्थिति के संदर्भ में हैल्पलाइन 181 तथा 0141-2922272 पर सुझाव एवं प्रतिक्रियाएं आमंत्रित की।
 गहलोत ने प्रदेश में सोमवार को एक ही दिन में 5.44 लाख लोगों को टीका लगाए जाने पर खुशी जाहिर करते हुए अभियान में जुटे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं चिकित्सा कर्मियोें को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राजस्थान की यह बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि एक दिन में वैक्सीनेशन की यह देश के सभी राज्यों में सबसे बड़ी संख्या है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण अभियान की गति में हमें और तेजी लाना है। तभी हम कोरोना के प्रसार को नियंत्रित कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि वैक्सीन लगने के बाद भी मास्क पहनने सहित हैल्थ प्रोटोकाॅल के अन्य नियमों की पालना करना भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि जल्द से जल्द और अधिक से अधिक संख्या में लोगों को टीका लगाकर प्रदेश को कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की भयावहता से बचाया जाए। इसके लिए उन्होंने बैठक में मौजूद सभी अधिकारियों, अन्य कार्मिकों तथा सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लाइव प्रसारण देख रहे आमजन विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे स्वयं और अपने आस-पास मौजूद 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को कोविड वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करें।
 गहलोत ने प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कोरोना गाइड लाइन की पालना करवाने के लिए पूरी सख्ती बरतें। सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनने तथा उचित दूरी के नियमों की अवहेलना करने पर जुर्माने के साथ-साथ प्रतिष्ठानों को 72 घण्टे तक सीज करने जैसे कदम उठाने में कोई कोताही नहीं बरती जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमण के मुकाबले की भावना से काम करते हुए हमें सख्ती के साथ-साथ प्यार और समझाइश से जन अभियान की तर्ज पर हैल्थ प्रोटोकाॅल की पालना करवानी है।
मुख्यमंत्री ने राजस्थान के सभी निवासियों को स्वास्थ्य बीमा कवरेज का लाभ देने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का अधिक से अधिक प्रचार कर लोगों को इससे जोड़ने की अपील की। उन्होंने अधिकारियों तथा आमजन से कहा कि वे गांवों एवं शहरों में चल रहे अभियान के दौरान अधिकाधिक परिवारों का मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करवाएं। पूरे प्रदेश में 1 मई मजदूर दिवस के दिन से लागू होने वाली योजना मंे 5 लाख रूपए तक के निशुल्क कैशलेस  उपचार की सुविधा मिलेगी। 
चिकित्सा राज्यमंत्री डाॅ. सुभाष गर्ग ने कहा कि संक्रमण की मारक क्षमता से बचने के लिए हमें ‘सावधानी हटी-दुर्घटना घटी‘ के मंत्र के अनुरूप पूरी तरह से सतर्क रह कर कोरोना से बचाव की गाइडलाइन का पालन करना और करवाना होगा। उन्होंने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से सैम्पलिंग तथा ट्रीटमेंट के लिए वर्तमान आवश्यकता से 10 गुना अधिक संसाधन की तैयारी रखें।
प्रमुख शासन सचिव गृह अभय कुमार ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर कोरोना गाइड लाइन की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों में ज्वाइंट एन्फोर्समेंट टीमों का गठन किया गया है, जिन्होंने कई जगहों पर गाइड लाइन का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर जुर्माने अथवा सीज की कार्यवाही की है। अधिक पाॅजिटिव केसेज वाले क्षेत्रों को माइक्रो कंटेनमेंट जोन के रूप में चिन्हित किया गया है। इसी तरह से वेक्सीनेशन और कोविड प्रोटोकाॅल की पालना की समझाइश के लिए बीएलओ के नेतृत्व में लगभग 3 हजार टीमें बनाई गई हैं।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव  सिद्धार्थ महाजन ने कोविड संक्रमण और टीकाकरण अभियान की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सैम्पलिंग को बढ़ाकर 50 हजार प्रतिदिन तक कर दिया गया है। राज्य में एक्टिव केसेज की संख्या 15 हजार से अधिक हो गई है। केसेज के दुगुना होने की दर 200 दिन से कम रह गई है। ऐसे में रूथलेस कंटेनमेंट की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि 60 बेड क्षमता वाले अस्पतालों मंे 25 प्रतिशत बेड कोविड रोगियों के लिए आरक्षित करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
बैठक में मुख्य सचिव  निरंजन आर्य, पुलिस महानिदेशक  एमएल लाठर, प्रमुख सचिव वित्त  अखिल अरोरा, चिकित्सा शिक्षा सचिव  वैभव गालरिया, स्वायत्त शासन सचिव  भवानी सिंह देथा, सूचना एवं जनसंपर्क आयुक्त  महेन्द्र सोनी, राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. राजा बाबू पंवार, एसएमएस मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. सुधीर भण्डारी, वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ श्री वीरेन्द्र सिंह सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ एवं उच्च अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना  , विशेष पंजीयन शिविर 10 अप्रेल तक

मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना 
 
विशेष पंजीयन शिविर 10 अप्रेल तक, उसके बाद  30 अप्रेल तक लाभार्थी करा पाएंगे रजिस्ट्रेशन
जयपुर, 4 अप्रैल। मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत 10 अप्रैल तक प्रदेश की ग्राम पंचायतों और शहरी क्षेत्रों में लग रहे विशेष पंजीयन शिविरों में  रजिस्ट्रेशन का कार्य जारी है।  जिला स्तर पर जिला कलक्टर और ब्लॉक स्तर पर उपखण्ड अधिकारी के नेतृत्व में शिविर में व्यवस्थाओं का संचालन किया जा रहा है। योजना से सम्बंध किसी भी जानकारी के लिए टोल फ्री नबंर 1800 180 6127 पर भी सम्पर्क किया जा सकता है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने बताया कि 10 अप्रेल तक इन विशेष पंजीयन शिविर में रजिस्ट्रेशन का कार्य चल रहा है। उसके बाद भी लाभार्थी स्वयं ऑनलाइन अथवा ई-मित्र केन्द्र के माध्यम से 30 अप्रेल 2021 तक अपना रजिस्ट्रेशन योजना में करा सकता है। 1 मई 2021 से प्रदेश में योजना लागू हो जाएगी।
डॉ शर्मा ने बताया  कि योजना में रजिस्ट्रेशन होने के बाद 1 मई से लाभार्थी प्रदेश के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, जिला अस्पताल, सेटेलाइट अस्पताल, मेडिकल कॉलेज अस्पताल, भारत सरकार के प्रदेश में स्थित अस्पताल जैसे एम्स और रेलवे अस्पतालो के साथ-साथ योजना से जुड़े सभी निजी अस्पतालों में भी स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा। इन सभी अस्पतालों में भर्ती होने पर लाभार्थी परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रूपये तक का निःशुल्क इलाज मिल पायेगा जिसमें जांच, दवाइयां, उपचार सभी शामिल होगा।
मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा और जांच योजना से मरीजो को वर्तमान में ओपीडी सेवाओ में निःशुल्क चिकित्सा का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना से प्रदेश के सभी निवासी अब चिकित्सा के  ऊपर लगने वाले बड़े खर्चो से मुक्त हो पाएंगे।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुणा राजोरिया ने बताया कि योजनांतर्गत पात्र परिवार योजना के साॅफ्टवेयर पर पंजीयन उपरांत संलग्न प्रारूप में ’पाॅलिसी दस्तावेज’ डाउनलोड कर प्राप्त कर सकता है जिसमें लाभार्थी परिवार के जनआधार एवं पाॅलिसी संबन्धित विवरण दर्ज होगा। योजना में अपने रजिस्ट्रेशन के लिये पंजीयन शिविर में लाभार्थी को अपना जनआधार कार्ड अथवा जनआधार रजिस्ट्रेशन के साथ आधार कार्ड को साथ लेकर जाना होगा। स्वास्थ्य बीमा योजना में पहले से लाभान्वित हो रहे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और सामाजिक-आर्थिक जनगणना के पात्र परिवारों को पंजीयन कराने की आवश्यकता नही होगी।
संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी काना राम ने बताया कि जिन लोगो का जनआधार कार्ड नही बना हुआ है, उन्हे पहले ई-मित्र पर जाकर अपना जनआधार कार्ड बनाना होगा। इसके लिये ई-मित्र द्वारा कोई शुल्क नही लिया जाता है। यह पूर्णतया निःशुल्क है।

छत्तीसगढ़ के सुकमा-बीजापुर में हुए नक्सली  हमले में 22 जवान शहीद , 9 नक्सली भी मारे गयें – अमित शाह का दौरा रद्द 

