ABSS राजस्थान प्रान्त की कोविड – 19 से उत्पन्न हुई चुनोतियाँ पर चर्चा –

आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति का ऑनलाइन वेबिनार संपन्न –
mohan jaipal
जयपुर।  आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति, राजस्थान प्रान्त ने covid 19 महामारी और सामाजिक समस्याओं पर वेबिनार का आयोजन किया गया। आज के वेबिनार की शुरुआत राष्ट्रीय महासचिव मांगी लाल भूतिया और जुगराज बैरवा द्वारा की गई।
समिति के वक्ताओं ने राजस्थान में समाज के प्रमुख मुद्दों को लेकर जिसमें आरक्षण व आर्थिक स्थिति पर चर्चा की गई, साथ ही covid 19 माहामारी से समाज में आए संकट के समाधान पर राय रखी गई। गौरतलब हैं कि आज के वेबिनार में राजस्थान से 14 जिलों से 35 से अधिक वक्ताओं और सदस्यों ने भाग लिया।
 आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति  के राष्ट्रीय अध्यक्ष आर पी सिंह के मार्गदर्शन में तथा राष्ट्रीय महासचिव मांगी लाल भूतिया के नेतृत्व में राजस्थान प्रान्त की वेबिनार का आयोजन किया गया जिसमें कई  बिन्दुओं पर चर्चा की गई –
राजस्थान में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति का विस्तार को लेकर, राजस्थान में अनुसूचित
 जाति पर बढ़ते अत्याचारों पर अंकुश हेतु रणनीति, 4-कोविड 19 से उत्पन्न चुनौतियां एवं निराकरण में योगदान, पर प्रमुखता से चर्चा की गई।
मिटिंग का आगाज़ परिचय सत्र से हुआ तत्पश्चात मांगी लाल भूतिया राष्ट्रीय महासचिव ने सामान्य परिचय, उद्देश्य व संगठन की 15 सूत्रीय मांगो पर बिन्दुवार प्रकाश डाला ।
आज के वेबिनार में कालूराम मेघवाल श्री गंगानगर कोदर लाल बुनकर बांसवाड़ा,बीएल बैरवा सेवानिवृत्त आयकर अधिकारी जयपुर प्रोफेसर आर एल बैरवा  सवाई माधोपुर  द्वारा राजस्थान में अनुसूचित जाति पर बढ़ते अत्याचारों पर अंकुश लगाने के रणनीति बनाए जाने पर संक्षेप में विचार व्यक्त किये । लक्ष्मण यादव डूंगरपुर,लक्ष्मी नारायण बारूपाल,के बारूपाल सीकर,किशन सिंह,बद्री नारायण बाकोलिया टोंक, मोहन जयपाल, सुरेश नागर, डाॅ. जे पी सिंह अम्बेडकर नई दिल्ली,डाॅ महेन्द्र प्रताप सिंह उत्तर प्रदेश एम पी सिंह  राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ABSS आदि के द्वारा राजस्थान में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के विस्तार के सन्दर्भ में अपने विचार व्यक्त किये ।
जुगराज बैरवा आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति महासचिव ने बताया कि कोविद 19 से उत्पन्न चुनौतियों का सामना एवं pay back to society में अपना योगदान विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए तथा मीट का संचालन किया ।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय इन्जीनियर आर पी सिंह के द्वारा अपने विचारों में बताया कि लगातार प्रयास करने पर मंजिल को प्राप्त किया जा सकता है, आपका साथ मेरी ताकत को बढ़ाता है । राजस्थान में कांग्रेस सरकार होने के उपरान्त भी अनुसूचित जाति के लोगों पर अत्याचार बढना एक विडम्बना नहीं तो क्या है?इन इश्यूज को निकट भविष्य में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समक्ष आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के द्वारा रखा जायेगा, यदि फिर भी सुधार नहीं होता है तो हम हमारे हक अधिकारों के लिए राजस्थान में बड़ा आन्दोलन करेगे इस हेतु सभी से तैयार रहने का आह्वान किया ।
राजस्थान में संगठन की गतिविधियों के विस्तार के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा कालूराम मेघवाल श्रीगंगानगर को राजस्थान प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया जिसका सभी के द्वारा समर्थन किया गया । साथ ही जसबिन्दर कौर,भूपेंद्र तलनिया हंसराज सीकर किशन सिंह जानवरों,दयाराम बारुपाल परमजीत सिंह भट्टु आदि ने सहभागिता की ।
  मांगी लाल भूतिया राष्ट्रीय महासचिव द्वारा सभी का आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित कर मिटिंग समापन की घोषणा की ।

