समुदाय को लेकर अलवर विधायक का बयान से हुई राजनीति गर्म

अलवर। राज्य के अलवर शहर से विधायक बनवारी लाल सिंघल एक समुदाय विशेष को लेकर अपने दिए बयान से विवादों में घिरते नजर आ रहें है। बनवारी के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। उनके बयान को लेकर जहां राजनीति गर्म हो गई है तो वहीं उनके बयान से पार्टी हक्क बक्क है।

मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर वायरल विडियों के अनुसार एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए विधायक बनवारी लाल ने कहा कि समुदाय विशेष के लोग अपराध में लिप्त हैं। जिस वजह से मैं उनसे वोट नहीं मांगता और न मुझे उनके वोट की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वैसे भी समुदाय विशेष के लोग बीजेपी को वोट नहीं देते।

बनवारी का कहना है कि मैं उनसे वोट मांगूगा तो वे अपराध में मुझसे मदद मांगने आ जाएंगे। इतना ही नहीं भाजपा विधायक ने अपने इस बयान में पुलिस को भी नहीं छोड़ा। विधायक ने कहा कि कहीं न कहीं पुलिस भी समुदाय विशेष की मदद करती है। इस बार विधायक जी लव जिहाद के बारे में भी अपनी टिप्पणी करने से नहीं चूके। विधायक ने समुदाय विशेष पर आरोप लगाते हुए कहा उनके युवक फेक आईडी बना हिंदू लड़किय़ों को अपने जाल में फंसाते हैं। और इसके बाद वे उनका जीवन बर्बाद कर देते हैं।

मंत्रिपरिषद में फेरबदल की अटकलों को लेकर विधायकों की बैठक लेगी वसुंधरा राजे

जयपुर। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मंत्रिपरिषद में फेरबदल को लेकर चल रहे अटकलों के बीच आज शाम 4 बजे जयपुर संभाग के विधायकों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में जयपुर ,दौसा, अलवर,सीकर और झुंझुनू जिले के भाजपा विधायक शिरकत करेंगे। आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के क्या आधार हो सकते है साथ ही क्षेत्र की समस्याओं पर चर्चा की जाएगी।

 

बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी और संगठन महामंत्री चंद्रशेखर भी मौजूद रहेंगे। गौरतलब है कि उपचुनाव में मिली करारी हार के बाद से ही सत्ता और संगठन के स्तर पर मंथन का दौर जारी है। इसी के चलते संभागवार भाजपा विधायकों की बैठक का दौर चल रहा हैं। इन बैठकों में जयपुर संभाग बच रहा था जिसकी बैठक आज बुलाई गई है। पार्टी के पदाधिकारियों ने बताया कि बैठक में मौजूदा विधायकों से क्षेत्र में आ रही समस्याओं के बारे में जानकारी ली जाएगी।

साथ ही आगे आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को किस तरह से जीत मिल सकती है इसके लिए सुझाव लिए जाएंगे। जानकारों के अनुसार मंत्रिपरिषद में फेरबदल से पहले पार्टी के शीर्ष पदाधिकारी संभागवार भाजपा विधायकों की बैठक करके संगठन और मुख्यमंत्री से नाराज चल रहे विधायकों को मनाने का प्रयास करने की कोशिश कर रही है। जिससे मंत्रिपरिषद में बदलाव होने पर किसी तरह का विवाद पार्टी में सामने नही आए।

राजस्थान विधानसभा चुनावों से पहले मुस्लिम वोट साधने को तैयार – भाजपा

अल्पसंख्यकों के लिए अलवर में खुलेगा पहला शैक्षणिक संस्थान-

नई दिल्ली। अल्पसंख्यकों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के पांच शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने की केंद्र सरकार की योजना के तहत पहला संस्थान राजस्थान के अलवर में स्थापित किया जाएगा। अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने एक समाचार एजेंसी को बताया कि अल्पसंख्यकों के लिए विश्व स्तरीय शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने की श्रृंखला में राजस्थान के अलवर में पहले संस्थान के लिए 100 एकड़ जमीन मिल गई है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर में गुवाहाटी में अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने के लिए भूमि चिन्हित करने का कार्य चल रहा है। नकवी ने कहा कि यह वृहद योजना है क्योंकि इसके तहत संस्थाओं में शोध केंद्र, प्रयोगशाला, पुस्तकालय सहित खेलकूद जैसी सुविधाएं तैयार की जाएंगी।

 

