भारत बंद में किसानों से ज्यादा विपक्ष उतरा सड़कों पर

मंगलवार को किसानों द्वारा भारत बंद के समर्थन में विपक्षी दलों ने ज्यादा उत्साह नजर आया और लगभग देश के सभी राज्यों में किसानों से ज्यादा विपक्ष सड़कों पर उतरकर भारत बंद को सफल बनाने का काम किया है। अगर बात करें राजस्थान की तो यहां सरकार के कई मंत्री सड़कों पर उतरे और किसानों को हक दिलाने में उनके साथ खड़े रहने का वादा किया। अगर बात करें पूरे देश की तो कई जगह आगजनी और झड़प की खबरे भी देखने ​को मिली।


बंद को समर्थन देने वाले विपक्षी दल
भारत बंद को इन दलों ने समर्थन दिया है – कांग्रेस, एनसीपी, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना, द्रमुक और इसके घटक, टीआरएस, राजद, आम आदमी पार्टी, सपा, बसपा, वामदल, पीएजीडी।

देशव्यापी भारत बंद के दौरान किसी प्रकार की कोई घटना घटित नहीं हो इसके मध्यनजर केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सुरक्षा बढ़ाने और शांति सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किये हैं।भारत बंद के दौरान आम जनता को काफी परेशानियों का भी सामान करना पड़ रहा है और शादियों के सीजन के चलते बहुत ज्यादा परेशानी होती नजर आ रही है। कई किसाने दिल्ली की सीमा पर डटे हुए है और उनको केन्द्र सरकार ने कहा कि प्रदर्शन करने या बंद करने से किसी भी समस्या का समाधान नहीं होगा।

आप पार्टी राजस्थान निर्वाचन विभाग पहुंची , वसुंधरा सरकार घिर सकती है विवादों में –

जयपुर | दिल्ली की राजनीती में चल रही उठापटक की झलक अब राजस्थान में भी देखने  को मिल रही  है |वर्त्तमान में राजस्थान वसुंधरा राजे सरकार में 10 ऐसे  संसदीय सचिव व् मंत्री  मौजूद है  जो की  लाभ के पद पर आसीन है | इस मुद्दे को लेकर राजस्थान आप पार्टी ने आज राज्य निर्वाचन आयोग के सामने अपनी प्रेजेंटेशन दी |

आप आदमी के 20 विधायको के सदस्यता निरस्त होने की कगार पर है तो राजस्थान में भी उक्त विधायको पर करवाई होनी | इनमे सुरेश सिंह रावत , जितेन्द्र कुमार गोटवाल , डॉ विश्व नाथ मेघवाल , लादू राम विश्नोई , भेरू राम विश्नोई , नरेंद्र नागर , भीमा भाई , शत्रुधन गोतम ,ओम  प्रकाश  व् केलाश वर्मा आदि शामिल है | आप आदमी पार्टी के विधि प्रकोष्ठ अध्यक्ष पूनम  चन्द भंडारी ने एक निजी समाचार पत्र के माध्यम से कहा है की आज राजस्थान सरकार में वर्तमान में 10 संसदीय सचिव व् मंत्री है जो  की लाभ के पद पर मौजोद है जो की नियमो के अनुसार गलत है |

संविधान के अनुछेद 164 (1) का उलंघन है सभी विधायक सरकारी बंगलो गाडी तथा भत्ते के रूप में सरकार से प्राप्त कर रहे है जो की लाभ के पद  के रूप में माना जाता है , जो की विधायक संसदीय सचिव नियुक्त किये गए है इनकी नियुक्ति तुरंत प्रभाव से निरस्त की जाये |

अथवा भाजपा के विधायको को अयोग्य घोषित किया जाये |

ख़ास नजर – अब राजस्थान ने यह मुद्दा ऐसे समय में उठ रहा है जब राजस्थान में उपचुनाव व् आगामी समय में विधानसभा चुनाव होने को है |

इस सन्दर्भ में राज्य निर्वाचन आयोग क्या करवाई करता है यह देखने का विषय होगा , कुल मिलाकर वसुंधरा सरकार के लिए कुछ परेशानी हो सकती है | इसके साथ ही विरोधी पार्टिया भाजपा को इस मुद्दे पर घेरती नजर आयगी |

story by – sanjay 

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आम आदमी पार्टी के 20 विधायको की सदस्यता हो सकती है खत्म-

दिल्ली | चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी के 20 विधायको की सदस्यता खत्म करने के सिफारिश की  हैं .जिसे  के चलते विपक्ष ने  दिल्ली  के मुख्य मंत्री से इस्तीफे की मांग की हैं |

आम आदमी पार्टी के विधायक
( फाइल फोटो )

आयोग ने आप के 20 विधायकों की सदस्यता रद किए जाने की सिफारिश करने का फैसला लिया है. हालांकि इस पर अभी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मुहर लगनी है.

दूसरी ओर, आप के पूर्व नेता कपिल मिश्रा ने इसके पीछे एक आदमी की लालच को जिम्मेदार ठहराया. आप के पूर्व नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट करते हुए लिखा कि एक आदमी के लालच के कारण 20 विधायकों की सदस्यता खत्म हुई. अरविंद केजरीवाल पैसों के लालच में अंधे हो चुके हैं.

भारतीय जनता पार्टी ने भी इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी के नेता सतीश उपाध्याय ने  कहा कि जनता को आप पार्टी का भ्रष्टाचार दिख रहा है. सराकर का भ्रष्टाचार बेनकाब हुआ है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अब पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं रह गया है.

वहीं आप के नेता नागेंद्र शर्मा ने आयोग के फैसले को पक्षपातपूर्ण कहा. उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने आप विधायकों की बात नहीं सुनी. साथ ही आयोग मीडिया को खबरें लीक कर रहा है.

कांग्रेस की शर्मिष्ठा मुखर्जी ने चुनाव आयोग की सिफारिश का स्वागत किया. आप पार्टी ने गैरकानूनी काम किया है.कांग्रेस के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इन विधायकों को इस्तीफा दे देना चाहिए. माकन ने कहा कि दिल्ली में हमारी पार्टी विरोध प्रदर्शन करेगी और केजरीवाल के इस्तीफे की मांग करेगी.

बीजेपी के पूर्व दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा कि हम केजरीवाल के इस्तीफे की मांग करते हैं. भाजपा नेता विजेंदर गुप्ता ने ट्वीट कर कहा कि राष्ट्रपति को इस पर जल्द फैसला लेना चाहिए.

 

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