परेड खत्म होने के बाद राजपथ पर किसान निकाल सकेंगे ट्रैक्टर रैली

पिछले 2 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है और किसान नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे है। लेकिन किसान संगठन 3 नये कृषि कानूनों का खत्म करने की मांग को लेकर अड़े है और हर दिन नये नये तरीके से विरोध प्रदर्शन कर सरकार को अपनी मांगे पूरी करवाने के लिए मजबूर कर रहे है। हाल ही में किसानों को दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस पर शर्तों के साथ ट्रैक्टर परेड निकालने की अनुमति प्रदान कर दी है। लेकिन किसान संगठन इस अनुमति को लेकर भी अपनी नाराजगी जता चुके है किसान संगठनों को कहना है कि ट्रैक्टर रैली की टाइमिंग और जो रूट दिया है वह सही नहीं है।

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस के मौके पर सुरक्षा को लेकर रैली की अनुमति देने से इनकार कर दिया था लेकिन अब कुछ शर्तों के साथ मंजूरी प्रदान की है। ट्रैक्टर रैली निकालने का समय 12 बजे का दिया है जिसका कोई तुक नहीं है और इसके साथ ही किसान संगठनों ने रूट को लेकर भी सवाल उठाया है। किसानों ने बताया है कि रैली को जिन इलाकों से इजाजत दी गई है वह ज्यादातर हरियाणा का भाग है।किसानों की मांग है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी दी जाए और तीनों नए कृषि कानूनों को रद्द किया जाए और इसी बात को लेकर किसानों का प्रदर्शन 61 दिनों से जारी है।

गणतंत्र की परेड में हिंसा फैलाने की पाकिस्तान की साजिश का भी खुलासा हुआ है और बताया जा रहा है कि हिंसा फैलाने के लिए पड़ोसी देश इंटरनेट मीडिया का सहारा ले रहा है। इसके उन्होंने 300 से ज्यादा ट्विटर अकाउंट बनाए हैं, जिसकी जानकारी इंटेलिजेंस को मिल गई है और इसी बात को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के बेहद कड़े बंदोबस्त किए जा गये हैं।

पुलिस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में जानकारी दी गयी कि  गाजीपुर बार्डर पर 46 किलोमीटर सिंघु बार्डर पर 62 किलोमीटर व टीकरी बार्डर पर 63 किलोमीटर के दायरे में परेड निकालने की अनुमति प्रदान की गयी है और इसके साथ तीनों बार्डरों से परेड का 100 किलोमीटर से ज्यादा का रूट दिल्ली में होगा।

किसान आंदोलन को लेकर पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार को लगाई कड़ी फटकार

45 दिन से ज्यादा का समय बीत चुका है और किसान अपनी मांगों लेकर लगातार सरकार के साथ वार्ता कर रहे है लेकिन इसके बाद भी अभी तक कोई उचित समाधान नहीं निकल पाया है। इस आंदोलन को खत्म करने के लिए सरकार ने कई बार किसान संगठनों से आग्रह किया है वह सरकार पर विश्वास करें और आंदोलन खत्म करे लेकिन किसान संगठन ​कृषि बिलों को समाप्त करने की मांग को लेकर अड़े हुए है।

इस बीच आज सुप्रीम कोर्ट ने कृषि कानूनों पर आज सख्त रुख अपनाते हुए सरकार से पूछा है कि क्या वह कानून को स्थगित करती है या फिर वह इस पर रोक लगा दे। भीषण ठंड को देखते हुए अदालत ने कहा कि किसानों की चिंता करनी चाहिए और उनकी समस्या का समाधान करने के लिए एक कमिटी बनानी चाहिए। इसके साथ कोर्ट ने किसान आंदोलन पर सरकार के विवाद निपटाने के लिए जो तरीका अपनाया उसे लेकर भी सख्त टिप्पणी की है।

