70 लाख से अधिक अभिभावकों को बड़ा झटका – अब स्कूलों में देनी होगी 100 % फीस , प्राइवेट स्कूलों की जीत – अभिभावक हताश ,  जानें क्या कहा अभिभावकों ने

सुप्रीम कोर्ट – कोरोना काल की भी फ़ीस देनी होगीं अभिभावको 100 प्रतिशत  

 

प्राइवेट स्कूल v /s अभिभावक 

 

  70 लाख से अधिक अभिभावकों को बड़ा झटका – अब स्कूलों में देनी होगी 100 % फीस , प्राइवेट स्कूलों की जीत – अभिभावक हताश 

 

जयपुर | कोविड 19 विश्विक महामारी और लॉक डाउन के चलते देश की अर्थव्यवस्था डगमगा गई हैं कई लाखों परिवारों के पास तो भोजन करने का प्रयाप्त पैसा तक नहीं बचा था इस कठिन दौर में सरकार , एन जीओ , सिविल सोसाइटी , सामाजिक कार्यकर्त्ताओं ने और आम नागरिकों ने आपसी मदद व् भाईचारे से एक दुसरे का साथ दिया जिसके चलते इस वैश्विक महामारी कोविड 19 से भारत देश में अधिक श्रति नहीं हुई लेकिन लॉक डाउन ने आम आदमी के काम धंधें जरुर चले गयें , अब व्यक्ति अपने जीवन में  संघर्ष कर रहा हैं तो प्राइवेट स्कूलों ने भी कोरोना काल की फीस मांगने में कोई कसर नहीं छोडी |
जयपुर से अभिभावक ने कहा ( ऋषभ शर्मा ) – यह फैसला अभिभावकों के विरोध में हैं हम इस फैसलें से संतुष्ट नहीं हैं हमारे सयुंक्त अभिभावक संघ की बैठक में आगामी निर्णय की कार्य योजना बनाई जायेगीं |
प्रदेश के लाखों अभिभावकों को झटका
* अभिभावकों को कोरोनाकाल की देनी होगी पूरी फीस 
* सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर लगाई रोक
* जस्टिस एएम खानविलकर व जस्टिस दिनेश माहेश्वरी की बैंच ने लगाई रोक
* साल 2019-20 में तय फीस के हिसाब से देनी होगी पूरी फीस
* 6 किस्तों में अभिभावक चुका सकते है फीस
* 5 मार्च को देनी होगी पहसी किस्त
* भारतीय विद्या भवन, एसएमएस व अन्य स्कूलों की अपील पर दिया आदेश
* अधिवक्ता प्रतीक कासलीवाल, अनुरूप सिंघी व अन्य की पैरवी

खाप पंचायतों के फैसले से हिल गयी जुमले वाली सरकार

पिछले 2 महीने से ज्यादा का समय बित चुका है और दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन की गूंज अब धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय हलकों में सुनाई देने लगी है। दो महीनों के दौरान आंदोलन कृषि कानूनों के खिलाफ कई रंग ले चुका है और इसी वजह से जुमले वाली सरकार की नींद उड़ गयी है। गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर रैली के दौरान हिंसा ने आंदोलनकारियों के लिए परेशानी खड़ी कर दी थी लेकिन इसके बाद जिस तहर टिकैत ने किसानों के लिए मरने की बात कही उसको लेकर किसानों में जबरदस्त जोश देखने को मिल रहा है।

दिल्ली हिंसा को लेकर टिकैत ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगकर केन्द्र सरकार को ललकारा था कि अगर वह इस आंदोलन को खत्म करने के लिए किसी भी हद तक चले जाए लेकिन यह आंदोलन जारी रहेगा। इसके बाद पंजाब, हरियाणा और यूपी के किसानों ने टिकैत का समर्थन करने का फैसला किया है। वहीं दूसरी तरफ खाप पंचायतों ने आर-पर की जंग लड़ने का ऐलान भी कर दिया है। इसके साथ दिल्ली में बैठी बहरी व जुमले वाली सरकार को चेता दिया है कि जल्द से जल्द किसानों की बात नहीं मानी गयी तो आंदोलन तेज होगा पीएम को पद छोड़ना होगा।

