राजस्थान: नगरपालिका में ​कांग्रेस का दिखा जलवा तो बीजेपी को मिली करारी हार

राजस्थान की 50 नगर निकाय चुनाव के नतीजों के आने के बाद जहां बीजेपी को करारा झटका लगा है तो कांग्रेस का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा है। 12 जिलों की 50 निकाय में 36 पर कांग्रेस अध्यक्ष बनाने में सफल रही तो भाजपा के केवल 12 अध्यक्ष और वहीं दो निर्दलीय अध्यक्ष का चुनाव जीत पाए हैं।

जयपुर में बीजेपी का नहीं खुला खाता
जयपुर जिले की 10 नगर पालिकाओं में से 9 नगर पालिकाओं में कांग्रेस के चेयरमैन बना तो इसके अलावा एक नगर पालिका में कांग्रेस के बागी को जीत हासिल हुई।

भरतपुर में बीजेपी का नहीं खुला खाता
भरतपुर जिले की कुल आठ नगरपालिकाओं में से भाजपा के खाते में एक भी सीट नहीं गयी और भाजपा के प्रदेश महामंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले में पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया है।

इन 12 जिलों में हुए चुनावों के परिणाम 13 दिसंबर को आए थे इसमें 1775 में से कांग्रेस को 620, निर्दलीय 595 और बीजेपी को 548, बसपा को सात सीटों पर जीत मिली थी। सबसे ज्यादा बगरू नगरपालिका में चौंकाने वाले परिणाम आए जहां पर निर्दलीय मालूराम को कांग्रेस के
6 वोट की क्रॉस वोटिंग ने मालूराम को चेयरमैन बना दिया।

बंगाल विधानसभा चुनावों में आर—पार की जंग लड़ने को तैयार है BJP और TMC

अगले साल पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी के साथ दूसरी पार्टियों में सुगबुगाहट तेज होती नजर आ रही है। बात करे बीजेपी की तो उसने बिहार जीत के बाद से अपना अगला लक्ष्य बंगाल को बना लिया है और 2019 के लोकसभा चुनावों में बंगाल में वोट प्रतिशत को देखकर बीजेपी ने 200 सीट जीतने का लक्ष्य भी रख लिया है। खबरों के अनुसार बताया जा रहा है कि आने वाले कुुछ दिनों में ही चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल चुनाव पर बड़ा फैसला कर सकता है।

कोरोना काल में चुनाव आयोग के लिए सफलता तब मिली जब उन्होंने बिहार में बड़ी सावधानी के साथ चुनाव कराया है, उसी मॉडल के आधार पर पश्चिम बंगाल में भी चुनाव कराए जा सकते है। ममता बनर्जी ने तीन दशक से पश्चिम बंगाल की सीएम बनी हुई है और उन्होंने कभी लेफ्ट का सफाया कर सत्ता हासिल करी थी।

लेकिन इस बार ममता बनर्जी के लिए सबसे बड़ी चिंता बीजेपी होगी क्योंकि बीजेपी बंगाल में अपनी पूरी ताकत लगा चुकी है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ बीजेपी के कई बड़े मंत्री और नेता लगातार बंगाल का दौरा कर रहे है और इससे लगता है कि बीजेपी बंगाल चुनावों में जीत के लिए जबरदस्त तैयारियों में जुट गयी है।

अगर बात करें बंगाल के मौजुदा हालात की तो यंहा बीजेपी और टीएमसी के कार्यकर्ताओं में आए दिन झगड़े होते रहते है और इसमें बीजेपी के कई कार्यकर्ताओं को अपनी जान तक गवानी पड़ी है। बंगाल में टीएमसी के आने से पहले लेफ्ट के साथ इस प्रकार की धटनाएं देखने को मिलती थी अब वहीं घटनाएं बीजेपी और टीमसी के बीच देखी जा रही है।

बीजेपी का बंगाल में प्रदर्शन:—

2014 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी का वोट प्रतिशत 18 फीसदी तथा 2 सीटों पर जीत हासिल करी थी। लेकिन 2019 के लोकसभा चुनावों में वोट प्रतिशत 40 फीसदी जा पहुंचा और 18 सीटों पर जीत हासिल हुई। अब बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 200 सीटों पर जीत का दावा किया है।

बंगाल के मौजूदा हालात:—

बंगाल गये भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की सुरक्षा में चूक को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार से जवाब मांगा है। इस घटना के बारे में बताया जा रहा है अध्यक्ष की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थे जो बड़ी चूक मानी जा रही है। इसके साथ इस दौरे के दौरान बीजेपी के नेताओं पर हमला हुआ जिसमें कई बड़े नेताओं को चोट आने के साथ गाड़ियों के शिशे तोड़ने की तस्वीरे भी वायरल हो रही है।

ममता पर परिवादवाद का आरोप:

टीएमसी छोड़कर बीजेपी आए कई बड़े नेताओं के साथ बीजेपी ममता पर परिवादवाद को बढ़ावा देना तथा केन्द्र की सरकारी योजना से बंगाल की जनता को लाभ नहीं पहुंचाने को लेकर लगातार आरोप लगाती रही है। इसके साथ ममता बीजेपी को झूठ बोलने वाली पार्टी को अमीरों की पार्टी कहकर बुलाती है।

 

कांग्रेस की थूक कर चाटने की आदत बन गई है, कांग्रेस ने 2019 के घोषणा पत्र में जो वादा किया था, उसे क्यों झुठला रही है: कटारिया

