कोरोना वैक्सीन में सुअर की चर्बी होने पर भड़के मुस्लिम संगठन

कोरोना वैक्सीन को लेकर भारत के मुस्लिम समाज ने इसके इस्तेमाल को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर दी है। खबरों के अनुसार बताया जा रह है कि मुस्लिम संगठनों ने आरोप लगाया है कि चाइना में जो वैक्सीन तैयार की गयी है उसमें सुअर की चर्बी का इस्तेमाल किया गया है जो सही नहीं है। मुस्लिम समाज के नेताओं ने कहा कि इस्लाम में सुअर की चर्बी या मांस का इस्तेमाल करना वर्जित है और इस कारण हम इस वैक्सीन का इस्तेमाल नहीं करेंगे।

इससे पहले अरब अमीरात के मुस्लिम संगठनों ने कोरोनावायरस के टीकों को सही बताते हुए उसके इस्तेमाल करने की अनुमति प्रदान की थी। जानकारों के अनुसार टीकों में भी पोर्क का इस्तेमाल होता है इसी वजह से इस वैक्सीन का विरोध किया जा रहा है। चाइना में तैयार हुए कोरोना टीके को लेकर बताया गया कि इसमें सुअर की चर्बी या उसके मांस का इस्तेमाल किया गया है। मुस्लिम समुदाय ने कहा कि यह हमारी आस्था का सवाल है और इसी वहज से हम लोग इस वैक्सीन का इस्तेमाल नहीं करेंगे।


भारत में कोरोना वैक्सीन को लोगों तक पहुंचानी की सभी तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है और नये साल की शुरूआत होने के साथ लोगों को कोरोना का टीका भी लगना शुरू हो जाएगा। लेकिन सुअर वाली वैक्सीन को लेकर इस प्रकार की नाराजगी प्रशासन और सरकार दोनों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। भारत में कई वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है और जल्द ही इसके परिणाम आने वाले है जो बहुत अच्छ खबर होगी।

फाइजर की कोरोना वैक्सीन के साइड इफेक्ट,जाने इसके दुष्प्रभाव

फाइजर और बायोएनटेक द्वारा तैयार किये गये कोरोना टीके को लगाने की प्रक्रिया ब्रिटेन में शुरू होने के साथ दूसरे देशों में भी जल्द शुरू होने जा रही है। लेकिन ब्रिटेने में लगे इस टीके के बाद कई प्रकार के साइड इफेक्ट होनी की खबरे आ रही है। इसके बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) ने इस संबंध में चेतावनी जारी करते हुए कुछ निर्देश भी जारी किये है। ब्रिटैन में सबसे पहले बुजुर्गों को और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को यह टीका दिया जा रहा है लेकिन इसके लगने के बाद से इसके कई प्रकार के साइड इफेक्ट की समस्या आने लगी है।

 

 

साइड इफेक्ट के बाद एनएचएस ने एलर्जी समस्या से ग्रसित लोगों को कोरोना का टीका नहीं लेने का आग्रह करते हुए चेतावनी जारी कर दी है। चेतावनी में कहा ​गया कि एलर्जी समस्या वाले लोगों को कोरोना टीका नहीं लगवाना चाहिए। लेकिन यह टीका कोरोना को रोकने में बहुत असरदार भी साबित हो रहा है और मरीज जल्दी ठीक हो रहे हैं।

वैक्सीन के पहले डोज लेने के बाद कई लोगों को मामूली बुखार हुआ है तो 12 घंटे तक बुखार, कंपकपी, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, सिर दर्द, हाथ पांव में गर्मी, खांसी के साथ कई दूसरी समस्या भी देखने को मिली है। लेकिन जानकारों ने बताया कि यह टीका कुछ लोगों पर साइड इफेक्ट जैसी समस्या पैदा कर सकता है लेकिन ज्यादातर लोगों के लिए यह सही है और सभी टीके 100 प्रतिशत सही नहीं होते कुछ लोगों को उससे थोड़ी बहुत परेशानी होती है।

 

 

यह टीका कोरोना की रोकथाम में सही साबित होता है तो आने वाले दिनों में लोगों को कोरोना से आजादी मिल सकती है लेकिन इसके दुष्प्रभाव ज्यादा होते दिखे तो यह दुनिया के लिए बहुत बूरी खबर हो सकती है। भारत में भी जल्द कोरोना की वैक्सीन तैयार होने की बात सामने आ रही है और यह फाइजर से सस्ती होने के साथ कारगर भी होने की बात सामने आ रही है।