बुधवार को भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने हरियाणा के जींद में हजारों किसानों के साथ महापंचायत करके सरकार पर और दबाव बनाने की बात कही है। टिकैत ने मोदी सरकार को चेताया कि अगर कानूनों को वापस नहीं लिया गया तो उसके लिए सत्‍ता में बने रहना चुनौती होगी। इसके साथ दिल्ली की सीमाओं पर जो तारबंदी करने के साथ किलेबंदी की है उसको लेकर कहां की जो राजा डरता है वह ऐसा करता है।

किसान आंदोलन पर विदेशी लोगों द्वारा जो टिप्पणियां की है उसके बाद बॉलीवूड व खेल जगत के लोगों ने उनको करारा जवाब दिया है। अजय देवगन, लता मंगेशकर, अक्षय कुमार, सचिन तेंदुलकर व विराट कोहली सहित कई बड़े लोगों ने ट्वीट किया है कि किसी भी भारतीय मुद्दे पर विचान करने के लिए भारत सक्षम है।

राजस्थान निकाय चुनाव में कांग्रेस का दबदबा

राजस्थान में निकाय चुनाव के नतीजों पर कांग्रेस पार्टी ने मतदाताओं और कार्यकर्ताओं का आभार जताया है। हालांकि कांग्रेस को बड़ी जीत नहीं मिली है लेकिन निर्दलियों के कारण वह बीजेपी से ज्यादा बोर्ड बनाने में सफल हो सकती है। लेकिन कई ऐसे निकायों में निराशा का भी सामना करना पड़ा है जहां मौजुदा सरकार के बड़े मंत्री आते हैं या फिर उन क्षेत्रों में कांग्रेस के विधायक हैं। लेकिन इसके बाद भी आलाकमान के नेताओं के साथ राजस्‍थान के प्रभारी अजय माकन ने खुशी जाहिर की है।

राजस्‍थान के 90 शहरों में निकाय चुनाव के नतीजे आ चुके हैं और लगभग 50 से ज्यादा बोर्ड कांग्रेस के पाले में जाते हुए दिख रहे है। इस बार भाजपा के गढ़ माने जाने वाले कई बोर्डो पर कांग्रेस ने बाजी मारी है। लेकिन कांग्रेस के लिए बहुत बड़ी चुनौती वहां है जहां आने वाले दिनों में चार विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव होने हैं। क्योंकि यहां 4 में 3 सीटों पर बीजेपी का दबदबा रहा है। मुख्यमंत्री गहलोत के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों को जनता ने सराहा है।

प्रदेश के 20 जिलों के 90 निकाय के चुनाव परिणाम के बाद 3034 वार्डों के चुनाव परिणाम जारी कर दिये गये है और जिसमें सबसे ज्यादा वार्डों 1197 के साथ कांग्रेस पहले स्थान पर है तो भाजपा 1140 वार्ड जीतने में सफल रही है। इस बार 634 वार्डों में निर्दलीयों ने कब्जा किया है।
चुनाव नतीजों के बाद बीजेपी ने आरोप लगाया कि सत्ता में होने के बाद भी कांग्रेस को ज्यादा बड़ी जीत नहीं मिली है और नतीजों के परिणाम के बाद भी वह अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। जबकि उनके बड़े नेता इस जीत को कांग्रेस के लिए बड़ी जीत बता रहे है जबकि बीजेपी अपने दम पर कांग्रेस से ज्यादा वार्डो पर कब्जा किया है और कांग्रेस अब निर्देलियों के भरोसे अपनी जीत के सपने देख रही है।