सुप्रीम कोर्ट ने किसान कानून समाप्त करवाना चाहते हैं जबकि सरकार मुद्दों पर बात करना चाहती है लेकिन हम एक विशेषज्ञ लोगों की एक कमिटी बनाकर कानूनों पर विचान करेंगे। किसान कमिटी के पास जाएंगे। कोर्ट ने कहा कि हमने केंद्र सरकार को कहा था कि क्यों नहीं इस कानून को कुछ दिन के लिए स्थगित कर दें और उचित समाधान होने पर इस पर फैसला करें। कोर्ट किसान आंदोलन को हैंडल करने के तरीके से बहुत ज्यादा नाराज है।

मुख्य न्‍यायाधीश एसए बोबडे वाली बेंच किसाना आंदोलन से जुडी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। केंद्र और किसान संगठनों के बीच अगली बैठक 15 जनवरी को होनी है, ऐसे में SC की टिप्पणी बहुत अहम साबित हो सकती है। आज नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों का आंदोलन का 47वां दिन है केंद्र सरकार के साथ कई दौर की बातचीत फेल होने के बाद, किसान संगठनों के नेता आंदोलन तेज करने की रणनीति बनाने में लगे हैं। कोर्ट की इस बात पर विपक्ष पर केन्द्र सरकार पज जमकर हमला बोल दिया है।

 

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत का कहना है कि वह तब तक आंदोलन करेंगे जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाएंगी और सरकार जितनी देर करेगी आंदोलन उतना ही तेज होता जाएगा।

कांग्रेस सभी राज्यों में 15 जनवरी को ‘किसान अधिकार दिवस’ मनाएगी और राजभवनों का घेराव करेंगे। कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि ‘अब देश के किसान काले कानून खत्म करवाने के लिए करो या मरो की राह पर चल पड़े हैं।’

 

कोरोना वैक्सीन: इस दिन से शुरू होगा टीकाकरण, ऐसे कराएं रजिस्ट्रेशन,जानें पूरी खबर

दुनिया भर में कोरोना का टीकाकरण शुरू हो गया है लेकिन भारत में अभी तक टीका लगने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पायी है। खबरों के अनुसार बताया जा रहा है कि 14 या 16 जनवरी से कुछ राज्यों में टीकाकरण का अभियान शुरू हो सकता है और इसकी सभी तैयारिया पूरी कर ली गयी है। सरकार ने सभी राज्य सरकारों को आदेश जारी कर दिया है कि वह सभी तैयारियां पूरी करके रखे और एक अभियान की तरह प्रत्येक देशवासी तक आसानी से टीका पहुंच सके।

 

टीकाकरण का अभियान सिलसिलेवार तरीके कई चरणों में शुरू होगा जिसमें पहले चरण में डॉक्टर्स, नर्स, मेडिकल स्टाफ व दूसरे हेल्थ वर्कर्स शामिल है इसके बाद फ्रंटलाइन वर्कर्स का नंबर आएगा। इन्हें खुद रजिस्ट्रेशन करवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके बाद 50 साल से ज़्यादा की उम्र के लोगों और गंभीर रूप से बीमार लोगों को टीका लगवाने के लिए रजिस्ट्रेशन होगा। रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए एक ऐप तैयार किया गया है इसके माध्यम से आप घर बैठे बिना किसी दलाल के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे। इस ऐप का नाम Co-WIN होगा हालांकि अभी ये ऐप लॉन्च नहीं किया गया है लेकिन जल्द ही इसे लॉन्च कर दिया जाएगा।

पूरे देश में टीकाकरण के पहले चरण में तीन करोड़ भारतीयों को वैक्सीन उपलब्ध करवाने का प्लान तैयार किया गया है। कोरोना की वैक्सीन पहले किसे और कैसे मिलेगी इसकी तैयारी के साथ-साथ वैक्सीन की डिलीवरी और स्टोरेज जैसी सभी प्रकार की जरूरी चीजों को बड़े अच्छे से बनाया है।भारत दुनिया का पहला ऐसा देश है जिसके पास अभी दो वैक्सीन हैं। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड और दूसरी कोवैक्सीन, जिसे हैदराबाद में भारत बायोटेक लैब में तैयार किया है।अभी सरकारी अधिकारी ही जानते हैं कि लोगों को कौन सी वैक्सीन लगाई जाएगी।

