राजस्थान सियासत के दंगल के बीच – मुख्यमंत्री गहलोत ने निकाली भर्तिया – बेरोजगारों को राहत – आप भी कर सकते हैं आवेदन 

राजस्थान सरकार आयुर्वेद विभाग में 450 चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती करेगी, पुलिस विभाग में चतुर्थ श्रेणी के 326 पदों पर होगी सीधी भर्ती
जयपुर। शुक्रवार को राजस्थान सरकार की तरफ से दो अच्छी खबर सामने आई। जहां दो अलग-अलग विभागों में भर्ती को स्वीकृति दी गई। इनमें पहली आयुर्वेद विभाग में 450 चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती को मंजूरी दी गई। वहीं, दूसरी पुलिस विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के 326 रिक्त पदों को सीधी भर्ती से भरे जाने के प्रस्ताव को वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
चिकित्सा और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने शुक्रवार को आयुर्वेद विभाग में 450 चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती को स्वीकृति जारी की
मुख्यमंत्री गहलोत ने पुलिस विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के 326 रिक्त पदों को सीधी भर्ती से भरे जाने के प्रस्ताव को वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति दी 
चिकित्सा और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने शुक्रवार को आयुर्वेद विभाग में 450 चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती को स्वीकृति जारी की। उन्होंने कहा कि इन पदों पर यथाशीघ्र भर्ती की जायेगी। साथ ही 125 आयुष औषधालयों में बिजली एवं पानी के कनेक्शन हेतु 18 लाख 75 हजार रुपये की राशि भी स्वीकृत की गयी है। पुलिस विभाग में चतुर्थ श्रेणी के 326 पदों पर होगी सीधी भर्ती मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुलिस विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के 326 रिक्त पदों को सीधी भर्ती से भरे जाने के प्रस्ताव को वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति दी है। गहलोत ने आरएसी बटालियनों की कंपनियों, प्लाटूनों एवं सैक्शन के मोबलाइज रहने के दौरान बटालियन एवं कंपनी मुख्यालय पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों, स्वीपर, धोबी, कुक, मोची आदि तथा नवगठित मेवाड भील कोर बांसवाड़ा, महाराणा प्रताप आरएसी इंडिया रिजर्व बटालियन, आरएसी की चौदहवीं बटालियन तथा जिला पुलिस भिवाड़ी के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के विभिन्न संवर्गों के इन पदों पर भर्ती की मंजूरी दी है।
गहलोत ने पुलिस विभाग में कुक 72, स्वीपर के 58, धोबी के 51, तीर्थ श्रेणी कर्मचारी के 31,जलधारी/जलवाहक के 30, नाई के 26, दर्जी एवं सईस के 10-10, मोची के 8, खाती के 7, कैनल बॉय के 6, फिटर के 2 तथा बागवान एवं फर्राश के एक-एक पद तथा वर्ष 2020-21 में पदोन्नति से रिक्त होने वाले 13 और पदों सहित कुल 326 रिक्त पदों को सीधी भर्ती से भरे जाने की स्वीकृति दी है

शिक्षा व् मानवीय मूल्यों की बड़ी बाते करने वाले प्राइवेट स्कूल – अब इस महामारी काल में भी शिक्षा का व्यवसायीकरण कर रहें है

Private schools that talk a lot about education and human values ​​-now even in this

pandemic period, education is being commercialized –

जयपुर |  शिक्षा व मानवता का पाठ पढ़ाने वाले स्कूल आज कल इस  वैश्विक महामारी कोरोना में भी पेरेंट्स को छुट्टियों की फीस जमा कराने के लियें दबाव् बना रहे हैं |

इस मुश्किल घड़ी में जहां लॉक डाउन के चलते पिछले 40 दिन से अधिक समय से व्यवसाय बंद हैं घर चलाने का भी खर्च अब मध्यमवर्गीय परिवार के पास नहीं बचा हैं अब स्कूलों के मेल ,कॉल आदि द्वारा पेरेंट्स पर दबाव बनाया जा रहा हैं कि आप अपने बच्चों की फ़ीस जमा किरायें|

sa aabhar

अब मध्यम वर्गीय परिवार मानसिक रूप से तनाव में है एक और तो काम धंधे ठप हैं उसके ऊपर प्रधानमंत्री मोदी व राज्य सरकारों ने आदेश जारी कर के कह दिया हैं कि लॉक डाउन के चलते आप अपने यहां काम करने वाले मजदूरों को नोकरी से नहीं निकाल सकते और उन्हें लॉक डाउन के चलते सैलेरी भी देना अनिवार्य हैं |