किसानों के लिए जान की बाजी लगाने को तैयार है राकेश टिकैत

2 महिने से ज्यादा का समय बीत चुका है और किसान संगठन नये कृषि कानूनों को खत्म करने के लिए लगातार सरकार पर दबाव बनाने के लिए शांति पूर्वक धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन 26 जनवरी को टै्रक्टर परैड के दौरान जो लाल किले पर हिंसा की घटना हुई उसको लेकर राकेश टिकैत ने साफ शब्दों में कह दिया है कि वे लोग हमारे साथ नहीं थे और उनका हमारे साथ कोई लेना देना नहीं है। हिंसा के बाद पुलिस ने सभी किसान नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी है और इस कारण किसान नेताओं ने आंशका जाहिर की है पुलिस उन्हें जबरदस्ती गिरफ्तार कर सकती है लेकिन फिर भी आंदोलन चलता रहेगा।

जयंत चौधरी ने किसान आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान कर चुके है। गुरुवार शाम 4 बजे तक गाजीपुर बॉर्डर पर भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद माहौल ऐसा बन गया था कि किसानों को घर भेज दिया जाएगा। लेकिन हरियाणा से हजारों किसान रात में ही गाजीपुर बॉर्डर के लिए रवाना हो गए और वे सभ आज मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत करेंगे। खबरों के अनुसार बताया जा रहा है गाजीपुर बॉर्डर पर राकेश टिकैत धरनास्थल से हटने को तैयार हो गए थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है ।टिकैत के गांव में ऐलान किया गया कि हर किसान गाजीपुर पहुंचेगा।

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रात 11 बजे से मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और शामली से भारी संख्या में लोगों ने गाजीपुर के लिए कूच शुरू कर दिया। हरियाणा में भी कई खापों ने ऐलान कर दिया वे भी दिल्ली बॉर्डर पर पहुंचेंगी।पुलिस ने धरनास्थल को चारों तरफ से सील कर दिया इसके बाद टिकैत ने रोते हुए कहा कि मुझे मारने की साजिश रची जा रही है और मैं खुदकुशी कर लूंगा लेकिन देश के किसानों को बर्बाद नहीं होने दूंगा।


दिल्ली हिंसा के मामले में पुलिस ने 37 किसान नेताओं को आरोपी बनाया गया है। इनमें राकेश टिकैतए मेधा पाटकर, योगेंद्र यादव, दर्शन पाल, राजिंदर सिंह, बूटा सिंह बुर्जगिल और जोगिंदर सिंह के साथ अन्य लोगों के नाम है। हिंसा के बाद राष्ट्रीय मजदूर किसान संगठन और भारतीय किसान यूनियन ने खुद को आंदोलन से अलग करने का ऐलान भी कर दिया है।

कुर्सी संभालते ही एक्शन मोड़ में दिखे जो बाइडेन, बदल दिये ट्रंप के फैसले

अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के रूप में जो बाइडेन ने शपथ ली है तो भारतीय मूल की कमला हैरिस ने उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली है। शपथ लेने के बाद बाइडेन डोनाल्ड ट्रंप के कुछ बड़े फैसले पलट दिये है और ऐसी बात उनके चुनाव जीतने से पहले की जा रही थी। जो बाइडेन को भारत के साथ दुनिया भर के सभी राष्ट्रध्याक्षों ने बधाई दी है। भारत को अब जो बाइडेन से उम्मीद है कि वह तेल खरीदने को लेकर किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाएगे वह इसके कारण भारत को कम कीमत पर सउदी अरब से तेल मिल सकेंगा।

बाइडेन के महत्वपूर्ण फैसले

बाइडेन ने कोरोना को रोकने लिए मास्क को जरूरी कर दिया
जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर अमेरिका की वापसी
विश्व स्वास्थ्य संगठन से हटने के फैसले पर रोक
बॉर्डर पर दीवार बनाने पर रोक
मुस्लिम देशों से आने वाले लोगों पर रोक हटाई
आर्थिक मदद का ऐलान
स्टूडेंट लोन की किस्त को सितंबर तक टाल दी है

