जिग्नेश मेवाणी को पुलिस ने किया गिरफ्तार – जिग्नेश ने कहा –

जयपुर | दलित युवा नेता  जिग्नेश मेवाणी को आज जयपुर एयरपोर्ट पर  पुलिस ने  गिरफ्तार कर लिया |  पुलिस ने  जिग्नेश को 
करीब 4 घंटे  के बैठाया रखा | एक बार तो जिग्नेश मेवाणी समझ नहीं पाए आखिर हो क्या रहा है  – गोरतलब है की जिग्नेश डॉ . बाबा साहब की जयंती के उपलक्ष्य में मेड़ता में हो रहे कार्यक्रम में शिरकत होने नागौर के मेड़ता जा रहे थे  , जिग्नेश जेसे ही गाडी में बेठने लगे सादा वर्दी में पुलिस कर्मी ने उन्हें नागौर में प्रवेश करने से रोकने का फरमान दे दिया , जिस पर जिग्नेश से बल पूर्वक साइन करने  का दबाब पुलिस बनाने लगी. जिसको लेकर पुलिस व् जिग्नेश में तीखी बेहस शुरू हो गई |  करीब 4 घंटे तक पुलिस निगरानी में रखने के बाद जिग्नेश मेवाणी को वापस गुजरात के लिए रवाना कर दिया गया | 
जिग्नेश मेवाणी की यात्रा को देखते हुए शनिवार रात से ही मेड़ता में धारा 144 लागू करने के साथ ही उनके नागौर जिले में प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। नागौर के पुलिस अधीक्षक पारिस देशमुख के निर्देश पर पुलिस उप अधीक्षक विघाप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में सादी वर्दी में पुलिसकर्मी जयपुर के सांगानेर हवाई अड्डे पर पहुंच गए थे। मेवाणी जैसे ही हवाई अड्डे के बाहर आकर मेड़ता जाने के लिए गाड़ी में बैठे तो उन्हे नागौर जिले के प्रवेश नहीं करने को लेकर पाबंद करने का नोटिश थमा दिया गया। काफी देर तक जिग्नेश और पुलिस अधिकारियों के बीच बहस होती रही। मामला बढ़ने की आशंका को देखते हुए आस पास के पुलिस थानों से अतिरिक्त पुलिस बल मंगवा लिया गया। इस बीच, केशकला बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष गोपाल सिंह केसावत सहित कई लोग जिग्नेश मेवाणी से मिलने हवाई अड्डे पर पहुंच गए। पुलिस ने यहां केसावत को गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि आंबेडकर जयंती समारोह के दौरान माहौल बिगड़ सकता है। इस कारण से पुलिस ने जिग्नेश को कार्यक्रम स्थल पर जाने से रोकने के साथ ही धारा 144 लागू कर दी, जिससे भीड़ एकत्रित नहीं हो सके।
मेवाणी ने हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा कि उन्हें बेवजह जबर्दस्ती रोका गया है। बंदी बनाने का प्रयास किया गया। राज्य सरकार उनके यहां आने से डर गई है। जिग्नेश ने ट्वीट किया है कि मैं जयपुर एयरपोर्ट पर उतरा तो कुछ पुलिस अधिकारी एक ऐसे पत्र पर हस्तारक्ष कराने लगे थे, जिसमें लिखा था कि नागौर में एमएलए जिग्नेश के प्रवेश पर पाबंदी है। मैं एक जनसभा संबोधित करने जा रहा था, जिसमें भारतीय संविधान और डॉ. आंबेडकर के बारे में संबोधन था। उन्होंने कहा कि मुझे रोकने के परिणाम भुगतने होंगे।
मेवाणी ने ट्वीट करते हुए यह आरोप लगाया है और राज्य सरकार से सवाल किया है कि अगर विधायक के साथ ऐसा किया गया है तो जनता के साथ क्या किया जाता होगा। गौरतलब है कि मेवाणी गुजरात के वडगाम से विधायक हैं।
मेवाणी ने लिखा है कि वह अहमदाबाद से जयपुर फ्लाइट से पहुंचे ही थे कि एयरपोर्ट पर ही उन्हें रोक दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनसे एक पत्र पर दस्तखत कराए जिस पर लिखा था कि वह राजस्थान के नागौर जिले में दाखिल नहीं हो सकते। मेवाणी ने बताया है कि वह संविधान और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर पर बात करने वहां गए थे। 
इसके कुछ ही देर बाद उनसे कहा गया है कि वह जयपुर में भी नहीं जा सकते। उन्होंने ट्वीट किया- ‘अब डीसीपी कह रहे हैं कि मैं जयपुर में भी नहीं घूम सकता और वह मुझसे अहमदाबाद वापस जाने के लिए कह रहे हैं। मुझे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की इजाजत भी नहीं मिली है। यह हैरान करने वाला है।’

आरक्षित वर्ग एकता मंच ने भरी हुंकार –

        ”सरकार संविधान से छेड़छाड़ करना बंद करे – शोषित समाज पर कुठारघात करना बंद करे ”

जयपुर | SC /ST/ OBC  के अधिकारो पर वर्तमान बीजेपी सरकार द्वारा जो कुठारघात निरंतर किया जा रहा है उस पर बहुजन समाज में  भारी आक्रोश है | जिसका सामना सरकार को आगामी विधानसभा चुनावो में देखने को मिलेगा – यह कहना है   मुरारी लाल  जांगिड का

वर्तमान समय में दलितों के हत्याचार के मामले में राजस्थान प्रथम स्थान पर आ गया है  और सरकार द्वारा जो आरक्षण के साथ छेड़-छाड़ किया  जा रहा है उसके विपक्ष  में अब 85% मूलनिवासियो का तबका आ चूका है जो सरकार से” सविंधान में वर्णित”  अपने अधिकारों के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगा |

सरकार द्वारा  वर्तमान समय में  आरक्षण में निम्न  प्रकार से  छेड़-छाड़  किया जा रहा है |

{1} नगर -निगम पार्षदों के पदों में कटोती    – जयपुर नगर -निगम में 91 वा

र्ड है इनमे से 46 अनारक्षित एवं 45 आरक्षित होने चाहिए किन्तु  पिछले  चुनाव में अनारक्षित पद 57 व् आरक्षित 34 कर दिए गए है | आरक्षित पदों में 11 पदों की कटोती  सरकार द्वारा की गई है |

{2}सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरक्षण में कटोती – अप्रैल 2017 से पूर्व आरक्षित वर्ग के छात्र यदि सामान्य मेरिट में स्थान प्राप्त करते थे तो उन्हें सामान्य कोटे में शामिल कर सामान्य सूचि में नियुक्ति दी जाती थी |  यह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के संवेधानिक पीट के फेसले 1993 द्वारा मिलती आ रही थी ,लेकिन अप्रैल 2017 के फेसले में साफ़ लिखा है की आरक्षित वर्ग का अभ्यार्थी ऊँची से ऊँची मेरिट प्राप्त करेगा तो भी उसे आरक्षित कोटे में ही नियुक्ति दी जाएगी यह मेडिकल और इंजीनियरिंग महाविधालयो में प्रवेश एवं नियुक्तियों में भी लागू होगा |

{3} आरक्षण के साथ छेड़छाड़ – देश में आरक्षण का आधार जन संख्या के अनुपात में होआ था किन्तु लेकिन सत्ता पर काबिज लोगो ने चालाकी से 85% आरक्षित समाज को महज 49% तथा 15%  सामान्य अनारक्षित समाज को 51% आरक्षण प्राप्त है | फिर भी केंद्र एवं राज्य सरकारे आरक्षण को समाप्त करने की साजिश रच रही है और निजीकरण  व् ठेका प्रथा को बढ़ावा  दे रही है |

इस अधिवेशन में 85% मुल निवासियों ने भाग लिया तथा सभी समाज के विद्वान लोगो द्वारा यह निर्णय लिया की -सरकार द्वारा जो आरक्षण के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है  ,सामाजिक /आथिक  रूप से वंचित लोगो के  हक़, इस सरकार को नहीं मारने देगे |

भारतीय संविधान में जो छेड़ छाड़ करने की कोशिश सरकार करती है तो सरकार परिणाम  के लिए तैयार रहे |

इस कार्यकर्म  में सामाजिक कार्य कर्ता -हरी नारायण बैरवा ,राजाराम मील { अध्यक्ष आरक्षण अधिकार मंच } ,परशुराम जाटव, मुरारी लाल जांगिड ,सत्य नारायण सोनी , भंवर लाल सेनी ,धर्मेन्द्र  चौधरी ,जे पी विमल  आदि शामिल हुए |