मोदी सरकार ने किसानों के हित में ऐतिहासिक एवं क्रांतिकारी निर्णय लिया है: गुलाबचन्द कटारिया

कांग्रेस विधेयकों को बिना पढ़े ही दुष्प्रचार कर रही है: कटारिया

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जयपुर, 21 सितम्बर। भाजपा प्रदेश कार्यालय में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया ने मीडिया को सम्बोधित करते हुए कहा कि, कांग्रेस केन्द्र सरकार के कृषि विधेयकों के बारे में अमर्यादित एवं अलोकतांत्रिक शब्दों का प्रयोग कर काला कानून बता रही है, लेकिन हकीकत यह है कि विधेयक देश के किसानों के हित में है, उन्नति के लिए है, जिसे कांग्रेस के नेताओं ने पढ़ा तक नहीं है, बिना पढ़े ही जनता को भ्रमित कर विरोध कर रहे हैं।

गुलाबचन्द कटारिया ने कहा कि कांग्रेस को इन विधेयकों को पहले ठीक से पढ़ना चाहिए, जिससे स्पष्ट हो जाएगा कि एक्ट में जो संशोधन किया है, वो इतने वर्षों से व्यापारियों, किसानों, स्वामीनाथन आयोग एवं किसानों के हितों को लेकर लम्बे समय तक लेख लिखने वाले शरद जोशी ने भी मांग उठाई थी। उन्होंने कहा कि, किसानों की कृषि सुधारों को लेकर लम्बे समय से मांग थी, जिस पर 55 सालों तक राज करने वाली कांग्रेस ने कभी ध्यान नहीं दिया, लेकिन मोदी सरकार ने किसानों के हित में ऐतिहासिक एवं क्रांतिकारी निर्णय लिया है।

कटारिया ने कहा कि, कांग्रेस मोदी सरकार के विधेयकों का जनता को गुमराह करने के लिए विरोध कर रही है, जबकि हकीकत यह है कि कांगे्रस ने 2019 के स्वयं के घोषणा पत्र में कृषि से सम्बन्धित कानून बनाने का वादा किया था। किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने एवं उन्नति के लिए केन्द्र सरकार द्वारा लाये गये विधेयकों को लेकर कांग्रेस को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को धन्यवाद देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि, केन्द्र सरकार के नये प्रावधानों के मुताबिक किसान अपनी फसल को कहीं भी, कभी भी बेचने के लिए स्वतंत्र है और फसल की कीमत भी खुद ही तय करेगा, पहले व्यापारी तय करता था, इस संकट से किसान को अब मुक्ति मिली है। हमारे यहां मंडी सिस्टम है, मंडी में किसान के ऊपर कितना टैक्स लगता है, यह कोई व्यापारी नहीं भरता है, यह सीधा किसान भरता है। देश में सबसे अधिक मंडी टैक्स राजस्थान में लिया जाता है, जो किसान पर बड़ी मार है, इसे कम करने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत क्यों गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहे हैं।

कटारिया ने कहा कि, कांग्रेस ने एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) को 55 सालों के राज में ना के बराबर बढ़ाया, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी जी ने देश की आजादी से अब तक एमएसपी में सबसे अधिक बढ़ोतरी की है, जो किसानों की आमदनी बढ़ाने में बहुत कारगर साबित हो रहा है और मोदी सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के प्रति दृढ़ संकल्पित है। कटारिया ने कहा कि, कांग्रेस की थूक कर चाटने की आदत बन गई है, कांग्रेस के  2019 घोषणा पत्र के पेज नंबर 17 पर पढ़ें उसमें यही मांग की थी और अब इसको कांग्रेस काला कानून भी बता रही है। इसमें दूसरा प्रस्ताव संविदा खेती का है, संविदा खेती में किसान अपनी फसल का दाम तय करके एग्रीमेंट करेगा, जो तय किया है, वही रेट किसान को मिलेगी, इसमें जमीन हड़पने की बात कहां से आ गई, कांग्रेस विधेयकों को बिना पढ़े इस बारे में क्यों दुष्प्रचार कर रही है।

कटारिया ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि, 2003 में कर्नाटक और मध्य प्रदेश में संविदा खेती के आधार पर फल और सब्जी की खेती का काॅट्रैक्ट किया, 2006 में महाराष्ट्र में किया, 2007 में हरियाणा में किया और यह पंजाब उड़ीसा और तमिलनाडु में आप की सरकार थी तब इतने अमेंडमेंट करके संविदा खेती को आगे बढ़ाया, संविदा खेती को आगे बढ़ाते हो तब तो कानून अच्छा है, किसान को फसल का पहले ही दाम मिल जाएगा तो इसमें बुरा क्या है, राजस्थान में किसी ने लगान माफ किए हैं तो वह स्व. भैरों सिंह शेखावत थे।
उन्होंने कहा कि, किसान सम्मान निधि के आधार पर देश के नौ करोड़ किसानों को हर साल 3 किस्तों में 72 हजार करोड़ रुपए उनके खाते में जा रहा है, 93हजार करोड़ रुपए आॅनलाइन उनके खाते में पहुंच गया। किसान की फसल का बीमा अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने किया था, किसान क्रेडिट कार्ड की सौगात भी दी थी, जिसका आज भी देश के करोड़ों किसान लाभ ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि, किसानों को अच्छे दाम मिलने से ही देश तरक्की करेगा और यही काम मोदी सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए कर रही है।  इस दौरान प्रेसवार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष माधोराम चैधरी, प्रदेश मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा भी मौजूद रहे।

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