नक्सली हमलें के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने रद्द किया अपना असम दौरा समीक्षा बैठक जल्द –

 

Naxalite attack in Sukma-Bijapur in Chhattisgarh killed 22 jawans,

9 Naxalites also killed – Amit Shah’s visit canceled

 

 छत्तीसगढ़ नक्सली हमले के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने अपना असम दौरा रद्द कर दिया , असम में अभी विधानसभा चुनाव हो रहें हैं वहां अमित शाह को 2 चुनावी रैलियां करनी थीं लेकिन वह दिल्ली लौट आयें हैं और जल्द हमलें की समीक्षा बैठेंक करने वाले हैं |

 

 

दो चुनावी रैलिय रद्द – 

गृह मंत्री अमित शाह की असम में आज दो चुनावी रैलिय प्रस्तावित थी लेकिन नक्सली हमलें के चलते दोनों चुनावी रेलिया रद्द कर दी गई हैं अभी छतीसगढ़ में सुकमा – विजापुर में सर्च आपरेशन चल रहा हैं घटना पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा हैं की वह अभी दिल्ली लौट रहें हैं और छतीसगढ़ मुख्यमंत्री से बात चल रही हैं और  डीजीपी से मौके पर जाने को कहा है  सभी हमलें की जांच के आदेश दे दियें गयें हैं जांच

राजस्थान विधानसभा उपचुनाव –  कांग्रेस भाजपा का समीकरण बिगाड़ रहें हैं हनुमान बेनीवाल 

राजस्थान विधानसभा उपचुनाव 20 21 
कांग्रेस भाजपा का समीकरण बिगाड़ रहीं हैं हनुमान बेनीवाल की पार्टी रालोपा – 
पवन देव 
जयपुर |  राजस्थान में विधानसभा के उपचुनाव हो रहें हैं यह चुनाव जहाँ कांग्रेस भाजपा के लियें बहुत ख़ास हैं वर्तमान कांग्रेस सरकार की सरकार गिराने के घटनाक्रम के बाद तो कांग्रेस में गुटबाज़ी सचिन पायलट , अशोक गहलोत के बीच रह रह आग के बाद दुआ उठ ही रहा हैं राजस्थान प्रभारी अजय माकन भी एक सूत्र का संदेश देने की कोशिश कर हैं लेकीन सच्चाई और कुछ ही हैं जो जग ज़ाहिर हैं सुजानगढ़ में मनोज मेघवाल की नामांकन रैली भी ही स्टेज बैनर से सचिन पायलट की फोटो गायब थी  और सभा से पहले उनकी फ़ोटो को स्टेज पर लगाया गया था आलम यह हैं कांग्रेस पार्टी की आपसी फुट का |
भाजपा की नैया  क्या वसुंधरा राजे के  बीना तट तक पहुँच पायेगीं  – दबी जुबा ही सही यह बात सत्य हैं राजस्थान में भाजपा में वसुंधरा राजे से बड़ा कोई चेहरा नहीं हैं उनकी राजनीति के तरीके से सब अवगत हैं उनके कार्यकाल में ही संघ की कसमें खाने वाले पूर्व मंत्री घनश्याम तिवाड़ी की तो यह स्थिति हो गई थी उन्होंने ने कांग्रेस पार्टी जॉइन कर ली थी ऐसे कई उदाहरण हैं जो राजस्थान में वसुंधरा राजे और कांग्रेस में अशोक गहलोत के शासन काल में अव्यस्थित हुयें हैं |
क्यों खास हैं हनुमान बेनीवालराजस्थान की राजनीति में अगर अंगद की तरह अगर कोई नेता स्थापित हुआ हैं तो वह हैं हनुमान बेनीवाल 
बेनीवाल अपने छात्रसंघ जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहें हैं और आज भी उनका काम करने का तरीका युवा नेता जैसा ही हैं इसलिए युवाओं में उनकी पकड़ मजबूत हैं और वह मंजे हुयें राजनेता की तरह राजस्थान में जमें हैं आज वह भाजपा से समर्थन से सांसद हैं और अभी उनकी पार्टी रालोपा के आज तीन विधायक हैं
hanuman beniwal
जाट और दलितों को साधने की कोशिश – सूत्रों की मानें तो बेनीवाल इस वक्त पश्चिमी राजस्थान में जाट वोटो के साथ दलितों को साधने की कोशिश कर रहें हैं यह कड़ी थोड़ी मुश्किल हैं क्योंकि पश्चिमी राजस्थान में जाटों द्वारा दलितों पर ज्यादा अत्याचार    मारपीट की घटनाएं सामने आती हैं अगर बेनीवाल जाट और दलितों को साधने में कामयाब हो जाते हैं तो यह समीकरण भजपा और कांग्रेस दोनों के लियें ही मुश्किल रहने वाला हैं |
सुजानगढ़ में क्या हैं जातीय समीकरण –
रालोपा पार्टी के जयपुर जिला प्रवक्ता राजेश बुनकर ने कहा हैं हमारी पार्टी हमारें राष्टीय नेता सांसद हनुमान बेनीवाल जी के  नेतृत्व में राजस्थान की तीनों सीटों पर मजबूती से जनसंपर्क कर रही हैं हमारे सभी नेता – कार्यकता यहाँ जनता के बीच हैं और हम क्षेत्र में पहले भी काम कर रहें थे इसलियें जनता हम पर विश्वास कर रही हैं और हम तीनों सीटों पर विजय हासिल कर रहें हैं |