अल्पसंख्यकों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के पांच शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना के लिए वर्ष 2016 में परिकल्पना तैयार की गई थी और इसके लिए अफजल अमानुल्लाह के नेतृत्व में 11 सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंप दी है। मार्च 2017 के बाद इस महत्वाकंाक्षी योजना पर अमल की प्रक्रिया शुरू हुई। मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तरप्रदेश के ग्रेटर नोएडा में अल्पसंख्यकों के लिए ‘स्किल डेवलपमेंट हब’ तैयार करने के लिए कार्य चल रहा है। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय का कहना है कि यह वृदह योजना है और ऐसे एक संस्थान के लिए 50 से 100 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। अल्पसंख्यकों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के पांच शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने की पहल के तहत तकनीकी, मेडिकल, आयुर्वेद, यूनानी सहित विश्वस्तरीय कौशल विकास की शिक्षा देने वाले संस्थान स्थापित किए जाएंगे।

इन शिक्षण संस्थानों में 40 प्रतिशत आरक्षण लड़कियों के लिए किए जाने का प्रस्ताव है। नकवी ने बताया कि मंत्रालय अल्पसंख्यक समुदायों के पिछड़े, कमजोर और गरीब वर्ग के विद्यार्थियों के लिए नवोदय विद्यालय की तर्ज पर 100 से अधिक स्कूल खोलने जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के अंत तक इनमें से 32 स्कूल काम करना शुरू कर देंगे। इनमें बालिकाओं को तवज्जो दी जाएगी। इस सन्दर्भ में 10 जनवरी 2017 को गठित एक उच्च स्तरीय कमेटी ने इन शिक्षण संस्थानों की रुपरेखा व जगह आदि के बारे में अपनी रिपोर्ट पेश कर दी है। नकवी ने कहा कि यह चिंता की बात है कि अल्पसंख्यकों विशेषकर मुस्लिमों में साक्षरता दर राष्ट्रीय औसत दर से बहुत नीचे है। सरकार इसे दूर करने के लिए शैक्षिक सशक्तिकरण का मजबूत अभियान चला रही है। मंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यकों में और खासकर मुस्लिम समुदाय की लड़कियों का स्कूल ड्रॉप आउट रेट 72 फीसद से ज्यादा होना चिंता का विषय है। इसे ध्यान में रखते हुए अल्पसंख्यक मंत्रालय ने अल्पसंख्यकों, खासकर लड़कियों के शैक्षिक सशक्तिकरण पर जोर दिया है।

राजस्थान उपचुनाव : जानिए कांग्रेस की रिकॉर्ड जीत की 3 अहम वजह….

नई दिल्ली। राजस्थान उपचुनाव में भाजपा को तीनों सीटों पर करारी हार मिली है। अजमेर, अलवर लोकसभा और मांडलगढ़ विधानसभा सीट के उपचुनाव में कांग्रेस ने रिकॉर्ड जीत दर्ज की है। इस जीत से कांग्रेस का होशला और बढ़ गया। उधर, वसुंधरा के लिए ये हार वॉर्निंग की तरह रही। कहा जा रहा है कि इस बार कांग्रेस में नेताओं ने ये चुनाव एकजुटता और स्ट्रैटजी बनाकर लड़े है।

जानिए BJP हार-जीत की 3 बड़ी वजहें….

1. राजपूतों की नाराजगी:- आनंदपाल और पद्मावत फिल्म के मुद्दे पर राजपूतों की नाराजगी को सरकार नहीं भांप सकी। कांग्रेस ने इसे अपने वोट में कैश किया। सरकार के पास 24 राजपूत विधायक हैं।

2. अंदरूनी संघर्ष:- टिकटों को लेकर पार्टी में आखिर तक विवाद बना रहा। अलवर में कैबिनेट मंत्री जसवंत यादव को टिकट दिया। उनकी छवि अच्छी नहीं थी। पार्टी के विधायक नाराज थे।

3. एंटी-इनकमबेंसी: केन्द्र और राज्य की नीतियों के खिलाफ जनता नाराज है। इस वजह से शहरी वोटर भी बीजेपी से दूर हुए। जिन 17 विधानसभा सीटों पर पोलिंग हुई, वहां सभी जगह बीजेपी हारी।

  • संघ ने भी इन चुनावों में प्रचार से खुद को दूर रखा। कर्मचारियों और डॉक्टरों की हड़ताल से लोग परेशान हुए। सरकार इन मुद्दों को नहीं सुलझा सकी। इससे सरकार के खिलाफ माहौल बना।

राजस्थान : मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर BJP, अजमेर, अलवर लोकसभा सीटों पर कांग्रेस आगे

जयपुर। उपचुनावों की मतगणना के दौरान अलवर और अजमेर लोकसभा सीटों पर कंाग्रेस जबकि मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर बीजेपी आगे चल रही है। राज्य निर्वाचन विभाग सूत्रों के मुताबिक अजमेर से कंाग्रेस उम्मीदवार रघु शर्मा अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के राम स्वरूप लाम्बा से और अलवर लोकसभा सीट पर कांग्रेस के डॉक्टर करण सिंह यादव बीजेपी के जसवंत सिंह यादव से आगे चल रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार विवेक धाकड़ तीसरे स्थान पर है जबकि बीजेपी के शक्ति सिंह हांडा निर्दलीय उम्मीदवार गोपाल मालवीय से तीन हजार से अधिक मतों से आगे चल रहे हैं।

राज्य निर्वाचन विभाग के अनुसार अलवर में कांग्रेस उम्मीदवार डॉक्टर करण सिंह यादव भाजपा उम्मीदवार जसवंत सिंह यादव से इकसठ हजार आठ सौ पांच मतों से आगे चल रहे हैं। अजमेर में कांग्रेस उम्मीदवार रघु शर्मा बीजेपी उम्मीदवार राम स्वरूप लाम्बा से तीन हजार तीन सौ अठावन मतों से बढत बनाए हुए हैं। राजस्थान में दो लोकसभा एवं एक विधानसभा उपचुनाव की मतगणना गुरुवार सुबह आठ बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरु हो गई। राज्य के निर्वाचन विभाग के अनुसार अलवर और अजमेर लोकसभा एवं भीलवाड़ा जिले में मांडलगढ़ विधानसभा उपचुनाव की मतगणना संबंधित जिला मुख्यालयों पर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू कर दी गई।

राज्य में इन उपचुनावों में मतगणना मैंडेटरी वैरीफिकेशन पद्धति के जरिए कराई जा रही है। अलवर लोकसभा उपचुनाव के लिए बाबू शोभाराम राजकीय कला महाविद्यालय अलवर में मतगणना शुरु हुई जहां तिजारा क्षेत्र के लिए 25, किशनगढ़ 20, मुंडावर 24, बहरोड़ एवं अलवर ग्रामीण 19, अलवर शहर और रामगढ़ के लिए 22 तथा राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ के लिए 21 राउंड में मतगणना संपन्न होगी।इसी तरह अजमेर संसदीय क्षेत्र के लिए राजकीय पोलीटेक्नीक महाविद्यालय, अजमेर में पुख्ता सुरक्षा प्रबंधों के बीच मतगणना शुरु हो गई जहां अजमेर निर्वाचन क्षेत्र के किशनगढ़ के लिए 34 , पुष्कर 20, अजमेर उत्तर 24, अजमेर दक्षिण 23, नसीराबाद 29, मसूदा 24, केकड़ी 34 और दूदू के लिए 23 राउंड में मतगणना पूरी होगी।

इसके अलावा भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ विधानसभा उपचुनाव के लिए राजकीय पोलीटेक्नीक महाविद्यालय, तिलक नगर, भीलवाड़ा में सुबह 8 बजे मतगणना शुरु हो गई जहां 21 राउंड में मतगणना सम्पन्न होगी। परिणाम राउंड वाइज निर्वाचन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे। गौरतलब है कि गत उन्नतीस जनवरी को हुए अलवर लोकसभा उपचुनाव के लिए 61.93 प्रतिशत तथा अजमेर लोकसभा उपचुनाव के लिए 65.59 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि मांडलगढ़ विधानसभा उपचुनाव में 78.68 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। उपचुनाव में अजमेर में सर्वाधिक 23 उम्मीदवार चुनाव मैदान अपना भाग्य आजमा रहे हैं जबकि अलवर में ग्यारह एवं मांडलगढ में 8 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा।

उपचुनाव: क्या राजस्थान की तीन सीटों को बचा पायेगी भाजपा ? कल होगा तय –

जयपुर। राजस्थान में दो लोकसभा और एक विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के वोटिंग की गिनती की सारी तैयारी पूरी हो चुकी है। राजस्थान की अलवर, अजमेर लोकसभा और मांडलगढ़ विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव के मतों की गणना गुरुवार को यानी कल होगी। राज्य निर्वाचन विभाग के प्रवक्ता ने बुधवार को जानकारी दी और कहा कि अजमेर और अलवर लोकसभा सीट के लिए मतों की गणना का काम अजमेर और अलवर में होगा जबकि मांडलगढ़ विधानसभा सीट के मतों की गणना भीलवाड़ा में होगी।

उन्होंने कहा कि मतगणना का रूझान विभाग की बेवसाइट पर उपलब्ध रहेगा। मतगणना के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बता दें कि यह उपचुनाव भाजपा सांसद प्रो सांवर लाल जाट (अजमेर), सांसद चांद नाथ योगी (अलवर) और विधायक कीर्ति कुमारी के निधन के कारण हुआ था।29 जनवरी को हुए मतदान में तीनों क्षेत्रों के मतदाताओं ने वोट देकर बयालीस उम्मीदवारों के भाग्य का निर्णय ईवीएम मशीनों में बंद किया था।

अलवर लोकसभा सीट पर भाजपा के जवंसत सिंह यादव, कांग्रेस के डॉ. करण सिंह यादव, अजमेर लोकसभा सीट पर कांग्रेस के रधु शर्मा और भाजपा के राम स्वरूप लाम्बा के बीच जबकि मांडलगढ़ में भाजपा के शक्ति सिंह हाडा का कांग्रेस के विवेक धाकड के बीच कडा मुकाबला है।

राजस्थान – उपचुनाव् किस के सर होगा ताज – देखे ख़ास रिपोर्ट

राजस्थान – उपचुनावों में कौन आगे , गहलोत या राजे – ख़ास रिपोर्ट

जयपुर। राजस्थान में सोमवार को दो लोकसभा एवं एक विधानसभा उपचुनाव शांतिपूर्ण सम्पन्न हो गए। जिसमें सर्वाधिक मांडलगढ़ विधानसभा उपचुनाव में करीब 79 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया जबकि अजमेर लोकसभा उपचुनाव में 65 से अधिक तथा अलवर लोकसभा उपचुनाव में लगभग 62 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले।

रोहित कुमार ने बताया कि मतदान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह आठ बजे शुरु हुआ और जो शुरुआत में धीमा रहा और बाद में मतदान का प्रतिशत बढ़ता गया। उन्होंने बताया कि इसी तरह अजमेर लोकसभा उपचुनाव के लिए मतदान शुरु होते ही पहले घंटे में 05.22 प्रतिशत इसके बाद दोपहर बारह बजे 28.36 प्रतिशत तथा सायं चार बजे 56.61 प्रतिशत और शाम छह बजे तक 65.20 प्रतिशत मतदान हुआ। इसी तरह अलवर में पहले घंटे में 05.41 प्रतिशत दोपहर बारह बजे तक 28.15 प्रतिशत तथा अपराह्न चार बजे 56.26 प्रतिशत और शाम छह बजे तक 61.86 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

सूत्रों व् सर्व के आधार पर कहा जाए तो  उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी अलवर से जीतती दिख रही है तो सबसे हॉट सीट अजमेर से रामस्वरूप लांभा व् कांग्रेस के रघु शर्मा के बीच कड़ी टक्कर रहने वाली है जिसमे रामस्वरूप लांभा कुछ करीबी वोटो से जीत सकते है , वही मांडल गढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी व् निर्दलीय प्रत्याशी के बीच करीबी मुकाबला रहेगा |

नोट – यह सर्व मतदाता ओं के आधार पर लिया गया है अंतिम परिणाम ही सटीक माने जाये |

लोगो के सर्व के आधार पर संवादाता हेमंत जांगिड ने बताया की उपचुनावों में लोगो का रूझान कांग्रेस पार्टी की और ज्यादा देखने को  मिल रहा है | अब जमीनी वास्तविकता तो उपचुनावों के परिणाम ही सटीक बतायेगे . की जनता भाजपा पर विश्वास बनाये रखती है या बदलाव कर कांग्रेस को मौखा देती है |

एक फरवरी को भी तीनों निर्वाचन क्षेत्रों की प्रत्येक राउंड की मतगणना की सूचना विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी। यह सूचना सीधे मतगणना स्थल से रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा अपलोड की जाएगी। मतदान के साथ ही तीनों सीटों पर सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी एवं कांग्रेस प्रत्याशियों सहित 42 उम्मीदवारों का भाग्य मत पेटियों मेें बंद हो गया। इन सीटों के लिए मतगणना एक फरवरी को होगी और तीन फरवरी तक निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

ख़ास नजर –  राजस्थान उपचुनाव में सत्ता रूढ़ भाजपा और कांग्रेस पार्टी ने अपना पूरा दम-ख़म दिखाया है | दोनों ही पार्टीयो ने उपचुनाव को आगामी राजस्थान विधानसभा चुनावो से पूर्व के सेमी फायनल के रूप में लिया है इसलिए तीनो उपचुनाव  क्षेत्रो में दोनों ही मुख्य पार्टियों ने स्टार प्रचारक के रूप में दिग्गज नेता ओं को मैदान में बहुत पहले ही उतार दिया था . जब इन नेताओं से समीकरण सटीक नहीं बेठा तो पार्टी के शीर्ष नेता ओं ने चुनाव मैदान संभाला और पल -पल बदलते राजनीती समीकरणों के आधार पर मतदाताओं को लुभावने हेतु नई -नई योजना बना कर प्रत्येक मतदाता तक पहुँच कर जनसंपर्क साधा |

मुख्यमंत्री राजे – मुख्य संवादाता पवन देव ने बताया की ,राजस्थान के इन उपचुनाव ओं में कांग्रेस ,बीजेपी ने पूरा दम -ख़म दिखाया है |

जहाँ सी एम् राजे उपरोक्त तीनो सीटो पर बीजेपी का परचम लहराना चाहती है इस लिए उपचुनाव में सी एम् वसुंधरा राजे ने स्वंम चुनावी कमान संभाली और रोड शो कर अधिक -अधिक जनता की बीच पहुंची है ताकि यह साबित हो जाये की सी एम् राजे के करिश्माई नेतृत्व के कारण राजस्थान की जनता सी एम् राजे पर अभी भी विश्वास करती है और आगामी राजस्थान विधानसभा चुनावों में एक बार फिर से भाजपा सत्ता में रहेगी |

दूसरी और कांग्रेस पार्टी में अपना खोया जमीनी स्तर तलाशने हेतु इन उपचुनाव में कोई खामी नहीं छोड़ी है , जहाँ एक और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अलवर की कमान संभाली तो अजमेर सबसे हॉट सीट पर कांग्रेस के वर्तमान प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलेट हर मोर्चे पर डटे रहे ,वही विधानसभा सीट मांडल गढ़ सीट पर सी पी जोशी ने कमान संभाली है , कुल मिलाकर कहा जाये तो राजस्थान के उपचुनाव सेमी फ़ाइनल ना होकर फायनल की तरह रहा है |

story – politico24x7.com/ news team 

{ajmer / alwar / mandalghad }

अब अलवर जीत के लिए CM राजे ने कार्यकर्ताओं को दिया ये मंत्र

अलवर। राजस्थान के अलवर में आगामी 29 जनवरी को होने वाले लोकसभा उपचुनाव के लिए प्रचार की कमान खुद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने संभाल ली है। भाजपा प्रत्याशी जसवंत सिंह यादव के पक्ष में प्रचार करने के लिए दो दिवसीय दौरे पर रविवार को अलवर पहुंची मुख्यमंत्री ने कई समाजों के प्रतिनिधिमंडलों से मिलकर उनसे नया राजस्थान बनाने के लिए समर्थन मांगा।मुख्यमंत्री राजे अजमेर से सीधे हेलीकॉप्टर से अलवर पहुंची जहां उनका भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी और अलवर के तमाम विधायकों ने उनकी आगवानी की।

 

 

मुख्यमंत्री उसके बाद शांतिकुंज स्थित एक होटल पहुंची। दोपहर करीब डेढ़ बजे होटल के समीप एक निजी पैलेस में अलवर शहर, अलवर ग्रामीण, रामगढ़ और राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से जनसंवाद किया और भाजपा प्रत्याशी को जिताने के लिए रणनीति तय की साथ ही जीत का मंत्र भी दिया। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे रविवार रात को अलवर शहर में ही रुकेंगी उसके बाद सोमवार को चार विधानसभा इलाकों के विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों से जनसंवाद करेंगी।

 

जानकार सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री 25 जनवरी को अलवर शहर में रोड शो कर सकती हैं लेकिन इस संबंध में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने बताया कि अभी कोई कार्यक्रम तय नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद ही कोई कार्यक्रम तय किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने कहा कि बीजेपी का सांसद बनने से एनसीआर द्वारा अलवर जिले को दी गई राशि और राजस्थान सरकार द्वारा दी जाने वाली राशि से विकास कार्य होंगे।

 

उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह जाति आधारित राजनीति करती है जबकि भाजपा विकास की राजनीति करती है। अलवर लोकसभा चुनाव में पूरे भाजपा संगठन एवं राजस्थान सरकार के मंत्री, पूर्व मंत्री के साथ खुद मुख्यमंत्री के चुनाव प्रचार में उतरने के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा एक परिवार है जहां एक दूसरे का सहयोग करते हैं और यह तो जंग है। जंग तो जंग के तरीके से ही लड़ी जाती है।

%d bloggers like this: