एससी-एसटी आरक्षण बिल राज्यसभा में पारित, बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस को बताया दलित विरोधी

दिल्ली। बसपा सुप्रीमो मायावती ने उच्च सदन में बिल पारित करने के दौरान बाधा डालने के लिए कांग्रेस पार्टी को लताड़ लगाई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ये हरकत दलित विरोधी मानसिकता को दर्शाती है।

आपको बता दें कि एससी-एसटी आरक्षण को 10 वर्ष बढ़ाने वाला 126वां संशोधन बिल गुरुवार को राज्यसभा से पास हो गया। साथ ही एंग्लो इंडियन कोटे से होने वाली सांसद की 2 सीटों को भी खत्म करने का प्रावधान है।

बता दें कि संविधान के 126वें संशोधन बिल में एससी-एसटी आरक्षण को 10 वर्ष बढ़ाने की व्यवस्था है, जिसके राज्यसभा में पारित होने में कांग्रेस ने बाधा डालने की कोशिश की। हालाँकि सभापति की आग्रह पर वे सदन में वापस आए और तब विलम्ब से यह बिल पास हो पाया।

मायावती ने ट्वीट किया, ‘संविधान के 126वें संशोधन बिल में एससी-एसटी आरक्षण को 10 वर्ष बढ़ाने की व्यवस्था है, जिसके राज्यसभा में पारित होने में बाधा डालकर कांग्रेस ने अपनी दलित विरोधी सोच का परिचय दिया है।

बता दें कि आरक्षण को आर्टिकल 334 में शामिल किया गया है। बिल में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आरक्षण को 10 साल तक बढ़ाने का प्रावधान है. एंग्लो-इंडियन समुदाय, एससी, एसटी को दिए जाने वाला आरक्षण 25 जनवरी, 2020 को समाप्त हो रहा है. आगे के दस वर्षों के लिए, यानी 25 जनवरी, 2030 तक सीटों के आरक्षण को बढ़ाने के लिए विधेयक है।

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