केन्द्र सरकार को गिराने का समय आ गया हैः अजीत पवार

सांगली। महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता अजीत पवार ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार और महाराष्ट्र सरकार ने जनता को बहुत लुभावने सपने दिखाये थे लेकिन जनता के हितों से जुड़ा कोई काम ये सरकारें नहीं कर रही हैं इसलिए अब समय आ गया है कि केन्द्र और राज्य की सरकारों को गिरा दिया जाये।

पवार एक रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राज्य के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस ने जनता से झूठे वादे किये थे। इनके शासन में गरीब और गरीब हो रहे हैं तथा अमीर और अधिक अमीर होते जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी मोर्चों पर विफल रही है और सभी क्षेत्रों में भ्रष्टाचार फैल रहा है। गरीब किसानों को लुभावने सपने दिखा कर सत्ता हासिल कर ली और अब किसानों का ध्यान नहीं दे रहे। उन्होंने कहा कि राजनीतिक इच्छा शक्ति की कमी के कारण महाराष्ट्र में भीमा कोरागाव जैसी घटना को रोका नहीं जा सका।

 


महाराष्ट्र राकांपा अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार जब केन्द्र सरकार में थे, तब उन्होंने किसानों का ऋण माफ करने के लिए 71 हजार करोड़ रुपये दिये थे लेकिन आज सरकार के ऋण माफी योजना पर किसान असंतोष महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि शरद पवार जैसे नेता की देश को आवश्यकता है जो देश को एक सही दिशा दे सकते हैं।

विधायकों की इस हरकत से गहरी नाराजगी व्यक्त की वसुंधरा राजे

जयपुर। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल की बैठक में कई विधायकों के शामिल नहीं होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। सीएम राजे ने मंगलवार को विधानसभा के हां पक्ष लाबी में आयोजित विधायक दल की बैठक में कुछ मंत्रियों सहित 50 से अधिक पार्टी विधायकों के मौजूद नहीं रहने पर नाराजगी जाहिर की है।विधायक दल की यह बैठक विधायकों को प्रदेश में होने वाले आम चुनावों की तैयारियों में जुटने के लिए संदेश देने के लिए बुलाई गई थी।

बैठक में संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने सीएम राजे को बताया कि कई बार विधानसभा में भी विधायक मौजूद नहीं रहते जिसके कारण कोरम भी पूरा नहीं होता।उन्होंने कहा कि सदन में कोरम पूरा करने की मांग नहीं करने से सरकार को शर्मिंदगी का सामना नहीं करना पड़ता। बैठक में सीएम राजे ने संसदीय कार्य मंत्री को कहा कि वह जिला कलेक्टरों को राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का अधिकाधिक प्रचार करने के निर्देश दे।

बाद में पार्टी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री वी सतीश ने भी क्रांफ्रेंस हॉल में विधायकों की बैठक लेकर उनसे उपचुनावों में मिली हार से उबर कर आगामी चुनावों की तैयारियों में जुटने के निर्देश दिए। बाद में सीएम राजे ने बाद में विधानसभा स्थित अपने कक्ष में पार्टी के सह संगठन मंत्री वी सतीश तथा प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों से मंत्रणा की। उल्लेखनीय है कि इससे पहले हुई पार्टी विधायक दल की बैठक में भी कई विधायक शामिल नहीं हुए थे।

केंद्र की BJP सरकार के वादे केवल जुमलेबाजी : शरद

पटना। जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने आज कहा कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जो वादा किया था उससे देश में परिवर्तन आ सकता था लेकिन अब तक यह वादा केवल जुमलेबाजी साबित हुई है।

यादव ने यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश की हालत विकट और गंभीर है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कोई कामकाज सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय भाजपा ने दो करोड़ नौजवानों को रोजगार, खेती में लागत का डेढ़ गुना और लोगों के बैंक खाते में 15-15 लाख रुपये देने का वादा किया था, लेकिन उसकी सरकार बनने के बाद अभी तक पूरा नहीं हो सका है।

पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव के समय‘सबका साथ, सबका विकास’का वादा किया गया था जो अबतक केवल जुमलेबाजी साबित हुई है। डिजिटल इंडिया का नारा दिया गया लेकिन बहुसंख्यक समाज के लोग सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) से वाकिफ नहीं हैं जिसके कारण यह विफल साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया सिर्फ नारा बनकर रह गया है।

विपक्ष का काम केवल नकारात्मक बातें करना सही नहीं है: परनामी

जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने आज कहा है कि विपक्ष का काम केवल नकारात्मक बातें करना सही नहीं है। परनामी ने संवाददाताओं से कहा कि विपक्ष को प्रदेश का विकास नजर नहीं आ रहा है। केवल नकारात्मक बातें कर रहे हैं, जो ठीक नहीं है। उन्होंने ब्यावर में रसोई गैस सिलेंडर हादसे की चर्चा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ब्यावर पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मिली और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

 

उन्होंने कहा कि विपक्ष ने प्रभावित परिवारों की सुध भी नहीं ली। सचिन पायलट और अशोक गहलोत को भी जाने का वक्त नहीं मिला। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने एक प्रश्न के जवाब में कहा कि पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा। कांग्रेस को आरोप लगाने से पहले यह भी बताना चाहिए था कि यह ऋण किसके शासनकाल में दिया गया था। उन्होंने शिक्षकों के तबादले को लेकर शिक्षा राज्य मंत्री की ओर से निकाले गए एक परिपत्र के जवाब में कहा कि शिक्षकों के तबादले तय नीति के तहत ही होंगे।

तीन दशक के बाद BJP ने बनाया अपना नया आशियाना – कुछ ख़ास

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 11 अशोक रोड स्थित अपने पुराने कार्यालय को छोड़ जल्द नए कार्यालय में जाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 6-ए दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित नये कार्यालय का उद्घाटन करेंगे। इस मौके पर पार्टी अध्यक्ष अमित शाह समेत सभी वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। करीब साढ़े तीन दशक तक मुख्यालय रहे 11 अशोक रोड स्थित कार्यालय, प्रथम भाजपा अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेई के समय से अब तक पार्टी की प्रगति यात्रा में अनगिनत ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी रहा है।

 

प्रधानमंत्री मोदी और पार्टी अध्यक्ष शाह ने 18 अगस्त 2016 को नए कार्यालय की आधारशिला रखी थी। आधुनिक सुविधाओं के तहत बनाए गए पार्टी का मुख्यालय बहुमंजिला है जिसमें तीन ब्लॉक हैं। मुख्य इमारत सात-मंजिला है और उसके आसपास मौजूद दोनों इमारतें तीन-तीन मंजिल की हैं। इसमें कुल 70 कमरे हैं।  दो वशाल कॉन्फ्रेंस हॉल तथा डिजिटल लाइब्रेरी भी है। सभी तरह की आधुनिक सुविधाओं से लैस इस विंन के भूतल भाजपा और जनसंघ से जुड़े महापुरुषों की प्रतिमा लगाई गई है। भूतल पर ही आठ प्रवक्ताओं के लिए कक्ष हैं।

इमारत में रेन-वॉटर हार्वेसिं्टग और बायो-टॉयलेट की व्यवस्था भी की गई है। पूरे विंन परिसर में वाई-फाई कनेक्टिविटी रहेगी है। पार्टी का नया मुख्यालय जो सभी पार्टी के प्रदेश मुख्यालयों तथा जिला मुख्यालयों से जुड़ा होगा। पार्टी पदाधिकारियों तथा आगंतुकों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था करने की खातिर कई कैन्टीन भी बनाई गई है। यहां एक बहुत बड़ा राष्ट्रीय ध्वज भी हमेशा लहराता रहेगा। इस इमारत में करीब 200 कारों के लिए भूमिगत पार्किंग बनाई गई है।

अपनी मांगों को लेकर रोडवेज कार्मियों ने दी चेतावनी, कहा…

जयपुर। राजस्थान परिवहन निगम संयुक्त कर्मचारी फैडरेशन ने तेरह सूत्री मांगों को लेकर आज सिंधी कैम्प में विधानसभा तक रैली निकालकर सरकार को चेतावनी दी कि रोडवेज कार्मियों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो अगले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को हार का सामना करना पडेगा।

 

सिंधी कैम्प से शुरू हुई रोडवेज कर्मियों की रैली में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबजी हुई तथा बाद में भारतीय मजदूर संघ से जुडे नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि रोडवेजकर्मियों का अहित हुआ तो कर्मचारी अगले चुनाव में भाजपा को हराने का काम करेंगे। विधानसभा के पास आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार को हाल ही उपचुनाव में पार्टी की हार के संकेत समझ लेने चाहिये अन्यथा अगले चुनाव में भाजपा हार के लिय तैयार रहे।

 

वक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार रोडवेज को खत्म करने पर तुली हुई है तथा निजी बसों को बढावा दिया जा रहा है। रोडवेजकर्मियों को सातवां वेतन आयोग नहीं दिया गया तथा मंहगाई भत्ता का भुगतान बकाया चल रहा है। सेवानिवृत होने पर कर्मचारी को खाली हाथ घर जाना पडता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की तर्ज पर राजस्थान में भी रोडवेज कर्मियों को राज्य कर्मचारी की श्रेणी में माना जाये। इससे सरकार को रोडवेज की बेशकीमती जमीन का मालिक बननने का हक मिल सकेगा।

PM मोदी ने कहा- सरकार की उपलब्धियों और बजट को जनता के बीच ले जाए सांसद

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने BJP के सांसदों को नसीहत दी कि वें आम बजट में गरीबों और किसानों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लिए उठाए गए कदमों और 4 साल की उपलब्धियों को जनता के बीच ले जाएं। मोदी ने सुबह संसद के पुस्तकालय भवन में पार्टी संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने 2014 में सत्ता संभालने के बाद देश की आर्थिक प्रगति की रफ्तार तेज करने के साथ गरीबों एवं किसानों के लिए सिलसिलेवार ढंग से कदम उठाए।

भ्रष्टाचार के खात्मे, आतंरिक सुरक्षा, वैश्विक प्रभाव में वृद्धि आदि क्षेत्रों में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल हुईं हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि सांसदों को बूथस्तर पर जाकर कार्यकर्ताओं को इन उपलब्धियों को बताना होगा और उन्हें तथ्यों से लैस करके चुनावी अभियान के लिए तैयार होना होगा।

उन्होंने इस बार के बजट में किसानों को लागत का डेढ़ गुना मूल्य देने और 10 करोड़ गरीब परिवारों को पांच लाख रुपए प्रति परिवार का चिकित्सा बीमा देने के फैसलों से जमीनी स्तर पर पडऩे वाले असर के बारे में जनजागरुकता अभियान चलाने की सलाह दी।

पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने सांसदों को प्रधानमंत्री के दोनों सदनों में दिए गए भाषणों से सूत्र लेकर विपक्ष से राजनीतिक मुकाबले की तैयारी करने के निर्देश दिए। संसदीय दल की बैठक के बाद पीएम मोदी फिलीस्तीन, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान की चार दिन की यात्रा पर रवाना हो गए।

राजस्थान उपचुनाव : जानिए कांग्रेस की रिकॉर्ड जीत की 3 अहम वजह….

नई दिल्ली। राजस्थान उपचुनाव में भाजपा को तीनों सीटों पर करारी हार मिली है। अजमेर, अलवर लोकसभा और मांडलगढ़ विधानसभा सीट के उपचुनाव में कांग्रेस ने रिकॉर्ड जीत दर्ज की है। इस जीत से कांग्रेस का होशला और बढ़ गया। उधर, वसुंधरा के लिए ये हार वॉर्निंग की तरह रही। कहा जा रहा है कि इस बार कांग्रेस में नेताओं ने ये चुनाव एकजुटता और स्ट्रैटजी बनाकर लड़े है।

जानिए BJP हार-जीत की 3 बड़ी वजहें….

