रामलीला मैदान पहुंचे लाखों लोग, प्रियंका गांधी का मोदी सरकार के खिलाफ करारा हमला

नई दिल्ली। कांग्रेस की भारत बचाओं रैली में हिस्सा लेने के लिए देश के कोने-कोने से लाखों कांग्रेस कार्यकर्ता रामलीला मैदान पहुंच रहे हैं। प्रियंका गांधी ने रामलीला मैदान की रैली में अपने भाषण की शुरुआत मेरे नेता राहुल गांधी से की। प्रियंका गांधी ने अपने भाषण में मोदी सरकार के खिलाफ करारा हमला बोला है।

प्रियंका ने कहा ये देश एक आंदोलन से उभरा है। भाजपा के 6 वर्षो के राज के बाद जीडीपी पाताल पर है। छोटा व्यापारी नाखुश है। बीजेपी है तो 4 करोड़ नौकरियां नष्ट हैं। फिर भी हर बस स्टॉप हर इश्तेहार में मोदी मुमकिन है।

गांधी ने कहा कि भाजपा है 100 रुपये प्याज़ मुमकिन है। 4 करोड़ नौकरी नष्ट होना मुमकिन है। 15000 किसानों की आत्महत्या मुमकिन है। भाजपा है जो कानून देश के खिलाफ है मुमकिन है। भाजपा है तो हमारे पीएसयू का बिकना मुमकिन है।

प्रियंका ने अपने भाषण में उन्नाव की घटना को याद दिलाया। पीड़ित परिवार का दुखड़ा सुनाया. उन्होंने कहा कि जब मैंने एक छोटी सी बच्ची से पूछा कि बड़ी होकर तुम क्या बनोगी तो पहले तो उसने कुछ नहीं किया लेकिन बाद में उसने कहा कि जो वकील से बड़ा होता है।

भारत बचाओ’ रैली का मकसद बीजेपी सरकार की विभाजनकारी नीतियों को उजागर करना है। पार्टी के शीर्ष नेता रैली को संबोधित कर मोदी सरकार की विफलताओं और देश के नागरिकों को बांटने के कथित प्रयासों को जनता के सामने उजागर करेंगे।

भारत बचाओ रैली को ऐतिहासिक बनाने में जुटी कांग्रेस, आर्थिक मंदी-बेरोजगारी के होगें अहम मुद्दे

दिल्ली। कांग्रेस की ‘भारत बचाओ’ रैली आज रामलीला मैदान में हो रही है। भारत बचाओ’ रैली का मकसद बीजेपी सरकार की विभाजनकारी नीतियों को उजागर करना है। पार्टी के शीर्ष नेता रैली को संबोधित कर मोदी सरकार की विफलताओं और देश के नागरिकों को बांटने के कथित प्रयासों को जनता के सामने उजागर करेंगे।

बता दें कि भारत बचाओ रैली में हिस्सा लेने के लिए देश के कोने-कोने से लाखों कांग्रेस कार्यकर्ता रामलीला मैदान पहुंच रहे हैं। कांग्रेस पार्टी आर्थिक मंदी, किसान विरोधी नीतियों, महिलाओं के खिलाफ हिंसा, बेरोजगारी और संविधान पर हमले को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ आज दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली कर रही है. इसमें कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत कांग्रेस शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री और कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं।

सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार जिस नीति के तहत काम कर रही है, उसमें जनता के प्रति जवाबदेही बिल्कुल भी नहीं है।देश की जनता चाहती है कि कांग्रेस पार्टी देश के चहुंमुखी विकास के लिए देश का नेतृत्व करे, उन्होंने कहा कि यह रैली देश को एक नई दिशा देगी।

राजस्थान के उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि आज देश में जैसी परिस्थितियां हैं और केंद्र की बीजेपी सरकार जिस प्रकार से अराजकता के साथ राज कर रही है, उससे जनता परेशान है। बढ़ती मंहगाई, गिरती अर्थव्यवस्था व बेरोजगारी के कारण जनता को मूलभूत आवश्यक वस्तुओं के लिए भी समझौता करना पड़ रहा है।

एससी-एसटी आरक्षण बिल राज्यसभा में पारित, बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस को बताया दलित विरोधी

दिल्ली। बसपा सुप्रीमो मायावती ने उच्च सदन में बिल पारित करने के दौरान बाधा डालने के लिए कांग्रेस पार्टी को लताड़ लगाई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ये हरकत दलित विरोधी मानसिकता को दर्शाती है।

आपको बता दें कि एससी-एसटी आरक्षण को 10 वर्ष बढ़ाने वाला 126वां संशोधन बिल गुरुवार को राज्यसभा से पास हो गया। साथ ही एंग्लो इंडियन कोटे से होने वाली सांसद की 2 सीटों को भी खत्म करने का प्रावधान है।

बता दें कि संविधान के 126वें संशोधन बिल में एससी-एसटी आरक्षण को 10 वर्ष बढ़ाने की व्यवस्था है, जिसके राज्यसभा में पारित होने में कांग्रेस ने बाधा डालने की कोशिश की। हालाँकि सभापति की आग्रह पर वे सदन में वापस आए और तब विलम्ब से यह बिल पास हो पाया।

मायावती ने ट्वीट किया, ‘संविधान के 126वें संशोधन बिल में एससी-एसटी आरक्षण को 10 वर्ष बढ़ाने की व्यवस्था है, जिसके राज्यसभा में पारित होने में बाधा डालकर कांग्रेस ने अपनी दलित विरोधी सोच का परिचय दिया है।

बता दें कि आरक्षण को आर्टिकल 334 में शामिल किया गया है। बिल में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आरक्षण को 10 साल तक बढ़ाने का प्रावधान है. एंग्लो-इंडियन समुदाय, एससी, एसटी को दिए जाने वाला आरक्षण 25 जनवरी, 2020 को समाप्त हो रहा है. आगे के दस वर्षों के लिए, यानी 25 जनवरी, 2030 तक सीटों के आरक्षण को बढ़ाने के लिए विधेयक है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने की एक साथ कई महत्वपूर्ण घोषणाएं – जानें यहाँ

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में की कई महत्वपूर्ण घोषणाएं –

एक करोड़ 74 लाख गरीब लोगों को मिलेगा एक रू.
किलो गेहूं –
जयपुर, 23 जनवरी। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने बुधवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए प्रदेशवासियों विशेषकर किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की। श्री गहलोत ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल बीपीएल एवं स्टेट बीपीएल लाभार्थियों एवं अन्त्योदय परिवारों को एक रू. प्रति किलोग्राम की दर से गेहूं देने की घोषणा की। इस फैसले से प्रदेश के 1 करोड़ 74 लाख गरीब लोगों को फायदा होगा।
दुग्ध उत्पादकों को 2 रूपये प्रति लीटर बोनस, 5 हजार नए सरस बूथ-

मुख्यमंत्री ने राज्य के दुग्ध उत्पादकों के हित में निर्णय लेते हुए उन्हें दूध पर 2 रू. प्रति लीटर बोनस देने की घोषणा की। यह बोनस राजस्थान कॉओपरेटिव डेयरी फैडरेशन से

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सम्बद्ध सहकारी समितियों के सदस्यों को दिया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने 5 हजार नए सरस डेयरी बूथ खोलने की घोषणा भी की। इससे बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

जिन किसानों का गेट पास बन गया, उनकी मूंग खरीद होगी –
श्री गहलोत ने कहा कि जिन किसानों का 8 जनवरी 2019 तक मण्डी समिति का गेट पास बन गया था, लेकिन उस समयावधि में मूंग की तुलाई नहीं हो सकी थी, ऎसे किसानों की जिला कलेक्टर से प्राप्त प्रमाणित सूची के आधार पर सरकार वैकल्पिक व्यवस्था कर उनसे मूंग की खरीद करेगी। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर मूंग खरीद का लक्ष्य बढ़ाकर 40 प्रतिशत किये जाने एवं मूंग खरीद की अवधि बढ़ाने के लिए मैंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को दो बार पत्रा लिखा है।
लघु एवं सीमान्त वृद्ध किसानों को वृद्धावस्था पेंशन –
मुख्यमंत्री ने लघु एवं सीमान्त श्रेणी के वृद्ध किसानों को भी वृद्धावस्था पेंशन देने की घोषणा की।
कृषक ऋण माफी का दायरा और बढ़ाया –
श्री गहलोत ने कृषकों के हित में ऋण माफी के दायरे को और बढ़ाते हुए भूमि विकास बैंक एवं सीसीबी के लघु एवं सीमांत कृषकों के अवधिपार 2 लाख रूपये तक के बकाया मध्यकालीन एवं दीर्घकालीन ऋण माफ करने की घोषणा की। इससे किसानों की करीब 4 लाख बीघा कृषि भूमि जो गिरवी रखी है वह रहन से मुक्त हो सकेगी।
सद्भावी किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पैकेज –

 

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि समय पर लोन चुकाने वाले सद्भावी किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार किसानों के हित में विशेष पैकेज लागू करेगी। इस संबंध में कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, झारखण्ड, उड़ीसा, गुजरात एवं पंजाब द्वारा सद्भावी ऋणी किसानों के लिए लागू की गई योजना का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। राज्य सरकार प्रयास करेगी कि हमारा पैकेज इन राज्यों से अच्छा और किसानों के हित में हो।
उन्होंने कहा कि ऎसे किसान जिन्हांंेने कृषि ऋण लिया था लेकिन कृषि उपज का उचित मूल्य
 प्राप्त नहीं होने के कारण मजबूर होकर आत्महत्या कर ली उनके परिवारों के प्रति संवेदना रखते हुए जिला कलक्टर के प्रस्ताव पर उनके बकाया ऋण माफ किये जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने लघु एवं सीमांत किसानों के 50 हजार रूपये तक के सहकारी बैंकों से लिए गए लघु अवधि फसली ऋण ही माफ किये थे। अब हमारी सरकार ने लघु एवं सीमान्त सहित सभी किसानों के ऋण माफ करने का फैसला किया है जिन्होंने सहकारी बैकों से ऋण ले रखे हैं।
पिछली सरकार का छोड़ा 6 हजार करोड़ हमारी सरकार वहन करेगी –
श्री गहलोत ने कहा कि पूववर्ती सरकार ने किसानों की ऋण माफी के लिए मात्रा 2 हजार करोड़ रूपये का ही बजट प्रावधान किया। जबकि ऋण माफी के लिए 8 हजार करोड़ का प्रावधान किया जाना था अब शेष 6 हजार करोड़ रूपये का भार हमारी सरकार वहन करेगी।
खराब स्थिति वाले सहकारी बैंकों को मदद देगी सरकार –
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋण माफी की पूरी राशि उपलब्ध नहीं कराने के कारण कई सहकारी बैंकाें की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। वे किसानों को ऋण वितरण नहीं कर पा रहे हैं और कई बैंकों पर लाइसेंस रद्द होने का खतरा मंडरा रहा है। ऎसे में हमारी सरकार ने सहकारी बैंकों को 340.29 करोड़ रू. की हिस्सा राशि एवं 78.51 करोड़ रू. की ग्रान्ट-इन-एड देने का फैसला किया है ताकि इन बैंकों के लाइसेंस र नहीं हों और ये बैंक किसानों को आगे भी लोन देने की स्थिति में रहें।
मुख्यमंत्री  गहलोत ने कहा कि राष्ट्रीय बैंकों, अनुसूचित बैंकों एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों से कृषकों द्वारा लिए गए ऋण जो एनपीए के रूप में वर्गीकृत हो गए है, की माफी के लिए वन टाइम सेटलमेंट  किया जाएगा।

