राजस्थान – भाजपा कर सकती है वापसी – जाने ख़ास रिपोर्ट

तीसरा मोर्चा गठबंधन के बंदर बाट में लगभग तय है – भाजपा की वापसी 

जयपुर | राजस्थान विधानसभा चुनावों में अभी एक महीने का वक्त है लेकिन आज https://politico24x7.com की टीम ने   जमीन स्तर और आकड़े जांचे तो चौकाने वाले तथ्य सामने आ रहे है ,जिसके आधार पर भाजपा राजस्थान में वापसी कर सकती है आसानी से – जानें

तीसरा गटबंधन मात्र – बातो और मीटिंगों ने –

राज्य में भाजपा और कांग्रेस को हराने के लिए ऐसे तो लम्बी राजनेतिक पार्टियों की जम्बो लिस्ट है लेकिन उन

सभी पार्टियों में कुछ अहम देखने को मिल रहा ,वैसे तो अभी जयपुर में MI ROAD पर एक निजी होटल में कुछ पार्टियों के मीटिंग हुई है लेकिन सिफ बाते – एकजुट होने के कोई संकेत नहीं मिले |

भाजपा ने बदले – 60% से अधिक प्रत्याशी –

भाजपा के चाणक्य अमित शाह राजस्थान में मुख्य रूप से सक्रिय है प्रतिदिन की मीटिंग के मीटिंग मिनिट्स तक उन तक पहुँच रही है भाजपा कार्यलय में अभी कुछ समय पहले हुई मीटिंग में अमित शाह ने साफ कह दिया था की जिला अध्यक्षों को टिकट नहीं मिलेगा चाहे तो पार्टी छोड़ सकते है जिसके बाद सभी जिलाध्यक्ष अपने संघटन के कार्य में लग गए वेसे लगभग सभी जिलाध्यक्ष टिकट की लाइन में थे , साफ़ इशारा रहा अमित शाह का पार्टी संगठन को वो किसी भी कीमत में टूटने नहीं देखे ,

60% से अधिक प्रत्याशी होगे नये – 

सूत्रों के अनुसार इस बार भाजपा में दिग्गजों के साथ कई बड़े नेता ओं की टिकट कट रहे है तथा उनको संघटन को मजबूत करने का कार्य दे दिया है ,इसके साथ ही 34 SC तथा 25 ST सीटों पर प्रत्याशी बदल दिए गए है ,इसके बाद 70 वर्ष से अधिक उम्र के उमीदवारो को मार्गदर्शन मंडल में रखने का मूड अब भाजपा ने बना लिया है |

उपरोक्त समीकरणों को देखने पर साफ़ पता लग रहा है की कितने नए प्रत्याशी इस बार चुनावी मैदान में है |

कांग्रेस आलाकमान है चिंता में – 

राजस्थान में तीसरा मोर्चे की जितनी भी पार्टिया मैदान में है वो सब कांग्रेस के वोट बैंक को ही शेयर कर रही है अब अंदुरनी खाने में गहलोत साहब से लेकर मुख्यमंत्री का सपना देख रहे सचिन पायलेट तक इस ख़तरे से परिचित है , जबकि कुछ समय पहले सचिन पायलेट ने कहा था की कांग्रेस किसी के साथ गठबंधन नहीं करेगी जिसके बाद सचिन पायलेट ने कहा था की सामान विचारधारा की पार्टियों के साथ बातचीत के सभी रास्ते खुले है – यह इशारे कुछ तो संकेत दे रहे है |

ख़ास नज़र – तीसरा मोर्चा जो सिर्फ बातों में है शामिल – 

गौरतलब है राजस्थान में इस बार लगभग 50 से अधिक सिम्बल देखने को मिल सकते है हर विधानसभा सीट से ,  वही तीसरे मौर्चे की बात करे तो अनगिनत पार्टिया/ संगठन इस बार चुनावी मैदान में है जैसे – लोहियावादी ,अम्बेडकर वादी ,माक्सवादी मिलकर चुनाव लड़ने वाले है तो अन्य जैसे भाजपा से बागी घनश्याम तिवाड़ी { भारत वाहनी पार्टी },हनुमान बेनीवाल {आगामी समय में जयपुर में रैली कर घोषणा करने वाले है } चन्द्र राज सिंघवी { निर्दलीय मंच } ,बसपा , आप ,राजपा , NPF  ,IPGP  ,नया भारत पार्टी , अभिनव पार्टी DSP अधिकार दल ,SDPI  जैसी अनेक पार्टिया अपना -अपना अलाप गा रहे है लेकिन यह ख़ास बात है अब चुनावों में कम समय बचा है लेकिन सिर्फ – बाते ही नज़र आ रही है अब जिस भाजपा को हराने के लिए यह सभी पार्टिया प्रयासरत है लेकिन आपसी मन -मुटाव / मन -भेद में गठबंधन होता नज़र नहीं आ रहा है अगर अब यह सभी पार्टिया अपने 200 प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतारती  है तो नुकसान कांग्रेस को ही होने वाला है जबकि भाजपा का 15% वोट बैंक तो फिक्स ही है ,एक थ्योरी”  मेनुएपुलेट डेटा ” के  सिदांत को माने तो वर्तमान समीकरण के अनुसार ” भाजपा “को फायदा होता नज़र आ रहा है अगर भाजपा इस बंदर बाट में सत्ता में वापसी कर जाए तो आश्चर्यजनक नहीं होगा |

 

%d bloggers like this: