राजस्थान विधानसभा उप चुनाव – कांग्रेस प्रत्याशियों ने भरें नामांकन , 4 बड़े नेता रहें मोजूद , सचिन पायलट की मुख्य भूमिका

 

 

 

राजस्थान विधानसभा उप चुनाव में कांग्रेस का सन्देश हम एक लेकिन जाजम में अभी भी भेद –

 

राजस्थान विधानसभा उप चुनाव – कांग्रेस प्रत्याशियों ने भरें नामांकन , 4 बड़े नेता रहें मोजूद 

 

राजस्थान में होने जा रहें विधानसभा उप चुनावों में कांग्रेस पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक रही हैं इस के लियें  राजस्थान प्रभारी अजय माकन , मुख्यमंत्री अशोक गहलोत , पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोडासरा , एक जाजम का सन्देश देने की कोशिश कर रहें हैं आज नामांकन का आखरी दिन था तो कांग्रेस पार्टी ने अपने तीनों प्रत्याशियों के पक्ष में नामांकन रेली को संबोधित किया लेकिन घटनाक्रम पर आपसी रार दिख रही हैं

सुजानगढ़ से कांग्रेस उम्मीदवार मनोज मेघवाल ने अपना  नामांकन भरा हैं तो सहाड़ा से गायत्री त्रिवेदी ने अपना नामांकन भरा हैं राजसमंद में कांग्रेस उम्मीदवार तनसुख बोहरा की नामांकन भरा हैं 

सूत्रों की माने तो सुजानगढ़ सीट पर पायलट ग्रुप की पकड़ अच्छी हैं तो कांग्रेस पार्टी यहाँ सचिन पायलट को मुख्य चेहरा बनाना चा रही हैं 

 

राजस्थान विधानसभा

 

क्यों ख़ास हैं कांग्रस के लियें यह उप चुनाव – 

 

राजस्थान में कांग्रेस पार्टी अंत कलह जग जाहिर हैं अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व् प्रभारी अजय माकन यह सन्देश देने की कोशिश कर रहें हैं की कांग्रेस पार्टी में सब सही हैं लेकिन आज भी दोनों गुटों में मन मुटाव साफ़ देखने का मिल जाता हैं अब कांग्रेस सत्ता में रहते हुयें तीनो सीट जीत जाती हैं तो 2022  में आने वाले चुनावों में कांग्रेस का मनोबल बद जायेगा वही अगर भाजपा ने 2 सीटो पर जीत दर्ज कर ली तो भाजपा और प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया मजबूत हो कर कांग्रेस को घेरेगे सूत्रों की मानें तो 3 सीट में से 2 कांग्रेस और एक भाजपा के खाते में जाती नज़र आ रही हैं लेकिन इन सीटों पर हनुमान बेनीवाल की रालोपा भी वोटों का समीकरण बिगाड़ने का दम रखती हैं हनुमान बेनीवाल जाट वोटों के दलित वोटों को साधने में लग रहें हैं बाकी राजनीति में समीकरण पल पल बदलते रहते हैं |

 

 

 

फोन टैपिंग को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने झूठ बोला, नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दें, सीबीआई जाँच हो: डाॅ. सतीश पूनियां 

मुख्यमंत्री बतायें कि यह परम्परा किसने तोड़ी थी और इसकी वजह क्या रही: डाॅ. पूनियां

प्रदेश में बहन-बेटियां असुरक्षित, राजा सो रहा है,  जनता खौफ में जी रही है: डाॅ. पूनियां

 

जयपुर, 15 मार्च। भाजपा प्रदेश कार्यालय में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए राजस्थान की राजनीति में अनेक अवसरों पर अनेक किस्म की सियासी चर्चाएं होती हैं, लेकिन राजस्थान में जबसे कांग्रेस की सरकार बनी है तभी से तमाम मुद्दों पर यह सरकार घिरी हुई है।

डाॅ. पूनियां ने कहा कि यह सरकार जब भी अपने पाप छुपाने की कोशिश करती है तो कोई ना कोई नई बात सरकार के खिलाफ उजागर होती है। सरकार की स्टेबिलिटी, कांग्रेस पार्टी की अंतकलह  जैसी कुछ बातों से आप अच्छी तरह से वाकिफ हैं। उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले एक सियासी एपिसोड के दौरान राजस्थान में सियासी पारा बहुत ऊँचा था और सरकार अपना अस्तित्व बचाने के लिए मशक्कत कर रही थी और वो परिस्थितियां भी इनके अपने लोगांे के कारण ही थी। उस दौरान भाजपा पर अनेकों बार झूठी तोहमत लगाने की कोशिश हुई, लेकिन उस पूरे नाटक के नायक, खलनायक मुख्यमंत्री गहलोत थे।

डाॅ. पूनियां ने कहा कि 15वीं विधानसभा के 5वें सत्र के दौरान भाजपा विधायक द्वारा एक प्रश्न पूछा गया, जो गोपनीयता से सम्बन्धित है। आमतौर पर जो प्रश्न पूछे जाते हैं उनका एक माह के भीतर जवाब आ जाता है। यह प्रश्न अगस्त, 2020 में पूछा गया और अब उसका जवाब आया है। भाजपा विधायक ने यह प्रश्न पूछा था कि, क्या यह सही है कि विगत दिवसों में फोन टेप किए जाने के प्रकरण सामने आए हैं? यदि हाँ तो किस कानून के अन्तर्गत एवं किसके आदेश पर? पूर्ण विवरण सदन की मेज पर रखें।

 

सरकार ने इसका जवाब दिया कि, लोक सुरक्षा या लोक व्यवस्था के हित में या किसी ऐसे अपराध को प्रोत्साहित होने से रोकने के लिए जिससे लोक सुरक्षा या लोक व्यवस्था को खतरा हो टेलीफोन अन्तावरोध भारतीय तार अधिनियम 1885 की धारा 5(2) भारतीय तार अधिनियम (संशोधित) नियम 2007 के नियम 419ए व सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 69 में वर्णित प्रावधान के अनुसार सक्षम अधिकारी की स्वीकृति उपरान्त किया जाता है। राजस्थान पुलिस द्वारा उपरोक्त प्रावधानों के अन्तर्गत टेलीफोन अन्तावरोध सक्षम अधिकारी से अनुमति प्राप्त करने के उपरान्त ही किए गए हंै।

डाॅ. पूनियां ने कहा कि सियासी घटनाक्रम के समय भी प्रश्न यह था कि क्या कोई फोन टैपिंग हुई है? और उस समय इस बात की चर्चा हुई तो सक्षम अधिकारियों ने, मुख्य सचिव एवं उनके निचले स्तर तक के अधिकारियों ने इस बारे में मना कर दिया। तब मुख्यमंत्री ने सदन में इस बात के लिए साफ-साफ इंकार किया कि राजस्थान में कभी ऐसी परम्परा रही नहीं। सदन में कही गई बात, अधिकारियों द्वारा कही गई बात और अनेक बार चर्चा हुई और अनेक प्रसंगों में यह साबित हुआ कि कहीं ना कहीं फोन की टैपिंग जरूर हुई है। उस दौरान भी इस तरह की टैपिंग के मसले आये तो हमने कई बार पूछा कि इसका साॅर्स क्या है?

डाॅ. पूनियां ने कहा कि अब सरकार ने फोन टैपिंग की बात को स्वीकार कर लिया है। यह स्वीकारोक्ति है राजस्थान पुलिस की, जो विधानसभा के प्रश्न का जवाब आया है। इस तरह की खबरें मीडिया के माध्यम से पहले भी आई हैं। जनवरी, 2020 से अगस्त, 2020 तक कितने फोन टेप किये गये? इस बारे में सरकार इंकार करती रही, लेकिन इस बारे में जानकारी मिलेगी तो मुझे लगता है कि सारी चीजें स्पष्ट हो जायेगी।

डाॅ. पूनियां ने कहा कि फोन टैपिंग का यह सामान्य मसला नहीं है, राजस्थान के मुख्यमंत्री स्वीकार कर चुके हैं कि प्रदेश में इस प्रकार की परम्परा नहीं है, तो मुख्यमंत्री बतायें कि यह परम्परा किसने तोड़ी और इस परम्परा को तोड़ने की वजह क्या है? मुख्यमंत्री खुद इसके दोषी हैं और उस समय जब मीडिया में आॅडियो टेप सामने आने की खबरें आई थी तो कांग्रेस के कई विधायकों ने इस मामले की एनआईए से जाँच कराने की मांग की थी।