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शपथ के दौरान बाइडेन ने अपने भाषण में नस्लीय भेदभाव को खत्म करने और लोकतंत्र को मजबूत करते हुए अब एकता के साथ आगे बढ़ने की बात कहीं।

कोरोना वैक्सीन से साइड इफेक्ट्स के मामलों में आई तेजी, जानें इसके प्रभाव

भारत में कोरोना का टीकाकरण का अभियान शुरू हो गया है और बड़े शहरों के साथ छोटे गांव में भी इसका कार्य शुरू हो गया है। 3 दिन बीत जाने के बाद कई लोगों में इस वैक्सीन के साइड इफेक्टस भी देखने को मिले है जिसकों लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बताया की कुछ लोगों में इसके इफेक्टस देखने को मिले है। अगर बात करें इस अभियान की तो अब तक 3 लाख से ज्यादा लोगों को टीका लग चुका है और इसके बाद इसके कई लोगों को परेशानी भी हुई है।

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अगर बात करें दुनिया की तो फाइजर वैक्सीन के मुकाबले अभी तक भारत में वैक्सीन का ज्यादा बुरा प्रभाव नहीं देखने को मिला है। अगर आने वाले दिनों में इस बात का पता चल जाएगा की यह वैक्सीन कितनी कारगर साबित होगी। कई स्वास्थ्य जानकारों ने वैक्सीन को लेकर सवाल भी खड़े किये है और इसके प्रभावों के बारे में बताया है। इस वैक्सीन के लिए आपको ज्यादा इंतजार करना नहीं होग।

खबरों के अनुसार बताया जा रहा है कि सरकारी अस्पतालों की तुलना में निजी अस्पतालों में ज्यादा टीकाकरण हो रहा है। अगर बात करें इसके साइड इफेक्टस की तो यह कोई बड़ी परेशानी नहीं है क्योंकि सभी लोगों का शरीर एक जैसा नहीं होता है और इसी वजह से कुछ लोगों में इसका साइड इफेक्टस देखा जा सकता है।

रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए एक ऐप तैयार किया गया है इसके माध्यम से आप घर बैठे बिना किसी दलाल के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे। इस ऐप का नाम Co-WIN होगा हालांकि अभी ये ऐप लॉन्च नहीं किया गया है लेकिन जल्द ही इसे लॉन्च कर दिया जाएगा। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड और दूसरी कोवैक्सीन, जिसे हैदराबाद में भारत बायोटेक लैब में तैयार किया है।अभी सरकारी अधिकारी ही जानते हैं कि लोगों को कौन सी वैक्सीन लगाई जाएगी।

रीट परीक्षाः आवेदन प्रकिया, अन्तिम तिथि व नया सिलेब्स की सम्पूर्ण जानकारी के लिए क्लिक करें

आवेदन प्रकिया शुरूः 11 जनवरी से 8 फरवरी तक


परीक्षा तिथिः 25 अप्रैल

अनुपातः 90 रीट- 10 बी.ए.

आरक्षण का लाभः

सिलेब्स में क्या जोड़ा व क्या हटाया गयाः http://www.reetbser21.com/ReETfoRm2021/PDF/REET2021_LEVEL_2_SYLLABUS.pdf

आवेदन का लिंक-http://www.reetbser21.com

राजस्थान : पंजीकृत मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों का भी होगा दुर्घटना सुरक्षा बीमा – मंत्री शाले मोहम्मद