ब्रिटेन से भारत पहुंचा नया कोरोना वायरस, जानें इसका प्रभाव

भारत में अभी तक कोरोना वायरस का टीका लगना भी शुरू नहीं हुआ और इससे पहले कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन ब्रिटेन से भारत आ पहुंचा है। खबरों के अनुसार बताया जा रहा है कि हाल ही में ब्रिटेन से लौटे कुछ लोगों में इसके लक्षण पाये गये है और अन्य लोगों की जानकारी लेकर उनका पता लगाया जा रहा है। भारत सरकार ने इस नये लक्षण वाली खबर के बाद से ही ब्रिटेन से आनी वाली फ्लाइट्स पर रोक लगा ​दी है।

ब्रिटेन में अब तक कोरोना वायरस के ज्यादा खतरनाक मरीज मिलने के बाद से ही भारत सरकार ने 21 दिसंबर को ब्रिटेन से आने वाली फ्लाइट्स पर रोक लगा दी जो 31 दिसंबर तक रहेगी। जो लोग इससे पहले फ्लाइट्स से भारत पहुंचे उनकी एयरपोर्ट पर जांच की जा रही है। ब्रिटेन में इस नये वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने ज्यादा डरने की बात कही है और इसकी वैक्सीन बनाने पर काम शुरू कर दिया है।

वैज्ञानिकों के अनुसार कोरोनावायरस का जो नया रूप ब्रिटेन में मिला है वह पहले से लगभग 60 प्रतिया ज्यादा तेजी से फैल सकता है। फ्रांस और दक्षिण अफ्रीका में भी वायरस में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। हालाकि भारत में कोरोना मरीजों का आंकड़ दिनों दिन कम होता जा रहा है जो अच्छी खबर है। कोरोना का नया रूप बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक साबित होने की बात भी कही जा रही है।

देश में सोमवार केवल 16 हजार 72 नये मरीज मिले है जो जून के आकड़ों के मुताबिक बहुत कम है। अगर बात करें 24 घंटे की तो लगभग 25 हजार मरीज ठीक होने के साथ 250 मरीजों की मौत हुई। अब तक कुल 1 करोड़ कोरोना संक्रमित है इनमें से 98.06 लाख मरीज ठीक हो चुके हैं और 1.48 लाख मरीजों की मौत हो गयी है।

भारत में नये साल की शुरूआत से ही कोरोना का टीका लगाने की प्रकिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है जो अच्छी खबर है। भारत में तैयार ​की गयी स्वदेशी वैक्सीन सस्ती होने के साथ असरदार भी साबित हो सकती है क्योंकि इसके परिक्षण में अभी तक किसी प्रकार के साईड इफेक्ट देखने को ​नहीं मिले है।

कोरोना के खत्म होने के बाद आ सकती है दूसरी महामारी: जाने पूरी खबर

कोरोना महामारी को लेकर जहां दुनिया भर के लोगों की जान खतरे में पड़ गयी है तो वहीं दूसरी तरफ WHO ने भविष्य में नयी महामारी आने को लेकर एक बयान दिया है जिसके कारण सबको हैरानी हो रही है। कोरोना महामारी के कारण कई लोगों की जान चली गयी है लेकिन अभी तक इस बीमारी को खत्म करने वाली कारगर वैक्सीन भी नहीं बन पायी है। WHO के इस बयान के बाद लोगों ने अभी से कयास लगाने शुरू कर दिये है कि हो सकता है कि कोरोना के खत्म होने के साथ ही कोई नयी महामारी दुनिया भर में फैल सकती है।

