राजस्थान में मुहँ की खाने के बाद संघी भाजपा के चाणक्य भांड मीडिया और नचनिया के मार्फत महाराष्ट्र सरकार को उकसा रहें – क्यों ख़ास हैं आर्थिक राजधानी और मराठी मानुष समझें

व्यंग्य मुंबई पटकथा – सरकार को अस्थिर करने का खेल 

मुंबई  | कांग्रेस मुक्त भारत का सपना देखने वाले संघीय फ़ासीवाद के चाणक्य कहलानें वाले मोटा भाई शांत हैं और अपना चित परिचित खेल शह मात बोलें तो शतरंज खेल रहें हैं अभी प्रथम पंक्ति के छोटे पयादे उछल कूद कर रहें हैं और मुख्य योद्धा अपने राजा की नाकामियों कुशासन कमियों और जनता के दुखों को नज़र अंदाज़ करने का प्रयास कर रहें हैं और खुले आसमान में रोज़गार और बुलेट ट्रेन दिखा रहा हैं आप देखना पसंद करते हो इस लियें जादूगर दिखा हैं जादू कोई मिल गया वाला लेकिन बेरोजगार युवा तनिक समझदार निकला बे – ट्विटर पर 9 बजकर 9 मिनट को प्रथम पंक्ति बोले तो नंबर 1 पर ट्रेडिंग करबा दिया और हमारी मणिकर्णिका दुसरे स्थान पर ही रह गई   |


भांड मीडिया स्वान के मार्फ़त अपने मालिक ठेकेदार के चक्षुओं के किनारों के चाल के अनुसार भोकन्ने का प्रयास प्रतिदिन संध्या काल के पश्चात रात्रि शगुन के पंचाग के दिशा मध्य कालीन पहर चोकड़िया निर्देशानुसार अपने स्टुडियों में राहु ग्रह के प्रतीक काले कपड़े पहने काला चश्मा लगा कर राजा बाबु के अभिनय के जैसे पाइल्स बवासीर  से दुखी प्राणी जैसे उछल उछल अमर्यादित वियाग्रह के अधिक डोज बोले तो ख़ुराक के कारण बोलता है – है संजय राउत कौन हो तुम ….हैं उर्धव ठाकरे कौन हो तुम ……….. – अरे उत्तेजित प्राणी वह जन प्रतिनिधि हैं जनता ने चुना हैं लेकिन भंगिया नशेड़ी तुम कौन हो यह ज्ञान हैं तुम्हें या पिछवाड़े में डंडे के बाद उछल कूद कर रहें हो जो भी कर रहें हो निन्दनीय हैं  !!

 

दूसरी एक बहुप्रतिभा कि धनी शादीशुदा लोगों के घर में ताक छाक करने वाली फिर कीचड़ उछालने में मशगूल रहने का प्रयास लड़ने वाली ट्विटर पर अपनी भड़ास निकाली वाली मोहतरमा शहमात में फँस चुकी हैं इन मोहतरमा का अभिनय तो ख़त्म हो चुका हैं अब बस बचता हैं राजनीति का खेल – मोहतरमा भी बड़ी ज्ञानी हैं बकलोल कर y+ सुरक्षा लेली ग़जब हैं भई !

सूना हैं आज काटी के घोड़े पर मणिकर्णिका के पात्र में अभिनय करते करते इन में झासी की रानी की आत्मीय लगाव ने इन्हें महारानी महूसस करबा दिया बे फिर क्या रे – महाराष्ट को पाकिस्तान और मुंबई को पाकिस्तान अधिग्रहत कश्मीर से तुलना कर दी तो मराठी मानुष को बुरा लगा और चले हाथ mcd ने चलवा दियें बुलडोजर और हथोड़े , मोहतरमा नाराज हो गई और बतयाने लगी – सुन हे उर्ध्र्व ठाकरे आज तूने मेरा घर तोडा हैं बे कल तेरा घमंड टोटेगा ……………….यह समय का पहिया हैं घूमता ज़रूर हैं ! !

mcd कार्यवाही केबाद कंगना

 

 

पंडित को पंडिताइन की चिंता शुद्र को उकसाने का प्रयास – संघीय पृष्टभूमि पूर्व भाजपा प्रमुख मध्य रात्री मुख्यमंत्री की शपथ लेने वाले और सूर्य की किरणों के उदय होते ही हैं इस्तीफ़ा देने वाले देव साब और हिमाचल की पंडताई एक स्वर में बोल रहे हैं और गोस्वामी के उछल कूद करने वाले उत्तेजित वंशज बोले तो तीनों शुद्ध चोटीधारी साथ हैं जैसे अकबर अमर एंटनी माफ़ करियेगा मॉडलिंग क्वीन  मिलकर एक शुद्र ठाकरे को  ललकार रहे हैं |

पैसा बोलता हैं सत्त्ता के पटल पर कहा जाता हैं क्रिकेट के 20 -20 का मामला 30 हजार करोड़ व फिल्मी दुनिया 6 हजार करोड़ के करीब हैं प्रतिवर्ष और समुद्र व भाई का खेल का हिसाब अलग हैं वह जब ही कब्जे में आ सकती हैं जब महाराष्ट्र की सत्ता पर काबिज हो इस के लिये साम दाम दंड भेद चल रहा हैं बाकी चनिया की आज कुछ अकड़ तो ढ़ीली हो चुकी बाकी समझदार को इशारा काफी – बोलो जय सिया राम ! !