अब प्रदेश के पंजीकृत मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों का भी होगा दुर्घटना सुरक्षा बीमा    -अल्पसंख्यक मामलात मंत्री
जयपुर, 9 अक्टूबर। अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ मंत्री  शाले मोहम्मद ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा बजट सत्र 2020-21 में वित्त एवं विनियोग विधेयक 2020 पर चर्चा के दौरान की गई घोषणा के अनुसार शिक्षा विभाग द्वारा संचालित राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की भांति अब प्रदेश के पंजीकृत 3248 मदरसों में अध्ययनरत एक लाख 90 हजार छात्र एवं छात्राओं का भी ग्रुप बीमा करवाया जायेगा। जिससे अब दुर्घटना होने की स्थिति में विद्यार्थी सुरक्षा दुर्घटना बीमा योजना के नियमों के अनुसार इन बच्चों के परिजनों को आर्थिक सहायता मिल सकेगी
अल्पसंख्यक मामलात मंत्री ने आज कहा कि गत वर्ष बूंदी जिले के हिण्डौली कस्बे के मदरसों में पढने वाले दो बच्चे जिनकी दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, ऎसी कोई योजना संचालित नहीं किये जाने के कारण परिजनों को कोई सहायता उपलब्ध नहीं करवाई जा सकी थी। इस पर उन्होंने स्वयं संज्ञान लेते हुए विभागीय अधिकारियों को शिक्षा विभाग की तर्ज पर मदरसों में पढने वाले बच्चों के लिये भी विद्यार्थी सुरक्षा दुर्घटना बीमा योजना प्रारंभ करवाने के निर्देश दिये। जिसके पश्चात् विभाग की ओर से भेजे गये प्रस्ताव को मुख्यमंत्री को भिजवाया गया था।
मंत्री मोहम्मद ने कहा कि अब योजना के अनुसार प्रत्येक छात्र एवं छात्राओं के इंश्योरेन्स पर राजस्थान मदरसा बोर्ड द्वारा कुल 19.21 लाख रुपये का व्यय किया जायेगा। योजना की समस्त शर्ते स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग (साधारण बीमा निधि) से की गई पॉलिसी अनुसार रखी जायेगी। इस राशि को खर्च करने के लिये मदरसा बोर्ड को वित्त विभाग द्वारा सहमति प्रदान कर दी गई है। अब इसी सत्र से बच्चों का समूह बीमा करवाया जा सकेगा।

राजस्थान में आई आई टी दिल्ली एल्युमनी टीम द्वारा निःशुल्क ई-शिक्षा “विद्या एप्प ” का शुभारम्भ