WHO के प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने कोरोना महामारी के बीच 26 दिसंबर को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा है कोरोना वायरस अंतिम महामारी नहीं है अगर आने वाले समय में हम जलवायु परिवर्तन और पशु कल्याण का उचित समाधान नहीं कर सकें तो हमे किसी ना किसी नई महामारी का सामना करन पड़ सकता है।

वर्तमान में कोरोना वायरस के कारण दुनिया भर के स्वास्थ्य विभाग और इनके जानकार अभी तक इस वायरस को जड़ से खत्म करने में सफल नहीं हुए है जबकि इसके लिए पानी की तरह पैसे बहा दिया गया है। अगर दुनिया के सभी देश मिलकर पर्यावरण का खयाल नहीं रखेंगे तो हमें आने वाले भविष्य में किसी ना किसी नई बीमारे से लड़ना पड़ सकता है। टेड्रोस ने कहा कि लोगों को कोरोना महामारी से सीख लेनी चाहिए क्योंकि इसके आने के बाद से लोगों में डर पैदा हुआ है अगर इसका इलाज जल्द मिल जाता तो शयद लोगों को इस बीमारी का डर कभी नहीं लगता है।

कोरोना महामारी के कारण वे देश आज अपने आप को इतना असहाय महशुस कर जो अपने आप को दुनिया का सबसे अच्छा स्वास्थ्य सेवा ढाचा माना करते थे। भारत आज उन देशों से आगे है जो इस महामारी में कई देशों की सहायत करने के साथ आने वाले दिनों में उनको दुनिया की सबसी सस्ती और कारगर वैक्सीन देगा। भारत में स्वदेशी कोरोना वैक्सीन के अंतिम चरण का प्रशिक्षण चल रहा है और इसके परिणाम अभी तक सही आये है जो भारत के लिए बहुत बड़ी कामयाबी होगी। भारत में नये साल के शुरूआती हफ्तों में कोरोना का टीका लगना शुरू हो सकता है।

कोरोना वैक्सीन में सुअर की चर्बी होने पर भड़के मुस्लिम संगठन

कोरोना वैक्सीन को लेकर भारत के मुस्लिम समाज ने इसके इस्तेमाल को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर दी है। खबरों के अनुसार बताया जा रह है कि मुस्लिम संगठनों ने आरोप लगाया है कि चाइना में जो वैक्सीन तैयार की गयी है उसमें सुअर की चर्बी का इस्तेमाल किया गया है जो सही नहीं है। मुस्लिम समाज के नेताओं ने कहा कि इस्लाम में सुअर की चर्बी या मांस का इस्तेमाल करना वर्जित है और इस कारण हम इस वैक्सीन का इस्तेमाल नहीं करेंगे।

इससे पहले अरब अमीरात के मुस्लिम संगठनों ने कोरोनावायरस के टीकों को सही बताते हुए उसके इस्तेमाल करने की अनुमति प्रदान की थी। जानकारों के अनुसार टीकों में भी पोर्क का इस्तेमाल होता है इसी वजह से इस वैक्सीन का विरोध किया जा रहा है। चाइना में तैयार हुए कोरोना टीके को लेकर बताया गया कि इसमें सुअर की चर्बी या उसके मांस का इस्तेमाल किया गया है। मुस्लिम समुदाय ने कहा कि यह हमारी आस्था का सवाल है और इसी वहज से हम लोग इस वैक्सीन का इस्तेमाल नहीं करेंगे।


भारत में कोरोना वैक्सीन को लोगों तक पहुंचानी की सभी तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है और नये साल की शुरूआत होने के साथ लोगों को कोरोना का टीका भी लगना शुरू हो जाएगा। लेकिन सुअर वाली वैक्सीन को लेकर इस प्रकार की नाराजगी प्रशासन और सरकार दोनों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। भारत में कई वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है और जल्द ही इसके परिणाम आने वाले है जो बहुत अच्छ खबर होगी।