 

 

L I C से जुड़ें – सम्मान से लाखों कमायें –

कैसे करे रजिस्ट्रेशन

आप इस ऐप के लॉन्च होने के बाद आपको इसे प्ले स्टोर से डाउनलोड करना होगा या फिर Co-Win पोर्टल पर जाकर सेल्फ रजिस्टर करा सकते हैं। इसके बाद आपको अपनी फोटो या फोटो वाला पहचान पत्र अपलोड करना होगा। इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मैसेज आएगा, जो आपके रजिस्ट्रेशन को स्वीकार करेगा। इसके बाद वैक्सीन की पहली खुराक के लिए टीकाकरण केंद्र का नाम, दिन और समय की जानकारी आपको एसएमएस से मिलेगी।

कई राज्यों में बरपा बर्ड फ्लू का कहर: जानें राजस्थान का हाल

कोरोना वायरस के टीके की खबर से देश को थोड़ी राहत मिली ही थी कि अब कई राज्यों में बर्ड फ्लू ने चिंता बढ़ा दी है। पिछले एक सप्ताल में कई राज्यों में भारी तादाता में पक्षियों की तेजी से मौत हो रही है। राजस्थान में कई जिलों में कौवों की बड़ी संख्या में मौते होने की खबर से सरकारी और प्रशासन की चिंता बढ़ गयी है। अगर बात करें हरियाणा के पंचकुला की तो यहां 1 लाख से अधिक पोल्ट्री पक्षियों की मौत की खबरें सामने आ रही है। इस खबर के बाद प्रशासन ने व्यापक फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है।

राजस्थान में 100 से ज्यादा पक्षियों की मौत
राजस्थान में भी कई जिलों में पक्षियों की मौत की खबरे आना शुरू हो गया है राज्य के विभिन्न जिलों में 150 से ज्यादा पक्षियों की मौत हो चुकी है। पशुपालन विभाग के आंकड़ों के अनुसार 425 से अधिक कौवों, बगुलों और अन्य पक्षियों की मौत हुई है इसके बाद पक्षियों के नमूनों को जांच के लिये भोपाल के राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान भेजा गया है।

केरल में 40,000 पक्षियों को मारना पड़ा है।
केरल के कुछ जिलों में बर्ड फ्लू फैलने की जानकारी सामने आई है और इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों के एक किलोमीटर के दायरे में बत्तख, मुर्गियों और अन्य घरेलू पक्षियों को मारने का आदेश जारी किया है। अधिकारियों ने कहा कि वायरस को रोकने के लिए करीब 40,000 पक्षियों को मारना पड़ेगा।

हिमाचल में 1500 से ज्यादा प्रवासी पक्षियों की मौत
हिमाचल प्रदेश में पोंग बांध झील अभयारण्य में अब तक 1500 से ज्यादा प्रवासी पक्षी मृत मिले हैं । अभी तक यहां बर्ड फ्लू की पुष्टि की बात नहीं कही जा रही है।


अगर बर्ड फ्लू के कारण इन पक्षियों की मौत हो रही है तो यह बहुत ज्यादा चिंता का विषय है जो कोरोना काल में प्रशासन के लिए नई परेशानी खड़ी कर सकता है। राजस्थान में पहले भी सांभर जिले में प्रवासी पक्षियों की बड़ी तादाद में मौत हुई थी और इसको लेकर काफी राजनीति भी देखने को मिली थी। लोगों को इस समय ज्यादा सावधानी रखने की जरूरत है और अब कोरोना के साथ बर्ड फ्लू से भी अपना बचाव करना होगा।

जयपुर में पहले चरण में 3 लाख 50 हजार लोगों को लगेगा कोरोना का टीका, जानें अपना नाम

