कोरोना के खत्म होने के बाद आ सकती है दूसरी महामारी: जाने पूरी खबर

कोरोना महामारी को लेकर जहां दुनिया भर के लोगों की जान खतरे में पड़ गयी है तो वहीं दूसरी तरफ WHO ने भविष्य में नयी महामारी आने को लेकर एक बयान दिया है जिसके कारण सबको हैरानी हो रही है। कोरोना महामारी के कारण कई लोगों की जान चली गयी है लेकिन अभी तक इस बीमारी को खत्म करने वाली कारगर वैक्सीन भी नहीं बन पायी है। WHO के इस बयान के बाद लोगों ने अभी से कयास लगाने शुरू कर दिये है कि हो सकता है कि कोरोना के खत्म होने के साथ ही कोई नयी महामारी दुनिया भर में फैल सकती है।

WHO के प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने कोरोना महामारी के बीच 26 दिसंबर को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा है कोरोना वायरस अंतिम महामारी नहीं है अगर आने वाले समय में हम जलवायु परिवर्तन और पशु कल्याण का उचित समाधान नहीं कर सकें तो हमे किसी ना किसी नई महामारी का सामना करन पड़ सकता है।

वर्तमान में कोरोना वायरस के कारण दुनिया भर के स्वास्थ्य विभाग और इनके जानकार अभी तक इस वायरस को जड़ से खत्म करने में सफल नहीं हुए है जबकि इसके लिए पानी की तरह पैसे बहा दिया गया है। अगर दुनिया के सभी देश मिलकर पर्यावरण का खयाल नहीं रखेंगे तो हमें आने वाले भविष्य में किसी ना किसी नई बीमारे से लड़ना पड़ सकता है। टेड्रोस ने कहा कि लोगों को कोरोना महामारी से सीख लेनी चाहिए क्योंकि इसके आने के बाद से लोगों में डर पैदा हुआ है अगर इसका इलाज जल्द मिल जाता तो शयद लोगों को इस बीमारी का डर कभी नहीं लगता है।

कोरोना महामारी के कारण वे देश आज अपने आप को इतना असहाय महशुस कर जो अपने आप को दुनिया का सबसे अच्छा स्वास्थ्य सेवा ढाचा माना करते थे। भारत आज उन देशों से आगे है जो इस महामारी में कई देशों की सहायत करने के साथ आने वाले दिनों में उनको दुनिया की सबसी सस्ती और कारगर वैक्सीन देगा। भारत में स्वदेशी कोरोना वैक्सीन के अंतिम चरण का प्रशिक्षण चल रहा है और इसके परिणाम अभी तक सही आये है जो भारत के लिए बहुत बड़ी कामयाबी होगी। भारत में नये साल के शुरूआती हफ्तों में कोरोना का टीका लगना शुरू हो सकता है।

मुख्यमंत्री राजे फिल्म पद्मावत को राजस्थान में रिलीज होने दे – पूर्व राज्यपाल

राजस्थान। राजस्थान की पूर्व राज्यपाल मार्गरेट अल्वा का कहना है कि यदि राजस्थान में फिल्म पद्मावत का प्रर्दशन नहीं हो रहा है तो यहां के लोग अन्य किसी प्रदेश में जाकर यह फिल्म देख सकते हैं। उन्होंने कहा कि पद्मावत फिल्म को लेकर मै सुप्रीम कोर्ट की राय मानती हूं,जो लोग फिल्म नहीं देखना चाहते वे नहीं देखें और जो देखना चाहते हैं वे देखने सिनेमाघरों में जांए। आप दूसरों को नहीं रोक सकते।

पद्मावत रिलीज नहीं होने पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर तंज कसते हुए मार्गेट अल्वा ने कहा कि प्रदेश में महिला और फेमस मुख्यमंत्री है उन्हे इस मामले को देखना चाहिए था,फिल्म का प्रदर्शन होना चाहिए। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में शामिल होने आई मार्गेट अल्वा ने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा कि देश में सबको अपनी बात रखने का हक है। बेवजह प्रदर्शनों से देश ड़रता नहीं है और ना ही किसी को ड़रना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। सुप्रीम कोर्ट ने भी साफ कहा है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने का काम राज्य सरकारों का है अल्वा ने महिलाओं को और अधिक संबल की जरूरत बताते हुए कहा कि मैने पार्टी के भीतर महिला आरक्षण का उठाया था और चुनाव में आरक्षण मिलने के बाद पुरूषों के मुकाबले महिलाएं अधिक जीतकर आई हैं ।

राजनीति को लेकर वसुंधरा राजे ने दिया ये बड़ा बयान, कहा…

चित्तौडगढ़। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने लोगों से साम्प्रदायिक सौहार्द बनाने का आह्वान करते हुए कहा है कि इसके बने रहने से निवेशक राज्य में निवेश के लिए आकर्षित होंगे। राजे आज यहां आयोजित संत समागम को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि इसके लिए जरूरी है कि हम अपने इतिहास के साथ जुड़े रहकर आपसी सौहार्द बनाए रखें।

उन्होंने कहा कि धर्म के बिना राजनीति अधूरी है और धर्म एवं राजनीति के बीच बने सौहार्द के वातावरण में ही राजस्थान आगे बढ़ेगा। उन्होंने अपनी सरकार के धर्म के प्रति कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने एक सौ करोड़ रुपए के धार्मिक पैनोरमा तैयार करने का कार्य प्रारम्भ किया है वहीं 551 करोड़ रुपए की लागत से 625 मंदिरों के जीर्णोद्धार के कार्य प्रगति पर है।

उन्होंने इससे पूर्व दुर्ग पर पिछले नौ दिनों से चल रहे नौ कुण्डीय यज्ञ में राज्य की खुशहाली एवं सौहार्द बने रहने के लिए आहूति दी एवं कालिका माता मंदिर में दर्शन किये। मुख्य संत समागम में प्रदेश के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, नगरीय विकास मंत्री श्रीचंद्र कृपलानी, संसदीय सचिव शत्रुघ्न गौतम, सांसद चंद्रप्रकाश जोशी सहित जिले के विधायक अर्जुनलाल जीनगर, चंद्रभानसिंह, सुरेश धाकड़ एवं गौतम दक भी उपस्थित रहे।

BJP के राज में पुलिस की भूमिका संदेहास्पद हो गई है: सचिन पायलट

जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा है कि पुलिस संवेदनहीनता के कारण प्रदेश में महिला उत्पीडऩ बढ़ रहा है।

 

पायलट ने बयान में कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि न्याय नहीं मिलने से आहत होकर बलात्कार पीड़ित एक किशोरी के पिता को पुलिस मुख्यालय पर धरना देना पड़ा है। भाजपा के राज में पुलिस की भूमिका संदेहास्पद हो गई है जिसके कारण न्याय मिलना मुश्किल हो रहा है।

 

उन्होंने कहा कि पीड़िता के पिता के अनुसार किशोरी से पहले बलात्कार किया गया और उसके बाद जमानत पर छूटे आरोपी ने किशोरी को अगवा कर लिया और बंधक बनाकर रखा, जिससे साफ पता चलता है कि पुलिस की कार्यप्रणाली का फायदा अपराधी उठा रहे हैं और पीड़ितों को न्याय मिलना मुश्किल हो गया है।