 

डाॅ. पूनियां ने कहा कि सदन में भी इस बारे में भी झूठ बोला गया, तथ्यों के बारे में भी भ्रांतियां फैलायी गई, तो स्पष्ट तौर पर मुख्यमंत्री इसके दोषी हैं, उनको नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए, जो खुद गृहमंत्री भी हैं, इस मामले की सीबीआई से जाँच करवानी चाहिए। आमतौर पर सरकारों में पूर्णकालिक गृहमंत्री कार्य करते रहे हैं, लेकिन इस सरकार मंे पूर्णकालिक गृहमंत्री नहीं है।

डाॅ. पूनियां ने कहा कि प्रदेश में बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं है, अब तक 6 लाख 14 हजार से अधिक मुकदमे दर्ज हुए हैं, जिनमें 80 हजार से अधिक महिला अपराधों से सम्बन्धित हैं और 12 हजार से अधिक रेप एवं गैंगरेप के मामले हैं। आमतौर पर जनता बेखौफ होकर सोती है और राजा उसकी सुरक्षा के लिए जागता है, लेकिन प्रदेश में अराजक हालात बने हुए हैं, ऐसे में राजा सो रहा है और जनता खौफ में जी रही है, सो नहीं पा रही है। कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री लीपापोती करने के अलावा कुछ नहीं कर रहे, जनघोषणा पत्र में बहन-बेटियों को सुरक्षा देने का वादा किया था, जिसे वो पूरा नहीं कर पा रहे हैं, ऐसे में नैतिक आधार पर उनको पद पर बने रहना का कोई अधिकार नहीं है |

सचिन पायलट के शक्ति प्रदर्शन ” महापंचायत ” से अशोक गहलोत आउट

हेमराज बैरवा ( चाकसू ) 
सचिन पायलट आख़िर क्यों कर रहें हैं शक्ति प्रदर्शन – राजस्थान में कांग्रेस पार्टी के बैनर के तले पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट किसान महापंचायत के नाम पर अपना शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं खास तौर पर देखा जाए तो इनके कोटखावदा गाँव  में जो महापंचायत हुई है उसमें बड़े-बड़े होर्डिंग कटआउटस लगे थे जिसमें एक तरफ सचिन पायलट और तो दूसरी तरफ राहुल गांधी  के फोटो लगें थे |
अशोक गहलोत जो कि राजस्थान के मुख्यमंत्री हैं लगभग उन्हें अदृश्य रखा गया कार्यक्रम में  मुख्य बैनर ,पोस्टर से भी लगभग वह नारारद रहें |
 मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सभी नेताओं में छोटा सा स्थान मिला जबकि बैनर में एक तरफ राहुल गांधी एक तरफ सचिन पायलट बड़े-बड़े फोटो में साफ दिखाई दे रहे हैं आखिर कांग्रेस की यह नीति क्या साबित कर रही है क्या सचिन पायलट कांग्रेस में रहते हुयें  कांग्रेस को विभाजित कर रहे हैं |
किसान महापंचायत के चाकसू विधानसभा में हुए कार्यक्रम में सचिन पायलट उनके ख़ेमे के विधायक वेद प्रकाश सोलंकी भरतपुर से विधायक विश्वेंद्र सिंह प्रशांत बैरवा मंच पर आसीन थे अब यह साफ नजर आ रहा है कि आगामी राजस्थान विधानसभा चुनाव में सचिन पायलट कोई बड़ा खेल खेलने जा रहे हैं उनका भी पार्टी में समय-समय पर अपमान होता रहा है |
कांग्रेस पार्टी को जो लगग राजस्थान में सिमट चुकी थी सचिन ने मेहनत करके 99 में लेकर आए और सरकार बनाई और अब  102 के विधायक है तो सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच 2018 के चुनाव में मुख्यमंत्री बनने के लिए लंबा संघर्ष चला था रोड से लेकर सोनिया गांधी राहुल गांधी प्रियंका गांधी तक गुहार लगाई थी उसके बाद सचिन पायलट अपने समर्थक विधायकों के साथ एक रिसोर्ट में जाकर बैठ गए थे और सरकार का तख्तापलट करने की कोशिश करे थे उसके बाद आलाकमान से बात होने के बाद सचिन पायलट राहुल गांधी पार्टी में शामिल हो चुके हैं इस पूरे घटनाक्रम के बीच में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उन्हें पार्टी के अध्यक्ष पद से भी हटा दिया था उप  मुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया था लेकिन सचिन पायलट को देखकर लगता है कि मुख्यमंत्री बनने के चक्कर में है जनाधार तैयार करने में लग रहे हैं या कांग्रेस पार्टी उन्हें मौका देगी या वे नए विकल्प तलाश कर मुख्यमंत्री बनेंगे सभी समीकरण कांग्रेस के लिए चिंताजनक है |