जयपुर: प्रदेशवासियों को नये साल की शुरूआत में ही कोरोना का टीका लगना शुरू हो जाएगा और इसके लिए राज्य सरकार ने लगभग 3 लाख 50 हजार लोगोंं की लिस्ट भी तैयार कर ली है। इस टीके को लेकर केन्द्रीय स्थावस्थ्य मंत्री ने भी बता दिया था कि आने वाले नये साल में भारत में कोरोना का टीका लगने की पूरी पूरी उम्मीद है और यह बात अब सही साबित होती नजर आ रही है।

कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर प्रदेश के चिकित्सा विभाग सभी तैयारियां लगभग पूरी करने में जुटा है और इसके लिए प्रदेश के राजकीय, निजी चिकित्सा और महिला-बाल विकास के विभाग के कार्मिकों को कोविड-19 वैक्सीन लगाकर सुरक्षित किया जायेगा। राज्य सरकार इस वैक्सीन को बड़ी आसानी से और तेजी से लोगों तक पहुंचाने के लिए एक योजना भी तैयार कर ली है जिसके माध्यम से यह टीकाकरण किया जाएगा।

 

 

इस वैक्सीन को सुरक्षित रखने के​ लिए 2 हजार 444 कोल्ड चैन वैक्सीनेशन पाॅइन्ट्स चयनित जिला अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तैयार किये गये है। कोल्ड चैन तक वैक्सीन पहुंचने के लिए स्वास्थ्य विभाग परिवहन विभाग की सहायता भी ले रहा है अगर आने वाले दिनों इस दवा को रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज की जरूरत पड़ती है तो उसकी भी तैयारी की जा रही है।

प्रदेश के लोगों के लिए बहुत राहत भरी खबर है जिसके कारण अब लोगों को कोरोना के कारण अपनी जान नहीं गवानी पड़ेगी और समय पर उनका सही इलाज हो सकेगा। अगर बात करें कोरोना काल की तो कोरोना की रोकथाम और अन्य फैसने करने राजस्थान सरकार पूरे देश में पहले स्थान पर रहीं है जिसके चलते पीएम मोदी ने भी कई बार राज्य सरकार की प्रशंसा की है

 

बिना डीजे और अतिशबाजी के होगा नये साल का जश्न, जानें पूरी खबर

प्रदेशवासियों को इस बार नये साल का जश्न बहुत सावधानी और सर्तकता के साथ अपने घर पर ही मानाना पड़ेगा। कोरोना की मार झेल रहा प्रदेश नये साल के जश्न के दिन किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतना चाहता है इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने 31 दिसंबर की रात को डीजे और आतिशबाजी पर रोक लगाने का फैसला किया है।

इसके साथ नववर्ष के मौके पर होने वाले सभी प्रकार की कार्यक्रमों पर भी रोक लगा दी है और होटल संचालकों को इस प्रकार के आयोजन नहीं करने के निर्देश जारी कर दिये है। अगर आप भी हर साल की तरह नये साल पर कुछ मस्ती या धमाल करने की तैयारी कर रहे है तो आप अपने प्लान को बदल दें और घर पर ही अपने परिवार के साथ रहे नही तो आपको जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।


31 दिसंबर की रात को कर्फ्यू होगा और आपने सरकार के नियमों को उल्लंघन किया तो आपको बहुत ज्यादा परेशानी उठानी पड़ सकती है। सरकार इस प्रकार की पाबंदी से उसको बहुत बड़ा राजस्व का नुकसान भी उठाना पड़ रहा है लेकिन जनता की सुरक्षा के मध्यनजर वह इस प्रकार का फैसला लेने पर मजबूर है। नये साल के मौके पर सभी लोगों को रोजगार के साथ कुछ अतिरिक्त पैसा और अन्य आय मिलती है जो इस बार नहीं मिलेगी। हालाकि प्रदेशवासियों को नये साल की शुरूआती सप्ताह में कोरोना की वैक्सीन भी मिल सकती है।

कोरोना काल के कारण इस बार कई बड़े त्योहार बहुत ही साधारण तरीके से मनाये गये थे और अब नये साल का जश्न भी उसी तरह मानाना होगा। सरकार ने सभी लोगों से अपील की है कि वह लोगों की सेहत का ख्याल रखते हुए नये वर्ष के मौके पर आतिशबाजी नहीं करें तो सभी के लिए अच्छा होगा।