भारत में इन लोगों को सबसे पहले दी जाएगी कोरोना वैक्सीन! देखें पूरी लिस्ट

नई साल की शुरूआत होने के साथ देशवासियों को कोरोना की वैक्सीन मिलनी शुरू हो सकती है और इसके लिए सभी प्रकार की तैयारिया भी पूरी कर ली गयी है। खबरों के अनुसार भारत में सबसे पहले कोरोना की वैक्सीन उन लोगों को दी जा सकती है जो अपनी जान जोखिम में डालकर देश सेवा में जुटे है। पिछले कुछ दिनों भारत में कोरोना मरीजों का आंकड़ा कम होने के साथ ठीक होने वाले मरीजों का ग्राफ भी बढ़ा है।

 

खबरों के अनुसार बताया जा रहा है कि नई साल की शुरूआत होने के साथ ही करीब 2 लाख हेल्थकेयर वर्कर्स को पहले फेज में कोरोना वैक्सीन दी जा सकती है। इसमें सबसे ज्यादा मुंबई और दिल्ली में हेल्थ वर्कर्स को शामिल किया गया है। बताया जा रहा है कि इन दो महानगरों में कोरोना का प्रसार बहुत तेज गति से हो रहा है इसके चलते यहां कोरोना की वैक्सीन सबसे पहले उपलब्ध करवाई जाएगी।

भारत में कोरोना टेस्टिंग का आंकड़ा 16 करोड़ तक पहुंच गया है और इसके साथ ही पॉजिटिविटी रेट भी घटकर 6.46% हो गयी है। पिछले 24 घंटे में 27 हजार 944 नए केस आए है, लेकिन नए मरीजों से ज्यादा ठीक होने की वजह से एक्टिव केस में लगातार कमी आ रही है। देश में अब तक 98 लाख केस आ चुके हैं। इनमें से 93 लाख मरीज ठीक होने की बात भी सामने आ रही है।

ब्रिटेन में कोरोना टीके लगने के बाद लोगों में कई प्रकार के साइड इफेक्ट भी देखने को मिल रहे है, लेकिन इस प्रकार के साइड इफेक्ट से ज्यादा परेशानी की बात नहीं होने का दावा किया जा रहा है। कुछ लोगों में किसी ना किसी प्रकार की समस्यां होती है इसके चलते साइड इफेक्ट होना आम बात है।

 

 

नए साल के मौके पर भारतीयों को मिल सकता है कोरोना के टीके का तोहफा!

पीछले एक साल से कोरोना की मार झेल रही दुनिया को जल्द ही कोरोना से मुक्ति मिलती हुई नजर आ रही है। ब्रिटेन में तो इसकी रोकथाम के लिए टीकाकरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है और सबसे पहला टीका एक 90 वर्षीय महिला को ​लगाया गया है हालाकि इस टीके के 100 प्रतिशत उपचार की गांरटी नहीं लेकिन काफी हद तक यह कोरोना को रोकने में कारगर साबित हो सकता है।

दुनिया भर के कई देशों ने ऐसे टीक तैयार कर लिये है और इसमें भारत का नाम भी शामिल है और खबरों के अनुसार बताया जा रहा है नई साल की शुरूआत होने के साथ ही भारत में भी टीकाकरण की शुरूआत हो सकती है। इसके लिए सभी राज्यों को योजना बनाने के निर्देश दिये जा चुके है और इसी के चलते भारत के लोगों ने थोड़ी राहत भरी सांस ली है।

 

हालाकि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अभी भी लोगों को सावधनी रखने की जरूरत है और बचाव ही इसका एकमात्र उपाय है। इस वायरस के कारण कई देशों की आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो गयी है ​कि वहां लोगों को भयंकर बेरोजगारी के साथ कई प्रकार की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। भारत में दुनिया का सबसे सस्ता टीका तैयार करने की कोशिश की जा रही है अगर ऐसा होता है तो भारत अपने देश के साथ दुनिया के कई देशों को यह टीका उपलब्ध करवा सकता है।

कोरोना मरीजो का आंकड़ा:—

1.भारत में कुल कोरोना मरीजों का आंकड़ा 1 करोड़ के नजदीयक जा पहुंचा है। लेकिन भारत के लिए राहत की बात है कि इनमें से लगभग 92 लाख से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं।

2. करीब 1.50 मरीज ऐसे रहे जिनकी संक्रमण से मौत हो चुक है और 4 लाख के लगभग मरीजों का अभी इलाज चल रहा है।

3. एक्टिव केस के मामले में भारत 8वें नंबर पर है। अब भारत दुनिया का 8वां देश है जहां सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं जिनका इलाज चल रहा है।