राहुल गांधी पहले अमेठी की चिंता कर लेंः BJP

नई दिल्ली। वाराणसी से वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हारने की भविष्यवाणी संबंधी राहुल गांधी की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए भाजपा ने आज कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष को अमेठी की चिंता कर लेनी चाहिए और पहले वे वहां हमारी वरिष्ठ नेता स्मृति ईरानी का मुकाबला करके तो दिखायें। भाजपा ने दलितों के मुद्दे पर राहुल गांधी के उपवास को ‘मीडिया इवेंट’ करार दिया । पार्टी ने दावा किया कि भाजपा के दलित सांसदों में कोई असंतोष नहीं है ।

 

भाजपा के वरिष्ठ राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा, राहुल गांधी पहले अमेठी की चिंता कर लें। पहले वह हमारी वरिष्ठ नेता स्मृति ईरानी से मुकाबला करके तो दिखायें, फिर प्रधानमंत्री की बात करें। और अगर फिर भी चाहें, तो वाराणसी से ही चुनाव लड़ लें। उन्होंने कहा कि जितने दल चाहें एकत्र हो लें, देश की जनता मोदीजी के साथ है। लोगों का आर्शीवाद मोदीजी को प्राप्त है । उल्लेखनीय है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को कहा था कि एकजुट विपक्ष के आगे 2019 जीतना तो दूर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद अपनी वाराणसी सीट भी गंवा देंगे।

विपक्षी एकता में अपना विश्वास जाहिर करते हुए राहुल ने कहा था कि भाजपा के लिए 2019 में लोकसभा चुनाव जीतना दूर की कौड़ी है और कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी अगर मोदी के खिलाफ एकजुट रहीं तो वह खुद वाराणसी में हार सकते हैं।दलित मुद्दे पर महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पर कांग्रेस अध्यक्ष के उपवास के बारे में एक प्रश्न के उत्तर में शाहनवाज हुसैन ने कहा, इसको तो उपवास नहीं कहते हैं। भला 2 घंटे का कहीं उपवास होता है। महात्मा गांधी ने देश के लिये 20-20 दिनों का उपवास रखा था। महात्मा गांधी की समाधि पर नाश्ता करके दो घंटे का उपवास वास्तव में उनका उपहास है।भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का अपमान करने वाली कांग्रेस को दलित भाई बहनों से माफी मांगनी चाहिए कि पिछले 60 वर्षों में इस पार्टी ने दलितों के लिये कुछ नहीं किया और अब कांग्रेस पार्टी और उसके नेता दलितों के मुद्दे पर सिर्फ राजनीति कर रहे हैं।

समुदाय को लेकर अलवर विधायक का बयान से हुई राजनीति गर्म

अलवर। राज्य के अलवर शहर से विधायक बनवारी लाल सिंघल एक समुदाय विशेष को लेकर अपने दिए बयान से विवादों में घिरते नजर आ रहें है। बनवारी के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। उनके बयान को लेकर जहां राजनीति गर्म हो गई है तो वहीं उनके बयान से पार्टी हक्क बक्क है।

मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर वायरल विडियों के अनुसार एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए विधायक बनवारी लाल ने कहा कि समुदाय विशेष के लोग अपराध में लिप्त हैं। जिस वजह से मैं उनसे वोट नहीं मांगता और न मुझे उनके वोट की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वैसे भी समुदाय विशेष के लोग बीजेपी को वोट नहीं देते।

बनवारी का कहना है कि मैं उनसे वोट मांगूगा तो वे अपराध में मुझसे मदद मांगने आ जाएंगे। इतना ही नहीं भाजपा विधायक ने अपने इस बयान में पुलिस को भी नहीं छोड़ा। विधायक ने कहा कि कहीं न कहीं पुलिस भी समुदाय विशेष की मदद करती है। इस बार विधायक जी लव जिहाद के बारे में भी अपनी टिप्पणी करने से नहीं चूके। विधायक ने समुदाय विशेष पर आरोप लगाते हुए कहा उनके युवक फेक आईडी बना हिंदू लड़किय़ों को अपने जाल में फंसाते हैं। और इसके बाद वे उनका जीवन बर्बाद कर देते हैं।