बेरोजगारों के लियें अवसर – मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विभिन्न विभागों के लिए 209 पदों के सृजन को दी मंजूरी – जानें यहाँ

इन विभागों के लिए 209 पदों का होगा सृजन –
जयपुर, 3  अप्रेल। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने युवाओं को रोजगार के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराने तथा राजकार्य के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न विभागों, प्राधिकरण तथा न्यायालयों के लिए अलग-अलग संवर्गों के 209 नवीन पदों के सृजन को मंजूरी दी है।
40 नए न्यायालयों के लिए 120 नए पद –
 मुख्यमंत्री  ने विधि एवं विधिक कार्य विभाग की ओर से 31 अक्टूबर, 2020 को जारी अधिसूचना से सृजित 40 नवीन न्यायालयों के लिए 120 विभिन्न पदों के सृजन की स्वीकृति दी है। इनमें अभियोजन अधिकारी के 12, सहायक अभियोजन अधिकारी के 28, वरिष्ठ सहायक के 12, कनिष्ठ सहायक के 28 तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के 40 पद शामिल हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती सेवानिवृत्त कार्मिक या रेक्सको के माध्यम से की जाएगी। मुख्यमंत्री की इस मंजूरी से नवीन न्यायालयों में अभियोजन पैरवी का कार्य सुचारू रूप से संपादित हो सकेगा।
ashok gehlot
वन्यजीवों की देखभाल के लिए 50 पदों का सृजन
मुख्यमंत्री ने वन विभाग द्वारा संधारित वन्य जीव अभयारण्य, राष्ट्रीय उद्यान, टाइगर रिजर्व, चिडियाघर एवं बायोलॉजिकल पार्क में वन्य जीवों की चिकित्सा तथा देखरेख के लिए 17 पशु चिकित्सकों तथा 33 पशुधन सहायक / पशु चिकित्सा सहायक के नवीन पदों के सृजन को मंजूरी दी है। वन विभाग में सृजित किए जाने वाले ये पद पशुपालन विभाग की कैडर स्ट्रेंथ में शामिल होंगे।
रेरा और ट्रिब्यूनल के लिए 31 पद
मुख्यमंत्री  ने राजस्थान रियल एस्टेट रेग्यूलेटरी अथोरिटी (रेरा) मं  19 पदों के सृजन को मंजूरी दी है। इनमें चेयरमेन का एक, सदस्यों के दो पद, डिप्टी रजिस्ट्रार तकनीकी, जूनियर ड्राफ्टमेन, डिप्टी रजिस्ट्रार कंप्लेंट एवं कोर्ट, लॉ ऑफिसर, सहायक लेखाधिकारी द्वितीय, कनिष्ठ सहायक कैशियर, प्रवर्तन अधिकारी, अभियोजक, ड्राइवर के एक-एक पद तथा सूचना सहायक व कनिष्ठ सहायक के दो-दो पद एवं स्टेनोग्राफर के तीन पदों की स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री ने राजस्थान रियल एस्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल में 12 नवीन पदों के सृजन की भी स्वीकृति दी है। इनमें रजिस्ट्रार, सहायक लेखाधिकारी द्वितीय, रीडर तथा गार्ड का एक-एक पद तथा शीघ्रलिपिक, सूचना सहायक, कनिष्ठ सहायक एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के दो-दो पद शामिल हैं।
अजमेर मेडिकल कॉलेज के लिए चिकित्सक शिक्षकों के 8 पद
श्री गहलोत ने चिकित्सा महाविद्यालय अजमेर में स्नातक सीटों में वृद्धि के कारण एमसीआई के नियमों के अनुरूप आठ नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी है। इनमें एनाटॉमी विभाग में सहायक आचार्य का एक, वरिष्ठ प्रदर्शक के दो, फार्माकोलॉजी विभाग में सहायक आचार्य का एक, वरिष्ठ प्रदर्शक का एक तथा कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग में सह-आचार्य, सहायक आचार्य एवं वरिष्ठ प्रदर्शक का एक-एक पद शामिल है।

कोटा के 2 लाख विद्यार्थी ( इंजीनियरिंग, मेडिकल ) का होगा डेटाबेस तैयार – मुख्यमंत्री ने दियें आदेश

मुख्यमंत्री ने दी मंजूरी  कोचिंग विद्यार्थियों का ऑनलाइन रजिस्टर  तैयार करेगी सरकार
जयपुर, 2 अप्रेल। देशभर में कोचिंग हब के रूप में विख्यात कोटा शहर में इंजीनियरिंग एवं मेडिकल की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों का एक ऑनलाइन रजिस्टर तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस प्रोजेक्ट के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। स्टूडेंट रजिस्टर बनाने का काम राजकॉम्प इन्फो सर्विसेज लिमिटेड (आरआईएसएल) द्वारा किया जाएगा। प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 68 लाख रूपए है।
 गहलोत के इस निर्णय के बाद कोटा शहर में कोचिंग कर रहे लगभग दो लाख विद्यार्थियों का डेटाबेस तैयार किया जाएगा, ताकि राज्य सरकार के पास प्रदेश में रह रहे इन प्रवासियों की सही संख्या तथा व्यक्तिगत विवरण का रिकॉर्ड उपलब्ध हो।
विद्यार्थियों का विवरण उपलब्ध होने पर कोविड-19 के संक्रमण जैसी परिस्थितियों में इन प्रवासियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का प्रबंधन करना आसान हो सकेगा। इसी तरह के स्टूडेंट रजिस्टर प्रदेश के कोचिंग संस्थानों वाले अन्य शहरों के लिए भी तैयार किए जाएंगे।
सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग की ओर से प्राप्त प्रस्ताव के अनुसार, स्टूडेंट डेटाबेस तैयार करने का उद्देश्य सभी कोचिंग विद्यार्थियों के लिए वेब पोर्टल और मोबाइल ऎप तैयार करना है, जिसमें विद्यार्थियों के स्थायी पते एवं परिजनों के विवरण के साथ-साथ, कोचिंग संस्थान, हॉस्टल, पेइंग गेस्ट, प्राइवेट स्टे-होम, मेस आदि सुविधाओं की जानकारी भी दर्ज होगी। इस पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों को कोचिंग, आवास एवं खाने-पीने से जुड़ी समस्याओं तथा शिकायतों को दर्ज करने एवं इनके निस्तारण की सुविधा दी जाएगी।
स्टूडेंट रजिस्टर का उपयोग अभिभावकों को विद्यार्थियों के क्लास शेड्यूल तथा कोचिंग संस्थान में उनकी उपस्थिति एवं अनुपस्थिति के बारे में सूचित करने के लिए किया जा सकेगा। विशेष परिस्थितियों में डेटाबेस में दर्ज फोन नंबर पर आवश्यक सूचनाएं और संदेश भेजे जा सकेंगे। स्थानीय प्रशासन इस डेटाबेस का उपयोग संबंधित शहर में संपूर्ण कोचिंग व्यवस्था के बेहतर प्रबंधन और शहर तथा क्षेत्र विशेष की विकास योजनाओं की प्लानिंग के लिए भी करेगा।
उल्लेखनीय है कि कोटा शहर में लगभग 50 छोटे और 10 बडे़ कोचिंग संस्थान हैं, जहां लगभग 2 लाख विद्यार्थी इंजीनियरिंग, मेडिकल आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। यहां लगभग 25 हजार पेइंग गेस्ट सुविधाएं, 3 हजार हॉस्टल तथा 1800 मेस संचालित हैं। कोटा में इस व्यवसाय का वार्षिक कारोबार 3 हजार करोड़ से अधिक का है।