निःशुल्क ई-शिक्षा विद्या एप्प का शुभारम्भ – स्टूडेंट इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स सहित IIT, JEE, NEET जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं तैयारी कर सकते हैं – 
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कोटा । काँग्रेस के वरिष्ट नेता एवं विधायक रामनारायण मीना की पहल पर शिक्षा के क्षेत्र में हब माने जाने वाले कोटा शहर से आई आई टी दिल्ली एल्युमनी टीम ने अपनी विद्या ऐप के जरिये निःशुल्क ई-शिक्षा का शुभारम्भ किया।
विधायक रामनारायण मीना ने बताया कि कोटा के साथ साथ सम्पूर्ण राजस्थान के विद्यार्थियों को अच्छी गुणवत्ता की उच्च शिक्षा मिले यह उनका मौलिक अधिकार भी है। वैश्विक महामारी COVID-19 के चलते प्रत्येक विधार्थी के लिए घर बैठे शिक्षा प्राप्त करना एक चुनोती बन गयी है। ऐसे में विद्या ऐप के संस्थापक गौरव गोयल और इनकी आई आई टी दिल्ली एल्युमनी टीम ने जनहित में सराहनीय कार्य किया है।
  विद्या ऐप के संस्थापक गौरव गोयल ने बताया कि हमारी आई आई टी एल्युमनी टीम द्वारा सम्पूर्ण देश के विद्यार्थियों के लिए NCERT के अनुसार 6th क्लास से 12th क्लास तक सम्पूर्ण पाठ्यक्रम विद्या ऐप्प के माध्यम से ऑनलाइन तैयार किया गया है जो विद्या ऐप के जरिये प्रत्येक छात्रों तक निःशुल्क पहुँचेगा इसके अलावा इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स सहित IIT, JEE, NEET जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी पाठ्यक्रम तैयार किये गए है जो सभी प्रकार के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क है। 
विद्या एप्प का शुभारम्भ करते – संस्थापक गौरव गोयल , इतिहासकार वीरेंद्र रावणा . बायें से पहलीं पंक्ति व् महिला शक्ति
 गौरव गोयल ने बताया कि इस विद्या ऐप के जरिए निःशुल्क ई-शिक्षा के अलावा विद्यार्थियों के परीक्षण हेतु एक निश्चित समय सीमा में उनके लिए ऑनलाइन टेस्ट भी रखे हैं जिनकी जाँच के बाद मेधावी विद्यार्थियों को हमारी विद्या ऐप द्वारा छात्रवृत्ति के जरिए प्रोत्साहित करेंगे, समय समय पर सभी विद्यार्थियों के प्रोत्साहन हेतु प्रभावी व्यक्तित्व वाले व्यक्तियों से ऑनलाइन भी रूबरू करवाएंगे। अबतक हमारे विद्या मिशन को हरियाणा व उत्तराखण्ड के कई जिलों में शिक्षा से जुड़े अधिकारियों व जन प्रतिनिधियों के सहयोग से विद्यार्थियों के बीच सीधे पहुंचा चुके है।
 विद्या ऐप के अवेर्नेस अम्बेसडर एवं इतिहासकार वीरेन्द्र रावणा ने बताया कि विद्या ऐप के संस्थापक गौरव गोयल व इनकी आई आई टी एल्युमनी टीम द्वारा Vidhaya app को कोई भी विद्यार्थी गूगल प्ले स्टोर से डाऊनलोड कर लॉगइन कर सकता है, ( VIDHYA Link- https://play.google.com/store/apps/details?id=com.vidhyaeducation.android ) हम शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे विभिन्न एन जी ओ एवं सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से शहरी क्षेत्र के अलावा दूर दराज ग्रामीण क्षेत्र के एक एक विद्यार्थी को इस विद्या ऐप के माध्यम से जोड़ कर लाभान्वित करेंगे और इस ऐप की ऑनलाइन परीक्षण की प्रणाली से शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी प्रतिभाओं को बाहर ला पाएंगे।
रावणा ने बताया कि इस निःशुल्क विद्या मिशन में अधिक से अधिक विद्यार्थी राज्य सरकार के माध्यम व सहयोग से भी जुड़े इसके लिए माननीय मुख्यमंत्री एवं जननायक अशोक जी गहलोत को हमारी टीम प्रस्ताव भेजेगी। कोटा से माध्यमिक शिक्षा से जुड़े जिला शिक्षा अधिकारी गंगाधर मीना, सयुंक्त निदेशक हजारी लाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी गजंराज मीना, सेवानिवृत्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी जगदीश वर्मा ने विद्या ऐप के विद्या मिशन को विद्यार्थियों के लिए covid-19 व लॉक डाउन के चलते उपयुक्त बताया और आगे भी ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थी इसका हर समय हर परिस्थिति में उपयोग कर सकते हैं।

अब विद्यार्थियों की आधे घंटे की होगी ऑनलाइन पढ़ाई –

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने जारी के गाइडलाइन 
नई दिल्ली | कोविड-19  के कारण लगे लॉक डाउन के कारण स्कूल / कॉलेज बंद हैं जिसके चलते विद्यार्थियों ऑनलाइन क्लास ले रहे हैं जिसके कुछ नकारात्मक प्रभाव बच्चो पर पड़ रहें हैं जिसका लेकर अभिभावक चिंतित थे और केन्द्रीय मंत्री को भी लिखित में शिकायत की थी जिसके बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी की हैं जिसके अंतर्गत बच्चो की अब 30 – 45 मिनिट से ज्यदा क्लास नहीं होगी |
ऑनलाइन शिक्षा को लेकर गाइडलाइन जारी 
मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइन में ऑनलाइन एजुकेशन को लेकर विद्यार्थियों को 8 सुझाव दिए गए हैं जिसमें
 प्लानिंग,  रिव्यू ,  अरेंज,  गाइडेंस , बातचीत, कार्य  निगरानी व सराहना शामिल है  | इसमें टीचर व् अभिभावकों के बीच सामंजस्य स्थापित करने के लियें भी कहा गया हैं |
गाइड लाइंस में विशेष फोकस 
वर्तमान  एक दिन सेशन और कुल सेशन टाइम की समय सीमा निर्धारित कर दी गई है। गाइडलाइन में 9वी से 12वीं कक्षा के लिए रोजाना अधिकतम चार कलासेज के लिए सिफारिश की गई है जिनकी स्क्रीन टाइमिंग  आधे घंटे से 45 मिनट तक की जा सकती है। मंत्रालय की ओर से यह गाइडलाइन इसलिए जारी की गई है क्योंकि कोविड 19 के कारण बंद होने के बाद स्कूल बिल्कुल नियमित कक्षाओं जितनी लंबी क्लासेज चला रहे थे जिसकी वजह से बच्चों की ऑनलाइन क्लासेज की टाइमिंग काफी बढ़ गई थी और इसका असर उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा था
मंत्रालय की ओर से जारी की गई गाइडलाइस में कहा गया कि प्री प्राइ्मरी कक्षाओं के लिए रोजाना अधिकतम दो सेशन किए जा सकते हैं जिसका स्क्रीन टाइम आधे घंटे से ज्यादा नहीं होना चाहिए। इसी तरह से पहली से आठवीं कक्षा तक के लिए रोजाना दो सेशन  किए जा सकते है  जिनमें प्रत्येक का स्क्रीन टाइमिंग अधिकतर 45 मिनट का होगा वही 9वीं से 12वीं कक्षा के लिए रोजाना अधिकतम 4 क्लासेज के लिए सिफारिश की गई है जिनकी स्क्रीन आधे घंटे से 45 मिनट तक की जा सकती है
 साइबर सुरक्षा पर विशेष ध्यान –
 मंत्रालय की ओर से जारी किए गए निर्देशों में ऑनलाइन टीचिंग के दौरान शारीरिक मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े पक्षों पर ध्यान देने पर भी जोर दिया गया है जिसमें साइबर सुरक्षा और इसे बनाए रखने के लिए उठाए जाने वाले बिंदुओं पर भी जोर दिया गया है गौरतलब है कि कोविड-19 के कारण देश भर में स्कूलों में भी बच्चों को स्कूल नहीं बुलाया जा रहा है लेकिन क्लासेज ऑनलाइन चल रही है
 अभिभावकों को  भी दिए गए निर्देश –
 गाइड लाइन केवल स्कूल और टीचर्स के लिए ही नहीं है इसमें पेरेंट्स को भी शामिल किया गया है गाइडलाइन के मुताबिक पेरेंट्स को   नियमित रूप से स्कूल टीचर से संपर्क में रहना होगा जिससे उन्हें बच्चे के प्रोग्रेस का पता चल सके इस बात का ध्यान रखना भी आवश्यक होगा कि कहीं बच्चे डिप्रेशन या एंजाइटी के लक्षण तो नजर नहीं आ रहे बच्चों को कोविड-19 के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों हाइजीन हेल्थी लाइफ स्टाइल के बारे में जानकारी देनी होगी साथ ही पेरेंट्स को कहा गया है कि वह अपने बच्चों के फिटनेस फिट करने के लिए उन्हें योग्य कोई अन्य फिजिकल एक्टिविटी करवाए