1. राजपूतों की नाराजगी:- आनंदपाल और पद्मावत फिल्म के मुद्दे पर राजपूतों की नाराजगी को सरकार नहीं भांप सकी। कांग्रेस ने इसे अपने वोट में कैश किया। सरकार के पास 24 राजपूत विधायक हैं।

2. अंदरूनी संघर्ष:- टिकटों को लेकर पार्टी में आखिर तक विवाद बना रहा। अलवर में कैबिनेट मंत्री जसवंत यादव को टिकट दिया। उनकी छवि अच्छी नहीं थी। पार्टी के विधायक नाराज थे।

3. एंटी-इनकमबेंसी: केन्द्र और राज्य की नीतियों के खिलाफ जनता नाराज है। इस वजह से शहरी वोटर भी बीजेपी से दूर हुए। जिन 17 विधानसभा सीटों पर पोलिंग हुई, वहां सभी जगह बीजेपी हारी।

  • संघ ने भी इन चुनावों में प्रचार से खुद को दूर रखा। कर्मचारियों और डॉक्टरों की हड़ताल से लोग परेशान हुए। सरकार इन मुद्दों को नहीं सुलझा सकी। इससे सरकार के खिलाफ माहौल बना।

दिग्गजों की साख़ है दाव पर – राजस्थान उपचुनाव

राजस्थान : कल आएंगे उपचुनाव के लोकसभा और विधानसभा सीटों के परिणााम –

जयपुर। राजस्थान में दो लोकसभा सीटों एवं एक विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के परिणाम सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों दलों के प्रमुख नेताओं का भविष्य तय करेंगे।उपचुनाव की मतगणना कल सुबह शुरू होगी और दोपहर तक परिणाम आ जाएंगे। इन परिणामों का दोनों दल विश्लेषण कर आगामी दिसंबर में होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति तैयार करेंगे। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश में सरकार होने और तीनों सीटें भाजपा के कब्जे की होने के कारण एक भी सीट पर हार इसकी साख पर असर डालेगी वहीं कांग्रेस यदि एक भी सीट जीतती है तो उसमें अगले चुनाव के लिए अपने कार्यकर्ताओं में जोश भरने का आधार बनेगा।

 

वैसे ये चुनाव परिणाम प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सुशासन पर मोहर लगाएंगे या शासन के प्रति लोगों की नाराजगी को सामने लाएंगे, यह कल परिणाम के आने से ही स्पष्ट होगा। तीनों सीट में से एक भी सीट पर पराजय का सीधा असर मुख्यमंत्री पर तो पड़ेगा ही साथ में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी की संगठन पर पकड़ को भी साबित करेगा। एक से अधिक सीटों पर हार के परिणाम इन दोनों नेेताओं की साख पर विपरीत असर डालने वाले साबित होंगे। वैसे सट्टा बाजार के भाव कांग्रेस के पक्ष में है लेकिन भाजपा ने अपने गुप्त सर्वे के बाद तीनों सीटों पर पार्टी की जीत का दावा किया है।

 


अलवर में भाजपा उम्मीदवार राज्य के श्रममंत्री जसवंत सिंह की अपनी ही जाति के पूर्व सांसद डॉ. कर्ण सिंह यादव से टक्कर रही। यहां पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं राहुल गांधी के नजदीकी भंवर जितेन्द्र सिंह की साख दांव पर है।अजमेर में दिवंगत पूर्व केन्द्रीय मंत्री सांवरलाल जाट के पुत्र भाजपा उम्मीदवार रामस्वरूप लांबा की कांग्रेस के रघु शर्मा से टक्कर रही। यहां कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। लोकसभा की दोनों सीटों पर सीधा मुकाबला रहा लेकिन मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस के बागी उम्मीदवार गोपाल मालवीय ने मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया था। यहां भाजपा के शक्तिसिंह और कांग्रेस के विवेक धाकड़ प्रत्याशी हैं। यहां कांग्रेस के महासचिव एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री सी पी जोशी की साख दांव पर लगी हुई है।

राजस्थान -उपचुनाव दिग्गजों ने छोड़ा चुनाव क्षेत्र –

अजमेर। अजमेर संसदीय क्षेत्र में उपचुनाव के प्रचार का शोर शनिवार शाम 6 बजे थम गया। अंतिम दिन भाजपा और कांग्रेस के रोड शो के बाद शाम 6 बजे से पहले शहर में आए बाहरी नेता भी यहां से रवाना हो गए। अब प्रत्याशी और कार्यकर्ता घर-घर जाकर पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में मतदान की अपील कर पाएंगे। प्रत्याशियों का जोर अब मतदाताओं की देहरी धोक कर वोट मांगने पर रह गया है।दोनों पार्टियों के प्रत्याशियों और नेताओं ने वार्ड स्तर पर मतदाताओं को निकाल कर पाेलिंग बूथ पर पहुंचाने की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। अब तक चुनावी रैलियों व सभाओं के बाद अब जनसंपर्क के लिए कार्यकर्ता अब घर-घर पहुंचेंगे और इसके साथ ही मतदान केंद्रों पर उपस्थित रहने वाले कार्यकर्ता और बूथ पर बैठने वाले एजेंट को अंतिम रूप देने का भी काम शुरू कर दिया है।

 

अजमेर लोकसभा उप चुनाव का प्रचार समाप्त होने के साथ ही प्रचार के लिए आए भाजपा और कांग्रेस के बड़े नेताओं ने शहर छोड़ना शुरू कर दिया है, लेकिन दोनों ही पार्टियों के छोटे नेता अभी भी डेरा डाले हुए हैं। प्रशासन को अब इन नेताओं और कार्यकर्ताओं जिला बदर करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। पिछले दस दिनों से दोनों दलों ने प्रदेश स्तरीय नेता और कार्यकर्ताओं बड़ी फौज प्रचार के लिए संसदीय क्षेत्र में झोंक रखी थी। इनकी संख्या ढाई हजार से अधिक होगी। मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता भी शामिल हैं। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार 27 फरवरी को चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद जिले के बाहर से आए नेता और कार्यकर्ता जिले में प्रवास नहीं कर सकते हैं। इसके तहत शाम को प्रचार का समय समाप्त होने के बाद नेताओं ने स्थानीय कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश देकर रवाना होना शुरु कर दिया है।

सूत्रों के अनुसार दोनों ही पार्टियों के बड़े नेता देर सात तक शहर अथवा जिला छोड़ देंगे। शहर छोड़ने वाले बड़े कांग्रेसी नेताओं में सचिन पायलट, विवेक बंसल, प्रताप सिंह खाचरियावास, प्रमोद जैन भार्य सहित अन्य नेता शामिल हैं। यह लंबे समय स अजमेर में प्रवास कर पार्टी की रणनीति को अंजाम दे रहे थे। इसी प्रकार भाजपा में मंत्री यूनिस खान, अरुण चतुर्वेदी, केन्द्रीय मंत्री सीआर चौधरी सहित अन्य विधायकों ने शहर छोड़ना प्रारंभ कर दिया। सूत्रों का कहना है कि बड़े नेताओं ने तो शहर छोड़ रहे हैं, लेकिन कई छोटे नेता और कार्यकर्ता अभी जिले में डटे हुए हैं। जिनको जिला बदर करने के लिए प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। सूत्रों का कहना है कि प्रशासन दोनों ही पार्टियों के इन नेताओं को पहचानता नहीं है। इधर यह नेता स्थानीय कार्यकर्ताओं के घर में मेहमान बनकर रह रहे हैं। वहीं, से चुनाव का संचालन कर रहे हैं। ऐसे में शिकायत होने पर प्रशासन को इन नेताओं की पहचान हो सकती है।

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