राजस्थान के पूर्व CM अशोक गहलोत को पार्टी ने दी नई जिम्मेदारी

जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक नई जिम्मेदारी सौंपी है। कांगे्रस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अशोक गहलोत को सोमवार को केंद्रीय चुनाव समिति का सदस्य बनाया है। पार्टी की केन्द्रीय चुनाव समिति में सिर्फ अशोक गहलोत का नाम जोड़ा गया है जबकि इसके अन्य पुराने सदस्य अभी भी समिति के सदस्यों के रूप में बरकार रखा गया है।

12 सदस्यीय इस समिति में गहलोत के शामिल होने को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि इसके पिछे राजस्थान में होने वाले आगामी चुनावों में कांग्रेस को फायदा भी हो सकता है। आपको बता दें कि अभी राजस्थान में आगामी चुनावों को लेकर सरगर्मी शुरू हो गई है और टिकटों को देने के लिए इसी समिति द्वारा फैसला लिया जाना है।

उल्लेखनीय है कि अभी कुछ समय पहले अशोक गहलोत को संगठन का प्रभारी भी बनाया गया था। वहीं मीडिया खबरों के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की अध्यक्षता वाली इस समिति के सदस्य के रूप में गहलोत की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से प्रभावी होगी।आपको बता दें कि कांग्रेस पार्टी का पूरा ध्यान अभी कर्नाटक विधानसभा चुनावों पर हैं। कर्नाटक में 12 मई को मतदान होने है और उन मतदानों की गणना 15 मई को होगी।

हार्दिक किसी भी राष्ट्रीय पार्टी की ग्रहण नहीं करेगें सदस्यता

उज्जैन। गुजरात के पाटीदार एवं किसान आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने कहा है कि वे किसी भी राष्ट्रीय पार्टी की सदस्यता ग्रहण नहीं करेगें। वह उनके आंदोलन में सहयोग करने वाली पार्टी का साथ देंगे। पटेल मध्यप्रदेश के अपने 2 दिवसीय दौरे पर अपने निर्धारित समय से लगभग दो घंटे देरी से यहां पहुंचे।उन्होंने यहां एक होटल में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि वह अभी अलग अलग क्षेत्रों का दौरा कर अनुभव ले रहे हैं। किसान के साथ जनता की समस्यायें सुन रहें है और समस्याओं के समाधान के लिए आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो पार्टी के नेता उनसे सम्पर्क करते हैं, वह उनके साथ हैं।

 

लेकिन जब तक किसानों और जनता की समस्याओं का समाधान नहीं निकलता, तब तक वह किसी भी पार्टी की सदस्यता ग्रहण नहीं करेगें। एक प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राहुल गांधी ने उनसे सम्पर्क किया। इसलिए वे उनका सहयोग कर रहे है, लेकिन बीजेपी के नाम लिए बगैर कहा कि इस पार्टी ने उनसे सम्पर्क नहीं किया है।मध्यप्रदेश के होने वालें विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का समर्थन करने के प्रश्न के उत्तर में कहा कि ज्योतिदित्य सिंधिया युवा है, कम उम्र के है, इसलिये उनका समर्थन करता हूं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्वियज सिंह से भी काफी अच्छे संबंध हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश में दस साल तक सरकार चलाई है।

वह भी अनुभवी है। इसके साथ ही उन्होंने कमलनाथ को भी अच्छा बताया। जब उनसे पत्रकारों ने पूछा कि क्या विधानसभा में पाटीदार को टिकिट दिलाकर कोई समझौता करेगें। इसके जवाब में उन्होने कहा कि अच्छे कार्यकर्ता के लिए सिफारिश करेगें। कार्यकर्ता को टिकिट देना या नहीं देना पार्टी का काम है। मै सहयोग जरुर करुंगा। उनका मध्यप्रदेश से पुराना रिश्ता रहा है।