अब मध्यम वर्गीय परिवार अपना घर चलायें या जरूरतमंद लोगों की मदद करें या बंद पड़े व्यापार का किराया दे जबकी धंधा चोपट हो चुका हैं और उस पर अलग से स्कूल प्रशासन तीन महीने के फीस मांग रहा हैं जिसको लेकर मध्यम वर्गीय परिवार अतिरिक्त तनाव में जीवन गुजार रहे हैं |

स्कूल प्रशासन ने कहा – निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि वह छुटियों में भी ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं जबकि एक सर्व में कहा गया है कि भारत मे अभी छोटे बच्चे ऑनलाइन स्टडी को प्राथमिकता नहीं देते हैं |

अभिभावकों ने कहा – पेरेंट्स आर सी शर्मा ने कहा कि आज निजी स्कूलों ने शिक्षा का पूर्ण रूप से व्यवसायीकरण कर दिया है यह तो इंसानियत भी मार चुके  है इस आपदा के समय जब देश दुनिया मानवता को बचाने में लगी हैं जब सब मिलकर इस कोरोना महामारी से लड़ रहे है सरकार ने सभी से अपील की है कि वह किरायदारों से 3 माह का किराया ना ले और किसी गरीब को परेशान ना होने दे|

वही दूसरी और  आज यह शिक्षा का मंदिर इस आपदा के समय मे पेरेंट्स पर 3 माह की फीस जमा कराने का दवाब बना रहे हैं जबकि 30 बच्चों पर एक टीचर होता हैं इस के अनुसार भी मोटी फीस लेने वाले स्कूल अपने को ख़राब आर्थिक स्थिति में बता रहे हैं और फीस की अपील का विज्ञापन फुल पेज का देकर पेरेंट्स से फीस की मांग कर रहे हैं जो कि मानवीय मूल्यों के विपरीत हैं

कोई भी गरीब व् वंचित बच्चा शिक्षा से महरूम नहीं होगा – हेमलता कांसोटिया

Hemlata Konsotia, a pioneer in the social sector, today gave directions to her team regarding the admission of children from poor and disadvantaged sections through RTE in Kishanpol Assembly {Heritage Jaipur} 

जयपुर | सामाजिक क्षेत्र में अग्रणी नाम हेमलता कांसोटिया ने आज किशनपोल विधानसभा { हेरिटेज जयपुर } में  गरीब व् वंचित वर्ग के बच्चों को   राइट  टू एजुकेशन के माध्यम से प्रवेश दिलाने के सम्बन्ध में अपनी टीम को दिशा – निर्देश दियें |

हेमलता जी ने बताया की आज जयपुर शहर { हेरिटेज } में दलित – मुस्लीम व् वंचित वर्ग के गरीब तबके के लोग अधिक निवास करते है जिनका मुख्यकार्य मजदूरी होता है वह जानकारी व् उचित मार्गदर्शन के अभाव में सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते  जिसके वह हक्कदार है में { हेमलता } लम्बे समय से दिल्ली व् राजस्थान में दलित समाज व् वाल्मकि समाज के सफाई कर्मचारियों { सीवरेज वर्कर } को लेकर लम्बे समय से काम कर रही हूँ जिसके चलते आज दिल्ली में कोई भी व्यक्ति सीवरेज में नहीं उतरता है आज सारी प्रक्रिया मशीनी हो चुकी है और जिन लोगो की सीवरेज में सफाई के दौरान दम घुटने से मौत हुई है उनको  न्याय दिलाने के लियें कानूनी व् सामाजिक रूप से लड़ाई लड़ रही हूँ |

RTE – राइट टू एजुकेशन  एक्ट 

राजस्थान में हमारा संगठन लीड्स के माध्यम से प्रत्येक वार्ड के स्तर पर जागरूकता व् हेल्प कैंप लगाने जा रहा  है जिसके माध्यम से सही रूप से rte  के माध्यम से प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ने का हमारा प्रयास है आज जयपुर टीम के सभी सदस्यों को  पारदर्शिता  संस्था दिल्ली के राजीव कुमार  द्वारा आज शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2010 के तहत सेक्शन 12 प्रथम सी के दौरान होने वाले कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों के लिए प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश कराने हेतु सभी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। तथा जरुरी दस्तावेज के बारे में जानकारी दी गई है । बच्चों के स्कूल में प्रवेश के दौरान आ रही समस्याओं को वालिंटियर ने राजीव जी के समक्ष प्रस्तुत किया।

इस कार्यक्रम में क्षेत्र के सभी बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने भाग लिया |

 

 

 

 

 

 

स्टार खिलाड़ी हार्दिक पांड्या जा सकते है जेल – संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी

मुसीबत में फंसे भारतीय टीम का ये खिलाड़ी, राजस्थान में मामला दर्ज –

जोधपुर। क्रिकेट के मैदान में आतिशी पारी से दर्शको दिल में जगह बनाने के साथ-साथ विपक्षी गेंदबाजों के साथ पसीने छुड़ा देने के लिए जाने जाते है। लेकिन क्रिकेट के इस खिलाड़ी के लिए राजस्थान से बुरी खबर है राजस्थान में जोधपुर की एक अदालत ने भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी हार्दिक पांड्या के खिलाफ संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी के प्रकरण में मामला दर्ज करने के आदेश दिये हैं।

जानकारी के अनुसार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण जोधपुर महानगर न्यायालय के न्यायाधीश मधु सूदन शर्मा ने परिवादी अधिवक्ता डी आर मेघवाल के परिवाद पर कल यह आदेश दिये। न्यायालय ने इस मामले में दंड संहिता की धारा 156 (3) के तहत मामले की जांच करने के आदेश दिये।

परिवादी ने जानकारी देते हुए बताया कि ने बताया कि व्हाटसअप पर पांड्या द्बारा डा. अम्बडेकर के बारे में कौन है अम्बेडकर, जिसने दोगला कानून एवं संविधान बनाया तथा आरक्षण नाम की बीमारी फैलाई टिप्पणी करने का मामला सामने आने के बाद उन्होंने जोधपुर के लूणी थाने में मुकदमा दर्ज करने का निवेदन किया। लेकिन पुलिस ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। परिवादी ने बताया कि उसने इस संबध में उन्होने आयुक्त से भी शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाही नहीं की।इसके बाद गत 30 जनवरी को न्यायालय में इस्तगासा पेश कर मामले की जांच कराने का निवेदन किया गया। आपको बता दें कि हार्दिक पंड्या को भारतीय टीम में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है। आपको बता दें कि आईपीएल में हार्दिक मुबंई इंडियन की तरफ से खेलते है।

सबसे युवा और पहली एमबीबीएस सरपंच बनी शहनाज

इंटरनेट डेस्क। राजस्थान के भरतपुर जिले के गरहाजन गांव की कमां पंचायत से शहनाज खान सबसे युवा और पहली एमबीबीएस सरपंच बनी। आपको बता दें शहनाज ने 24 वर्ष की उम्र में इस पद पर जीत दर्ज की। पंचायत चुनाव में शहनाज ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी को 195 मतों से हराकर ये गौरव प्राप्त किया। आपको बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में गरहाजन गांव में होने वाले चुनाव रद्द कर दिए गए थे क्योंकि मौजूदा सरपंच शहनाज के दादा पर चुनाव के दौरान झूठे शैक्षणिक योग्यता प्रमाणपत्र देने का आरोप लगा था। गौरतलब है कि राजस्थान में सरपंच का चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार का कम से कम दसंवीं पास होना जरुरी होता है।

शाहनाज के परिवार का राजनीति से ताल्लुक काफी पुराना है उनके दादा 55 साल से गांव के सरपंच है वहीं उनके पिता गांव के मुखिया है। जीत के बाद शहनाज का कहना है कि मैं बहुत खुश हूं कि मुझे अपने लोगों की सेवा करने का मौका मिला है। शहनाज का कहना है कि उनकी प्राथमिकता लड़कियों की पढ़ाई और स्वच्छता होंगी। वह लड़कियों के लिए उदारहण पेश करना चाहती हैं। शहनाज कहती है कि यह उन पेरेंट्स के लिए उदारहण होगा जो अपनी बेटियों की पढ़ाई को नजरअंदाज कर देते हैं। आपको बता दें कि शहनाज मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश के तीर्थांकर महावीर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर रहीं है। जहां वह अपने कॉलेज के अंतिम वर्ष में पढ़ाई कर रहीं है।