Conferencing With District Collectors and cm gehlot –

Conferencing With District Collectors-SPs Over Corona Infection Objective of Lockdown Is Social Distancing

Essential Services Should Not Be Interrupted – CM

Jaipur, March 24. Chief Minister Shri Ashok Gehlot has said that coronavirus can be kept at bay only through social distancing. The objective of lockdown is that people stay in their houses. He said that supply of essential services should be smooth during the lockdown. The District Collectors and the Superintendents of Police should ensure that the directions given for lockdown were completely followed, otherwise curfew would be have to be imposed, he said.
Gehlot was reviewing the situation of lockdown with the Collectors and the SPs across the state through video conferencing on Tuesday. He said that a ‘war room’ was made operational at the state-level and similar ‘war rooms’ should be set-up at all districts. These war rooms should function round-the-clock and senior officers should be deployed on duty. The war room would have to solve the problems of the general public immediately and with sensitivity, he said.
Permit System Should Be Made Easy
The Chief Minister said that the common man should not face any kind of problem for the important works. For this, the system of issuing permit should be made online, for which Mobile Application or Email Id could be used. He said that the movement of private vehicles should be strictly stopped. The police should deal with the people moving on roads on vehicles without any reasons strictly. “Our only priority is to keep people at their homes,” he added.
Public Representatives Have A Big Responsibility
 Gehlot said that the Collectors should ensure that the poor, the people earning livelihood by selling items along the roadside, rickshaw-pullers, labourers etc get the supplies of food and rations. For this, the Collectors should take help of voluntary organisations, philanthropists and others. “At this hour of crisis the Public Representatives have a big responsibility. They should come forward help the people by working beyond the party politics. It is duty of all of us to help the poor and the needy. The government will ensure that nobody sleeps hungry,” he said.
No Time Limit For Opening Shops Related To Essential Services
The Chief Minister said there was no prohibition on opening of shops selling essential commodities and no time limit had been fixed for these. Supply chain would remain smooth with opening of shops and there would be no crowd while buying items of daily use, which is the main objective of the lockdown. Shri Gehlot said the consumer stores should use mobile van for home delivery of necessary items so that the people do not have to go to market frequently.
Be Strict, As Well As Be Sensitive
The CM said that the responsibility of effective implementation of lockdown was on the police officers, but as this had not been done due to law & order situation, the police had to make people abide by with strictness and also keeping the human perspective. Vehicles fitted with mikes should be used in cities along with big town to persuade and aware people.
Medical and Health Minister Dr. Raghu Sharma said that strict watch was being kept on the people coming from other places, so that community spreading of corona infection could be stopped. He said that for this help and support of the sarpanches, patwaris, councilors etc. along with the locals should be taken for this.
Chief Secretary Shri DB Gupta said that the Collectors could take decisions according to the local situation which arises due to lockdown. The people and the vehicles associated with the essential services should not be stopped. Additional Chief Secretary Home Shri Rajeeva Swarup said that a Mobile App was being developed to facilitate the people taking permits for important works. He said that the people showing permit on mobile would not be stopped.
Additional Chief Secretary Finance Shri Niranjan Arya said that the budget had been issued for the social security pensions. He also gave detailed directions in regard to give compensation of Rs. 1,000 to the poor and the needy people, so that no one faced economic problem.
Additional Chief Secretary Medical & Health Shri Rohit Kumar Singh said that any rumours over infection should be denied immediately. He asked that the Collectors to boost morale of the doctors and the nursing staff working round-the-clock and resolve the resolve problems faced by them.
Director General of Police Shri Bhupendra Singh told the SPs to take care that the citizens would not face any problem while implementing the lockdown. He said it was really praiseworthy that the police personnel discharge their duties and help the poor and the needy in getting food or other essential items.