अविनाश पांडे राजस्थान के प्रभारी नियुक्त –

राजस्थान में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने महाराष्ट्र के नागपुर से आने वाले अविनाश पांडे को राजस्थान का प्रभारी नियुक्त किया है   और इसी के साथ राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा को पार्टी के लीगल सेल का नया प्रमुख बनाया गया है।

सोनिया गांधी ने राजस्थान में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पांडे के साथ चार नए राष्ट्रीय सचिवों की भी नियुक्ति की है। इसमें विवेक बंसल, मोहम्मद निजामुद्दीन, देवेन्द्र यादव और वरुण कुमार के नाम शामिल हैं। पांडे पूर्व में वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के साथ यूपी में सचिव के रुप में काम कर चुके हैं। पूर्व प्रदेश प्रभारी गुरुदास कामत द्वारा गुजरात से हटाए जाने के बाद दिए गए इस्तीफे के चलते यह पद खाली हुआ था। जिसे पार्टी नेतृत्व की ओर से जल्दी से भर दिया गया है। नहीं तो राजस्थान कांग्रेस में इससे अनावश्यक असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी। इसी के साथ कांग्रेस नेतृत्व ने पार्टी के लीगल सेल में भी बदलाव करते हुए राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा को इसका नया प्रमुख बनाया कांग्रेस  ने इस बार राजस्थान में अपनी सरकार बनाने के लिए हर संभव विकल्प पर विचार कर रही है |

जयपुर शहर कांग्रेस की कार्यकारिणी घोषित- राजकुमार खिंची को बनया सचिव

जयपुर  | 13 महीने पहले कांग्रेस की कमान संभालने वाले प्रताप सिंह खाचरियावास ने  शुकवार को अपनी टीम घोषित कर दी| खाचरियावास की जम्बो टीम में  351 लोगो को शामिल किया है | इसमें 48  उपाध्यक्ष ,48 महासचिव ,144सचिव , 109 कार्य कार्यकारिणी सदस्य को शामिल किया है| खाचरियावास ने कहा कि  इस टीम में युवाओं को अधिक मौका दिया गया है और आगामी राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अपनी युवा शक्ति  के माध्यम से पूर्ण बहुमत से सत्ता वापसी करेगी |

राजकुमार खिंची -प्रताप सिंह खाचरियावास  की  जम्बो टीम में शामिल कांग्रेस सचिव खिंची ने बताया
की खाचरियावास ने इस जम्बो टीम में उन्हें  जयपुर शहर सचिव बनाया है और उन पर जो विश्वास  किया है उस के लिए  खाचरियावास जी को धन्यवाद | आगामी समय में कांग्रेस को प्रत्येक  स्तर पर  मजबूत करेगे और आगामी  राजस्थान विधानसभा  में कांग्रेस को मजबूती से सत्ता में लायेगे |

यूपी चुनाव के एग्जिट पोल में बीजेपी आगे –

यूपी विधानसभा के सातो चरण पूरे हो चुके है इस के साथ ही विभिन सर्व एजेंसियां बीजेपी को फर्स्ट नंबर पर रख रही है तो ,सपा कांग्रेस गठबंधन को दूसरे स्थान पर जगह दे रही है और बसपा को नंबर  तीन पर रख रख रही है | गोरतलब है की बिहार और दिल्ली में सभी न्यूज़ चेनल्स और सर्व एजेंसियां के दिखाए गए एग्जिट पोल गलत साबित हुए थे | इस लिए हम किसी  एग्जिट पोल से सहमत नहीं है | यूपी में किसकी सरकार बनेगी इसका फ़ेसला जनता ने अपने वोट द्वारा दे दिया है और यूपी की सत्ता पर कोन काबिज  होगा | यूपी की सत्ता का सही फ़ेसला और जनता ने किस पार्टी को पसंद किया है |और किसे मिलेगी सत्ता यह तो 11 मार्च को ही सही रूप से पता लग पायेगा |

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