राजस्थान सरकार की नई योजना

किशनगढ़। राजस्थान वित्त निगम की ओर से वर्तमान वित्तीय वर्ष में युवाओं को स्वयं का उद्योग प्रारंभ करने के लिए पौने छह करोड़ का ऋण स्वीकृत किया गया है। इससे सात युवा लाभांवित हुए है। युवाओं को ये राशि वित्त निगम की युवा उद्यमिता प्रोत्साहन योजना के तहत दी गई हैं।

इस योजना के तहत मिला युवाओं को करोड़ों रुपए का ऋण

 

राजस्थान वित्त निगम की ओर से युवा उद्यमिता प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 7 युवाओं को ऋण दिया गया है। इस योजना के अंतर्गत 5.72 करोड़ रुपए का ऋण दिया गया है। इससे युवाओं ने नए उद्योग प्रारंभ किए है। इस योजना में ब्याज दर केवल मात्र 7.5 प्रतिशत वार्षिक की दर से देय है। इसमे आईटीआई, डिप्लोमा या स्नातक योग्यता वाले और 45 वर्ष तक की आयु के युवा ऋण ले सकते है। पंद्रह करोड़ तक के ऋण पर ब्याज दर साढ़े सात प्रतिशत एवं 15 करोड़ से अधिक के स्वीकृत ऋण पर निगम की सामान्य ऋण योजना में लागू ब्याज दर देना होगा। वहीं पुनर्भगतान अवधि अधिकतम 7 वर्ष रहेगी। इसके लिए आवेदनकरी को जमीन की व्यवस्था पहले से करके रखनी होगी।

बेरोजगारों को मिलेगा रोजगार

 

प्रचार एवं बजट की कमी क्षेत्र में उद्यमिता को प्रोत्साहन और रोजगार बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक युवाओं को ऋण आंवटित किए जाने की आवश्यकता है। इससे युवाओं में उद्यमिता का विकास होगा और अधिक बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा। इसका क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा। इसके लिए बजट बढ़ाया जाना चाहिए। क्षेत्र के मात्र सात युवाओं को वर्तमान वित्तीय वर्ष में ऋण मिलना प्रचार प्रसार की कमी दर्शाता है। इसके लिए प्रक्रिया को भी सरल बनाया जाना चाहिए। युवा उद्यमिता प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत वर्तमान वित्तीय वर्ष में 7 युवाओं को पांच करोड़ 72 लाख रुपए का ऋण स्वीकृत किया गया है।

वसुंधरा राजे के नेतृत्व में अगला चुनाव नहीं लडूंगा: तिवाडी

जयपुर। राजस्थान में भाजपा के वरिष्ठ नेता घनश्याम तिवाड़ी ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नेतृत्व में अगला चुनाव नही लड़े की घोषणा करते हुए कहा कि वर्तमान स्थिति में वो पार्टी से इस्तीफा नहीं देंगे। आज अपने आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि राजे के जनविरोधी कार्यकलापों और भ्रष्टाचार को बढावा देने की नीतियों के कारण प्रदेश के कार्यकर्ताओं में आक्रोश की भावना बढ़ती जा रही है। इस संबंध में उन्होंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखकर आगाह भी किया है। तिवाड़ी ने कहा कि इसके बाद भी अगर पार्टी नेतृत्व कार्यवाही नहीं करता तो यह घातक सिद्ध होगा।

राज्य में नये राजनीतिक दल के गठन के संबंध में पूछे जाने पर तिवाड़ी ने कहा कि यदि केन्द्रीय नेतृत्व राजे को राजस्थान की राजनीति से बर्खास्त कर दे तो वह इस संबंध में पुनर्विचार कर सकते है। पार्टी अध्यक्ष को लिखे पत्र के कारण उन पर होने वाली कार्यवाही के संबंध में पूछे जाने पर तिवाड़ी ने कहा कि यदि इस कारण से पार्टी मुझे बर्खास्त करती है तो यह उनकी मर्जी है लेकिन मैं पार्टी से इस्तीफा नही दूंगा। साथ ही तिवाड़ी ने यह भी कहा कि वह चुनाव तो सांगानेर की जनता से राय करके ही लडेंगे। यह अलग बात है कि वह किस पार्टी से लड़े इसका निर्णय तो बाद में किया जाएगा।

