राहुल ने अंबेडकर को लेकर मोदी पर निशाना साधा, कहा…

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने संविधान निर्माता डाॅ. बी आर अंबेडकर को लेकर प्रधानमत्री नरेन्द्र मोदी पर आज निशाना साधा और कहा कि वह जिस दमनकारी विचारधारा से आते हैं, वह कभी दलितों एवं बाबा साहब का सम्मान नहीं कर सकती।राहुल ने आज ट्वीट कर कहा, मोदी जी, जिस दमनकारी विचारधारा से आप आते हैं, वो दलितों और बाबा साहब का सम्मान कभी नहीं कर सकती। भाजपा आरएसएस द्वारा बाबा साहब के सम्मान के कुछ उदाहरण…। उन्होंने अपने ट्वीट के साथ कुछ ऐसी तस्वीरें टैग की हैं जिनमें डाॅ. अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त दिखाया गया है या उनका असम्मान किया जा रहा है।

 

कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी का एक ट्वीट भी टैग किया है, जिसमें उन्होंने कहा है, जितना सम्मान हमारी सरकार ने बाबा साहब को दिया है, शायद ही किसी सरकार ने दिया हो। राहुल गांधी ने एक अन्य ट्वीट कर वित्त मंत्री अरूण जेटली के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की है। उन्होंने जेटली के एक ट्वीट का जिक्र करते हुए कहा, मैं इसे सुनकर वास्तव में दुखी हूं। मैं आपके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।

उन्होंने जेटली के उस ट्वीट को टैग किया है जिसमें वित्त मंत्री ने यह जानकारी दी है, मेरा गुर्दे संबंधित समस्याओं और कुछ संक्रमणों के लिए उपचार चल रहा है। परिणामस्वरूप वर्तमान में मैं घर पर नियंत्रित परिवेश में काम कर रहा हूं। मेरे उपचार की भावी दिशा मेरी चिकित्सा कर रहे चिकित्सक तय करेंगे।

डॉ.आंबेडकर समस्त मानवता के उद्धारकः राष्ट्रपति कोविंद

डॉ.आंबेडकर के कार्यों का किया जाये प्रचार-प्रसारः राष्ट्रपति कोविंद

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बाबा साहेब डॉ.आंबेडकर को समग्रता के साथ देश के सामने रखने की इच्छा जताई है. सोमवार को डॉ.आंबेडकर महासभा का एक प्रतिनिधि मंडल राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.लालजी प्रसाद निर्मल के नेतृत्व में राष्ट्रपति से मिला. इस दौरान प्रतिनिधि मंडल ने राष्ट्रपति से अनुसूचित जातियों, जन जातियों व पिछडों के सशक्तिकरण, मैला प्रथा के समूल खात्मे और इस पेशे में लगे लोगों के पुनर्वासन, दलित उत्पीड़न पर सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की प्रधानमंत्री द्वारा बैठक बुलाने, हरियाणा और बिहार राज्य की तरह पूरे देश में आउटसोर्सिंग या संविदा भर्तियों में आरक्षण लागू करने, प्रोन्नति में आरक्षण बिल यथाशीघ्र पारित करने, अखिल भारतीय न्यायिक सेवा आयोग गठित किये जाने समेत पूरे देश में केन्द्र सरकार के कार्यालयों में बाबा साहेब डॉ.आंबेडकर की तस्वीर की अनिवार्यता पर चर्चा की और उन्हें ज्ञापन सौंपा.
प्रतिनिधि मंडल ने यूपी के सरकारी कार्यालयों में डॉ.आंबेडकर का फोटो लगाए जाने के यूपी सरकार के निर्णय से राष्ट्रपति को अवगत कराया. इस निर्णय को राष्ट्रपति ने यूपी सरकार का एक अच्छा कदम बताते हुए कहा कि वे इसे पूरे देश

में लागू कराने के लिए काम करेंगे.
राष्ट्रपति ने कहा कि बाबा साहेब डॉ.आंबेडकर समस्त मानवता के उद्धारक थे, उन्हें मात्र दलितों के मसीहा या संविधान निर्माता तक ही सीमित नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ.आंबेडकर ने सभी महिलाओं को समान अधिकार, समान वेतन, प्रसूति अवकाश, हिंदू कोड बिल, काम के घंटों को निश्चित करना, साप्ताहिक अवकाश की अनिवार्यता, न्यूनतम वेतन, श्रमिकों और अन्य लोगों का बीमा, रोजगार कार्यालय, भविष्य निधि, ट्रेड यूनियन, मंहगाई भत्ता, मजदूर विकास कोष, स्किल्ड डेवलपमेंट और टेक्निकल ट्रेनिंग, भारत के आधुनिकीकरण और संयत्रीकरण के प्रणेता, ऊर्जा और सिंचाई के साधन के रूप में भाखडा, दामोदर, सोन, हीराकुंड जैसे बडे बांधो की संकल्पना और उसका क्रियान्वन, सेन्ट्रल वॉटर कमीशन, सेन्ट्रल इलेक्ट्रिक अथॉरिटी, इलेक्ट्रिक ग्रिड, समाजवाद में राज्य की भूमिका, प्रॉब्लम ऑफ रूपी पर आधारित इंपीरियल बैंक (वर्तमान का रिजर्व बैंक), सांख्यिकीय एक्ट, वित्त आयोग की स्थापना जैसे इत्यादि अति महत्वपूर्ण कार्य किये.
राष्ट्रपति ने कहा कि बाबा साहेब डॉ.आंबेडकर के इन कार्यों का पर्याप्त प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए.
प्रतिनिधि मंडल में डॉ.आंबेडकर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.लालजी प्रसाद निर्मल समेत बीना मौर्या, अमरनाथ प्रजापति, जयशंकर सहाय, बीरेन्द्र विक्रम सुमन शामिल थे.

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