उपचुनाव हारने के बाद BJP ने बनाया अपना ये प्‍लान

राजस्थान। इस साल की शुरुआत में राजस्थान में दो लोकसभा और एक विधानसभा सीट पर उप चुनाव हुए थे। इन उप चुनावों में बीजेपी को तीनों सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था। हार की वजह से सीएम वसुंधरा राजे को राजनीतिक विरोधियों के तीर झेलने पड़े थे। तब माना जा रहा था कि राज्य में पार्टी की पकड़ कमजोर हुई है। इससे निपटने के लिए राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ‘सूरज गौरव यात्रा’ शुरू करने का फैसला किया है। अगले महीने यानी 15 अप्रैल से सीएम इस यात्रा की शुरुआत करेंगी। इस दौरान वो 80 दिनों तक राज्यभर का दौरा करेंगी। यात्रा में उनके साथ बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी के अलावा कई नेता होंगे।

यात्रा के दौरान सीएम वसुंधरा राजे अपने पांच साल के कार्यकाल में किए गए कामों का लेखा-जोखा भी जनता के बीच रखेंगी और सरकार की कल्याणकारी नीतियों के बारे में भी लोगों को बताएंगी। कहा जा रहा है कि सूरज गौरव यात्रा के दौरान बीजेपी के करीब 30 नेता विभिन्न जिलों में तीन-तीन दिन के प्रवास पर रहेंगे। इन नेताओं में भूपेंद्र यादव, अवनीश राय खन्ना, अशोक परनामी समेत कई विधायकों का नाम शामिल है। इस दौरान पार्टी के नेता स्थानीय बीजेपी नेताओं के अलावा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ताओं और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और भारतीय मजदूर संघ के नेताओं से भी विचार-विमर्श करेंगे और उन्हें वसुंधरा सरकार की उपलब्धियों से अवगत कराएंगे ताकि वो आमजन को इस बारे में जागरूक कर सकें।

बता दें कि इस साल के अंत तक राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसलिए पार्टी ने अभी से ही चुनाव जीतने की रणनीति बना ली है। अजमेर और अलवर संसदीय उप चुनाव और मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर उप चुनाव में हार के बाद वसुंधरा राजे ने कहा था कि उन्होंने इन चुनावों में हार से सीख ली है। माना जा रहा है कि सूरज गौरव यात्रा सीएम की उसी रणमीति का हिस्सा है। वैसे पिछले कई विधानसभा चुनावों के नतीजे बताते हैं कि राजस्थान में सत्ताधारी पार्टियां वापसी नहीं करती हैं। अलवर सीट से कांग्रेस उम्‍मीदवार करण सिंह यादव ने भाजपा के जसवंत सिंह यादव को 1,56,319 वोट से हराया था। अजमेर में भी कांग्रेस के रघु शर्मा ने जीत दर्ज की थी। इसके अलावा मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस उम्‍मीदवार विवेक धाकड़ ने भाजपा के शक्ति सिंह को 12,976 मतों से हराया था।

गुरमेहर कौर क्यों है निशाने पर –

नई दिल्ली. दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्र संगठनों की भिड़ंत के बाद अब श्रीराम कॉलेज की गुरमेहर कौर इस समय सोशल मीडिया बहस  का विषय बनी हुई हैं|  गुरमेहर कारगिल में शहीद हुए जवान की बेटी हैं. इस छात्रा ने सोशल मीडिया पर अभियान शुरू किया हुआ है.  जिसका नाम है- ‘मैं एबीवीपी से नहीं डरती.’ य

ह अभियान सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों की बड़ी संख्या में प्रतिक्रियाएं आ रही हैं..

छात्रों के विवाद में अब देश के प्रसिद लोगो की  प्रतिकिया आग में घी का काम करना शुरू कर दिया है | एक  टीवी चेनल  की बहस पर बीजेपी प्रवक्ता संबीत पात्रा ने कविता कृष्‍णन से भी कश्मीर भारत का अभिन्न अंग हे को लेकर बहस हो गई  और मुद्दा श्री रामजस  कोलेज से कश्मीर देश भक्ति तक पहुँच गया | इसके साथ ही गुरमेहर कौर को सोशल मिडिया पर लगातार धमकिय और अपशब्दों को सामना करना पड़ रहा है जिसे से वह परेशान है उन्हें जान से मारने और रेप तक की धमकिय सोशल मिडिया पर मिल चुकी है |

क्या है मामला –

करगिल में शहीद हुए कैप्टन मनदीप सिंह की बेटी गुरमेहर कौर ने एक तख्ती पकड़ी हुई तस्वीर अपने फेसबुक पर प्रोफाइल पर लगाई हुई है. जिस पर लिखा है कि, ‘मैं दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ती हूं. मैं एबीवीपी से नहीं डरती. मैं अकेली नहीं हूं. भारत का हर छात्र मेरे साथ है|

फेसबुक पोस्ट में लिखा गया है, ‘एबीवीपी द्वारा निर्दोष छात्रों पर किया गया निर्मम हमला परेशान करने वाला है जिसे खत्म करना होगा. यह हमला प्रदर्शनकारियों पर नहीं था बल्कि यह लोकतंत्र की हर उस धारणा पर हमला था, जो हर भारतीय के दिल के करीब है. यह आदर्शों, नैतिक मूल्यों, स्वतंत्रता और इस देश में जन्मे हर व्यक्ति के अधिकारों पर किया गया हमला था.’

गुरमेहर ने लिखा, ‘जो पत्थर तुम फेंकते हो, वह हमारे शरीरों को चोट पहुंचाते हैं लेकिन ये हमारे आदर्शों को चोट नहीं पहुंचा सकते. यह प्रोफाइल फोटो डर के, निरंकुशता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का मेरा अपना तरीका है |

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