भारत वाहिनी दल के बारे में बात करते हुए तिवाडी ने काह कि चुनाव आयोग ने दल के गठन की स्वीकृति दे दी है और यह अभी प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि भारत वाहिनी दल आगामी विधानसभा चुनावों में अपने उम्मीदवार उतारेगी और इसका निर्णय वह स्वयं करेगें। उम्मीदवारों के चयन के बारे में पूछे गये सवाल पर उन्होंने कहा कि दलों को छोडकर आने वाले प्रत्याशियों को टिकट नहीं दिया जायेगा और सिद्धांतों और नयी ऊर्जा देने वाले युवाओं को ही टिकट दिया जायगा।

द ब्रिज 2018: अरुणा रॉय ने महिलाओं की दुर्दशा को किया उजागर

नई दिल्ली। प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय ने राजस्थान की दलित सरपंच नेताओं के साथ राष्ट्रीय राजधानी में हाल में महिला सशक्तिकरण पर आयोजित राष्ट्रीय फोरम ”द ब्रिज 2018” में हिस्सा लेते हुए महिलाओं के लिए अधिक अधिकार दिए जाने की मांग की जिनमें रोजगार गारंटी, मनरेगा का समुचित कार्यान्वयन, महिलाओं के लिए आरक्षण के अलावा पेंशन योजना का पुनरुद्धार, महिलाओं के अधिकारों को सुरक्षा दिए जाने के पर्याप्त कानून बनाया जाना तथा आधुनिक प्रौद्योगिकियों को उपलब्ध कराया जाना शामिल है। समाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय ने इस मौके पर कहा, कि राजस्थान में महिलाओं को न केवल लैंगिक आधार पर बल्कि जाति, समुदाय एवं धर्म जैसे अन्य कारकों के आधार पर लगातार भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है।

अरूणा रॉय ने कहा, महिलाएं समाज में अपनी स्थिति को पुनः प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं, जिसके कारण उन्हें लगातार सत्ता में स्थापित लोगों और मुख्य तौर पर पुरुषों द्वारा उन्हें परेशान किया जा रहा है। हालांकि महिलाओं के लिए कानून विद्यमान है, लेकिन उनके पूर्ण कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के उपाय और जमीनी हकीकतों के अनुसार कानून के विकास पूरी तरह से अपर्याप्त है। इस मौके पर उपस्थित सभी महिला सरपंचों ने कहा कि उन्होंने 3000 रूपए खर्च करके चुनाव जीते हैं जबकि कई लोग लाखों और करोड़ों रूपए खर्च करके चुनाव जीतते हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने कम खर्च करने के बावजूद चुनाव जीते क्योंकि वे ईमानदार हैं और लोग उन पर भरोसा करते हैं। अरुणा रॉय ने कहा, राजस्थान में अगर महिला आरक्षण नहीं हो तो वे कभी भी किसी भी तरह से चुनाव नहीं लड़ पाएंगी। इन महिलाओं के कारण, सड़कों का निर्माण, नौकरियों का सृजन और कई कल्याणकारी योजनाओं को सफलतापूर्वक जमीन पर लागू किया गया।तिलोनिया की ग्राम पंचायत सरपंच कमला ने कहा, ‘‘एक सरपंच किसी भी राजनीतिक दल के नहीं होती है।

 

सरपंच जमीनी स्तर के कार्यकर्ता होते हैं जिसका काम लोगों को प्रभावित करने वाले वास्तविक मुद्दों का समाधान करना है। हमें रोल मॉडल बनना चाहिए और लोगों को ईमानदारी से चुने जाने और भ्रष्टाचार किए बगैर लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में हालांकि अधिक पैसा पंचायतों के लिए आवंटित किया गया है, लेकिन इसका एक बड़ा हिस्सा भ्रष्टाचार के कारण अन्य कार्यों में लगाया जा रहा है। राजनीति में भ्रष्टाचार को उजागर करते हुए कमला ने कहा, ‘‘सरकार ने हाल में यह नियम बनाया है कि पंचायत चुनाव लड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को कम से कम 8 वीं कक्षा तक पढ़ा-लिखा होना चाहिए। सरकार के इस प्रतिबंध के कारण वह चुनाव लड़ने में असमर्थ हैं, लेकिन बहुत से लोग मुझे फर्जी मार्कशीट के आधार पर चुनाव में खड़े होने को कहते हैं। आज की महिलाएं भ्रष्ट तरीकों को अपनाने के बजाय पात्रता मानदंडों को पूरा करने के लिए कोचिंग कक्षाएं ले रही हैं और कड़ी मेहनत कर रही हैं।अरुणा रॉय ने बताया कि राजस्थानी महिलाओं ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए बेहद योगदान दिया है, जिसके कारण भारत सरकार द्वारा कई कल्याणकारी नीतियां और कार्यक्रम शुरू किए गए हैं जैसे यौन उत्पीड़न रोकने के लिए विशाखा दिशा निर्देश, बलात्कार रोधी कानून और सती विरोधी कानून आदि।

 

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को छोड़कर सभी दलों ने महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ संघर्ष में सहयोग किया है।’’ हम लड़े, हम जीते। हम अपने अधिकारों की मांग कर रही हैं, हम भीख नहीं माँग रही हैं।’’ अरुणा रॉय ने कहा।”ब्रिज 2018″ भारत में लैंगिक सशक्तिकरण के विचारों के आदान-प्रदान एवं संवाद के लिए आयोजित एक दिन का कार्यक्रम था जिसमें राजनीति, थियेटर, कला और मनोरंजन जगत से 40 प्रमुख वक्ताओं ने हिस्सा लिया। इन वक्ताओं ने उन मुद्दों को उठाया जिनसे आज देष की महिलाओं को सबसे अधिक सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा इन वक्ताओं ने इस बारे में भी चर्चा की कि किस तरह से महिलाएं एवं लड़कियां दुनिया को बदल रही हैं। इस कार्यक्रम में राजनीतिक दलों, कॉर्पारेट जगत, सिनेमा, खेल और रोज़मर्रा की जिंदगी में महिलाओं की समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। इसका उद्देश्य महिला सशक्तिकरण के अभियान को हतोत्साहित करने वाले कारणों को दूर करना तथा सवालों को उठाना था ताकि नए संवाद कायम हो और सिद्धांत और कार्यान्वयन के बीच के अंतर को दूर किया जा सके।

राहुल ने अंबेडकर को लेकर मोदी पर निशाना साधा, कहा…

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने संविधान निर्माता डाॅ. बी आर अंबेडकर को लेकर प्रधानमत्री नरेन्द्र मोदी पर आज निशाना साधा और कहा कि वह जिस दमनकारी विचारधारा से आते हैं, वह कभी दलितों एवं बाबा साहब का सम्मान नहीं कर सकती।राहुल ने आज ट्वीट कर कहा, मोदी जी, जिस दमनकारी विचारधारा से आप आते हैं, वो दलितों और बाबा साहब का सम्मान कभी नहीं कर सकती। भाजपा आरएसएस द्वारा बाबा साहब के सम्मान के कुछ उदाहरण…। उन्होंने अपने ट्वीट के साथ कुछ ऐसी तस्वीरें टैग की हैं जिनमें डाॅ. अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त दिखाया गया है या उनका असम्मान किया जा रहा है।

 

कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी का एक ट्वीट भी टैग किया है, जिसमें उन्होंने कहा है, जितना सम्मान हमारी सरकार ने बाबा साहब को दिया है, शायद ही किसी सरकार ने दिया हो। राहुल गांधी ने एक अन्य ट्वीट कर वित्त मंत्री अरूण जेटली के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की है। उन्होंने जेटली के एक ट्वीट का जिक्र करते हुए कहा, मैं इसे सुनकर वास्तव में दुखी हूं। मैं आपके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।