भारत में कोरोना का जल्द खात्मा करेगी ये वैक्सीन, जानें पूरी खबर

कोरोना के कारण पूरी दुनिया के साथ भारत को भी इसकी मार झेलनी पड़ी है और लगभग 1 साल होने को जा रहा है लेकिन अभी तक इसकी कोई कारगर वैक्सीन भारत के लोगों को नहीं मिल पाई है। लेकिन खबरों के अनुसार बताया जा रहा है कि नये साल यानी 2021 में भारतीयों को कोरोना की सबसे कारगर वैक्सीन उपलब्ध कराने की पूरी तैयारी हो चुकी है।

इस बात पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने मुहर लगाते हुए कहा कि कोरोना वैक्सीन की खुराक जनवरी में मिलने की बात कही है। सूत्रों ने अनुसार बताया जा रहा है कि भारत में लगभग 9 वैक्सीन पर काम हो रहा है और इनके नतीजे सही आते है तो भारत यह भारत के लिए बहुत बड़ी सफलता मिल सकती है।

 

 

भारतीय औषधि महानियंत्रक के अनुसार कोविड-19 के चार वैक्सीन का क्लिनिकल परीक्षण किया जा रहा है जब सुरक्षा के आंकड़े अनुकूल पाए जाएंगे और विषय विशेषज्ञ समिति इसकी समीक्षा कर लेगी तब इसकी अनुमति दी जा सकती है।

अगर बात करें कोरोना मरीजों के आंकड़ों की तो कुछ महीनों पहले तक देश में 10 लाख एक्टिव केस थे आज की तारीख में 3 लाख रह गये है। देश में अब तक कोरोना के 1 करोड़ से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं लेकिन इनमें से 95 लाख से ज्यादा मरीज ठीक हो चुके हैं। इसके साथ भारत का रिकवरी रेट दुनिया में सबसे ज्यादा है और भारत दुनिया के अन्य देशों की तुलना में काफी अच्छी स्थिति में है।

 

 

 

कोरोना मीटर: राजस्थान में घटी कोरोना रफ्तार तो जयपुर में बड़ी रफ्तार, 350 नए मरीज

राजस्थान में कोरोना की रफ्तार अब थोड़ी धीमी पड़ने लगी है और इसी वजह से प्रदेश के लगभग सभी जीलों में कोरोना के नए मरीज मिल रहे हैं। लेकिन प्रदेश की राजधानी जयपुर में कोरोना की रफ्तार धीमी पड़ती नहीं दिख रही है मंगलवार को भी लगभग 350 नए कोरोना मरीज सामने आये है। जयपुर के कुछ भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में मरीजों का आंकड़ा सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है।


कोरोना संक्रमितों की संख्या का आंकडा अब पूरे प्रदेश में लगभग 1000 के पास पहुंच गया है, जो सरकार के साथ लोगों के लिए राहत भरी खबर है। दिवाली के बाद से लगातार बढ़ते आंकड़े सरकार और आमजन दोनों की परेशानी बढ़ा रहे थे लेकिन पिछले कुछ माह में 3000 के पार पहुंचा नए मरीजों का यह आंकड़ा अब 1 हजार पर आ गया है।

राजधानी जयपुर की बात करें, तो यहां नए कोरोना मरीजों की संख्या का ग्राफ लगातार बढ़ता ही जा रहा है। अकेले जयपुर से 357 नए संक्रमित पाए गए हैं जबकि अन्य जिलों में 100 से कम मरीज मिले है। मंगलवार को जयपुर में कोरोना मरीजों का आंकड़ा जोधपुर 76, अजमेर 60, नागौर 48, पाली 38, अलवर 38, डूंगरपुर 37, भीलवाड़ा 32, राजसमंद से 21 और बूंदी 16 मरीज मिले है। प्रदेश में जहां मृत्युदर अभी भी कई राज्य़ों के मुकाबले अभी कम है तो कुल संक्रमितों का आंकड़ा 293584 है।

राजधानी जयपुर में कोरोना मीटर
1. झोटवाड़ा और वैशाली में 34—34 नए मरीज
2. मानसरोवर में 31 नए मरीज
3. मालवीय नगर में 26 नए मरीज

राजस्थान की विधानसभा में भूतों का साया ! जानें क्या हैं पूरा मामला

राजस्थान विधानसभा में फिर दबी जुबा भूतों की चर्चा – विधायको गणों की मौत के साथ एक बार फिर चर्चा –

राजस्थान विधानसभा का नया भवन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस तैयार ​किया गया था लेकिन ​इस भवन पर भूतों के साये की बात एक बार फिर सच साबित होती नजर आ रही है।

साल 2001 से लेकर 2020 तक की किसी भी बैठक में सदन के सदस्यों की संख्या पूरी नहीं हुई. इस दौरान कभी विधायकों के लोकसभा का चुनाव जीत जाने या कभी किसी की मृत्यु हो जाने से यह आंकड़ा कभी पूरा नहीं हो पाया। लेकिन कई विधायक और पूर्व मंत्री इस संयोग को भूत—प्रेत से जोड़ चुके है।

लेकिन जब भी एक या दो विधायक की मौत होती है तो और संख्या घटती है तो ये अफवाह फिर से अपना मजबूत होती है कि इस विधानसभा पर काला जादू है जो 5 साल तक किसी भी सरकार के कार्यकाल में 200 की संख्या नहीं हो पा रही है।

 

 

 

कोरोना काल में दो कांग्रेस और एक बीजेपी विधायक की मौत के बाद विधानसभा पर भूतों के साये की अफवाह गर्म हो गयी है और इसके समाधान को लेकर कुछ करने की बात भी की जा रही है। कई मौको पर विधायक यह कह चुके हैं कि इस भवन का एक हिस्सा श्मशान की जमीन पर बना हुआ है जिसके कारण ऐसा हो रहा है।

कांग्रेस विधायक कैलाश त्रिवेदी का निधन इसके बाद मौजूदा सरकार के मंत्री भंवर लाल मेघवाल और बीजेपी की दिग्गज नेता किरण माहेश्वरी का निधन होना भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।

सामाजिक कार्यक्रम में  व्यक्तियोें की अधिकतम संख्या 100 होगी – आदेश जारी

कोविड-19
सामाजिक कार्यक्रम में  व्यक्तियोें की अधिकतम संख्या 100 होगी
सामाजिक दूरी , फेस मास्क ,थर्मल स्कैनिंग ,हैंडवाश तथा सेनेटाईजर की उपलब्धता आवश्यक होगी
***********************
जयपुर, 28 सितम्बर । राज्य सरकार ने आदेश जारी कर कोविड संक्रमण से बचाव को ध्यान मे रख कर लोगों के एकत्रित होने एवं भीड़ को प्रतिबंधित करने के संबंध में जारी गाईलाइन्स में संशोधन किया है।
आदेश के अनुसार किसी व्यक्ति ,संस्था या संगठन द्वारा आयोजित सामाजिक कार्यक्रम में व्यक्तियोें की अधिकतम संख्या 100 होगी तथा कार्यक्रम में सामाजिक दूरी तथा फेस मास्क पहनना अनिवार्य होगा ।
आयोजनकर्ता आयोजन स्थल पर थर्मल स्कैनिंग ,हैंडवाश तथा सेनेटाईजर की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा । इसके साथ ही आयोजन स्थल पर रेलिंग ,दरवाजों के हेण्डिल ,कॉमन सरफेस , फर्श आदि को निरन्तर सेनेटाइज करवाना आवश्यक होगा ।
आदेश के अनुसार उपरोक्त शर्तो में से किसी का भी उल्लंघन करने पर भारी जुर्माने के साथ दंडनीय अपराध होगा। इन गाईलाइन्स की क्रियान्विति जिला मजिस्ट्रेट तथा अन्य अधिकृत अधिकारियोंं द्वारा कराई जायेगी ।