राजस्थान में गहलोत सरकार पर मंडराया ये बड़ा खतरा

कोरोना काल में राजस्थान की गहलोत सरकार पर ​खतरा एक फिर से मंडराने लगा है इस बात का खुलासा स्वंय राज्य के सीएम गहलोत ने किया है। गहलोत ने बताया कि उनकी सरकार को एक बार फिर से अस्थिर करने की तैयारी की जा रही है लेकिन इस बार भी उनको कामयाबी नहीं मिलेगी। इस खबर के बाद से यह कयास लगाये जा रहे है कि पायलट खेमा नाराज है या फिर वह अपनी मांग पूरी नहीं होने के कारण कुछ ऐसा करने का प्रयास कर रहा है। सीएम गलतोत ने ​कहा कि पिछली बार जब सरकार गिराने की रणनीति बनाई गयी थी तब अमित शाह इसके पीछे ​थे जिसके पुख्ता जानकारी हमारे पास है।

प्रदेश में कोरोना के कारण बहुत ज्यादा लोगों को परेशा​नी झेलनी पड़ रही है और ऐसे समय में अगर सरकार को गिराने की बात सामने आ रही है तो यह प्रदेशवासियों के लिए सही नहीं होगा। क्योंकि पिछले दिनों राज्य की जनता ने देखा था कि जब कोरोना फैल रहा था तो सरकार एक महीने तक होटल में रही जिसके कारण लोगों को बहुत ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी थी।

गहलोत और पायलट खेमे में पिछले दिनों से कोई ज्यादा बयानबाजी नहींं हुई है लेकिन इसके बाद भी सीएम का यह बयान बहुत कुछ होने की तरफ इशारा कर रहा है। अगर इन दोनों खेमों के बीच खिचतान कम नहीं हुई तो कांग्रेस पार्टी के लिए एक बार फिर बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है जिसमें दिल्ली में बैठे नेताओं को फिर हस्तक्षेप करना पड़ सकता है।

गहलोत के इए बयान के बाद बीजेपी ने कहा कि वह हर बार अपनी ही सरकार के मंत्रियों पर पैसे लेने का आरोप लगाकर सरकार गिराने को आरोप बीजेपी पर मंड़ते है। अगर खुद के परिवार की लड़ाई को वह हल नहीं कर पा रहे है तो प्रदेश की जनता का ध्यान वह कैसे रखेंगे।

 

 

काले कानून को लेकर पूर्व CM गहलोत ने राजे सरकार के बारे में कही ये बात!

जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत ने कहा है कि मुख्यमंत्री को तीन उप चुनावों में करारी हार झेलने के बाद मीडिय़ा एवं जनविरोध के भारी दबाव के चलते काला कानून वापस लेने को मजबूत होना पड़ा है। गहलोत ने कहा कि भ्रष्टाचार में डूबी यह सरकार आगामी विधानसभा चुनाव में अपने हश्र को देखते हुए डर गई है। उसका घमण्ड चूर हो गया है। इसी का नतीजा है कि सरकार ने संस्थागत भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के अपने कुत्सित कदमों को वापस ले लिया है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने एवं पारदर्शिता के लिए सूचना का अधिकार, सुनवाई का अधिकार, सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता कानून, स्पेशल कोर्ट एक्ट, लोकसेवा गारंटी अधिनियम लागू किए थे।

लेकिन भाजपा सरकार ने आते ही इन सारे कानूनों को ठण्डे बस्ते में डाल दिया। उन्होंने कहा कि यदि इन कानूनों को यह सरकार अमल में लाती तो काला कानून लाने की जरूरत ही नहीं पड़ती तथा सरकार को ये बदनामी भी नहीं झेलनी पड़ती।

सरकारी सम्पतियों को निजी हाथों में दिया जाना निंदनीय: सचिन पायलट

 जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर ऐतिहासिक महत्व वाले सरकारी डाकघरों, होटलों एवं मोटलों को निजी हाथों में दिये जाने की कड़े शब्दों में निन्दा की है।

पायलट ने आज जारी बयान में कहा कि सरकार न सिर्फ राजस्थान पर्यटन विकास निगम की सम्पत्तियों का निजीकरण कर रही है बल्कि ऐसा कर वह इन्हें खरीदने वालों को इन ऐतिहासिक महत्व की इमारतों को तोडऩे-फोडऩे की स्वीकृति भी प्रदान करेगी और साथ ही इनके दुकान, मकान एवं अन्य किसी प्रकार के इस्तेमाल पर भी कोई प्रतिबंध नहीं होगा।

पायलट ने कहा कि सरकार ने अपने चहेतों को सरकारी सम्पत्ति से लाभान्वित करने के लिये ही पर्यटन नीति में संशोधन कर बिना नीलामी इन्हें बेचे जाने की मंजूरी दे दी है। सरकार सरकारी सम्पतियों का नाश करने में लगी है।

चुनाव आयोग के निर्देशों का उल्लंघन कर रही है BJP सरकार: पायलट

जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा सरकार उपचुनावों में चुनाव आयोग के निर्देशों का उल्लंघन कर रही है।

 

पायलट ने अजमेर संसदीय क्षेत्र में एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार उपचुनावों में मतदाताओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से खान विभाग में बकाया राशि पर भारी छूट की घोषणा करके चुनाव आयोग के निर्देशों का उल्लंघन कर रही है।

 

उन्होंने कहा कि प्रशासनिक घोषणाए करवाकर सरकार अपने राजनैतिक हित साधने में लगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने चार वर्षों में बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए कोई कदम नहीं उठाए और सरकारी क्षेत्र में नौकरियां भी नहीं उपलब्ध कराई लेकिन अब उपचुनावों के मद्देनजर हजारों नौकरियां देने की घोषणा करवाई जा रही है।

उप चुनाव: बीजेपी सरकार ने रिफाइनरी योजना के शुभारम्भ को बनाया बहाना: पायलट

जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने भाजपा सरकार द्वारा उप चुनावों के दौरान प्रधानमंत्री से आज रिफाइनरी का शुभारम्भ करवाये जाने को उप चुनावों को प्रभावित करने वाला प्रयास करार दिया है। पायलट ने कहा कि प्रधानमंत्री का पूरा भाषण राजनीतिक था, इससे स्पष्ट हो गया कि उप चुनावों के क्षेत्रों की जनता को प्रभावित करने के मद्देनजर प्रदेश की भाजपा सरकार ने रिफाइनरी योजना के शुभारम्भ को बहाना बनाया है।

पायलट ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रधानमंत्री ने कांग्रेस व अकाल को जुड़वां भाई बताया है जो भाजपा की जनता को भ्रमित करने की नीति का द्योतक है। उन्होंने कहा कि तीनों उप चुनावों की सीटें कांग्रेस जीतेगी और आगामी समय में होने वाले विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस की जीत से जनता को भाजपा की अराजकता से मुक्ति मिलेगी।

पायलट ने आज माण्डलगढ़ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी विवेक धाकड़ के विरूद्ध निर्दलीय चुनाव लड़ रहे गोपाल मालवीय एवं महावीर शर्मा को कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया गया है।

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