उन्होंने जेटली के उस ट्वीट को टैग किया है जिसमें वित्त मंत्री ने यह जानकारी दी है, मेरा गुर्दे संबंधित समस्याओं और कुछ संक्रमणों के लिए उपचार चल रहा है। परिणामस्वरूप वर्तमान में मैं घर पर नियंत्रित परिवेश में काम कर रहा हूं। मेरे उपचार की भावी दिशा मेरी चिकित्सा कर रहे चिकित्सक तय करेंगे।

विद्यार्थियों के लिए खुशखबरी, कोटा और अलवर में खुलेंगे कृषि महाविद्यालिय

जयपुर। कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने बताया कि बजट घोषणा की अनुपालना में इस शैक्षणिक सत्र से कृषि अनुसंधान केन्द्र, नौगांवा (अलवर) और कोटा में कृषि महाविद्यालयों को शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन महाविद्यालयों के शुरू होने से प्रदेश में कृषि संकाय में शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों को फायदा होगा। प्र्रभुलाल सैनी गुरुवार को पंत कृषि भवन में कृषि एवं सम्बद्ध विभागों की बजट घोषणाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में कृषि विभाग की 92 प्रतिशत और उद्यान विभाग की 87 प्रतिशत की वित्तीय प्रगति हुई। उन्होंने आगामी वित्तीय वर्ष में शत प्रतिशत प्रगति हासिल करने के निर्देश दिए।

कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने विगत वित्तीय वर्ष की प्रगति की समीक्षा करते हुए आगामी वित्तीय वर्ष में विभागीय योजनाओं, कार्यक्रमों और बजट घोषणाओं की शीघ्र क्रियान्विति के लिए जल्द दिशा निर्देश जारी करने और लक्ष्य आवंटित करने के भी निर्देश दिए। कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने बताया कि कृषि और सम्बद्ध विभागों से सम्बंधित बजट घोषणाओं और अन्य विभागीय योजनाओं की प्रगति की मासिक समीक्षा की जाएगी।

उन्होंने बताया कि इस कार्य में कोताही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव नीलकमल दरबारी, कृषि विभाग के आयुक्त विकास सीतारामजी भाले, कृषि विपणन विभाग के निदेशक नन्नूमल पहाडिय़ा सहित कृषि और सम्बद्ध विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

केन्द्र सरकार को गिराने का समय आ गया हैः अजीत पवार

सांगली। महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता अजीत पवार ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार और महाराष्ट्र सरकार ने जनता को बहुत लुभावने सपने दिखाये थे लेकिन जनता के हितों से जुड़ा कोई काम ये सरकारें नहीं कर रही हैं इसलिए अब समय आ गया है कि केन्द्र और राज्य की सरकारों को गिरा दिया जाये।

पवार एक रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राज्य के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस ने जनता से झूठे वादे किये थे। इनके शासन में गरीब और गरीब हो रहे हैं तथा अमीर और अधिक अमीर होते जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी मोर्चों पर विफल रही है और सभी क्षेत्रों में भ्रष्टाचार फैल रहा है। गरीब किसानों को लुभावने सपने दिखा कर सत्ता हासिल कर ली और अब किसानों का ध्यान नहीं दे रहे। उन्होंने कहा कि राजनीतिक इच्छा शक्ति की कमी के कारण महाराष्ट्र में भीमा कोरागाव जैसी घटना को रोका नहीं जा सका।

 


महाराष्ट्र राकांपा अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार जब केन्द्र सरकार में थे, तब उन्होंने किसानों का ऋण माफ करने के लिए 71 हजार करोड़ रुपये दिये थे लेकिन आज सरकार के ऋण माफी योजना पर किसान असंतोष महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि शरद पवार जैसे नेता की देश को आवश्यकता है जो देश को एक सही दिशा दे सकते हैं।